बसना के चिंटू ढाबा की बिरयानी में मृत टिड्डा मिलने का आरोप, मचा हड़कंप..! पत्रकार ने CM हेल्पलाइन 1076 में की शिकायत, खाद्य सुरक्षा जांच की मांग
बिरयानी की थाली में कीड़ा मिलने से भोजन की स्वच्छता पर उठे सवाल; संचालक के जवाब से असंतुष्ट पत्रकार ने उठाया मामला, CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और खाद्य नमूने की जांच कराने की मांग
प्रधान संपादक मयंक गुप्ता/
बसना/महासमुंद, 20 अक्टूबर 2026/ दिन मंगलवार
महासमुंद जिले के बसना स्थित बस स्टैंड के पास संचालित चिंटू वीरे दा रेस्टोरेंट (चिंटू ढाबा) में परोसी गई बिरयानी में मृत टिड्डा मिलने का आरोप सामने आया है। मंगलवार को सामने आई इस घटना ने होटल-ढाबों में भोजन की स्वच्छता, रसोई की साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को लेकर स्थानीय पत्रकार केशव सिदार ने छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित प्रतिष्ठान की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, भोजन की थाली में मृत टिड्डा दिखाई देने के बाद जब ढाबा संचालक से इसकी शिकायत की गई, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हालांकि, घटना की वास्तविक स्थिति, भोजन में कीड़ा मिलने के कारण और प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
क्या है पूरा मामला..? तीन प्लेट बिरयानी का दिया था ऑर्डर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बसना क्षेत्र के पत्रकार केशव सिदार अपने साथी प्रदीप देवांगन और हेमंत तांडी के साथ मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को सुबह लगभग 11 बजे बसना बस स्टैंड के समीप स्थित चिंटू ढाबा पहुंचे थे। यहां तीन प्लेट बिरयानी का ऑर्डर दिया गया।
बताया गया है कि भोजन करना शुरू करने के दौरान पत्रकार केशव सिदार की बिरयानी की थाली में एक मृत टिड्डा दिखाई दिया। इसके बाद भोजन की गुणवत्ता और तैयार करने के दौरान बरती गई सावधानियों को लेकर सवाल उठने लगे।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने तत्काल इस मामले को ढाबा संचालक के संज्ञान में लाया। आरोप है कि संचालक की ओर से संतोषजनक समाधान देने के बजाय यह कहा गया कि, “मैंने जानबूझकर नहीं किया है।”
इस कथित जवाब से असंतुष्ट होकर पत्रकार ने मामले को संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था तक पहुंचाने का निर्णय लिया। फिलहाल, भोजन में टिड्डा मिलने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि और संचालक का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
CM हेल्पलाइन 1076 तक पहुंचा मामला, शिकायत में उठाईं तीन प्रमुख मांगें
ढाबे में भोजन की स्वच्छता को लेकर उठे सवाल के बाद पत्रकार केशव सिदार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिकायत का टोकन नंबर WP261000242243 बताया गया है।
शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं।
1.रसोई और खाद्य सामग्री की जांच हो
ढाबे की रसोई, खाद्य सामग्री के भंडारण, भोजन तैयार करने की प्रक्रिया तथा ग्राहकों को खाना परोसने वाले स्थान की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी देखा जाए कि साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
2.संबंधित समय का CCTV फुटेज सुरक्षित रखा जाए
शिकायत में घटना के समय के CCTV फुटेज की जांच कराने और उसे सुरक्षित रखने की मांग की गई है, ताकि घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सके। यदि फुटेज उपलब्ध है, तो संबंधित विभाग उसकी जांच कर सकता है।
3.भोजन के नमूने की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई हो
शिकायतकर्ता ने भोजन के नमूने की जांच कराने और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर लागू कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। जांच के दौरान प्रतिष्ठान की स्वच्छता व्यवस्था और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया का परीक्षण भी महत्वपूर्ण होगा।
खाद्य सुरक्षा पर सवाल: यात्रियों और आम नागरिकों की सेहत कितनी सुरक्षित..?
बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों के आसपास संचालित होटल और ढाबे यात्रियों, स्थानीय नागरिकों तथा अन्य लोगों के लिए भोजन की महत्वपूर्ण व्यवस्था होते हैं। ऐसे प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और सुरक्षित खाद्य सामग्री का इस्तेमाल केवल व्यावसायिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि ग्राहकों के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय भी है।
भोजन में किसी कीड़े या बाहरी वस्तु के मिलने की शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में भोजन की तैयारी, भंडारण, रसोई की स्वच्छता और परोसने की प्रक्रिया की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कहीं खाद्य सुरक्षा संबंधी लापरवाही तो नहीं हुई है।
हालांकि, एक शिकायत के आधार पर पूरे प्रतिष्ठान की व्यवस्था को दोषपूर्ण घोषित करना उचित नहीं होगा। वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए संबंधित अधिकारियों की जांच, उपलब्ध साक्ष्य और प्रतिष्ठान का पक्ष महत्वपूर्ण रहेगा।
अब खाद्य सुरक्षा विभाग की भूमिका पर नजर
इस मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि शिकायत पर संबंधित विभाग क्या कदम उठाता है। क्या खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचकर रसोई और खाद्य सामग्री की जांच करेंगे? क्या उपलब्ध होने पर संबंधित समय के CCTV फुटेज की पड़ताल की जाएगी? और क्या भोजन के नमूने की जांच कराई जाएगी..?
इन सवालों के जवाब विभागीय कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे। शिकायतकर्ता के अनुसार, मामला मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराया गया है। शिकायत की वर्तमान स्थिति, विभाग को सौंपे जाने और किसी निरीक्षण या कार्रवाई की पुष्टि स्वतंत्र रूप से होना अभी बाकी है।
फिलहाल, चिंटू ढाबा में बिरयानी की थाली में मृत टिड्डा मिलने का आरोप जांच का विषय है। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित कानून के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, प्रतिष्ठान को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना आवश्यक है।
अब निगाहें संबंधित विभाग की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच से ही स्पष्ट होगा कि यह भोजन तैयार करने के दौरान हुई लापरवाही का मामला था या घटना के पीछे कोई अन्य कारण था।
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