Home Blog Page 41

महासमुंद के 18 तालाबों में होगा प्लास्टिक मुक्त स्वच्छता अभियान

 

महासमुंद / भर में शांति, अहिंसा और नैतिक चरित्र की शुद्धता का नजरिया देने वाले पूरी दुनिया की स्वच्छता के ब्रांड एंबेसडर, हमारे भारत की पहचान राष्ट्र पिता महात्मा गांधी जी की 154 वीं जयंती के अवसर पर उनके स्वच्छ भारत के सपना को पूरा करने के लिए…महासमुंद शहर और आसपास ग्रामों के 15 तालाबों में स्वच्छता कार्यक्रमआयोजित किया जा रहा है। इस मिशन में हम मुख्य रूप से तालाब परिसर में प्लास्टिक कचरा का निपटान कर परिसर को स्वच्छ बनाने का प्रयास करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता हेतु जनजागरण का प्रयास भी करना है, जिसमें तालाब का उपयोग उपभोग करने वालों को प्रतिदिन स्वच्छता कार्य करने की अपील, बच्चों एवं युवाओं के स्वच्छता कार्य में भागीदारी के साथ स्वच्छता के महत्व से उनको अवगत कराना, जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करना है।

इस कड़ी में दिनांक 2 अक्टूबर 2023 को महासमुंद शहर के महामाया, शीतला, दर्री, नवा, बंधुआ, टामकी, गुरु, पिटियाझर तालाब के साथ-साथ आसपास के गांव बेमचा, खैरा, खरोरा, तुमाडबरी, लभराखुर्द, बेलसोडा, बरोंडाबाज़ार में समय एक साथ सुबह 07 से 10 बजे तक स्वच्छता का कार्य के प्लास्टिक कचरे के निपटान का प्रयास किया जावेगा। महासमुंद शहर व आसपास ग्राम के भाई बंधुओ से सादर अपील है, कि इस स्वच्छता अभियान में शामिल होकर अपने ग्राम शहर के धरोहर तालाब परिसर को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान प्रदान करेंगे।

पर्यावरण संरक्षक नुरेन चंद्राकर, लोकेश चंद्राकर महासमुंद
हमर भुईया छत्तीसगढ़

नो-एंट्री के बावजूद विधानसभा से मोवा के रास्ते शहर में घुस रहे भारी वाहन लगा रहे जाम

रायपुर छत्तीसगढ़ / शहर के अंदर वाहनों की भीड़ को कम करने और जाम की स्थिति से निपटने बचने के लिए शहर के अंदर भारी वाहनों के लिए नो इंट्री का प्रावधान रखा गया है जिससे आवागमन सुचारु रूप से हो सके इसके बावजूद शहर को जाम से निजात नहीं मिल पा रही है। इसकी एक मुख्य वजह है कि नो एंट्री के बाद भी दिन में भारी वाहन शहर में घुस रहे हैं। इस वजह से शहर में आयदिन जाम लग रहा है। लोगो के जान का खतरा निरंतर बना रहता है

भीड़ भरे हिस्सों में नो-एंट्री के बावजूद भारी वाहनों के प्रवेश होने के कारण हादसों का अंदेशा भी बना रहता है। वहीं शहर के अंदर पार्किंग नहीं होना भी जाम की वजह बना है।

विधानसभा से शंकर नगर मोवा सड्डू मे सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक भारी व माल ढुलाई वाहनों पर पूरी तरह से प्रवेश निषेध किया गया है। फिर भी भारी वाहनों के गुजरने का सिलसिला बदस्तूर दिनभर चलता रहता है।
इस वजह से मोवा /सड्डू /दलदल सिवनी/लोधीपारा चौक पर भी वाहनों का काफी जाम लगाता है। विधानसभा के रास्ते शहर में भारी वाहन ट्रक बेधड़क घुस आते हैं। इनमें अधिकतर निर्माण सामग्री के डंपर भी शामिल हैं। ट्रैफिक विभाग के कुछ जिम्मेदार अफसर / कर्मचारी द्वारा गाड़ी मालिकों से मिली भगत कर इन गाड़ियों को चंद कुछ रूपये लेकर शहर मे घुसने दे दिया जाता है जिसका भुगतान आम जानता को भोगना पड़ता है राजधानी का ये आलम है तो बाकि का क्या होगा

