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रायपुर अम्लेश्वर में पंडित प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम में सुरक्षाकर्मी द्वारा एक परिवार की जमकर पिटाई कर दिए है।

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पीड़ित परिवार को कार्यक्रम स्थल से बाहर भगा दिया गया है।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
रायपुर / इस वक्त की सबसे बड़ी खबर रायपुर के अमलेश्वर मैं पहुंचे पंडित प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम में एक पूरे परिवार को जमकर मारपीट की गई है।
पीड़िता आरती राजपूत अपने परिवार के साथ प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। बच्ची को जिद के कारण माता पिता ने प्रदीप मिश्रा के सुरक्षाकर्मी के द्वारा पूरे परिवार की जमकर पिटाई कर बाहर कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाल दिए है। इस तरह से ऐसी घटना बहुत ही निंदनीय है। ऐसी घटना को अंजाम देने वालों के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही होनी चाइए।

जीवन बहुत ही कष्ट कारक थे, लेकिन हार नही माने मिली कामयाबी …!

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कामयाबी की मिशाल है, जामुल निवासी दिलीप साहू

जामुल / अनेक विद्वानों ने जीवन को इस रूप में देखा या जिया है कि जीवन एक संघर्ष है। संघर्ष-हीन जीवन मृत्यु का पर्याय है। संघर्ष वह अज्ञात शक्ति है जो व्यक्ति को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। इसलिए संघर्ष के अभाव में जीवन का सही आनंद नहीं उठाया जाता।

जीवन में संघर्ष है प्रकृति के साथ, स्वयं के साथ, परिस्थितियों के साथ। तरह-तरह के संघर्षों का सामना आए दिन हम सबको करना पड़ता है और इनसे जूझना होता है। जो इन संघर्षों का सामना करने से कतराते हैं, वे जीवन से भी हार जाते हैं, जीवन भी उनका साथ नहीं देता। हर सफल इंसान की जिंदगी में एक संघर्ष की कहानी जरूर होगी।

हम एक सफल इंसान को तो देखकर बहुत खुश होते हैं और उसके लिए गर्व महसूस करते हैं। पर उनके जीवन की सफलता के पीछे की संघर्ष की कहानी से बिल्कुल अनजान होते हैं! जब हम जीवन में संघर्ष कर रहे होते हैं, तो आंतरिक शांति बनाए रखना बहुत मुश्किल है। एक बात याद रखना चाहिए कि जब हमारे जीवन में चीजें अलग हो रही होती हैं तो वे हमारे भले के लिए ही होती हैं।


इसी संघर्षों से जुडी जामुल के एक संघर्षशील व्यक्ति से रू ब रू कराते है – *मेहनत की लत, नशा शर्मसार*

दिलीप कुमार साहू (सार्वा) का जन्म 25 जून 1971 को संतोषी चौक के पास, जामुल जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) में हुआ । इनके पिता स्व. रामसिंह साहू व माता श्रीमती कलाबाई साहू के चार सुपुत्र एक सुपुत्री में एक बड़े भाई व एक बड़ी बहन के बाद आपका नंबर आता है।
इनके पिता एक प्राइवेट कंपनी में कार्य करते हुए अपने परिवार का भरण पोषण सहित बच्चों की स्कूली शिक्षा में भी पीछे नहीं हटे । इनके पिता की परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए आकस्मिक निधन हो गया । दिलीप साहू की शिक्षा कक्षा आठवीं तक ही सिमट के रह गई । दिलीप साहू घर बड़ा पुत्र और भाई होने के नाते घर की संपूर्ण जवाबदारी आपके और आपकी मां पर आ गई ।


