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विज्ञापन नही देने पर घरोहर सदेश के संपादक द्वारा छुरा के संकल्प हास्पिटल को किया जा रहा बदनाम |

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बंगाली डॉक्टरों का बनाया जा रहा प्रेस कार्ड ली जा रही है 5000 रूपये की राशि..?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
गरियाबंद / कहते है न जब खुद का घर शीशे का हो तो दूसरे के घर में पत्थर नहीं मारा करते है। ये कहावत भले ही पुराना हो परन्तु सत्यता का प्रतीक है। जब कोई तेजी से बढ़ता है तो लोगों की बुरी नजर लग जाती है और उसको वो बदनाम कैसे किया जाये यह सोचने लगता है। क्यों कि, आज लोग अपने दुख से ज्यादा दुखी नहीं होते परन्तु लोगों की खुशी से ज्यादा दुखी होते है।

आपको बता दे जिला गरियाबंद के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के विकासखण्ड छुरा में आदिवासियो एवं आम जनता के लिये मिल का पत्थर साबित हो रहे श्री सकल्प मिशन हास्पिटल छत्तीसगढ़ को सोशल मिडिया के माध्यम से अपने आप को धरोहर सदेश का संपादक मानने वाले श्रीमती दीपिका प्रदीप बरई द्वारा बदनाम किया जा रहा है। घरोहर संदेश पोर्टल के माध्यम से श्री संकल्प हॉस्पिटल को अवैधानिक रूप से संचालित हो रहा है। ऐसा लेख किया गया है।

जबकि श्री सकल्प हास्पिटल के संचालक हेमचंद देवागन मिडिया से मुखातिब होते हुये कहा कि, मेरा ये हास्पिटल गरीब जनता को कम दर पर अच्छी ईलाज के लिये बनाया गया है जबकि लोग दूर-दूर से यहा आकर अपना ईलाज करवाते है और ठीक होकर जाते है। रही बात धरोहर सदेश के संपादक द्वारा मेरे हास्पिटल को अवैध कहा गया है जबकि आपको बता दू। हास्पिटल का पंजीयन केवल एक बार होता है बाद में उनको सिर्फ और सिर्फ रिनिवल कराया जाता है। मैं इतने सालों से हास्पिटल को संचालित कर रहा हूँ मेरे पास नर्सिंग होम एक्ट संबंधित संपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध है। हा रिनिवल कराने हेतु छः माह की अवधि होती है जबकि मेरे द्वारा रिनिवल हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जा चुका है किन्तु सपूर्ण छत्तीसगढ़ में अभी आदर्श आचार संहिता व्याप्त होने की स्थिति में नहीं मिला है। जबकि मेरे हास्पिटल में सेवानिवृत्त पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा जीएल टण्डन भी अपनी सेवा दे रहे है। मैं उन महानुनवियों के सलाह से ही हास्पिटल को संचालित कर रहा हूँ।
सुविज्ञ सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला गरियाबंद निवासी धरोहर संदेश के संपादक श्रीमती दीपिका प्रदीप बरई खुद तो बंगाल से यहा आकर बसे हुये है। सर्वप्रथम इनका मुख्य कार्य अवैध रूप से क्लिनिक संचालन का रहा इनके अवैध क्लिनिक सचालन में किसी प्रकार से व्यवधानिया उत्पन्न न हो इस हेतु इनके द्वारा धरोहर सदेश नामक वेब पोर्टल की डोमिन होस्ट लेकर कार्य की शुरूआत की गई। साथ ही गरियाबंद जिले के जितने भी बंगाली डाक्टर है उनको धरोहर सदेश की प्रतिनिधि नियुक्त कर आईडी कार्ड प्रदान कर 5000 रूपये ली गई है और ली जा रही है ताकि किसी प्रकार से बंगाली डाक्टरों के यहां नर्सिंग होम एक्ट के तहत नोडल अधिकारी एवं एसडीएम की छापामारी से बचा जा सके।

आज गरियाबंद जिले के समस्त विभागों में इनकी थू-थू हो रही है ये ऐसे पत्रकार है खुद अधिकारी बनकर अधिकारियों से बदसलूकी करते है और अवैध वसूली का काम करते है ये जिनको विज्ञापन की माग करते है नहीं देने पर उनको सोशल मिडिया के माध्यम से बदनाम करने का कार्य कर रहे है।

कसेकेरा सेल्समेन मनोज तिवारी की हत्या , उठेंगे कई सवाल…?