झुकी सर हर आंख हुई नम, भारत माता की जयकारों के साथ गुंजा तिरंगा चौक शहीद जवान राजेश ध्रुव की शहादत को किया नमन।

संवाददाता मोहन साहू

जिला गरियाबंद छत्तीसगढ़

गरियाबंद / झारखंड में आईडी ब्लास्ट में शहीद गरियाबंद जिले के सीआरपीएफ आरक्षक शहीद राजेश ध्रुव का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह गरियाबंद पहुंचा इस अवसर पर नगर के हृदय स्थल तिरंगा चौक में नगरवासियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने राजेश ध्रुव की शहादत को नमन करते हुए राजेश ध्रुव अमर रहे के नारे लगाए

यह मालूम था कि बुधवार को झारखंड के पश्चिम सिंह जिला में हुए आईडी बम ब्लास्ट में जिले के छुरा विकासखंड के ग्राम रावेली के रहने वाले सीआरपीएफ जवान राजेश ध्रुव शहीद हो गए राजेश कोबरा बटालियन में आरक्षक थे शनिवार को उनका पार्थिव शरीर गृह ग्राम रावली लाया गया। इसके पहले पार्थिव शरीर गरियाबंद पहुंचा।

शनिवार को नगर के लोगों को जैसे ही राजेश के पार्थिव शव के आने की सूचना मिली लोग बड़ी संख्या में स्वत ही तिरंगा चौक में एक जुट हो गए। लोगों ने राजेश शव का पहुंचे ही वाहन में पुष्प वर्षा की। दर्शन किए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। जिला पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आदिवासी समाज ने भी सहित राजेश ध्रुव को तिरंगा चौक में श्रद्धांजलि अर्पित की।

Вавада Казино Зеркало Без Ограничений и Блокировок

0



Вавада Казино Зеркало Без Ограничений и Блокировок


Вавада Казино Зеркало Без Ограничений и Блокировок

Если вам не удается попасть на платформу, не отчаивайтесь. Реальная возможность обойти любые ограничения доступна, и это поможет вам продолжать наслаждаться любимыми играми. Один из самых простых способов – использовать альтернативные ссылки для входа. Эти адреса позволяют получить доступ к ресурсам, даже если основной сайт недоступен.

С учетом огромного количества возможностей, которые предлагает онлайн-развлечение, важно знать, как оставаться на связи. Одним из решений подобных ситуаций является переход по специальным ссылкам. Например, вы можете попробовать по этой vavada ���� ссылке, чтобы попасть на нужный ресурс, минуя блокировки.

Также не забывайте про VPN-сервисы, которые помогут обеспечить безопасное соединение и доступ к ресурсам без неприятных сюрпризов. Используйте эти инструменты для своей выгоды и наслаждайтесь играми без перерывов.

Как найти актуальное зеркало Вавада Казино для доступа к играм

Чтобы найти рабочее альтернативное решение, посетите официальные страницы в социальных сетях. Часто там публикуются ссылки на новые входы, что позволяет избежать долгих поисков.

Следующий способ – зарегистрироваться на форумах или в сообществах игроков. Участники обычно обмениваются актуальной информацией о работоспособных ссылках и делятся опытом.

Проверяйте специализированные сайты, которые освещают тему азартных игр. На таких ресурсах часто публикуются актуальные данные о разных платформах и изменениях в доступности.

Используйте поисковые системы. Введите название оператора вместе с фразами “рабочая ссылка” или “последнее обновление”. Зачастую это помогает находить свежие источники.

Обратите внимание на мобильные приложения. Некоторые из них могут предоставлять альтернативные адреса для доступа, что избавит от необходимости искать ссылки в браузере.

