साईं पीकरी धाम टेका को धार्मिक पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग

0
1

 

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
गरियाबंद / जिले के राजिम तहसील स्थित छोटा सा गांव टेका जहां साईं बाबा की ग्राम देवता के रूप में प्राचीन समय से पूजा होती है , कहा जाता है कि सदियों पहले श्री शिरडी साईं का अपने शिष्यों के साथ आगमन हुआ था और तब से वह स्थान साई पीकरी कहलाने लगा और धीरे धीरे अपने सेवक मोहन ठाकुर की सेवा भक्ति और प्रचार प्रसार से यह स्थान साई पीकरी धाम कहलाने लगा ।
दिन , दुखी, अनाथ, बेसहारा और बुजुर्गो की सेवा करते हुए मोहन ठाकुर साईं भक्तो के सहयोग से समय समय पर सामाजिक कार्य , धार्मिक और जन कल्याणकारी कार्यक्रमों जिनमें प्रमुख रुप से निशुल्क चिकित्सा शिविर, गरीबों को वस्त्र ,कम्बल , शाल वितरण , गरीबों को भोजन , स्कूली बच्चों को पेन , कापी , किताब, पेन्सिल वितरण, बुजुर्गो का सम्मान, शिक्षकों का सम्मान, विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान और जरुरत मंदों को सहयोग किया जाता है ।कोविड (कोरोनाकाल) में भी साईं पीकरी धाम टेका और साईं सेवा संस्थान राजिम में जन सेवा की गयी थी ।
25 मई 2006 से निरन्तर साईं भक्ति में समर्पित मोहन ठाकुर ने लगातार साईं पीकरी धाम टेका के विस्तार के लिए प्रयास किया मगर अभी तक किसी जन प्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया है तब छत्तीसगढ़ के सभी साईं भक्तो , छत्तीसगढ़ वासियों और जन प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में साईं बाबा का प्राचीन स्थान होना साईं भक्तो और छत्तीसगढ़ वासियों के लिए गौरव की बात है देश विदेश के साईं नेटवर्क में साईं पीकरी धाम टेका की चर्चा है साईं पीकरी धाम टेका को धार्मिक पर्यटन स्थल घोषित करने से छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा और बढ़ जायेगी । महाराष्ट्र के अलावा कहीं भी साईं बाबा का प्राचीन स्थान नहीं है और ना सरकार द्वारा अधिकृत किया गया स्थान ।
साईं पीकरी धाम टेका के धार्मिक पर्यटक स्थल बनने से छत्तीसगढ़ में साईं भक्ति प्रवाह की दिशा में आमूलचूल परिवर्तन होगा ।
हम सभी साईं भक्त और क्षेत्र वासी साईं पीकरी धाम टेका को धार्मिक पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग करते हुए अपना समर्थन देते हैं ।
समर्थन देने वालों में प्रमुख रूप से मोहन ठाकुर ,रूपेश ,लोकनाथ, रोहित,आदि, माताएं बहनें आदि उपस्थित थे ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here