पारिवारिक जिम्मेदारियो के चलते पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। काम की तलाश में भटकना पड़ा ।
आपकी कार्य की शुरुआत जिले से सटे ग्रामों में जाकर साप्ताहिक बाजार में सब्जी बेचने का कार्य शुरू किया गया । दिलीप साहू ने अपने जीवन काल में मेहनत के रूप में अनेकों कार्य पान की टपरी , सायकल रिपेयरिंग की दुकान, चाय की टपरी भी लगाना पड़ा । इस दौरान आप लोहे की आलमारी बनाने का काम शुरू किये जहां आप मेहनत करते हुए सफलता पूर्वक आलमारी बनाने में महारत हासिल किए । आप के कदम सफलता की सीढ़ी की ओर बढ़ने लगे । इस दौरान आपकी शादी हुई, आपके 2 बच्चें हुए ।
आप ने अपनी मेहनत में कभी कोताही नहीं बरते आप मेहनत करते रहें और कामयाबी आपकी कदम चूमती रही। इस दौरान आप अपनी कड़ी मेहनत से कई प्रतिष्ठान बनाकर ग्राम जामुल के सफल नागरिक बन नया कीर्तिमान रचे है ।
आपकी मधुर वाणी, व्यवहार, ईमानदारी, आप निश्चित रूप से सामाजिक, आर्थिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में भी आपका एक सर्वोच्च स्थान है ।

मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे अल्ट्रासाउंड और लिथोट्रिप्सी मशीन खराब..?

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एक्सरे फोटो प्रिंट नही निकल रहा मोबाईल से चला रहे है काम

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / आधुनिक युग का नया भारत आज नौतपा ने लोगो को इतना व्याकुल कर रखा है। बात करे तापमान की तो 44 डिग्री से नीचे नही आ रहा है । इंसान अपने शरीर का तापमान 37 डिग्री तक झेल सकता है किन्तु 44 डिग्री का तापमान शायद बर्दास्त से बाहर है। अब का समय वो समय आ गया मानो लोग सुबह नौ बजे से अपने घरों से निकलने कतरा रहे है। वही मेडिकल कॉलेज महासमुंद में व्यवस्थाओं की कमी के चलते लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लाखो नही करोड़ो रुपए स्वास्थ्य के पीछे सरकार सुविधाएं मुहैया करा रही है। वही दूसरी ओर स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं की भारी कमी है। एक्स-रे अल्ट्रासाउंड और लिथोट्रिप्सी मशीन खराब हो गई है।
मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं की कमी के चलते लोगों के इलाज को लेकर खानापूर्ति हो रही है।


मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं कि, ऐसा क्या कारण है कि मेडिकल कॉलेज में कोई भी मशीन ठीक से काम नहीं करती या फिर बंद पड़ी है।
मेडिकल कॉलेज में विगत 4 -5 दिनों से एक्सरे मशीन कार्य नहीं कर रहा है। जिससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

एक्सरे मशीन से प्रिंट नही निकल पा रहा है मोबाइल से काम चला रहे है।
बसंत माहेश्वरी
(अधीक्षक  मेडिकल कॉलेज महासमुंद)

साईं पीकरी धाम टेका को धार्मिक पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
गरियाबंद / जिले के राजिम तहसील स्थित छोटा सा गांव टेका जहां साईं बाबा की ग्राम देवता के रूप में प्राचीन समय से पूजा होती है , कहा जाता है कि सदियों पहले श्री शिरडी साईं का अपने शिष्यों के साथ आगमन हुआ था और तब से वह स्थान साई पीकरी कहलाने लगा और धीरे धीरे अपने सेवक मोहन ठाकुर की सेवा भक्ति और प्रचार प्रसार से यह स्थान साई पीकरी धाम कहलाने लगा ।
दिन , दुखी, अनाथ, बेसहारा और बुजुर्गो की सेवा करते हुए मोहन ठाकुर साईं भक्तो के सहयोग से समय समय पर सामाजिक कार्य , धार्मिक और जन कल्याणकारी कार्यक्रमों जिनमें प्रमुख रुप से निशुल्क चिकित्सा शिविर, गरीबों को वस्त्र ,कम्बल , शाल वितरण , गरीबों को भोजन , स्कूली बच्चों को पेन , कापी , किताब, पेन्सिल वितरण, बुजुर्गो का सम्मान, शिक्षकों का सम्मान, विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान और जरुरत मंदों को सहयोग किया जाता है ।कोविड (कोरोनाकाल) में भी साईं पीकरी धाम टेका और साईं सेवा संस्थान राजिम में जन सेवा की गयी थी ।
25 मई 2006 से निरन्तर साईं भक्ति में समर्पित मोहन ठाकुर ने लगातार साईं पीकरी धाम टेका के विस्तार के लिए प्रयास किया मगर अभी तक किसी जन प्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया है तब छत्तीसगढ़ के सभी साईं भक्तो , छत्तीसगढ़ वासियों और जन प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में साईं बाबा का प्राचीन स्थान होना साईं भक्तो और छत्तीसगढ़ वासियों के लिए गौरव की बात है देश विदेश के साईं नेटवर्क में साईं पीकरी धाम टेका की चर्चा है साईं पीकरी धाम टेका को धार्मिक पर्यटन स्थल घोषित करने से छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा और बढ़ जायेगी । महाराष्ट्र के अलावा कहीं भी साईं बाबा का प्राचीन स्थान नहीं है और ना सरकार द्वारा अधिकृत किया गया स्थान ।
साईं पीकरी धाम टेका के धार्मिक पर्यटक स्थल बनने से छत्तीसगढ़ में साईं भक्ति प्रवाह की दिशा में आमूलचूल परिवर्तन होगा ।
हम सभी साईं भक्त और क्षेत्र वासी साईं पीकरी धाम टेका को धार्मिक पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग करते हुए अपना समर्थन देते हैं ।
समर्थन देने वालों में प्रमुख रूप से मोहन ठाकुर ,रूपेश ,लोकनाथ, रोहित,आदि, माताएं बहनें आदि उपस्थित थे ।

