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गांव बना छावनी, जमीन विवाद के चलते दो गुट आपस में भिड़े ।

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / शहर से 7 किलो मीटर दूर ग्राम लाफिन खुर्द बना छावनी। गांव के दो समुदाय के बीच जमीन को लेकर हो रहा है विवाद। जिला पुलिस के आला अधिकारी और राजस्व विभाग के आला अधिकारी गांव में डटे हुए हैं।

हम आपको बता दे कि, महासमुंद से लगभग 7 किलो मीटर दूर लाफिंनखुर्द में राजस्व नक्शे की त्रुटि के चलती गांव के ही दो समुदाय के बीच भारी विवाद हो गया है। विवाद के चलते गांव में बलवा की आशंका भी बनी हुई है। जिला पुलिस और जिला प्रशासन को मामले की भनक लगते ही पुलिस विभाग के सैकड़ों सिपाही और आला अधिकारी राजस्व विभाग के एस डी एम तहसीलदार नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी गांव में डटे हुए।

ग्रामीणों का कहना है कि एक समुदाय के द्वारा वर्तमान घास जमीन पर अपने धर्म गुरु की स्तंभ आज लगा दिया गया है जिसका विरोध वहां के दूसरे समुदाय के लोगों कर रहे हैं। मामले की जानकारी मिलते ही तत्काल पुलिस पहुंच गई और मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है। ग्राम के पटवारी ने बताया कि जिस जमीन पर एक समुदाय ने अपने धर्म गुरु का स्तंभ गड़ा दिया है। वह जमीन पुराने राजस्व रिकॉर्ड में पांच व्यक्तियों के नाम से जमीन बताई जा रही है।

भाजपा सरकार की महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण को दे रहा बढ़ावा-देवेंद्र

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* 9वीं किस्त जारी होने से दीपावली की खुशी हुई दोगुना

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद। भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला सह संयोजक देवेंद्र चंद्राकर ने कहा कि ऐन दीवाली पर्व से पहले प्रदेश के 70 लाख महिलाओं को सरकार द्वारा राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू के हाथों महतारी वंदन की 9वीं किस्त प्रदान किया गया। एक माह में ही दो बार 1-1 हजार रुपए महिलाओं के बैंक खाते में आने से पर्व खुशी दोगुनी हो उठी है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में महिलाओ के आर्थिक स्वावलंबन तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मंे सतत सुधार तथा परिवार में उनकी निर्णायक भूमिका सुदृढ़ करने, समाज में महिलाओं के प्रति भेदभाव, असमानता एवं जागरूकता की कमी को दूर करने एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भाजपा सरकार ने “महतारी वंदन योजना” शुरू किया। आज यह योजना विवाहित महिलाओं के स्वावलंबन की दिशा में सहायक सिद्ध हो रहा है। इस योजना ने प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाने का काम किया है। राज्य शासन द्वारा महतारी वंदन योजना की अब तक 9 किस्त जारी की जा चुकी है। इस योजना के माध्यम से कई महिलाएं आज सब्जी, भाजी बेचकर तथा अनेक स्वरोजगार अपनाकर स्वावलंबी बन रही हैं।
श्री चंद्राकर ने कहा कि, महतारी वंदन योजना कई ऐसे महिलाओं की सहारा बना, जो एकांकी जीवन व्यतीत कर रहे थे। विधवा, परित्यक्ता, निराश्रित हर वर्ग के माताओं – बहनों को अब जीवन यापन के लिए किसी के आगे हाथ फैलाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के 70 लाख माताओं-बहनों को सशक्त बनाने का जिम्मा उठाया है। इसके अलावा लखपति दीदी योजना भी महिला सशक्तिकरण का मिसाल बना है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से प्रशिक्षित महिलाएं आज विभिन्न क्षेत्रों में स्वरोजगार कर रही है। श्री चंद्राकर ने कहा कि भाजपा सरकार ने साल भर के भीतर ही प्रदेश की माताओं-बहनों के जीवन में खुशहाली लाने का अतुलनीय कार्य किया है।

