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केसरिया ढाबा में जन्मदिन सेलिब्रेट करने गए परिवार के साथ मारपीट..!

मामला नेशनल हाइवे रोड स्थित ग्राम घोडारी के केसरिया ढाबा का..!!

रिपोटर मयंक गुप्ता
महासमुंद / वैसे तो महासमुंद जिला किसी भी मामले में पिछड़ा हुआ नहीं है. जिले में बढ़ रही लगातार मारपीट की वारदातें साथ ही आज हर इंसान अपनी छोटी-छोटी खुशियों को बटोरने अपने परिवार के साथ किसी अच्छे रेस्टोरेंट या मनोरम दृश्य में अपनी और अपने परिवार की यादगार पलों को संजोने के लिए उस पल का बेसब्री से इंतजार करते हैं.


तत्पश्चात ना चाहते हुए भी उस परिवार की खुशियों पर ग्रहण लग जाता है और वह खुशी दर्द और तकलीफों में तब्दील हो जाती है.
ऐसा ही एक मामला जिला महासमुंद से 12 किलोमीटर दूर ग्राम घोडारी नेशनल हाईवे रोड पर स्थित केसरिया ढाबा में विगत रात्रि केसरिया ढाबा के पूरे स्टाफ उसे परिवार के ऊपर भीड़ गए.
प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत रात्रि नयापारा निवासी मुस्ताक विक्की के जन्मदिन की शुभ अवसर पर केक काटने पश्चात परिवार के साथ सेलिब्रेट करने बाहर खाना खाने की इच्छा चलते नेशनल हाईवे रोड स्थित केसरिया ढाबा पूरे परिवार के साथ पहुंचे.
ढाबा में खाना का आर्डर करने बाद परिवार के बच्चों के द्वारा क्रिकेट खेलने हेतु केसरिया स्थित प्रांगण में क्रिकेट खेल रहे थे. तभी केसरिया ढाबा की कुछ स्टॉफ आकर उनसे बोले हमारे साथ मैच खेलो. किंतु विक्की मुस्ताक परिवार के बच्चों के द्वारा क्रिकेट खेलने से साफ मना कर दिया गया. इसी बात से आवेश में आकर केसरिया ढाबा के स्टाफ के द्वारा धक्का मुक्की करने लगे. धक्का मुक्की को देखते हुए नयापारा निवासी कांग्रेस कार्यकर्ता धीरज सरफराज के द्वारा केसरिया ढाबा की स्टाफ को समझाया जा रहा था कि बच्चे लोग हैं इनको खेलने दो. ऐसा कहने पर तू बीच में बोलने वाला होता कौन है कहते हुए मारपीट करने लगे. आपसी झड़प को देखते हुए केसरिया ढाबा के संचालक अपने पुरे स्टाफ के साथ उस परिवार के ऊपर हमला बोल दिए.


हमला इतना भयावह था कि, धीरज सरफराज के सर पर तलवार से वार किया गया उसके सर पर चोटिल होने पर चार टांके लगे हैं साथ ही उनके सुपुत्र साहिल धीरज सरफराज की दाई आंख पर चोट के निशान है. उनके दामाद अरफराज खान के ऊपर इतनी बार किए हैं,कि उनको रायपुर रिफर किया गया है. और परिवार के अनगिनत लोगों को कहीं ना कहीं चोटिल के निशान है.
मीडिया से मुखातिब होते हुए धीरज सरफराज ने कहां कि, केसरिया ढाबा के संचालक द्वारा कहा गया कि, हमारे ऊपर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का हाथ हैं हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.
श्री सराफराज का यह भी कहना हैं कि, केसरिया ढाबा के संचालक के द्वारा ढाबा नहीं बाहर से गुर्गे बुलवाकर गुंडाराज चलाया जा रहा है.
धीरज सरफराज एवं उनके परिवारों की प्रारंभिक चिकित्सकीय उपचार जिला चिकित्सालय में चल रहा हैं.
समाचार लिखे जाने तक सिटी कोतवाली में प्रारंभिक सूचना दर्ज नहीं की गई है.