शाबाश – महासमुंद पुलिस लोहानी बिल्डिंग में सुनियोजित तरीके से दफन लाश के सभी आरोपी अब सड़ेंगे जेल में..!!

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आकर्षण से जन्मे प्रेम का अंजाम किसी न किसी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद। अक्सर हम टीवी चैनल में सावधान इंडिया , क्राइम पेट्रोल जैसी सीरियल देखकर सीख लेते है कि, गलत तरीके से जन्मे रिश्ते का अंजाम बड़ा भयानक व भयावह होता है।

विगत दिनों महासमुन्द हड़कंप मचाने वाला मामला आया जिले के पूर्व विधायक गली लोहानी बिल्डिंग के कमरे में दफन लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा लिया है। हत्यारा कोई और नहीं बल्कि मृतक यपेश चंद्राकर की पत्नी देविका चन्द्राकर व आशिक मुकुंद त्रिपाठी ने अवैध संबंध के चलते साथ मिलकर हत्या की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लाश को दफनाने में मदद करने वाली मृतक के सास की तलाश कर रही है।
कोतवाली थाना में आवेदिका देविका चन्द्राकर ने 14 दिसंबर 2023 को थाना आकर सूचना दी कि उसका पति 8 दिसंबर से लापता है। पुलिस ने गुम इंसान कायम कर जांच शुरू की। पुलिस को 6 माह बाद जानकारी हुई कि आवेदिका का अपने पड़ोसी से अक्सर मोबाइल पर बातचीत होता था। पुलिस ने जब आवेदिका के मोबाइल का काल डिटेल निकाला तो कहानी प्रेस प्रसंग की ओर इशारा कर रहा था।

पुलिस ने आवेदिका के पड़ोसी ज्योतिषी मुकुंद त्रिपाठी को थाना बुलाकर पूछताछ की तो मुकुंद ने पहले तो घुमाने का प्रयास किया। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ किया तो मुकुंद टूट गया और पूरी कहानी बता दिया। पुलिस ने प्रेसवार्ता में बताया कि आवेदिका देविका के पति ( मृतक ) यूपेश को दोनों के प्रेम संबंध की जानकारी लग गयी थी और इसी बात को लेकर दोनों पति- पत्नी में अक्सर झगड़ा हुआ करता था । चूंकि आवेदिका का पति शराब का आदि था इसलिए रोजाना विवाद हुआ करता था।

घटना दिनांक 8 दिसंबर को दोपहर आवेदिका का पति यूपेश चन्द्राकर शराब पीकर आया और अपनी पत्नी से उसी बात को लेकर झगड़ा करने लगा। विवाद बढ़ने पर मृतक यूपेश ने डंड़ा लेकर अपनी पत्नी (आवेदिका ) देविका को मारना चाहा। तब तक उसका पडोसी व देविका का आशिक मुकुंद भी वहाँ आ गया।