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पेड़ पर लटकती मिली सेल्समेन मनोज तिवारी की लाश

रिपोर्टर – मयंक गुप्ता
महासमुंद / कोमाखान थाना अंतर्गत ग्राम बिन्द्रावन लोदामुड़ा खार में सैल्समैन की संदिग्ध अवस्था में लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार कोमाखान कसेकेरा सोसाइटी में सैल्समैन के पद पर पदस्थ मनोज तिवारी पिता शीतल तिवारी (35) का संदिग्ध अवस्था में एक पेड़ पर लटकती हुई लाश मिली है। सूचना पर कोमाखान पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई है। लाश को पेड़ से उतारकर पंचनामा तैयार किया जा रहा है।

मारपीट का निशान

पेड़ से लाश उतारने के बाद देखा गया कि चेहरे और पीट पर चोट के गंभीर निशान देखे गए हैं। पुलिस पहली आशंका हत्या किए जाने का अनुमान लगा रहा है। इसके साथ ही गांव के बाहर लोदामुड़ा खार जहां पर जंगल है। और चारपहिया कार खड़ी है जिसे मनोज तिवारी का बताया जा रहा है। कार के आईना टूटने के अलावा कार पर भी तोड़फोड़ करने जैसी बात सामने आई है।

घटनास्थल पर मिले शराब की बोतल और चखना

घटना स्थल के समीप खाली शराब की बोतल और डिस्पोजल में शराब भरा हुआ मौजूद है। साथ ही चखना फल्ली और समोसा मौजूद है। जहां पर तीन चार लोग एक साथ बैठकर शराब पीने की आशंका जताई जा रही है।

नीम पेड़ में लटकी मिली लाश

सैल्समैन मनोज तिवारी की लाश नीम के एक पेड़ में मिली है। चप्पल पहना हुआ है, साथ ही नए रस्सी का उपयोग दौरा के रूप में किया गया है। जिस पेड़ में लाश मिली है उसमें चढ़ पाना बहुत मुश्किल दिख रहा है। साथ ही लाश के साथ चप्पल भी मौजूद था। जो चप्पल के साथ पेड़ में चढ़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। ग्रामीणों की माने तो पहले हत्या की गई उसके बाद लाश को फांसी पर लटका दी गई। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद ही इसका खुलासा हो पाएगा। हालांकि कोमाखान पुलिस के अलावा डागस्काव्यड टीम घटना स्थल के रवाना होने की बात कही जा रही है।

नौकरी के अलावा धान का कारोबार

बताया जा रहा है नौकरी के अलावा धान कारोबार में भी मनोज तिवारी संलिप्त था। बताया जा रहा है कोमाखान क्षेत्र में पहले भी धान माफिया का आतंक है बीते साल ऐसी ही एक घटना बंधक बना कर रखे जाने की बात सामने आई थी।

महासमुंद कलेक्टर क्यों नही ले रहे संज्ञान, वंदे भारत की स्पीड लिऐ सड़क में दौड़ रही मौते…?

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कलेक्ट्रेड कॉलोनी से गुजर रही रेत से लदे वाहन,आए दिन हो रहे सड़क हादसे..!!

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुन्द / छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला से मामला सामने आ रहा है वैसे तो सत्ता परिवर्तन के बाद तो अवैध उत्खनन बन्द हो गया है फिर भी जिले की कुछ चिन्हांकित जगहों में अवैध रेत उत्खनन धड़ल्ले से प्रशासन की नांक के नीचे से चल रहा है। अवैध रेती लोड का खेला ट्रैक्टर लोडिंग धड़ल्ले से दिन में खुले आम चालू है।

मामला महासमुन्द जिला के लाफिंग कला गांव का है , जहाँ पंचायत के बिना N.O.C.(अनुमति) के रेती का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। सुबह 3 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक ट्रैक्टरों की लाइन लग जाती है और आते वक्त उन ट्रैक्टरों की स्पीड तो देखते ही बनती है मानो वंदे भारत ट्रैन की स्पीड क्या होगी उन अवैध रेती लोड ट्रैक्टर को किसी की भी चिंता नही है उनके सामने जो आ जायेगा वो हादसे का शिकार जायेगा। उन ट्रैक्टर ड्राइवरों को आम जनता की चिंता नही है। छोटे-छोटे बच्चे रोड में खेलते रहते है और शहर का सबसे आकर्षक गुरु गोविंद सिंह उद्यान, चौपाटी,वन विद्यालय भी उसी सड़क में है। जिसमे हर वर्ग के कर्मचारीगण और सामान्य वर्ग से विलोम करने वाले लोगों की फैमिली अपने-अपने बच्चो को प्रतिदिन घुमाने ले जाया करते है। बा- वजूद जिला प्रशासन कुंभकरण की निंद्रा लिऐ खर्राटे लगा सोए हुए है। अभी हाल ही अलसुबह के एक छोटा बच्चा ट्रैक्टर के नीचे हादसे का शिकार होने से बचा..?
क्या प्रशासन इंतेजार कर रही है जब कोई बड़ा हादसा हो और किसी की मौत हो। तब तक जिला प्रशासन अवैध उत्खनन होते देखते रहेंगे..? हाल ही में चिंगरौद घाट को जिला कलेक्टर द्वारा बंद कराया गया था जिसके बाद लाफिंग कला घाट को चालू कर लिया गया जिस रास्ते से 200-300 ट्रैक्टर दिन भर में निकलते है उस रास्ते में शासकीय कर्मचारियों को शासन द्वारा आबंटित मकान में निवासरत है।
समस्त सरकारी कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय, स्कूल,कॉलेज जाने का रास्ता है फिर भी दिन दहाड़े ट्रैक्टरों की स्पीड को ब्रेक नही लगाया जा सकता है। क्या शहर के जिला कलेक्टर को आम आदमी की मौतों की चिंता नही है जो कई बार संज्ञान देने पर भी उनके द्वारा लाफिंग कला में चल रहे अवैध रेती घाट को बंद करा पाए लाफिंगकला के सरपंच से बात करने पर बताया गया कि, हम घाट नही चला रहे गाँव के कुछ लोग घाट चला रहे है। ट्रस्ट के नाम पर किया जा रहा रेती घाट का गोरख धंधा पंचायत का इसमें कोई हाथ नही है और ना पंचायत कोई पिट-पास दे रहा है। फिर क्यों नही बंद करा पा रहे है जिला प्रशासन लाफिंगकला रेत घाट को..?