ईद मुस्लिमों के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे ईद-उल-फितर कहा जाता है।

 

रिपोटर मयंक गुप्ता
महासमुंद / यह पर्व त्याग और अपने मजहब के प्रति समर्पण को दर्शाता है। यह बताता है कि एक इंसान को अपनी इंसानियत के लिए इच्छाओं का त्याग करना चाहिए, जिससे कि एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके। ईद उल फितर का निर्धारण एक दिन पहले चाँद देखकर होता है। चाँद दिखने के बाद उससे अगले दिन ईद मनाई जाती है।

आज सम्पूर्ण भारत में ईद का पवित्र त्योहार मनाया जा रहा है। ईद मुस्लिमों के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे ईद-उल-फितर कहा जाता है। इस दिन मुस्लिम धर्म के लोग नए कपड़े पहनकर मस्जिद में नमाज अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देते हैं। ईद पर घरों में मिठाईयां भी बनाई जाती है और एक-दूसरे के मुंह मीठा कराया जाता है। तो चलिए इस मौके पर जानते हैं कि ईद क्यों मनाई जाती है और इस्लाम में इसका क्या महत्व है।

ईद का क्या मतलब है?

आपको बता दें कि ईद एक अरबी शब्द है। ईद का मतलब होता है खुशी यानि खुशी का वह दिन जो बार-बार आए। ईद पर लोग सारे गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं। इसलिए इसे मोहब्बत या सद्भाव का त्योहार भी कहा जाता है।

क्यों मनाई जाती है ईद?

मुस्लिम धर्म से जुड़े धर्म ग्रंथों के अनुसार पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने जब बद्र की लड़ाई में जीत हासिल की थी, तो उसकी खुशी में लोगों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा करके जश्न मनाया था। पहली बार 624 ईस्वी में ईद मनाई गई थी। उसके बाद से ही हर साल मुस्लिम धर्म से जुड़े लोग ईद मनाते हैं। इस दिन को मीठी ईद या ईद-उल-फितर कहते हैं।

अल्लाह का इनाम है ईद :

दरअसल रमजान के महीने में मुस्लिम धर्म से जुड़े लोग रोजे रखते हैं। इस दौरान वह सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक कुछ नहीं खाते हैं। 30 दिन के रोजे के बाद जब चाँद दिखाई देता है तो उसके अगले दिन ईद मनाई जाती है। ऐसे में माना जाता है कि ईद अल्लाह की तरफ से अपने बंदों को तोहफा है ताकि वह रोजे के दौरान हुई किसी तरह की परेशानी को भूल सकें।

दान करने का महत्व :

ईद के दिन मुसलमान पैसे, कपड़े, मिठाई, भोजन सहित कई तरह की चीजें दान करते हैं। दान को इस्लाम में जकात कहा जाता है। ईद पर जकात का खास महत्व है। रोजे के दौरान भूखे रहने से लोगों को इस बात का अहसास हो जाता है कि एक भूखे और गरीब व्यक्ति का जीवन कैसा होता है। यही कारण है कि ईद पर गरीब व्यक्ति को दान करने का विशेष महत्व है।

आज आयोलाल झूलेलाल जयंती जानिए उनके बारे में.

 

सिंधी लोग जल के देवता भगवान वरुण देव के अवतार भगवान झूलेलाल की पूजा करते हैं.

रिपोटर मयंक गुप्ता
महासमुंद / सिंधी समाज में भगवान झूलेलाल को जल और ज्योति के रूप में पूजा जाता है। चैत्र माह में नया वर्ष शुरू होता है। चैत्र से चेटी और चांद से चंड को मिलाकर चेटीचंड नाम इस उत्सव को दिया गया है।

भगवान झूलेलाल सिंधी समुदाय के प्रमुख देवता
यह दिन सिंधियों के लिए बहुत महत्व रखता है, क्योंकि उनका मानना है कि इसी दिन वरुण देव ने झूलेलाल की आड़ में सींधी समुदाय को एक राजा के दमनकारी अत्याचार से बचाने का कार्य किया था, जो हिंदू धर्म और सिंधी संस्कृति दोनों को खत्म करना चाहता था। . इसके अलावा, यह जल देवता की पूजा और आभार व्यक्त करने का दिन है।

देवता झूलेलाल कौन हैं?
झूलेलाल, एक पाकिस्तानी हिंदू संत, जिन्हें उडेरोलाल या ओडेरो लाल भी कहा जाता है। माना जाता है कि वे जल के हिंदू देवता, भगवान वरुण की अवतार थे। उनको मानने वाले लोग मुख्य रूप से सिंधी समुदाय में है। उन्हें दरयाई पंथ का संस्थापक माना जाता है। अधिकांश ग्रंथों में, भगवान झूलेलाल को लंबी सफेद दाढ़ी वाले एक बूढ़े व्यक्ति के रूप में दर्शाया गया है।