मिली कामयाबी – महासमुंद रेल्वे स्टेशन में मादक पदार्थ के साथ घुमंतु प्राणी, चढ़ा आबकारी के हत्थे।

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सूत्र द्वारा प्राप्त सूचना में आबकारी विभाग ने बरामद किये 14 किलो गांजा के साथ एक आरोपी  , बाजार मूल्य 1,40,000 रूपये

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जिला कलेक्टर महासमुंद विनय लंगेह के निर्देशन एवं प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी निधीश कुमार कोष्टी के मार्गदर्शन में विगत दिनांक 24/10/2024 को आबकारी नियंत्रण कक्ष महासमुन्द में मुखबिर द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर सहायक ज़िला आबकारी अधिकारी दीपक कुमार ठाकुर द्वारा आबकारी विभाग कर्मचारियों के साथ रवाना होकर गवाहों को नोटिस जारी कर आरोपी के संबंध में जानकारी अनुसार महासमुंद रेल्वे स्टेशन पहुंचे। आर.पी.एफ.थाना महासमुन्द को सूचित कर संयुक्त रूप से महासमुन्द रेल्वे प्लेटफॉर्म क्रमांक 01 में सूत्र के बताए अनुसार ट्रॉली बैग के साथ एक व्यक्ति ग्राहक की तलाश में खड़ा था । संदेही व्यक्ति से पूछताछ करने पर अपना नाम मिथुसिल सागर पिता सनत सागर उम्र – 51वर्ष , जाति _ईसाई,निवासी नायला हाउस, गंगवाल पार्क,गली नंबर 02,जवाहर नगर,जयपुर , राजस्थान का निवासी होना बताया। उक्त संदेही व्यक्ति को मुखबिर द्वारा सूचना से अवगत कर तलाशी हेतु सहमत होने पर अपने पास रखे भूरे रंग के ट्रॉली बैग में 08 पैकेट पीले रंग पॉलीथिन में 8 किलो एवं एक सफेद रंग के पॉलीथिन में 1 किलो तथा 5 हरे रंग के प्लास्टिक पॉलीथिन में 5 किलो गांजा बरामद किया गया। संदेही व्यक्ति के पास कुल 14 किलो मादक पदार्थ गांजा जिसकी बाजार मूल्य 1,40,000 रूपये आंकी गई। मौके पर निरीक्षण करने पर गांजा होना सिद्ध पाये जाने पर आरोपी को एनडीपीएस की धारा 20 (ख)(ii)(B) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया। उक्त कार्यवाही आबकारी वृत्त महासमुंद शहर प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी दीपक कुमार ठाकुर द्वारा की गई । संपूर्ण कार्यवाही में आबकारी उप निरीक्षक शिवशंकर नेताम, मुकेश कुमार वर्मा, विकास बढ़ेद्र, नितेश सिंह बैस, आबकारी आरक्षक संजय मरकाम एवं रेलवे पुलिस बल से निरीक्षक पी.एस. धाकड़, उपनिरीक्षक के.एस.प्रकाश, उपनिरीक्षक एम.एस.नाग ,आरक्षक क्र. 0724 जय भगवान, 0409 धरम पाल मीणा संयुक्त रुप से कार्यवाही में उपस्थित रहे।

क्या समर्थन मूल्य धान खरीदी मे सहकारी कर्मचारी लगाएंगे ग्रहण..?

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प्रदेश संघ के आह्वान पऱ जिले के 700 से अधिक कर्मचारी होंगे हड़ताल मे शामिल !

सुखत नहीं तो खरीदी नहीं की जिद्द पर होगा आंदोलन – जयप्रकाश

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जिले समेत प्रदेश के किसानो को चिंतित करने वाली खबर है अपने तीन सूत्रीय मांगो को लेकर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने आंदोलन का शंखनाद कर दिया है. यदि ऐसा होता है तो समर्थन मूल्य पऱ धान की खरीदीमे ग्रहण लग सकता सकती है.