शासकीय कर्मचारियों के साथ क्यों नही होता हादसा

बता दे आजतक किसी बड़े अधिकारी के परिवारों के साथ क्यों नही होता है हादसा इसका सबसे बड़ा कारण है ये जब घर से बाहर लिकलते है तो इनके पीछे क्या सुरक्षा जेट प्लस लगाई जाती है। आम इंसानों के साथ ही ऐसा खिलवाड़ क्यों..?
इस तरह से ये अवैध रेत उत्तखनन करने वाले माफियाओं के खिलाफ जब तक कोई बड़ा एक्शन नहीं लिया जाएगा तब तक शहरों में मौत का तांडव चलता रहेगा।

आखिर क्या…? पीडीएस का अवैध कारोबार अधिवक्ता टी.सी.निमाणी के संरक्षण में चल रहा है…! पढ़े पूरी खबर..!!

महावीर किराना फिंगेश्वर में रौबदार तरीके से खरीदी की जा रही पीडीएस का राशन..!

रिपोर्टर मयंक गुप्ता

गरियाबंद / कुत्ते को हड्डी और बड़े व्यापारियों को नोटो को गड्डी कितना भी मिले हजम नही होती है। इन दिनों लगातार छोटे व्यापारी सहित बड़े व्यापारियों की भी होड़ लगी हुई है। चाहे वह धान खरीदी हो, पीडीएस राशन दुकान की चावल हो। जिसमें भी दो पैसे एक्स्ट्रा मिल जाए। व्यापारी इनका फायदा उठाने पीछे नहीं हटते। ऐसा ही फिंगेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत संचालित महावीर किराना स्टोर्स का मामला संज्ञान में आया है जहा एक व्यापारी द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकानों में निशुल्क वितरण चावल को संचालक के द्वारा खरीदा जा रहा है।
सुविज्ञ सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार फिंगेश्वर के महावीर किराना के संचालक महावीर प्रसाद यादव द्वारा लंबे समय से पीडीएस का चावल की खरीदारी की जा रही है।
मामले की पड़ताल हेतु मीडिया की टीम पहुंचने पर महावीर किराना संचालक महावीर प्रसाद द्वारा कहा जाता है कि, मेरे अधिवक्ता टी सी निमाणी रायपुर ने किसी भी प्रकार से कोई बाइट या वर्शन नही देना है आप लोगो को जो करना है कर लीजिए। मैं कुछ नहीं बोलूंगा।
यही नहीं महावीर किराना के संचालक के द्वारा वर्षो से अवैध रूप से पीडीएस का चांवल, धान खरीदी सहित नशीले पदार्थ गुटखा की बिक्री को अंजाम दे रहे है। जिस लगाम लगाने में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ है।नतीजन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से इसके अवैध धंधा विभागीय संरक्षण में खूब फल फूल रहा है।वही इस पूरे मामले में विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता।

 

आखिर छुरा स्थित श्री संकल्प मिशन हॉस्पिटल क्यों है प्रसिद्ध, विश्व स्तरीय आधुनिक मशीनों से मरीजों का…. पढ़े पूरी खबर..

 

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
गरियाबंद। हॉस्पिटल यह शब्द सुनते ही कइयों के चेहरे पर मायूसी और माथे पर पसीना देखना एक आम बात है। पर जब इसी अस्पताल शब्द के आगे श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल नाम जुड़ जाता है तो लोगों के चेहरे से सिकन गायब सी हो जाती है और एक राहत से भरा अटूट भरोसा दिखता है। हम बात कर रहे हैं श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल छुरा की जिसने अपनी चिकित्सा व्यवस्था और निस्वार्थ भाव से सेवा प्रदान करने की वजह से न सिर्फ गरियाबंद बल्कि उसके बाहर में अपना परचम लहराया है । इसमें से एक वजह यह भी है कि यहां आने वाले सारे मरीजों के लिए हर प्रकार के मूलभूत सुविधा और जरूरी मेडिकल्स हमेशा उपलब्ध रहती है।


छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल जो गरियाबंद जिले के आदिवासी बाहुल्य छुरा में स्थित है।जिसके द्वारा हजारों जरूरतमंद को कम दामों में विश्व स्तरीय आधुनिक मशीन से चिकित्सा व्यवस्था कराई जाती है। मरीज का ध्यान रखने के लिए अस्पताल में योग्य एवं अनुभवी डॉक्टर,सर्जन की टीम दिन-रात उपलब्ध रहती है और असंभव से असंभव इलाज को अपने अनुभव के बल पर संभव और सफल बनाती है। हर कोई स्वास्थ जीवन के लिए इसकी कामना करने वाले छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान काम आने वाली सभी जरूरी सुविधा 24 घंटा उपलब्ध रहती है ।इस अस्पताल में सबके के लिए पूरी तरह से सुविधा खुला रहता है।

हर किसी को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने का दृढ़ संकल्प लेकर चलने वाले इस अस्पताल में चिकित्सक,नर्स तथा सभी स्टाफ से लेकर पूरे अस्पताल प्रशासन हर मरीज और उनके परिवार जन का पूरे दिल से ख्याल रखते हैं और उन्हें हर प्रकार के स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करता है। हर रोग का इलाज करने के लिए योग्य डॉक्टर है जो मरीज और परिजनों के जीवन में फिर से उम्मीद की किरण जगाते हैं तभी तो समूचे क्षेत्र के साथ-साथ अन्य जिलों सहित पड़ोसी राज्य के लोग भी इलाज के लिए छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल आते हैं। वर्तमान समय में स्वास्थ्य केंद्र के पास लोगों की सेवा के लिए 150 से अधिक वातानुकूलित बिस्तर है। वही स्वच्छता के संदेश को जन जन तक पहुंचाने के लिए हर पूरे परिसर की साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है।छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल छुरा,गरियाबंद में वर्षों के अनुभव वाले कुशल विशेषज्ञ आधुनिक सुविधाओं और उन्नत जीवन समर्थन प्रणाली के साथ मरीज को सुविधा प्रदान कर रहे हैं ।

हॉस्पिटल द्वारा 24 घंटा दिए जाने वाली उपलब्ध सुविधा

आयुष्मान कार्ड से निःशुल्क इलाज,हड्डी का ऑपरेशन आयुष्मान और राशन कार्ड द्वारा निःशुल्क,हर्निया का इलाज, बवासीर का इलाज,अंडकोष का इलाज,ऑपरेशन से डिलिवरी,बच्चेदानी का ऑपरेशन, लाइकामा,स्तन गांठ,नशबंदी,नार्मल डिलिवरी, कैंसर की जांच,सोनोग्राफी इन सभी का इलाज प्रतिदिन 24 घंटे होता है है।वही ईसीजी एक्स रे, यूएसजी, आरएफटी, एलएफटी,वीआईआरएल,मारकर, सीबीसी,आरबीसी,कैल्शियम,सिकलिंग,एमपी,विडल,ब्लड ग्रुप,लाइप्ड प्रोफाइल, यूरिन टेस्ट आदि सभी का जांच भी 24 घंटे उपलब्ध रहता है।

कोरोना काल में भी हॉस्पिटल ने किया मरीजों की सेवा

विश्व महामारी कोरोना काल में भी छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल ने विषम परिस्थितियों में कमर कसकर इसके बचाव के लिए परिसर में सभी सरकारी निर्देश का पालन करने के साथ-साथ पूरी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया था। ताकि किसी भी परिवार के साथ आए परिवार को किसी भी तरीके से नुकसान ना हो।गौरतलब है कि मुश्किल घड़ी में भी इस अस्पताल ने लोगो और मरीजों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा देने का बेहतरीन प्रयास किया है।मुश्किल से मुश्किल घड़ी में भी छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल ने मरीजों को अपनों की तरह जिस प्रकार सेवा दिए हैं वह काबिले तारीफ है जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल लगातार लोगों के जेहन में चर्चा का विषय बना गया है और उनके प्रति मरीजों में अटूट विश्वास लगातार बनते जा रहा है।वही वहीं अस्पताल के संचालक हेमचंद देवांगन जी कहते हैं कि हॉस्पिटल व्यवसाय का माध्यम नहीं है बल्कि एक सेवा कार्य है हमें खुशी होती है कि मरीज यहां से स्वास्थ होकर जाते हैं और अपने परिवार के साथ हंसी खुशी से रहते हैं भविष्य में और भी व्यवस्था सुधारने की कोशिश करेंगे अगर कोई भी आपके पास फीडबैक हो कोई राय हो या परामर्श हो तो बिल्कुल हमें भेज सकते हैं।

