बिरकोनी में गरीबों के राशन पर बड़ा सवाल..! दो माह के हक की जगह एक माह का अनाज देने का आरोप, शक्कर-नमक भी महीनों से नदारद

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बिरकोनी में गरीबों के राशन पर बड़ा सवाल..! दो माह के हक की जगह एक माह का अनाज देने का आरोप, शक्कर-नमक भी महीनों से नदारद

हितग्राहियों ने सेल्समैन पर राशन की हेराफेरी और कालाबाजारी के लगाए गंभीर आरोप; कैमरे के सामने सेल्समैन के कथित बयान से मचा हड़कंप, SDM ने जांच के दिए निर्देश

प्रधान संपादक मयंक गुप्ता/01 अक्टूबर 2026/दिन गुरुवार
महासमुंद। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाले राशन के वितरण को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत बिरकोनी स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान में हितग्राहियों ने निर्धारित मात्रा में राशन नहीं मिलने सहित शक्कर और नमक के लंबे समय से वितरण नहीं किए जाने के आरोप लगाए हैं। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब मीडिया के सवालों के दौरान दुकान के सेल्समैन की ओर से राशन बेचने संबंधी कथित बयान सामने आया।

हितग्राहियों का आरोप है कि शासन द्वारा दो माह का राशन एक साथ उपलब्ध कराने के बावजूद उन्हें कथित तौर पर केवल एक माह का राशन दिया जा रहा है। इससे गरीब परिवारों को अपने हिस्से के खाद्यान्न के लिए बार-बार दुकान के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

दो माह के राशन के आदेश, हितग्राहियों को एक माह का ही वितरण..?

ग्रामीणों के अनुसार बिरकोनी की उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका कहना है कि दुकान खुलने और राशन वितरण की व्यवस्था भी नियमित नहीं रहती। सबसे गंभीर आरोप यह है कि दो माह के निर्धारित राशन के स्थान पर कई हितग्राहियों को केवल एक माह का खाद्यान्न दिया जा रहा है।

यदि यह आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत निर्धारित खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे में विभागीय स्तर पर स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, ई-पॉस मशीन में दर्ज आंकड़ों और वास्तविक वितरण की जांच महत्वपूर्ण होगी।

छह महीने से शक्कर और नमक नहीं मिलने का दावा

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पिछले करीब 5 से 6 महीनों से शक्कर और नमक का वितरण नहीं किया गया है। हितग्राहियों का कहना है कि राशन दुकान में अनाज के लिए तो वे किसी तरह इंतजार कर लेते हैं, लेकिन आवश्यक सामग्री नहीं मिलने से परिवारों की परेशानी बढ़ गई है।

कुछ ग्रामीणों ने दुकान संचालन में अनियमितता और राशन की कथित कालाबाजारी की आशंका भी जताई है। हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

कैमरे के सामने सेल्समैन के कथित बयान से बढ़ा विवाद

मामले की जानकारी लेने जब मीडिया टीम ने दुकान के सेल्समैन ओमन कुमार साहू से सवाल किए तो बातचीत के दौरान उनके द्वारा राशन बेचने की बात स्वीकार किए जाने का दावा सामने आया। वायरल/रिकॉर्ड किए गए कथित बयान में सेल्समैन की ओर से यह कहते हुए सुना गया कि वह राशन बेचता है और शिकायतकर्ता जो करना चाहें कर सकते हैं।

इस कथित बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि बयान की परिस्थितियों, उसका पूरा संदर्भ और राशन बिक्री से संबंधित वास्तविकता की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।

हितग्राहियों ने की कार्रवाई की मांग

बिरकोनी के ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि दुकान के पिछले कई महीनों के खाद्यान्न आवंटन और वितरण का रिकॉर्ड खंगाला जाए। साथ ही स्टॉक रजिस्टर, ई-पॉस मशीन के आंकड़े, दुकान में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक और हितग्राहियों को वितरित किए गए राशन का मिलान कराया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर राशन की हेराफेरी या कालाबाजारी हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि पात्र परिवारों के अधिकार का राशन उन्हें समय पर मिल सके।

SDM ने मामले को गंभीर माना, जांच के निर्देश

मामले को लेकर महासमुंद की SDM सुश्री अक्षा गुप्ता से प्रतिक्रिया ली गई। उन्होंने राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराने की बात कही। उनके अनुसार जांच के बाद यदि किसी कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि बिरकोनी की उचित मूल्य दुकान में वास्तव में कितना राशन आवंटित हुआ, कितना उठाव किया गया और कितना हितग्राहियों को वितरित किया गया। साथ ही शक्कर और नमक के वितरण का रिकॉर्ड भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

दुकान की जानकारी

दुकान: शासकीय उचित मूल्य की दुकान, ग्राम पंचायत बिरकोनी, विकासखंड एवं जिला महासमुंद
दुकान आईडी: 582001046
प्रबंधक: उत्तम कुमार यादव
विक्रेता/सेल्समैन: ओमन साहू
नोडल अधिकारी: बाबू लाल अहिरवार
दुकान का निर्धारित समय: मंगलवार से रविवार, सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक
सोमवार: अवकाश

अब जांच पर टिकी ग्रामीणों की नजर

बिरकोनी की इस राशन दुकान को लेकर सामने आए आरोपों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक के मिलान से वास्तविक स्थिति सामने आएगी? हितग्राहियों के आरोप, सेल्समैन का कथित बयान और दुकान के सरकारी रिकॉर्ड—इन तीनों का मिलान जांच में महत्वपूर्ण साबित होगा।

यदि जांच में अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित हितग्राहियों को उनके हिस्से का खाद्यान्न उपलब्ध कराना भी प्रशासन के सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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