संघ के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू, तुलाराम ध्रुव,मनीष चंद्राकर मनोज भारद्वाज भेख लाल यादव, कौशल साहू,ईश्वर पटेल, भोजराम साहू, दुवन चंद्राकर,राजेंद्र साहू,के मुताबिक कर्मचारियों को मिलने वाली अनियमित वेतन हेतु वेतन अनुदान3लाख प्रति समिति प्रति वर्ष , धान खरीदी की नीतियों मे संसोधन धान मे सुखत का प्रावधान ,एवं जिला सहकारी बैंक मे होने वाली भर्तियों मे आरक्षण जैसी विषयो को लेकर प्रदेश संगठन ने आगामी 4 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल हेतु सुचना शासन प्रशासन को दी है जिसका महासमुंद के सहकारी समिति कर्मचारियों ने स्वागत करते हुए हड़ताल मे शामिल होने की बात कही है.

धान खरीदी की प्रारम्भिक तैयारियो के निर्देश, नहीं मिली राशि
इधर समर्थन मूल्य मे धान खरीदी के तैयारी हेतु शासन प्रशासन के निर्देश सहकारी समितियों को प्राप्त हुए है लेकिन इन पऱ होने वाली खर्च की राशि समितियों को अप्राप्त है.जिससे धान खरीद की तैयारियां बेहतर नहीं हो पा रही.

जिले का आधे से ज्यादा समितियों को चार महीने से नहीं मिला वेतन, कर्मचारियों की दीवाली रहेगी फीकी

जानकारी के मुताबिक जिले के आधे से ज्यादा समिति के कर्मचारियों को बीते चार माह से वेतन नहीं मिला है, दीवाली जैसे राष्ट्रीय त्यौहार मे वेतन नहीं मिलने का भी गुस्सा कर्मचारियों मे है यही हाल पुरे प्रदेश का है जिसका असर आगामी 4 नवंबर को होने वाले हड़ताल मे होगा जिसमे जिले के करीब 700कर्मचारी जिसमे समिति प्रबंधक, लिपिक, विक्रेता, प्रोसेसर्वर, चपरासी, चौकीदार शामिल होंगे.

शिक्षकों की मांग पूरी नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन।

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पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षक संघ हड़ताल पर ।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जिले सहित पूरे प्रदेश भर में अपनी 5 सूत्री मांगों को लेकर आज शिक्षक संघ ने एक दिवसीय हड़ताल कर दिया है। शिक्षकों के हड़ताल पर जाने से प्रदेश भर के स्कूलों में ताला बंद की तिथि निर्मित हो गई।
हम आपको बता दे कि, आज शहर के लोहिया चौक में हजारों की तादात में महिला पुरुष शिक्षाकर्मी अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। शिक्षाकर्मी संघ ले छत्तीसगढ प्रदेश के भाजपा सरकार और मोदी की गारंटी पर सवाल खड़े करते हुए सरकार पर अपना आक्रोश निकाला है। शिक्षाकर्मी ने केन्द्र की मोदी सरकार और राज्य की भाजपा सरकार प्रकार करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार फेल हो गई है। सत्ता में आने से पूर्व भारतीय जनता पार्टी ने मोदी की गारंटी का हवाला देते हुए वोट मांगा और सत्ता में आते ही अपने सारे वादे भूल गए हैं शिक्षक संघ अपनी मांगो लेकर कहा है कि सरकार ने मांगे पूरी नहीं किया तो आगामी दिनों में प्रदेश भर के शिक्षाकर्मी संघ क्रमबद्ध आंदोलन कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
शिक्षकों के हड़ताल की वजह से छात्र छात्राओं के पढ़ाई पर बहुत ज्यादा फर्क पड़ने वाला शिक्षा के गिरते स्तर पर शिक्षकों ने कहा है कि राज्य सरकार को ना तो बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है और ना ही सरकार को शिक्षकों के भविष्य की शिक्षको चिंता है मजबूरी में हर साल शिक्षकों को हड़ताल पर जाने के लिए सरकार विवश करती है।
आज लोहिया चौंक पर हड़ताल के दौरान सभा का आयोजन कर रैली की शल्क में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम शिक्षक संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