प्रसिद्ध और पूर्व सीएचओ रिटायर्ड होने के बाद दे रहे है सीजी हॉस्पिटल में सेवा

आपको बता दे की छत्तीसगढ में वर्तमान में सेवा दे सेवा निवृत्त जिला स्वास्थ्य अधिकारी व पूर्व में छुरा में बीएमओ के पद पर सेवा दे चुके डॉक्टर जी एल टंडन किसी की परिचय की मोहताज नहीं है।पूरा छुरा क्षेत्र सहित जिले के लोग इसके इलाज का लोहा मानते है।श्री टंडन एक मिलनसार और विनम्र व्यवहार के व्यवक्तितव के धनी है।जिसने लंबा समय इस क्षेत्र में सेवा देकर कइयों मरीजों को ठीक किया है।जिसके प्रति लोगो में काफी विश्वास के साथ उसके प्रति लोगो का प्यार भी साफ झलकता है।उन्होंने अपने करियर में जनता के साथ मिलनसार व्यवहार और समन्वय स्थापित कर एक बेहतर सेवा क्षेत्र में दिए है।बता दे की श्री टंडन बीएससी,एमबीबीएस,एमआर एस एच की पढ़ाई लंदन से किए है।जो बीएमओ सहित जिला स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर रह चुके है।वही डाक्टर टंडन जी के श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल छुरा में सेवा देने से मरीजों का तांता लग रहा है और मरीज ठीक होकर सकुशल घर पहुंच रहे है।

आयुष्मान कार्ड से निःशुल्क इलाज,


आपको बता दे की श्री संकल्प छत्तीसगढ़ मिशन हॉस्पिटल छुरा में सभी प्रकार के गंभीर से गंभीर बीमारी का इलाज आयुष्मान कार्ड से भी होता है।वही कोई गरीब मरीज आते है जिसके पास पैसा नहीं होता है उसके फ्री जांच व इलाज के लिए भी हॉस्पिटल के संचालक हमेशा तत्पर रहते है और मरीजों की सेवा के साथ डॉक्टर को भगवान वाली दर्जा के साथ हमेशा खरा उतरने की कोशिश करते है।

बीजेपी नेता यतेन्द्र साहू की गुंडागर्दी हाईवा ट्रक रोककर पैसे की मांग..?

 

कांग्रेस पार्टी से बगावत कर बीजेपी का दामन थामने वाले महासमुंद जनपद अध्यक्ष यतेन्द्र साहू की गुंडागर्दी अब सड़को पर…!!

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद। सिटी कोतवाली महासमुंद में 1 मई मजदूर दिवस को रात्रि 9:00 बजे के आसपास अवैध रेत परिवहन को लेकर आपसी विवाद के चलते दोनों पक्षों में एफआईआर दर्ज की गई है।
सिटी कोतवाली से प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस के बागी नेता एवं वर्तमान में भाजपा का दामन थामने वाले महासमुंद जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू एवं उनके सुपुत्र विवेक साहू के द्वारा रेत से लदे हाईवा ट्रक को रोककर पूछताछ करने लगे कि, तुम्हारे पास रॉयल्टी पेपर है और यदि नहीं है तो किसके कहने पर रेत परिवहन कर रहे हो। जिस पर अध्यक्ष यतेंद्र साहू के द्वारा खनिज अधिकारी को फोन लगाकर सूचना दिया गया।
जिस पर जनपद अध्यक्ष द्वारा सिटी कोतवाली में बरबसपुर निवासी झाला चंद्राकर ने ड्राइवर की सूचना पर वैभव चंद्राकर और तरुण चंद्राकर बिरकोनी चौक भेजे और मेरे सुपुत्र व मेरे साथ मारपीट करते हुए कार को तोड़फोड़ करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वहीं दूसरी ओर बरबसपुर निवासी वैभव चंद्राकर पिता झाला रामचंद्राकार द्वारा जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू एवं उनके सुपुत्र विवेक साहू के विरुद्ध लिखित शिकायत करते हुए की कार्यवाही की मांग की है।
जिसमें वैभव चंद्राकर ने बताया कि, विगत रात्रि 1 मई 2024 को ड्राइवर के माध्यम से फोन लगाकर यतेंद्र साहू द्वारा धमकी देते हुए मेरे पिता श्री झालाराम चंद्राकर को कहा कि बिरकोनी चौक में आकर मिलो वरना यहां से गाड़ी जाने नहीं दूंगा। जिस पर मेरे पिता श्री झालाराम चंद्राकर मैं वैभव और मेरा छोटा भाई तरुण चंद्राकर बिरकोनी चौक पहुंचे वहां पर यतेंद्र साहू ने धमकी देते हुए कहा कि प्रतिदिन मुझे पांच हाईवा रेत से भरकर देंगे नहीं तो मैं गाड़ी चलने नहीं दूंगा। जबकि मेरे पिता श्री झालाराम चंद्राकर शासन से लीज लेकर ट्रांसपोर्टिंग का कार्य करते हैं और देखरेख करते हैं।
पश्चात अध्यक्ष यतेंद्र साहू द्वारा गाड़ी आगे गियर लगाकर थोड़ी दूर जाकर रिवर्स गियर लगाकर हम लोगों को गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया । जिस पर वहा मौजूद कुछ ग्रामीणों ने उसकी गाड़ी के ऊपर पत्थर फेंके जिस पर अध्यक्ष व उनका पुत्र विवेक वहां से भाग निकले।

बरबसपुर निवासी झाला रामचंद्राकार द्वारा मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि, पूर्व में भी जब यह कांग्रेस पार्टी से जनपद पंचायत अध्यक्ष चुने गए थे उसके बाद उनकी गुंडागर्दी इतनी बढ़ गई थी कि, इन्होंने बिरकोनी चौक के पास नाका लगाकर प्रति गाड़ियों से 200 ₹300 वसूली करने लगे थे। जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू का कहना है कि, मैं महासमुंद जनपद पंचायत का अध्यक्ष हूं और वर्तमान में बीजेपी का भी नेता हूं , सरकार हमारी है मेरा कोई क्या बिगाड़ लेगा देख लेता हूं ऐसा उनका कथन था।

बीजेपी नेता यतेन्द्र साहू की गुंडागर्दी हाईवा ट्रक रोककर पैसे की मांग..?