पर्व से जुड़ी कथा

सिंधी मान्यताओं को अनुसार, संवत् 1007 में सिंध देश ठट्टा नगर में मिरखशाह नामक एक मुगल सम्राट ने हिंदू आदि धर्म के लोगों को जबरन इस्लाम स्वीकार करवाया था। उसके जुल्म लोगों पर बढ़ते ही गए तब एक दिन सभी महिला-पुरुष व बच्चे सिंधु नदी के पास इकट्ठा हुए। सभी ने बचने के लिए भगवान वरुणदेव से प्रार्थना की और पूजा पाठ, जप, व्रत आदि किए। इसके बाद उन्हें मछली पर सवार एक अद्भुत आकृति दिखाई दी। इसके बाद आकाशवाणी हुई कि, मानवता की रक्षा के लिए मैं 7 दिन बाद श्रीरतनराय के घर में माता देवकी की कोख से जन्म लूंगा।

इसके बाद वरुण देवता ने संत झूलेलाल के रूप में जन्म लिया और सिंधी लोगों को दमनकारी शासक से लोगों को बचाया। इसलिए विशेष दिन पर भगवान झूलेलाल की पूजा की जाती है। जब इस बात का पता मिरखशाह को चला तो उसने इस बालक के मारने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाया। बड़े होकर इस युवक ने एक वीर सेना तैयार की और मिरखशाह को हरा दिया। ऐसा कहा जाता है कि, झूलेलाल की शरण में आने के कारण मिरखशाह बच गया। वहीं भगवान झूलेलाल संवत् 1020 भाद्रपद की शुक्ल चतुर्दशी के दिन अन्तर्धान हो गए। तभी से उनकी स्मृति में ये पर्व मनाया जाने लगा।

*कर्मा जयंती की 1008 वी वर्षगांठ पर डोंगरीपाली में निकाली गई कलश यात्रा*

रिपोटर मयंक गुप्ता

महासमुंद/ग्राम डोंगरीपाली में कर्मा जयंती के अवसर पर विगत दिनों कलश यात्रा के साथ भक्त माता कर्मा की पुजा,अर्चना कर प्रसाद वितरण समस्त ग्रामवासी को किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चमन लाल साहू महासचिव राजिम भक्तिन समिति राजिम अध्यक्षता सेवा राम साहू अध्यक्ष साहू समाज खल्लारी परिक्षेत्र विशिष्ट अतिथि युगलकिशोर साहू, भुवन लाल साहू थे. मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन के दौरान मां कर्मा के आदर्शो पर चलने कहा एवम युवाओं को समाज में आगे बढ़ने हेतु प्रोत्साहित किया गया। श्री सेवा राम साहू युगल किशोर साहू ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया.*
इस दिन बोर्ड परीक्षा कक्षा 5 वी बोर्ड में कु. सोनाक्षी साहू को कक्षा 8 वी कु.योगिता साहू को बे कक्षा 10 वी में कु तनुजा को माधुरी साहू सभी विद्यार्थी को पुरस्कार प्रदान किया गया
विशेष अतिथि भुवन साहू, कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चंदूलाल साहू,बिंदु साहू महिला उपाध्यक्ष साहू समाज खल्लारी,मनीष चंद्राकर ब्यवस्थापक सहकारी समिति मामाभांचा पुरुषोत्तम साहू , सारकेत साहू ,भूषण नामदेव स लोमेश कुमार साहू, राधेलाल बृजलाल साहू , सुरेंद्र कुमार साहू , मेहतर लाल ,गोवर्धन ,चेतन,थानुराम ,हेमलाल ,ओमप्रकाश ,सुभाषपुरी,लूकेश, भगवानी, यादराम पटेल,माखन , चैतराम सोनवानी, रिखीराम, शीतल , प्रमोद, साकेत,नारायण, पुनीत यादव , महिलाओं में श्रीमती कमला हिमांशी , मधु , ऋतु, रेवती, टाकेश्वरी , संतोषी बाई आदि बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे रात्रि कालीन कार्यक्रम जय माधव सुवा पार्टी कौवाझर द्वारा शानदार प्रस्तुति दिया गया मंच संचालन मनोहर लाल साहू ने किया उक्त जानकारी छ. ग.आई टी प्रकोष्ठ के संयुक्त सचिव हेमन कुमार साहू ने दी है.