देविका ने अपने पति से डंडा छीनकर अपने पति के सिर पर दे मारा। उसके बाद आशिक पड़ोसी मुकुंद ने यूपेश को धक्का दे दिया, जिससे यूपेश जमीन पर गिर गया और तत्काल उसकी मौत हो गयी।

प्लानिंग पश्चात कार्य को अंजाम दिया गया।

उसके बाद देविका व उसकी मां अंजनी चन्द्राकर व मुकुंद ने मृतक यूपेश को प्लास्टिक के बोरी में बांधकर मुकुंद के कमरे में रख दिया । घटना के दो दिन बाद देविका व प्रेमी मुकुंद ने एक बाक्स में भरकर उसे मुकुंद के आफिस लोहानी बिल्डिंग ले गये । जहां एक कमरे में 5 फुट गहरा गड्ढा खोदकर दफना दिया । पुलिस ने मुकुंद की निशान देही पर उसके आफिस से यूपेश की बाडी रिकवर कर हत्या में प्रयुक्त डंड़ा, फावड़ा आदि जब्त कर धारा 201, 302, 34 के तहत मामला दर्ज कर आवेदिका देविका, प्रेमी मुकुंद को गिरफ्तार कर लिया है और लाश को ठिकाने लगाने में मदद करने वाली मृतक की सास अंजनी चन्द्राकर की तलाश कर रही है।

महासमुन्द के लोहानी बिल्डिंग में छह माह से दबी थी लाश, निकली तो मची हड़कंप – क्या है पूरा राज..!!

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बिरकोनी निवासी युपेश चंद्राकर की मौत का राज, कितनो को सलाखों तक लेकर जायेगी पीएम रिपोर्ट आने तक की है आस..!

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / कहते है बुरे कर्मो का फल आज नही तो कल यदि आप किसी के साथ गलत किए हो तो भुगतना पड़ेगा। जिले में लगातार अनगिनत खुलासे हो रहे है। महासमुंद जिले में ये पहली ऐसी घटना है जो विगत छह माह से दफन थी। इसको हारर जैसी फिल्मों या फिर दृश्यम जैसी फिल्मों से अंदाजा लगाया जा सकता है जो चीख चीख कर कहता है मेरे साथ ना इंसाफी हुई है मुझे इंसाफ चाइये। इसी तारतम्य में जिले के कोतवाली थाना अन्तर्गत अब तक की सबसे बड़ी घटना जिससे इंसान की रूह कांप उठेगी और पूरा शहर सदमे में है। घटना सामने आने से हडकंप मच गया। दरअसल कोतवाली पुलिस को 14 दिसबंर से लापता यूपेश चन्द्राकर उम्र 41 वर्ष निवासी बिरकोनी के संदर्भ में कुछ जानकारी मिली तो पुलिस ने आरोपी मुकुंद त्रिपाठी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो सारा माजरा सामने आ गया। आरोपी मुकुंद ने पुलिस को बताया कि यूपेश चन्द्राकर की हत्या कर वह अपने आफिस के एक कमरे में 5 फुट गड्ढा खोदकर दफना दिया है। पुलिस ने आरोपी के निशान देही पर लोहानी बिल्डिंग के आफिस से लाश को बरामद किया और मृतक के भाई मनीष चन्द्राकर ने उसकी शिनाख्त की। मृतक की बाडी 40 प्रतिशत डिकंपोज हो चुकी है। पुलिस ने मजिस्ट्रेट के समक्ष लाश का पंचनामा कर बाडी को पीएम हेतु जिला चिकित्सालय भेज दिया गया है ।

पीएम रिपोर्ट पश्चात और भी खुलासे होने वाले है कि, मृतक की मौत किन कारणों से और कैसे की गई है।

महासमुन्द सिटी कोतवाली प्रभारी मोनिका श्याम ने बताया कि, मृतक खेती किसानी व फर्शी खदान चलाता था और मृतक की पत्नी ज्योति चन्द्राकर शिक्षिका है। मृतक अपनी पत्नी के साथ नवबंर 2023 मे
बिरकोनी से महासमुंद आकर क्लबपारा में रहते थे और उसी बगल में आरोपी मुकुंद त्रिपाठी भी रहता था। मुकुंद त्रिपाठी किराये पर लोहानी बिल्डिंग मे अपना आफिस बनाकर रखे थे । मुकुंद ज्योतिषी का काम किया करते थे । मुकुंद व मृतक यूपेश में अक्सर विवाद होता था।
8 दिसंबर से मृतक लापता थे
जिसकी लापता की रिपोर्ट परिजनो ने 14 दिसंबर को सिटी कोतवाली दर्ज कराए थे ।
समाचार लिखे जाने तक वास्तविकता व कथित कारण से मौत का से अनभिज्ञ है।

