”काम हम करें, सजा हमें मिले… यह कैसा न्याय?” 150 मकान का टारगेट पूरा, फिर भी जेब खाली; कोरबा के आवास मित्रों का हल्लाबोल
रिपोर्टर मयंक गुप्ता/ 26 अगस्त 2026/ दिन बुधवार
पॉड़ी उपरोड़ा (कोरबा):
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) को धरातल पर उतारने वाले ‘आवास मित्र’ खुद गंभीर आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। हितग्राहियों की उदासीनता और शासन की नीतियों से परेशान आवास मित्र संघ
पॉड़ी उपरोड़ा (जिला कोरबा) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपनी प्रमुख मांगों को लेकर ध्यान आकर्षित किया है।
आवास संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे दिन-रात दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में घूमकर हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन देने, निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने से लेकर जियो-टैगिंग (Geotagging) और मॉनिटरिंग का काम पूरी जिम्मेदारी से करते हैं।
”काम हम करें, सजा हमें मिले”
संघ का आरोप है कि शासन के नियमानुसार यदि 6 महीने के भीतर आवास पूर्ण होता है, तभी आवास मित्र को प्रति आवास 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलती है। यदि हितग्राही या ठेकेदार की लापरवाही से समय पर काम पूरा नहीं हो पाता, तो उल्टे आवास मित्र के मानदेय से 100 रुपये प्रतिमाह की दर से कटौती कर ली जाती है।
संघ ने कहा कि “आवास निर्माण की तीनों किस्तें और मनरेगा मजदूरी का पैसा सीधे हितग्राही के खाते में जाता है, जिस पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता। हितग्राही के पारिवारिक कारणों या उदासीनता से काम रुकने का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।”
150 आवास का लक्ष्य, फिर भी खाली हाथ
वर्ष 2024-25 में प्रत्येक आवास मित्र को 150 आवास निर्माण कराने का बड़ा लक्ष्य दिया गया था। इसके बावजूद शासन की नीतियों और जमीनी अड़चनों के चलते अधिकांश आवास मित्र अपना पेट्रोल खर्च तक नहीं निकाल पाए।
आवास मित्र संघ की प्रमुख मांगें:
1 शेष राशि का तुरंत भुगतान: वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में जियो-टैग के आधार पर बाकी प्रोत्साहन राशि का तत्काल भुगतान किया जाए।
2 समय सीमा बढ़े: आवास निर्माण की समय सीमा 6 माह से बढ़ाकर पुनः 1 वर्ष की जाए ताकि हितग्राहियों को पर्याप्त समय मिल सके।
3 कटौती पर रोक: प्रोत्साहन राशि में की जा रही मानदेय कटौती की व्यवस्था तुरंत समाप्त हो।
4 भत्ते अलग से मिले: काम के दौरान होने वाले पेट्रोल खर्च, मोबाइल खर्च और स्टेशनरी खर्च का अलग से भुगतान किया जाए।
5 नियमितीकरण और 15 हजार मानदेय: आगामी PMAY-2.0 योजना में पूर्णकालिक पद (आवास सहायक/पंचायत सहायक/डेटा एंट्री ऑपरेटर) सृजित कर 15,000/- रुपये प्रतिमाह निश्चित मानदेय पर नियुक्ति दी जाए।
आवास मित्र संघ, पॉड़ी उपरोड़ा (जिला-कोरबा)
ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे अपने अधिकारों के लिए आगे कदम उठाने को मजबूर होंगे।