 

बाइट_नारायण चौधरी जिला अध्यक्ष शिक्षक

 

बाइट_दिनेश नायक जिला संयोजक

 

बाइट_सुधीर प्रधान प्रांतीय संयोजक

 

 

 

अनहोनी घटनाओं से यात्रियों को सकुशल सवारी के लिए अब सभी यात्री वाहनों में लगेंगे जीपीएस और पैनिक बटन।

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / परिवहन विभाग ने छत्तीसगढ़ राज्य शासन के मंशानुरूप जिले में चलने वाले यात्री वाहनों और स्कूल बस में gps और पैनिक बटन को अनिवार्य कर दिया है। परिवहन विभाग ने मामले में शक्ति बरतते हुए

आज महासमुंद के बस स्टैंड में पहुंचकर सभी यात्रियों बसों में gps और पैनिक बटन और यात्रा भाड़ा लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का पालन नहीं करने वाले बस के मालिकों पर परिवहन विभाग सख्त कार्रवाई करने के मूड में नजर आ रही।

हम आपको बता दे कि दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद पूरे प्रदेश भर में यात्री बसों और खासकर स्कूल बसों में gps ट्रेकर और पैनिक बटन को लगाना अनिवार्य कर दिया गया था। लेकिन शक्ति नहीं होने की वजह से वाहनों के मालिकों द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही थी। Gps बटन मैं लगे सेंसर का कनेक्शन 112 के कंट्रोल रूम से लिंक होगा बटन दबाते ही 112 के पास बस की लोकेशन मिल जाएगी और किसी भी अप्रिय घटना घटी होने से पहले वाहन में सवार व्यक्ति को बचा लिया जाएगा।

बाइट_राम कुमार ध्रुव जिला परिवहन अधिकारी महासमुंद

रहिया मेमोरियल हॉस्पिटल के संकल्प से गरियाबंद वासियों को मिलेगा उच्च चिकित्सा का लाभ।

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स्थानीय विधायक रोहित साहू ने काटे हॉस्पिटल का रिबन।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
गरियाबंद / कहते है हमारे जीवन में हमारा शरीर बहुत महत्वपूर्ण है और जीवन में हर इंसान को कभी न कभी किसी न किसी बीमारियों से लड़ना पड़ता है और सही मायने में लोगों को सही उपचार नहीं मिलने के अभाव में जान से भी हाथ धोना पड़ता है। हम सबने अपने सबसे करीबियों को सही उपचार नहीं मिलने के कारण खो दिए है।
जिसके चलते चर्चा का विषय बनता है कि,यदि अमुक व्यक्ति को सही समय में सही उपचार की सुविधा मिलती तो शायद बच सकता था।
इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र जिला गरियाबंद वासियों को हॉस्पिटल निर्देशक हेमचंद देवांगन की दादी मां स्व. रहिया बाई देवांगन की स्मृति में 49 बेड से सुसज्जित रहिया मेमोरियल सुपर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की बड़ी सौगात मिली ।
गरियाबंद जिले में आज भिलाई रोड पर स्थानीय विधायक रोहित साहू के मुख्य आथित्य में रहिया मेमोरियल सुपर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का शुभारंभ रिबन काटकर किया गया।