बने रहिए बेबाक बयान न्यूज़ के साथ
हर बात खुलकर,हर राज खुलकर

महासमुंद लोहानी बिल्डिंग में नर कंकाल मिलने से मचा हड़कंप..?

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / स्थानीय विधायक गली लोहानी बिल्डिंग में नर कंकाल मिलने से मचा हड़कंप।
सुविज्ञ सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 से 8 माह पूर्व गुमसुदा व्यक्ति की कंकाल मिला है। सूत्र अनुसार लड़का बिरकोनी का बताया जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस की टीम जांच में जुटी हुई है।

समर कैंप बच्चों के आत्मविश्वास और स्वतंत्रता को विकसित करने का सबसे अच्छा तरीका हैं।

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
बसना / समर कैंप एक महत्वपूर्ण चीज़ जो हर माता-पिता अपने बच्चे में चाहते हैं वह है आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता जो ये शिविर काफी हद तक बच्चों में प्रदान करते हैं। समर कैंप बच्चों के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है, जिसमें उन्हें सीखने, गलतियाँ करने, विकसित होने और नए कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करना शामिल है। नीचे इस लेख में कुछ लाभ देखें कि समर कैंप आपके बच्चे के लिए क्यों आवश्यक है; छात्रों के लिए समर कैंप क्यों महत्वपूर्ण है ? आत्मविश्वास और स्वतंत्रता का निर्माण करें ग्रीष्मकालीन शिविर बच्चों को नए अवसर तलाशने, नए वातावरण में समय बिताने और नई चीजों को आजमाने का मौका देते हैं, जो उनके आत्मविश्वास और स्वतंत्रता को विकसित करने का सबसे अच्छा तरीका है।

*समर कैंप मे बच्चों ने खिलौना निर्माण,टेडी बनाना सीखा*

पी.एम.श्री प्राथमिक शाला चनाट मे बच्चो का दिनांक 10 मई से अनवरत विभिन्न विधाओं -स्पोकन इंग्लिश, आर्ट एंड क्राफ्ट, क्ले आर्ट, लेखन कौशल, नृत्य, संगीत मिट्टी के खिलौने, पेपर आर्ट आदि विधाओं को लेकर समर कैंप संचालित है, जिसमे उक्त सभी विधाओं के लिए प्रशिक्षक रखा गया है, जिसके तहत आज अठारहवे दिन मे बच्चे बेलवेट कपड़े, रुई, मोती आदि की सहायता से टेडी चूजा आदि बनाने मे माहिर हो रहे हैँ।
प्रधान पाठक नीलाम्बर नायक ने प्रशिक्षक पिरीतराम कश्यप, उद्धव नायक, करुणा, किरण, तिलक सहित पदस्थ शिक्षिका प्रभा जगत का परस्पर सहयोग एवं दोनों रसोइया एवं स्वीपर नरेश यादव के सेवाभाव के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया एवं निर्धारित तिथि तक समर कैंप को सफल बनाने हेतु अपील किया।

ये कैसी पत्रकारिता…! अपनी आबरू बचाने सामाज को भी नहीं छोडे, धरोहर सदेश संपादिका श्रीमती दीपिका प्रदीप बारई..?