 

Reporter मयंक गुप्ता

महासमुंद। सिटी कोतवाली महासमुंद में 1 जनवरी मजदूर दिवस को रात्रि 9:00 बजे के आसपास अवैध रेत परिवहन को लेकर आपसी विवाद के चलते दोनों पक्षों में एफआईआर दर्ज की गई है।

सिटी कोतवाली से प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस के बागी नेता एवं वर्तमान में भाजपा का दामन थामने वाले महासमुंद जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू एवं उनके सुपुत्र विवेक साहू के द्वारा रेत से लदे हाईवा ट्रक को रोककर पूछताछ करने लगे कि, तुम्हारे पास रॉयल्टी पेपर है और यदि नहीं है तो किसके कहने पर रेत परिवहन कर रहे हो। जिस पर अध्यक्ष यतेंद्र साहू के द्वारा खनिज अधिकारी को फोन लगाकर सूचना दिया गया।

जिस पर जनपद अध्यक्ष द्वारा सिटी कोतवाली में बरबसपुर निवासी झाला चंद्राकर ने ड्राइवर की सूचना पर वैभव चंद्राकर और तरुण चंद्राकर बिरकोनी चौक भेजे और मेरे सुपुत्र व मेरे साथ मारपीट करते हुए कार को तोड़फोड़ करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

वहीं दूसरी ओर बरबसपुर निवासी वैभव चंद्राकर पिता झाला रामचंद्राकार द्वारा जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू एवं उनके सुपुत्र विवेक साहू के विरुद्ध लिखित शिकायत करते हुए की कार्यवाही की मांग की है।

जिसमें वैभव चंद्राकर ने बताया कि, विगत रात्रि 1 जनवरी 2024 को ड्राइवर के माध्यम से फोन लगाकर यतेंद्र साहू द्वारा धमकी देते हुए मेरे पिता श्री झालाराम चंद्राकर को कहा कि बिरकोनी चौक में आकर मिलो वरना यहां से गाड़ी जाने नहीं दूंगा। जिस पर मेरे पिता श्री झालाराम चंद्राकर मैं वैभव और मेरा छोटा भाई तरुण चंद्राकर बिरकोनी चौक पहुंचे वहां पर यतेंद्र साहू ने धमकी देते हुए कहा कि प्रतिदिन मुझे पांच हाईवा रेत से भरकर देंगे नहीं तो मैं गाड़ी चलने नहीं दूंगा। जबकि मेरे पिता श्री झालाराम चंद्राकर शासन से लीज लेकर ट्रांसपोर्टिंग का कार्य करते हैं और देखरेख करते हैं।

पश्चात अध्यक्ष यतेंद्र साहू द्वारा गाड़ी आगे गियर लगाकर थोड़ी दूर जाकर रिवर्स गियर लगाकर हम लोगों को गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया । जिस पर वहा मौजूद कुछ ग्रामीणों ने उसकी गाड़ी के ऊपर पत्थर फेंके जिस पर अध्यक्ष व उनका पुत्र विवेक वहां से भाग निकले।

बरबसपुर निवासी झाला रामचंद्राकार द्वारा मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि, पूर्व में भी जब यह कांग्रेस पार्टी से जनपद पंचायत अध्यक्ष चुने गए थे उसके बाद उनकी गुंडागर्दी इतनी बढ़ गई थी कि, इन्होंने बिरकोनी चौक के पास नाका लगाकर प्रति गाड़ियों से 200 ₹300 वसूली करने लगे थे। जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू का कहना है कि, मैं महासमुंद जनपद पंचायत का अध्यक्ष हूं और वर्तमान में बीजेपी का भी नेता हूं , सरकार हमारी है मेरा कोई क्या बिगाड़ लेगा देख लेता हूं ऐसा उनका कथन था।

केसरिया ढाबा में जन्मदिन सेलिब्रेट करने गए परिवार के साथ मारपीट..!

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मामला नेशनल हाइवे रोड स्थित ग्राम घोडारी के केसरिया ढाबा का..!!

रिपोटर मयंक गुप्ता
महासमुंद / वैसे तो महासमुंद जिला किसी भी मामले में पिछड़ा हुआ नहीं है. जिले में बढ़ रही लगातार मारपीट की वारदातें साथ ही आज हर इंसान अपनी छोटी-छोटी खुशियों को बटोरने अपने परिवार के साथ किसी अच्छे रेस्टोरेंट या मनोरम दृश्य में अपनी और अपने परिवार की यादगार पलों को संजोने के लिए उस पल का बेसब्री से इंतजार करते हैं.