मेहुल का हुआ चयन जवाहर नवोदय विद्यालय सरायपाली

 

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / शासकीय प्राथमिक शाला लक्ष्मीपुर, संकुल केंद्र मुनगासेर, वि.खं.बागबाहरा, जिला महासमुंद के मेधावी छात्र मेहुल कुमार साहू, पिता दिलीप कुमार साहू (शिक्षक), मोंगरापाली, माता मोतिन प्रभा साहू, का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय सराईपाली में 6 वे रैंक से होने एवं सैनिक विद्यालय अंबिकापुर के साथ साथ नवीन सैनिक स्कूल रायपुर एवं बिलासपुर के लिए भी लिखित परीक्षा में चयन होने पर शाला परिवार की ओर से प्रधान पाठक नारायण चंद्राकर, शिक्षिका श्रीमती हेमलता चंद्राकर, संकुल समन्वयक नैन सिंह चक्रधारी ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की है ।
ज्ञात हो कि वर्ष 2022 में इनके बड़े भाई आयुष कुमार साहू ने पूरे महासमुंद जिले में प्रथम स्थान से नवोदय विद्यालय सराईपाली में चयन होकर अपने विद्यालय एवं परिवार का नाम गौरान्वित किया था।
इस विषेश अवसर पर मेहुल के पिता शिक्षक दिलीप कुमार साहू के स्कूल के शिक्षक एवं संकुल मोंगरापाली के नोडल प्राचार्य विकास साहू एवं संकुल समन्वयक ठाकुर राम साहू के साथ साथ पूरे मोंगरापाली संकुल के समस्त शिक्षकों ने भी छात्र को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की है.

छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस के नये पदाधिकारी एवं उसके उत्तरदायित्व सौंपा गया.

रिपोर्टर मयंक गुप्ता

रायपुर /छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस के नये पदाधिकारी एवं उसके उत्तरदायित्व की जानकारी छत्तीसगढ़ अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैरा जी ने, छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस के अध्यक्ष रामविलास साहु जी की अनुशंसा एवं अनुमोदन पर किसान कांग्रेस के पुराने प्रदेश प्रबधकारणी समीति को भंग करके उसके स्थान पर नए प्रबंध कारणी समीति का गठन करते हुए प्रथम सूची जारी किया हैं जिसमें प्रदेश प्रभारी महामंत्री, संगठन, एवं प्रशासन के अलावा 6 उपाध्यक्ष 35 महामंत्री मिडिया प्रभारी, प्रवक्ता, एवं कार्यालय प्रभारी को जगह दिया गया हैं, दुसरी सूची जल्द प्रदेश महासचिव, एवं प्रदेश सचिव की जारी करेंगी।

छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस के नये पदाधिकारी एवं उसके उत्तरदायित्व की जानकारी
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*प्रदेश अध्यक्ष -*
रामबिलास साहू मों 9669029290