क्या-क्या सुविधा मिलेगी

49 बेडेड सर्व सुविधा युक्त हॉस्पिटल

24/7 Emergency Services

सभी अंगों के डिजीटल एक्स रे. ई.सी.जी. सोनोग्राफी

खून, पेशाब एवं शरीर की पूरी मेडिकल जांच

ICU 20 बेड सुविधा प्राइवेट 8 बेडेड डीलक्स सुविधा, वेंटीलेटर की सुविधा

आर्थों सर्जरी

जनरल सर्जरी

नार्मल डिलवरी

सीजेरियन से डिलवरी

बवासीर का ऑपरेशन

कैंसर सर्जरी एवं कीमोथेरेपी

एम.डी. मेडिसीन / मेडिकल स्पेशलिस्ट प्रतिदिन उपलब्ध रहेंगे।

कार्यक्रम में अतिथिगण

सच्चीदानंद उपासने पूर्व राज्यमंत्री छ.ग.शासन , अब्दुल गफ्फार मेमन (अध्यक्ष नगर पालिका गरियाबंद),श्रीमती लालिमा ठाकुर (अध्यक्ष जनपद पंचायत गरियाबंद) ,सुरेन्द्र सोनटेके (मंडल अध्यक्ष भाजपा गरियाबंद),आशिक मेमन (सभापति, नगर पालिका गरियाबंद), दिनेश कुमार ध्रुव (सरपंच, ग्राम पंचायत पाथरमोहन्दा), श्रीमती यमुना साहू (सदस्य, जनपद पंचायत गरियाबंद)

विशिष्ट अनुभवी चिकित्सक देंगे अपनी सेवा

डॉ.सीताराम बंजारे
(एम.बी.बी.एस.,एम.डी.मेडिसीन),
डॉ.अवधेश कुमार भारत
(क्लिनिकल ऑन्कोलॉजिस्ट
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) (एम.डी) कैंसर रोग विशेषज्ञ,
डॉ.जी.एल टंडन,डॉ.उमेश नागराले
बी.एस.सी.,एम.बी.बी.एस.,
(हड्डी रोग विशेषज्ञ)
एम.आर.एस.एच (लन्दन),
डॉ.पी.आर घृतलहरे ,
डॉ.स्वनिल कुमार डोंगरे
(एम.बी.बी.एस.)

रहिया मेमोरियल सुपर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल संचालक परिवार के सदस्यों में

पंचम देवांगन श्रीमती रामप्यारी देवांगन, हेमचंद देवांगन (निर्देशक) श्रीमती पेशरीचंद देवांगन (संचालक) रितिषा चंद देवांगन, कुमकुम चंद देवांगन, परिधि चंद देवांगन विशेष रूप से शामिल रहे।

रायफल शूटिंग में बेस्ट शूटर के रूप में महासमुंद की मेघा ने जीते स्वर्ण पदक।

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कु. मेघा तिवारी नपा कर्मचारी सुरेश तिवारी की सुपुत्री है जिसने पिता सहित पूरे परिवार का बढ़ाया मान।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / भारत वन खेलकूद प्रतियोगिता रायफल शूटिंग में गोल्ड मेडल हासिल कर महासमुंद शहर सहित पूरे जिले का नाम रोशन करने वाली कु.मेघा तिवारी को पूरे शहर से बधाई एवं शुभकामनाएं मिल रही है।
ग़ौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विगत दिनांक 16 से 22 अक्टूबर तक 27वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद महोत्सव का आयोजन संपन्न हुआ । इसमें 23 खेल, 300 प्रतियोगिताएं व 3000 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया । खेल महोत्सव के उद्घाटन समारोह में 16 अक्टूबर को विशेष अतिथि के रूप में केंद्रीय वनमंत्री भूपेन्द्र यादव, बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, केंद्रीय वन सचिव लीना नंदन, केंद्रीय वन महानिदेशक जितेन्द्र कुमार व विश्व क्रिकेट टी-20 के भारतीय कप्तान सूर्य कुमार यादव शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किए । वहीं, समापन समारोह में 20 अक्टूबर को ओलंपिक 2024 में शूटिंग में भारत को कांस्य पदक दिलाने वाली निशानेबाज मनु भाकर शामिल हुए । केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्कालीन सचिव के विशेष प्रयासों से देश में राज्यों के वन विभाग के सभी स्तर के कर्मचारियों व अधिकारियों को एक मंच में परस्पर समन्वय तथा उनके बीच खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता’ वर्ष 1992 में प्रारंभ की गई थी। छत्तीसगढ़ में इस आयोजन की मेजबानी तीसरी बार कर रहा है। इस वर्ष प्रतियोगिता में 23 खेलों की 300 विधाओं में लगभग 3000 खिलाड़ियों का भाग लेना एक बड़ी उपलब्धि रही । इसमें लगभग 584 महिला और 2320 पुरुष खिलाड़ी शामिल हुए । इस प्रतियोगिता में 29 राज्य, 8 केन्द्र शासित प्रदेश, 6 वानिकी संस्थान और पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मेघा तिवारी को स्वर्ण पदक हासिल करने पर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दिए।