तत्पश्चात ना चाहते हुए भी उस परिवार की खुशियों पर ग्रहण लग जाता है और वह खुशी दर्द और तकलीफों में तब्दील हो जाती है.
ऐसा ही एक मामला जिला महासमुंद से 12 किलोमीटर दूर ग्राम घोडारी नेशनल हाईवे रोड पर स्थित केसरिया ढाबा में विगत रात्रि केसरिया ढाबा के पूरे स्टाफ उसे परिवार के ऊपर भीड़ गए.
प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत रात्रि नयापारा निवासी मुस्ताक विक्की के जन्मदिन की शुभ अवसर पर केक काटने पश्चात परिवार के साथ सेलिब्रेट करने बाहर खाना खाने की इच्छा चलते नेशनल हाईवे रोड स्थित केसरिया ढाबा पूरे परिवार के साथ पहुंचे.
ढाबा में खाना का आर्डर करने बाद परिवार के बच्चों के द्वारा क्रिकेट खेलने हेतु केसरिया स्थित प्रांगण में क्रिकेट खेल रहे थे. तभी केसरिया ढाबा की कुछ स्टॉफ आकर उनसे बोले हमारे साथ मैच खेलो. किंतु विक्की मुस्ताक परिवार के बच्चों के द्वारा क्रिकेट खेलने से साफ मना कर दिया गया. इसी बात से आवेश में आकर केसरिया ढाबा के स्टाफ के द्वारा धक्का मुक्की करने लगे. धक्का मुक्की को देखते हुए नयापारा निवासी कांग्रेस कार्यकर्ता धीरज सरफराज के द्वारा केसरिया ढाबा की स्टाफ को समझाया जा रहा था कि बच्चे लोग हैं इनको खेलने दो. ऐसा कहने पर तू बीच में बोलने वाला होता कौन है कहते हुए मारपीट करने लगे. आपसी झड़प को देखते हुए केसरिया ढाबा के संचालक अपने पुरे स्टाफ के साथ उस परिवार के ऊपर हमला बोल दिए.


हमला इतना भयावह था कि, धीरज सरफराज के सर पर तलवार से वार किया गया उसके सर पर चोटिल होने पर चार टांके लगे हैं साथ ही उनके सुपुत्र साहिल धीरज सरफराज की दाई आंख पर चोट के निशान है. उनके दामाद अरफराज खान के ऊपर इतनी बार किए हैं,कि उनको रायपुर रिफर किया गया है. और परिवार के अनगिनत लोगों को कहीं ना कहीं चोटिल के निशान है.
मीडिया से मुखातिब होते हुए धीरज सरफराज ने कहां कि, केसरिया ढाबा के संचालक द्वारा कहा गया कि, हमारे ऊपर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का हाथ हैं हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.
श्री सराफराज का यह भी कहना हैं कि, केसरिया ढाबा के संचालक के द्वारा ढाबा नहीं बाहर से गुर्गे बुलवाकर गुंडाराज चलाया जा रहा है.
धीरज सरफराज एवं उनके परिवारों की प्रारंभिक चिकित्सकीय उपचार जिला चिकित्सालय में चल रहा हैं.
समाचार लिखे जाने तक सिटी कोतवाली में प्रारंभिक सूचना दर्ज नहीं की गई है.

ईद मुस्लिमों के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे ईद-उल-फितर कहा जाता है।

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रिपोटर मयंक गुप्ता
महासमुंद / यह पर्व त्याग और अपने मजहब के प्रति समर्पण को दर्शाता है। यह बताता है कि एक इंसान को अपनी इंसानियत के लिए इच्छाओं का त्याग करना चाहिए, जिससे कि एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके। ईद उल फितर का निर्धारण एक दिन पहले चाँद देखकर होता है। चाँद दिखने के बाद उससे अगले दिन ईद मनाई जाती है।

आज सम्पूर्ण भारत में ईद का पवित्र त्योहार मनाया जा रहा है। ईद मुस्लिमों के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे ईद-उल-फितर कहा जाता है। इस दिन मुस्लिम धर्म के लोग नए कपड़े पहनकर मस्जिद में नमाज अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देते हैं। ईद पर घरों में मिठाईयां भी बनाई जाती है और एक-दूसरे के मुंह मीठा कराया जाता है। तो चलिए इस मौके पर जानते हैं कि ईद क्यों मनाई जाती है और इस्लाम में इसका क्या महत्व है।

ईद का क्या मतलब है?

आपको बता दें कि ईद एक अरबी शब्द है। ईद का मतलब होता है खुशी यानि खुशी का वह दिन जो बार-बार आए। ईद पर लोग सारे गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं। इसलिए इसे मोहब्बत या सद्भाव का त्योहार भी कहा जाता है।

क्यों मनाई जाती है ईद?