*प्रदेश उपाध्यक्ष -* शैलेश कुमार सिंहदेव मों9098589965

2 राजेश जैन मों 9893241364

3 झमन बघेल मों 7999169347

4 जागेन्द्र पाण्डेय मों 62614664946

5 अवध साहू मों 9981076745

6 विनय शुक्ला मों 877074003

*प्रदेश प्रभारी महामंत्री-*

1 गौरीशंकर पांडे प्रदेश प्रभारी महामंत्री (संगठन) मों 9131971232

2 अकील हुसैन प्रदेश प्रभारी महामंत्री (प्रशासन) मों 9425532686

*प्रदेश प्रवक्ता -*
श्री हरि ओम सोनी मों 9907994441

*मीडिया प्रभारी -*

चन्द्र प्रकाश कुंडे मों 7000170456

कार्यालय प्रभारी

(1) राजेश पांडे मों9926153111

(2) देवकुमार कौशिक 9617570657

*प्रदेश महामंत्री-*

1 बिमलेश तिवारी मों 9131855481

2 शशिकान्त श्रीवास्तव मों 9425256569

3 श्रीमती मीनाक्षी ठाकुर मों 9644094332

4 मुकेश चंद्राकर मों 8815254556

5 रणविजय सिंह तोमर मों 9425587110

6 दीपक पाण्डेय मों 9993453114

7 हरप्रीत सिंग मों 9981571030

8 संतोष सिंह मों 9009370251

9 बसन्त पटनायक मों 8357998009

10 देवनरायन बांधे मों 8139999450

11 शशांक मिश्रा मों 8817231747

12 मोजी राम साहू मों 9424134651

13 राजेश पाण्डेय मों 9926153111

14 श्रीमति कुसुमलता साहु मों 6268011448

15 नीरज सोनी मों 9770523970

16 संतोष दुबे मों 9425231235

17 संतोष कौशिक मों 7000232013

18 उत्तम जघेल मों 9390679940

19 दिनेश यादव मों 9617817404

20 मुकेश देवांगन मों 8815254556

21 संजू गौत्तम मों 9907238777

22 मोती राम साहू मों 7067234166

23 शिवा पाण्डेय मों 9425546614

24 नुरुल रिजवी मो 8516900786

25 शिवदत्त पांडेय मो 6264449518

26 जितेंद्र पटेल मो 6265564514

27 देवसिग रात्रे मों 7879326853

28 गजेंद्र सिन्हा मों 7489232484

29 कमलगिरी गोस्वामी मों 9340346753

30 योगेश शर्मा मों 9300111988

31 पूरन जयसवाल मों9406226197,

32 रितेश सेठिया मों 9340347981,

33 शिवराम नाग मों 9644724093,

34 राजेंद्र साहू मों 8120987048

35 आत्माराम अंचला मों 700091929

नोट– अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के संगठन प्रभारी अखिलेश शुक्ला जी के निर्देश पर सूची जारी,वहा से जारी नियुक्ति पत्र साथ में सलंग्न।

बागबाहरा ब्लॉक में पदस्थ प्रधान पाठक देवशरण डडसेना निकला चावल चोर…?

शिक्षा विभाग को शर्मसार करता हुआ एक प्रधान पाठक चढ़ा ग्रामीणों के हत्थे…!

रिपोटर मयंक गुप्ता