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बंगाली बंग सामाज को उग्र आंदोलन के लिए भड़का रही है , धरोहर संदेश की संपादक एवम संपादिका

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
गरियाबंद / कहते है न जब कोई व्यक्तिगत रूप से लडाई लडने में असक्षम होते तो किसी न किसी का सहारा लेते है, वैसे ही अपने ही द्वारा प्रकाशित समाचार का विरोध होते हुये देख। धरोहर सदेश संपादक एवं संपादिका द्वारा अपने ही बंगाली बंग सामाज को बरगलाकर बंगाली सामाज के पदाधिकारियों के साथ मिलकर शिकायत करने थाना छुरा पहुंचे।

यह पूरा मामला विगत दिनांक 21 मई 2024 को धरोहर संदेश द्वारा जिला गरियाबंद में अवैध नर्सिंग होम की भरमार सी हो गई है। अवैध रूप से चल रही नर्सिंग होम की जांच होनी चाहिए का समाचार प्रकाशन छुरा स्थित श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हास्पिटल का पंजीयन समाप्त हो चुका है। किन्तु समाचारों के माध्यम से कई गुणगान किया जा रहा है का भ्रमित जानकारी दी जा रही है और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लोगों को भ्रमित कर अवैध कारोबार संचालन किया जा रहा है का समाचार प्रकाशन किया गया था।

तत्सबंध में श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हास्पिटल के संचालक हेमचंद देवांगन द्वारा मिडिया से मुखातिब होते हुये अपना पक्ष रखे थे। पक्ष पश्चात बेबाक बयान न्यूज के माध्यम से समाचार प्रकाशन में हेडिंग लगा। विज्ञापन नहीं देने पर घरोहर संदेश के संपादक द्वारा छुरा के संकल्प हास्पिटल को किया जा रहा है बदनाम का न्यूज चला।

समाचार वायरल से बौखलाये धरोहर संदेश के प्रधान संपादक दीपिका बारई द्वारा छुरा स्थित संकल्प मिशन हास्पिटल के सामने इन्होने 18 मिनट 02 सेकेंड का पीटूसी मारते हुये किस तरह से युट्यूब के माध्यम से अपना भडास निकाल रही है।

ये कैसी पत्रकारिता

समाचार के माध्यम से आपको बताना चाहूंगा धरोहर संदेश एक सच नहीं झूठ है

समाचार प्रकाशन पूर्व पत्रकारिता क्षेत्र में कार्य करने वाले समस्त पत्रकार साथी ये जानते है कि, मेरे द्वारा प्रकाशित की जा रही समाचार में किस प्रकार से टिप्पणी आम जनता के द्वारा की जा सकती है, हर किसी के उपर यदि आप अपनी भडास निकालोगे तो पत्रकारिता कैसे कर पाओगे ये पब्लिक है ये सब जानती है।

वैसे धरोहर संदेश संपादक एवं संपादिका द्वारा अपने ही बंगाली बंग सामाज को गलत तरीके से भ्रामक जानकारी देते हुये थाना छुरा पहुंचे और कहा कि, समस्त बंगाली सामाज को कुछ चुटपुटिये पत्रकार जो कि, वेब पोर्टल चला रहे है, युट्यूब चला रहे सोशल मिडिया का कार्य कर रहे उनके द्वारा सामाज को गाली दी जा रही है।

ज्ञात हो कि, बेबाक बयान न्यूज द्वारा प्रकाशित समाचार में बंगाली बंग सामाज को लेकर कोई गलत लेख का उल्लेख नहीं किया गया है, यदि आप उस समाचार पर नजर डालते है तो बगाली बंग सामाज को लेकर किसी प्रकार से कोई टिप्पणी नहीं की गई है और न ही वाट्स अप, फेसबुक सोशल
मिडिया ट्यूटर में भी किसी प्रकार से कोई टिका या टिप्पणी नहीं की गई।

फिर धरोहर संदेश की संपादक एवं संपादिका के द्वारा अपने ही सामाज में अराजकता फैलाते बंगाली बंग सामाज को भड़काने का कार्य क्यों किया जा रहा है।

धरोहर संदेश दे रही है संरक्षण झोलाछाप बंगाली डाक्टरों द्वारा बिना डिग्री संचालित की जा रही क्लिनिके

जिस तरह से किसी भी निजी नर्सिंग होम को लेकर घरोहर संदेश द्वारा बदनाम किया जाता है ठीक उसी प्रकार स्वयं के सामाज बंगाली बंग सामाज से जुडे बंगाली झोलाछाप डाक्टर जिनके पास कोई डिग्री नहीं होते हुये ये भी ये लोग ऐसे प्रचार -प्रसार करते है कि, बिना आपरेशन के कम खर्च पे 100 प्रतिशत शर्तिया ईलाज किया जाता है। संपर्क करे…?