मुस्लिम धर्म से जुड़े धर्म ग्रंथों के अनुसार पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने जब बद्र की लड़ाई में जीत हासिल की थी, तो उसकी खुशी में लोगों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा करके जश्न मनाया था। पहली बार 624 ईस्वी में ईद मनाई गई थी। उसके बाद से ही हर साल मुस्लिम धर्म से जुड़े लोग ईद मनाते हैं। इस दिन को मीठी ईद या ईद-उल-फितर कहते हैं।

अल्लाह का इनाम है ईद :

दरअसल रमजान के महीने में मुस्लिम धर्म से जुड़े लोग रोजे रखते हैं। इस दौरान वह सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक कुछ नहीं खाते हैं। 30 दिन के रोजे के बाद जब चाँद दिखाई देता है तो उसके अगले दिन ईद मनाई जाती है। ऐसे में माना जाता है कि ईद अल्लाह की तरफ से अपने बंदों को तोहफा है ताकि वह रोजे के दौरान हुई किसी तरह की परेशानी को भूल सकें।

दान करने का महत्व :

ईद के दिन मुसलमान पैसे, कपड़े, मिठाई, भोजन सहित कई तरह की चीजें दान करते हैं। दान को इस्लाम में जकात कहा जाता है। ईद पर जकात का खास महत्व है। रोजे के दौरान भूखे रहने से लोगों को इस बात का अहसास हो जाता है कि एक भूखे और गरीब व्यक्ति का जीवन कैसा होता है। यही कारण है कि ईद पर गरीब व्यक्ति को दान करने का विशेष महत्व है।

आज आयोलाल झूलेलाल जयंती जानिए उनके बारे में.

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सिंधी लोग जल के देवता भगवान वरुण देव के अवतार भगवान झूलेलाल की पूजा करते हैं.

रिपोटर मयंक गुप्ता
महासमुंद / सिंधी समाज में भगवान झूलेलाल को जल और ज्योति के रूप में पूजा जाता है। चैत्र माह में नया वर्ष शुरू होता है। चैत्र से चेटी और चांद से चंड को मिलाकर चेटीचंड नाम इस उत्सव को दिया गया है।

भगवान झूलेलाल सिंधी समुदाय के प्रमुख देवता
यह दिन सिंधियों के लिए बहुत महत्व रखता है, क्योंकि उनका मानना है कि इसी दिन वरुण देव ने झूलेलाल की आड़ में सींधी समुदाय को एक राजा के दमनकारी अत्याचार से बचाने का कार्य किया था, जो हिंदू धर्म और सिंधी संस्कृति दोनों को खत्म करना चाहता था। . इसके अलावा, यह जल देवता की पूजा और आभार व्यक्त करने का दिन है।

देवता झूलेलाल कौन हैं?
झूलेलाल, एक पाकिस्तानी हिंदू संत, जिन्हें उडेरोलाल या ओडेरो लाल भी कहा जाता है। माना जाता है कि वे जल के हिंदू देवता, भगवान वरुण की अवतार थे। उनको मानने वाले लोग मुख्य रूप से सिंधी समुदाय में है। उन्हें दरयाई पंथ का संस्थापक माना जाता है। अधिकांश ग्रंथों में, भगवान झूलेलाल को लंबी सफेद दाढ़ी वाले एक बूढ़े व्यक्ति के रूप में दर्शाया गया है।

पर्व से जुड़ी कथा

सिंधी मान्यताओं को अनुसार, संवत् 1007 में सिंध देश ठट्टा नगर में मिरखशाह नामक एक मुगल सम्राट ने हिंदू आदि धर्म के लोगों को जबरन इस्लाम स्वीकार करवाया था। उसके जुल्म लोगों पर बढ़ते ही गए तब एक दिन सभी महिला-पुरुष व बच्चे सिंधु नदी के पास इकट्ठा हुए। सभी ने बचने के लिए भगवान वरुणदेव से प्रार्थना की और पूजा पाठ, जप, व्रत आदि किए। इसके बाद उन्हें मछली पर सवार एक अद्भुत आकृति दिखाई दी। इसके बाद आकाशवाणी हुई कि, मानवता की रक्षा के लिए मैं 7 दिन बाद श्रीरतनराय के घर में माता देवकी की कोख से जन्म लूंगा।

इसके बाद वरुण देवता ने संत झूलेलाल के रूप में जन्म लिया और सिंधी लोगों को दमनकारी शासक से लोगों को बचाया। इसलिए विशेष दिन पर भगवान झूलेलाल की पूजा की जाती है। जब इस बात का पता मिरखशाह को चला तो उसने इस बालक के मारने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाया। बड़े होकर इस युवक ने एक वीर सेना तैयार की और मिरखशाह को हरा दिया। ऐसा कहा जाता है कि, झूलेलाल की शरण में आने के कारण मिरखशाह बच गया। वहीं भगवान झूलेलाल संवत् 1020 भाद्रपद की शुक्ल चतुर्दशी के दिन अन्तर्धान हो गए। तभी से उनकी स्मृति में ये पर्व मनाया जाने लगा।