महासमुंद / मध्याह्न भोजन योजना, भारत सरकार की एक योजना है जिसके अन्तर्गत पूरे देश के प्राथमिक और लघु माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों को दोपहर का भोजन निःशुल्क प्रदान किया जाता है। नामांकन बढ़ाने, प्रतिधारण और उपस्थिति तथा इसके साथ- साथ बच्चों में पौषणिक स्तर में सुधार करने के उद्देश्य से 15 अगस्त 1995 को केन्द्रीय प्रायोजित स्किम के रूप में प्रारंभिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पौषणिक सहायता कार्यक्रम शुरू किया गया था। अधिकतर बच्चे खाली पेट स्कुल पहुँचते हैं, जो बच्चे स्कूल आने से पहले भोजन करते हैं, उन्हें भी दोपहर तक भूख लग जाती है और वे अपना ध्यान पढाई पर केंद्रित नहीं कर पाते हैं। मध्याह्न भोजन बच्चों के लिए ” पूरक पोषण ” के स्रोत और उनके स्वस्थ विकास के रूप में भी कार्य कर सकता है।
इसी तारतम्य में बागबाहरा ब्लाक के मिडिल स्कुल डोंगरगांव के प्रधान पाठक देवशरण डड़सेना द्वारा बच्चों के निवाला को चोरी कर अपने गृह ग्राम छिबर्रा अपनी मोटर सायकल से ले जाते हुये ग्रामीणों द्वारा रंगे हाथों पकड़ा गया । ग्रामीणों के सामने बेबाकी से खुलेआम चांवल ले जाने की बात वायरल वीडियों में स्वीकार कर चोरी और सीनाजोरी करते दिखाई दे रहे है । ज्ञात हो कि,शासन की योजना के तहत स्कुली बच्चों के मध्यान्ह भोजन के लिए खाद्य वितरण केन्द्र से स्कुलों के लिए चांवल आवंटित किया जाता हैं. जिसे प्रधान पाठक के माध्यम से स्कुलों तक भेजा जाता है । ग्रामीणों ने बताया कि, हमारे ग्राम डोंगरगांव स्कुल का हेडमास्टर देवशरण डडसेना द्वारा कई बार बच्चों के लिए आए चांवल की बोरी को चोरी छिपे अपने घर ले जाया जाता रहा । रसोईया द्वारा बच्चों के लिए चांवल कम देने की शिकायत ग्रामीणो को बताई थी। तब ग्रामीण प्रधान पाठक देवशरण डड़सेना को रंगे हाथ पकड़ने के फिराक में थे और अंततः प्रधान पाठक श्री डडसेना को अपने मोटर सायकल से चावल चोरी करते ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिये । ग्राम डोंगरगांव के ग्रामीण में राजकुमार ने बताया कि, प्रधान पाठक देवशरण डड़सेना द्वारा स्वयं की दुपहिया वाहन क्रमांक CG 06-GH 7305 हीरो पैशन प्रो में लादकर ले जाया जा रहा था,इसके पूर्व में इनके द्वारा प्लास्टीक की थैली से 15 से 20 किलो मध्यान्ह भोजन का चांवल चोरी कर ले जाया करते थे । प्राथमिक शाला में चस्पीत सूची अनुसार बच्चो को खाना नहीं दिया जाता है. निर्धारित मिनू में भी भ्रष्टाचार कर बच्चों के हलक से निवाला छिनने में माहिर प्रधान पाठक पर क्या सिटी कोतवाली द्वारा कार्यवाही कर जेल भेजा जायेगा या फिर जांच के नाम पर लीपापोती कर शिक्षा विभाग द्वारा मामले को कफन दफ़न कर फ़ाइल क्लोज कर दी जाएगी । शासन प्रशासन द्वारा एक ओर प्रधान पाठक जैसे शिक्षक को 70 से 80 हजार पगार दे रही है. इस तरह से यह करतूत सम्पूर्ण शिक्षा जगत के ऊपर कालिख पोतने के समान है. ऐसी वाक्यांश में वर्तमान सरकार किस तरह से कार्यवाही करेगी या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डालेगी. आगे बने रहिएगा बेबाक बयान न्यूज़ के साथ…! हर बात खुलकर, हर राज खुलकर