जिसमे मुख्यता बवासीर महिला एवं पुरूष मलद्वार से खून गिरना मश्शा होना दर्द होना।

भगंदर महिला एवं पुरुष मलद्वार के पास फोडा फुंशिया होना उसमे मवाद पानी निकलना। I

अण्डकोष में पानी आना, दर्द, छोटा-बडा महसूस होना।

गुप्तरोग- शीघ्र पतन, लिंग का छोटा टेढा, शुक्रमेह, नपुंसकता, सहवास में अक्षमता, पेशाब के साथ धातु गिरना, बढ़ती उम्र में वीर्य का पतलापन, सेक्स की कमी ज्यादा हस्त मैथुन से नशों में कमजोरी।

पुराना टाईफाईड, बुखार, पिलिया, पुराना जोडो का दर्द, पुराना नशो का दर्द, दाद, खाज-खुजली, सफेद दाग, आदि का सफल ईलाज किया जाता का प्रचार प्रसार केवल सबसे ज्यादा सार्वजनिक शौचालय, मूत्रालयों के पास ही दिवारों पर पोस्टर लगाकर किया जा रहा है।

सम्पूर्ण गरियाबंद जिले में किसी भी बंगाली झोलाछाप डाक्टरों के पास नर्सिंग होम एक्ट का पालन करने वाले दस्तावेज उपलब्ध नहीं है । ये फर्जी तरीके से अवैध क्लिनिक संचालित कर रहे है। शिकायत मिलने से कुछ बंगाली झोलाछाप डाक्टरों के क्लिनिक में छापे मारी की कार्यवाही की जा चुकी है।

हरीश चौहान
(सिविल सर्जन जिला )गरियाबंद छत्तीसगढ़

ये तो सिर्फ ट्रेलर है , पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त..!

बेबाक बयान न्यूज़
हर बात खुलकर,हर राज खुलकर

संकल्प हॉस्पिटल के संकल्प से हो रहा, मरीजों का कल्याण…! पढ़े पूरी खबर

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आधुनिक पद्धति सुविधाओं से लैस है हॉस्पिटल,नार्मल डिलीवरी कराने को लेकर चर्चित होते जा रहा है हॉस्पिटल

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
गरियाबंद / कहते है जहां लोगों की उम्मीद खत्म हो जाती है वही छुरा स्थित संकल्प हॉस्पिटल उनकी उम्मीदों मे जान फूंक देती है। आपको बता दे संकल्प हॉस्पिटल गरीबों के लिए किसी वरदान से कम नहीं नही है। संकल्प हॉस्पिटल में आज तक ऐसी कोई घटना नही घटी जहां लोगों को न उम्मीदी नजर आई हो हर संभव लोगों को राहत मिल रही है।
जिले के आदिवासी बाहुल्य ब्लॉक छुरा में स्थित श्री संकल्प छत्तीसगढ मिशन हॉस्पिटल मरीजों के बेहतर इलाज को लेकर काफी प्रसिद्ध होते जा रहा है। जहा कम दाम और आयुष्मान कार्ड के जरिए गंभीर से गंभीर बीमारी का इलाज हो रहा है।वही हॉस्पिटल के संचालक और विशेषज्ञ टीम के द्वारा 100 फीसदी नार्मल डीलवरी कराने का रिकॉर्ड है।जिसमे जच्चा बच्चा दोनो को बचाने डॉक्टरों की टीम द्वारा पूरा प्रयास किया जाता है। जिसके वजह से मां और बच्चा दोनो खुशी-खुशी सकुशल घर लौट रहे है। जो उक्त हॉस्पिटल के लिए एक बड़ी विषय की बात के साथ साथ क्षेत्र के लोगो के लिए राहत भरा बात है। उक्त हॉस्पिटल द्वारा दिए जा रहे सुविधाओ से अब मरीजों को राजधानी रायपुर के हॉस्पिटल जाना नही पड़ता है । जिसके वजह लोगो का पैसा भी बच रहा है और कम दाम में क्षेत्र में इलाज हो जा रहा है। बता दे हॉस्पिटल कई आधुनिक मशीन उपकरणों से लैस है और विशेषज्ञ डाक्टरों की दिन रात अपनी सेवा देकर मरीजों का बेहतर उपचार कर रहा है।