मेघा ने जीते गोल्ड मेडल पिता का सर गर्व से हुआ ऊंचा संपूर्ण नपा कर्मचारियों ने दी बधाई

यू तो लड़की माता पिता की लाडली इसलिए भी होती हैं क्योंकि वह गुणवान, आज्ञाकारी, तथा बुध्दिमान भी होती हैं ।
ऐसी लड़की जब अपने पिता की आर्थिक परिस्थिति कमजोर होने पर भी उनके लड़की के उच्च शिक्षा के सपने पूरे करने के लिए अपना जी जान लगा देती है । जब वह उस ऊंचाई को पा लेती है । जब कि, वह सिर्फ उसकी लगन और मेहनत होती है जो उसे उस ऊंचाई पर पहुंचा चुकी होती हैं । फिर भी उसके लिए वह उसके मां बाप का कर्तव्य होता हैं ।

यही विनम्रता होती है जो माता पिता को अपने छोटे होनें के बावजूद असीम बुलंदी के बड़प्पन का एहसास कराता है और जब माता पिता अपनी बाज़ुक सुकोमल कली की ऊंची उड़ान के कारण पहचाने जाते है तब उनका सीना गर्व से फूल जाता है । तब उनके लिए सारी दुनियाँ छोटी होने का एहसास ही माता पिता को दुनियाँ से भी ऊंचे हो जाने का गर्व भर देती हैं ।
यह सिर्फ एक कन्या ही कर सकती है ।

समय पर नहीं मिली 108 रास्ते में नवजात की हुई मौत

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / नवजात को परिजन इलाज के लिए लेकर भटकते रहे पर समय पर उचित इलाज और 108 नहीं मिल पाने की वजह से एक नवजात की हुई मौत। मौत के बाद तुमगाँव थाना स्थित साईं नमन हॉस्पिटल में देर रात्रि तक कुछ लोगों द्वारा किया गया हंगामा।

हम आपको बता दें कि, तुमगाँव के साईं नमन हॉस्पिटल में 18 अक्टूबर दोपहर 3.20 डॉक्टरों ने ऊषा निषाद 22 साल का ऑपरेशन कर स्वास्थ्य बच्चे को निकाला । जिसे डॉक्टरों ने अपनी देख रेख में रखा था। अचानक नवजात बच्चे को सांस में परेशानी होने लगी और नवजात शरीर नीला पड़ने लगा। साईं नमन हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बच्चे को परिजनों को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। नवजात के परिजनों ने सुविधाओं से लेश 108 को बुलाया लेकिन 108 वाहन समय पर पहुंच पाने के लिए असमर्थता जाहिर की, जिसके बाद हॉस्पिटल प्रबंधन ने अपने एंबुलेंस में तत्काल जिला मेडिकल कालेज अस्पताल नवजात को पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद रायपुर रेफर कर दिया। नवजात शिशु के परिजनों ने फिर से 108 वाहन को मदद के लिए फोन किया, तब फिर से 108 वाहन ने तत्काल वाहन उपलब्ध करा पाने में असमर्थता जाहिर की। जिसके बाद परिजनों ने पुनः साईं नमन हॉस्पिटल के एम्बुलेंस में नवजात बच्चे को रायपुर अस्पताल ले रहे थे तभी रास्ते में ही नवजात की मौत हो गई।