शासकीय नौकरी की आड़ में RMA शिवकुमार साहू चला रहे, फर्जी क्लिनिक…?

RMA शिव कुमार समझते हैं, अपने आप को MBBS डॉक्टर..!

  1. रिपोर्टर मयंक गुप्ता
    महासमुंद / आधुनिक तकनीकी एवं वैकल्पिक व्यवस्था हेतु आज स्वास्थ्य विभाग का स्तर भी लगातार वृद्धि एवं बढ़ोतरी की ओर है. बता दे आज लोगों को अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिले इस हेतु केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा करोड़ों नहीं रुपयों की सौगात छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिलों एवं ग्राम पंचायतो मैं मुहैया करवा रही है. ताकि लोगों को अच्छी से अच्छी चिकित्सकीय इलाज का लाभ मिल सके ,किंतु जिस तरह से देश की आबादी बढ़ती जा रही है. वैसे ही बेरोजगारी, कालाबाजारी भ्रष्टाचारी, कलाकारी, गरीबी की महामारी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. आज जो देश की हालत है कि, एक शासकीय कर्मचारी अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाते है कारण है कि आज जो इनको सैलरी मेहताना के रूप में मिलता है.किंतु वे अपने परिवारों की सिर्फ ज़रूरतें ही पूर्ण कर पाते हैं. लेकिन इनकी और इनके परिवारों की महत्वाकांक्षी इच्छाओं की पूर्ति करने हेतु आज एक कर्मचारी अपनी चलती हुई नौकरी की परवाह न करते हुए. अवैधानिक तरीके से पैसा कमाने की जुगाड़ में लगे हुए हैं. और तो और गलत कार्य करने वाले कर्मचारियों की हौसले इतने बुलंद हो जाते है कि उनको कोई चीज़ की फिक्र नही रहती और तो और उनको संरक्षण देने वालो की तादात बढ़ जाती है आज आप देख सकते है कि केवल एक ही क्षेत्र नही अपितु अनेको क्षेत्रों की गलत तरीके से पैसा कमाने वाला की होड़ लगी है इनको एक नाम यह भी यह भी दिया गया है चोर -चोर मौसरे भाई एक गलत तरीके से पैसा कमाने वालो का साथ देने वाला भी बराबर का उसी श्रेणी में आता है वो कहां जाता है कि यदि आप एक रुपये की चोरी करते है या करोड़ो रूपये की चोरी करते है कानून के हिसाब से उनकी धारा भी लगभग एक जैसी होतीं है ! इन्ही कड़ियों में जिला महासमुन्द के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पिथौरा विकास खण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत भुरकोनी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ शिव कुमार साहू ग्रामीण स्वास्थ्य चिकित्सक निवासी बुंदेली द्वारा लगातार शासकीय नियम नर्सिंग होम एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही है बता दे श्री साहू द्वारा जबसे ग्रामीण स्वास्थ्य चिकित्सक रूप में पदस्थ है वे अपने आपको किसी धारी डॉक्टर (MBBS) से कम नही समझते है और वह बे-खोफ होकर अपने निवास स्थान में ग्राम पंचायत बुंदेली हॉस्पिटल क्लिनिक संचालित कर रहे है। विश्वनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री साहू ग्रामीण स्वास्थ्य चिकित्सक सालों से यहां पर अपनी शासकीय नौकरी के साथ-साथ अवैध रूप से क्लीनिक का संचालन कर रहे हैं विगत दिनों दिनांक 20 मार्च 2024 को मीडिया की टीम की पड़ताल के दौरान शिवकुमार साहू ग्रामीण स्वास्थ्य चिकित्सक के साथ अपने निवास स्थान ग्राम पंचायत बुंदेली में अवैध रूप से क्लीनिक संचालन करते हुए पाए जाने पर मीडिया की कथित जवाब में श्री साहू द्वारा आप लोग कौन होते हो मेरे घर में इस तरह से दाखिल होने वाले मैं आप लोगों के खिलाफ थाने में F.I.R. दर्ज करवाऊंगा ऐसा श्री साहू द्वारा कहा गया इस तथ्य की पुष्टि हेतु पिथौरा के खंड चिकित्सा अधिकारी बी.बी. कोसरिया को भी दूरभाष के माध्यम से अवगत कराया गया श्री कोसरिया द्वारा कहा गया जो गलत है उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी आप एक शिकायत पत्र प्रेषित कर दीजिए मैं कार्रवाई करवाता हूं जबकि ग्रामीण स्वास्थ्य चिकित्सक का कार्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक ओ.पी.डी. में मरीजों को देखने का है मीडिया द्वारा महासमुंद जिले के पदस्थ जिला चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को भी दूरभाष के माध्यम से संज्ञान दिया गया जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पी. के. कुदेशिया को भी शिव कुमार साहू को डांटते हुए कहा गया क्या आपको यह अधिकार है यह अधिकार किसने दियाहै तो मैं तुरंत तुमको सस्पेंड करता हूँ तब समझ मे आएगा।      शासकीय नौकरी की आड़ में RMA शिवकुमार साहू चला रहे, फर्जी क्लिनिक…?                         

जनपद पंचायत महासमुंद में 39 लाख का गड़बड़ झाला …!