नवजात बच्चे की मौत के बाद कुछ लोगों ने साईं नमन हॉस्पिटल के सामने हंगामा खड़ा कर दिया। जिला हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि कुछ कुछ बच्चों को मां के पेट के भीतर कोई समस्या नहीं होती है लेकिन पेट से बाहर आते हैं शारीरिक विकार से ग्रसित नवजात को समस्या हो जाती है।

बाइट_समय निषाद मृत नवजात का नाना

बाइट_डॉक्टर नीतू जैन साईं नमन हॉस्पिटल तुमगांव

बाइट_डॉक्टर घनश्याम साहू जिला मेडिकल कॉलेज महासमुंद

क्या है पूरा मामला

ऊषा निषाद ग्राम केडियाडीह उम्र 22 साल गर्भवती होने के बाद से अपना इलाज अगर के एक निजी अस्पताल में कर रही थी। जहां डॉक्टरों ने लगभग 9 माह तक ऊषा निषाद का इलाज करते रहे हैं। उसी निजी अस्पताल में सोने ग्राफी पश्चात डॉक्टरों ने डिलेवरी की तारीख भी बताई थी। ऊषा निषाद अपने परिजनों के साथ 18 अक्टूबर को अपने सारे रिपोर्ट लेकर साई नमन हॉस्पिटल तुमगांव पहुंची और ऑपरेशन की बात कही। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद हॉस्पिटल में भर्ती कर लिया और दोपहर 3.20 बजे ऑपरेशन कर एक बालक को डिलवरी कराया गया। डिलेवरी के बाद बच्चा जोर जोर से रोने लगा। इधर निषाद परिवार ने बेटे आने की खुशी में मिठाइयां बांटनी शुरू ही की थी इसी बीच बच्चे ने सांसे कम होने लगी। डॉक्टरों ने तत्काल प्रारंभिक चिकित्सा नाचता को उपलब्ध कराया और परिजनों को कहा कि बच्चे का पल्स धीमा हो रहा हैं तत्काल महासमुंद मेडिकल कॉलेज ले जायें। डॉक्टरों की सलाह पर निषाद परिवार ने 108 बुलाने कॉल लगाया लेकिन 108 की तत्काल उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिली जिसके बाद साईं नमन हॉस्पिटल में अपने अस्पताल के नर्सों के साथ अपने एंबुलेंस में महासमुंद मेडिकल कॉलेज बच्चे को पहुंचाया। नवजात बच्चा लगभग 4 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे चुका था। नवजात बच्चे को गैसफिक की समस्या हो रही थी। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने जो मेडिकल कॉलेज में सुविधा उपलब्ध थी वह बच्चे को दिया लेकिन नवजात बच्चे की हालत और बिगड़ते देख रायपुर रेफर कर दिया।

 

 

 

मैं ही राजा – मैं ही मंत्री,के तर्ज पर जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू की तानाशाही बरकरार।

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गोलछा इलेक्ट्रॉनिक्स से क्रय की गई सामग्रियों का भुगतान किसके मत्थे चढ़ेगा..?

39 लाख की हेरा फेरी पश्चात जांच प्रतिवेदन देने में टालमटोल क्यों..?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / महासमुंद जनपद पंचायत हमेशा सुर्खियों और विवादों से घिरा हुआ रहता है। बता दे यहां जो भी जनपद अध्यक्ष चुना जाता है। वो अपने आप को किसी देश के राजा से कम नहीं समझता है। इसीलिए शासन द्वारा प्राप्त विभिन्न योजनाओं की राशियों का खुलेआम कमीशन खोरी या आपसी बंदरबाट करने सब टूट पड़ते है। बता दे कि, कांग्रेस पार्टी से चुने जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू जबसे अध्यक्ष बने है तबसे अपनी मनमानी करने में इन्होंने पीएचडी किए हुए है ऐसा प्रतीत होता है। प्रदेश में व्याप्त वैश्विक महामारी कोरोना काल के दौरान भी पंचायत में आवंटित करने हेतु सैनिटाइजर मास्क हेतु प्राप्त 39 लाख रुपए की गड़बड़ी कर साधुवाद का चोला धारण किए हुए। जिसकी शिकायत एक शिकायतकर्ता के द्वारा की गई है किन्तु आज पर्यंत दिवस तक जांच प्रतिवेदन की कापी देने में टालमटोल भी किया जा रहा है। जनपद अध्यक्ष श्री साहू पता नहीं कितने लोगों का बकाया नहीं दिए है और भागे-भागे फिर रहे है। जनपद पंचायत के अध्यक्ष और सदस्यों के बीच की लड़ाई के चलते जिला प्रशासन को घोर बेइज्जती का सामना करना पड़ रहा है। जनपद पंचायत से मामला निकलकर अब प्रभारी मंत्री के दरबार तक पहुंच चुका है।
जनपद पंचायत अध्यक्ष के कक्ष के लिए 50 हजार रुपए में खरीदी गई समान का भुगतान तीन साल बाद भी नहीं होने की शिकायत गोलछा इलेक्ट्रिकल्स के संचालक धरम गोलछा ने प्रभारी मंत्री महासमुंद दयाल दास बघेल से की है।
मेसर्स गोलछा इलेक्ट्रिकल्स के संचालक ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि आज से तीन साल पहले 2021 में मुख्य कार्यपाल अधिकारी व लेखापाल राजेश शर्मा से मेसर्स गोलछा इलेक्ट्रिकल्स पहुंच कर समान की खरीदी की थी। बावजूद आज तक भुगतान नहीं हो पाया है।
गौरतलब है कि गोलछा इलेक्ट्रिकल्स के संचालक धरम गोलछा ने यह भी शिकायत में लिखा है कि, जनपद पंचायत के अध्यक्ष यतेंद्र साहू ने विष्णु धरमुड़े व अरविन्द राजपूत के हाथों पिकअप वाहन में तीन साल पुराना समान वापस गोलछा इलेक्ट्रिकल्स एक अक्टूबर को वापस भेज दिया था जिसे गोलछा इलेक्ट्रिकल्स के संचालक धरम गोलछा ने लेने से इंकार कर दिया था। जनपद पंचायत अध्यक्ष यतेंद्र साहू द्वारा जो समान वापस भेज दिया गया था वह समान अब तक जनपद पंचायत वापस नहीं पहुंचा है।
गोलछा इलेक्ट्रिकल्स धरम गोलछा ने जनपद पंचायत सीईओ से जवाब मांगते हुए शिकायत लिखा है कि, सीईओ के बिना अनुमति के समान जनपद पंचायत से कैसे बाहर निकला है।
सूत्रों के हवाले से जनपद पंचायत से यह बात निकल कर आई है कि 19 सितम्बर 2021 को सामान खरीदी के बाद से जनपद पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों के बैठक में तीन बार खरीदी किए गए समान के भुगतान का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन कुछ जनपद सदस्यों के आपत्ति के चलते भुगतान नहीं हो सका। जिस वजह से गोलछा इलेक्ट्रिकल्स के संचालक धरम गोलछा के राशि वसूलने में चप्पल घिस गए है लेकिन भुगतान नहीं हो सका है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि तीन साल बाद नाटकीय तरीके से जनपद पंचायत अध्यक्ष यतेंद्र साहू द्वारा समान दुकानदार को वापस भेज दिया गया, लेकिन दुकानदार ने पुराना समान वापस लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद से समान आज तक जनपद पंचायत वापस नहीं पहुंचा है और ना ही समान के गायब होने की शिकायत थाने में कराई गई है।


जनपद पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों के बीच की लड़ाई के चलते दुकानदार को 50 हजार रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं जनपद पंचायत को अब शर्मिंदा होना पड़ रहा है।
मामले में जब जनपद पंचायत के अधिकारियों से बातचीत कर मामले की सच्चाई जानने की कोशिश की गई तो अधिकारी मामले से पल्ला झाड़ते हुए मामले से अनभिज्ञता जाहिर कर मामले से बचने का प्रयास कर रहे हैं।