जांच के नाम से अधिकारियों के पसीने से आने लगी बदबू….?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / आप यकीन करें या न करें किन्तु यह बात सौ टका सच हैं.विश्व में फैले वैश्विक महामारी ने सबको झकझोर कर रख दिया था. किन्तु कोरोना महामारी की आड़ में लाखों लोगों ने अपने परिवार को तड़पकर मरते हुये देखे और खोये हैं, कोरोना महामारी किसी के लिये वरदान तो किसी के लिये अभिशाप साबित हुआ जिसकी बहुतों ने चाहे छोटे व्यापारी हो या बड़ा व्यापारी लुत्फ़ उठाने में कोई कसर नहीं छोड़े और इंसानियत की सारे हदे पार कर दिया गया . जिसकी औकात दुपहिया लेने की नहीं थी. वो आज चार पाहियों व बड़ी बिल्डिंग के स्वामित्व भी बन गये. इसी महामारी की आड़ लेकर ऐसा ही एक घटना छत्तीसगढ़ के महासमुन्द जनपद पंचायत व जिला पंचायत जिला का सामने आया. ज्ञात हो कि, महासमुन्द जिला के जनपद पंचायत महासमुन्द में कोविड काल के समय केंद्र सरकार द्वारा 15वे वित्त मद आयोग की राशि जिले के समस्त जनपद पंचायतों में आई थी. जिसको सभी ग्राम पंचायतों में कोरोना से पीड़ित व्यक्तियों के उपयोग हेतु सेनेटाइजर मास्क,क्रय कर पंचायतों पहुँचाना था. बात करें महासमुंद जनपद पंचायत की तों कोविड सम्बन्धी सामग्री तो पहुँची और क्रय भी किया गया किन्तु फर्जी बिल व्हाऊचर बनाकर लेकिन किसने देखा सामग्री क्रय हुई और कब पहुँची ग्राम पंचायतों में क्योंकि सबको तो अपनी और अपनो की जान की पड़ी थी! क्योंकि महामारी ऐसी थी. जिसका भय मात्र से तो नाम सुनते ही रूह कांप जाती थी ! खैर भगवान ना करे ऐसे दिन हमारे प्रदेशवासियों को दोबारा देखने को मिले.
हम बात जनपद पंचायत महासमुंद की कर रहे है. जहा पर 15वे वित्त मद आयोग की राशि 39 लाख रुपये का है. क्या उस मामले में चल रही जांच को दबाने का प्रयास किया जा रहा है..? क्या वह जांच फिर दब जायेगी..? क्योंकि यह पहली ऐसी जांच है जो 2 वर्षो से कछुवे की चाल में चल रही है. कभी जांच अधिकारी सेवा निवृत हो जाते है, तो कभी जांच अधिकारी का ट्रांसफर कर दिया जाता है..? क्या उसमे भी जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.आलोक की संलिप्तता होना लाजमी है..? 39 लाख रुपयों की हेराफेरी को गंभीरता से नही लेना अपने आप में प्रश्न वाचक चिन्ह है..? मिडिया की टीम द्वारा कई बार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से संपर्क साधने का प्रयास किया गया कि, किन्तु जिला सीईओ द्वारा क्या कार्यवाही की गई.किन्तु सीईओ द्वारा मामले को टालमटोल कर कफन-दफ़न कर निपटारा हेतु हमेशा दौरे का हवाला देते रहे और मिले तो अपने चेम्बर से बाहर आकर जवाब देते है कि, मैं उसमे क्या कर सकता हूँ.
जनपद पंचायत करेगा या जिला के कलेक्टर करेंगे उसमे मैं क्या कर सकता हूं… ? ऐसा उनके द्वारा जवाब दिया जाता है. शिकायतकर्ता ने इस मामले में जों शिकायत की हैं उसमे साफ शब्दो में लिखा हैं. जों कर्मचारी इस मामले में संलिप्त है. वह कर्मचारी जिला पंचायत कार्यालय का ही है. उस कर्मचारी को जनपद पंचायत महासमुन्द में बैठा कर रखे हुये है.शिकायतकर्ता द्वारा कुछ दिन पहले जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी मिशा कोसले द्वारा उस मामले में चर्चा किया गया तो उनके बताया गया मैंने अपना काम कर दिया हैं. जांच कर के जिला पंचायत कार्यालय में जमा कर दिया है उनके द्वारा निष्पक्ष जांच की गई है.अब संशय की स्थिति यह बन रही है कि, जांच होने के बाद अब कार्यवाही लंबित क्यों हैं. इस मामले में 39 लाख रुपयों का झोलझाल जितनी तेजी से हुई थी उतनी तेजी से जांच टीम द्वारा जांच करने में पसीने क्यों छूट रहे हैं. लेकिन दोषियों के ऊपर कार्यवाही को क्यों रोक कर रखी गई है..?
केंद्र सरकार के पैसे को गबन किया गया जबकि राज्य में उनकी सरकार नही थी अब तो उनकी सरकार है फिर भी जांच को संज्ञान में नही लिया जा रहा है. अगर ऐसा होता रहा तो भ्रस्टाचारियो के हौसले दिन ब दिन बुलंद होते रहेंगे । शिकायतकर्ता द्वारा कहा गया हैं कि,अभी इस मामले के बाद एक और मामला जिला पंचायत में पदस्थ कर्मचारी का सामने लाने वाला हूँ…? जिसके द्वारा पूरे क्रय-विक्रय के नियमो की धज्जियां उड़ा दिया गया है ।

यह दुपहिया वाहन विगत दो दिनों से खड़ी हैं मालिक का पता नहीं…!!

 

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / स्थानीय मचेवा रोड में एक हीरो हौंडा कंपनी की दुपहिया वाहन क्रमांक सी जी 06 के 7897 खड़ी हैं. आंगनतुको से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त वाहन कोई विगत 2 से 3 दिन पूर्व छोड़ कर चला गया हैं.

जिस किसी ने भी वक्त वाहन किसकी हैं उस तक सन्देश पंहुचा सकते हैं.