Используя VPN, вы можете напрямую получать доступ к ресурсам, которые заблокированы на вашем регионе. Это особенно удобно, если традиционные методы поиска не дали результатов.

Не забывайте проверять информацию перед тем, как перейти по ссылке. Безопасные сайты обычно имеют отзывы от пользователей – это поможет избежать неприятных ситуаций.

Способы обхода блокировок Вавада Казино на разных устройствах

Использование VPN-сервисов – один из самых простых и надёжных способов обойти ограничения. Установите приложение на компьютер или мобильное устройство, выберите сервер в стране, где доступ свободный, и пользуйтесь. Популярные VPN, такие как NordVPN или ExpressVPN, обеспечивают высокую скорость и стабильное соединение.

Прокси-серверы также могут помочь обойти ограничения. Установите прокси на вашем устройстве или воспользуйтесь браузером с встроенной поддержкой прокси. Это позволит скрыть ваш реальный IP-адрес и получить доступ к нужным ресурсам.

  1. Настройка прокси в браузере: перейдите в настройки, выберите раздел «Сеть», затем введите данные прокси.
  2. Проверка работы прокси: откройте веб-страницу и убедитесь, что она загрузилась.

Если ваши устройства поддерживают анонимные браузеры, такие как Tor, используйте их для доступа к интернет-ресурсам. Tor обеспечивает высокий уровень конфиденциальности, скрывая вашу активность в сети.

  • Скачайте Tor Browser с официального сайта.
  • Запустите и подключитесь к сети Tor.
  • Откройте нужный адрес в браузере Tor.

Для мобильных устройств можно использовать специальные приложения, которые обеспечивают доступ к заблокированным сайтам. Сервисы вроде Psiphon или Betternet имеют простые настройки и помогут обойти фильтры.

Наконец, следите за обновлениями и новым программным обеспечением, так как технологии постоянно развиваются. Используйте дополнительные решения, такие как расширения для браузеров, которые маскируют ваш трафик. Например, расширения типа Browsec или Hola также могут быть полезными.

Преимущества использования зеркал Вавада Казино для игроков

Следующий аспект – это стабильность работы платформы. Использование таких ресурсов зачастую предполагает более высокую скорость загрузки и отсутствие сбоев. Как следствие, игроки могут наслаждаться процессом без длительных ожиданий, что особенно ценится, если вы хотите погрузиться в игру сразу же.

Безопасность также играет не последнюю роль. Важно, что альтернативные площадки, как правило, обеспечивают надежные методы защиты данных пользователей. Это может включать шифрование личной информации и финансовых транзакций, что делает вашу игру более комфортной и защищенной.

Кроме того, часто на таких ресурсах действуют специальные акции. Выигрывать дополнительные бонусы или кэшбек на альтернативных сайтах – это реальная возможность увеличить свои шансы на выигрыш. Бонусные программы могут отличаться, и некоторым пользователям удается находить более выгодные условия.

Преимущества Описание
Доступность Непрерывный доступ к играм даже при блокировках.
Стабильность Быстрая загрузка без сбоев.
Безопасность Надежные методы защиты данных.
Специальные акции Выигрыши и бонусы на альтернативных ресурсах.

Наконец, существуют аспекты простоты в использовании. Ресурсы, предлагающие альтернативные ссылки, часто имеют интуитивно понятный интерфейс. Это упрощает процесс поиска нужных игр, и любой пользователь, даже без опыта, сможет быстро разобраться в функционале. Каждый найдет для себя комфортный способ развлечения.


कवर्धा : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 141 करोड़ रूपए की लागत से प्रदेश का पहला गन्ना बेस एथेनॉल प्लांट का लोकार्पण किया

0

पी.पी.पी. मॉडल से ईथेनॉल प्लांट की स्थापना का पूरे देश में यह पहला उदाहरण

इथेनॉल संयंत्र की स्थापना से क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तथा क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि का आधार मजबूत होगा

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय से विडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से 141 करोड़ रूपए की लागत से प्रदेश का पहला गन्ना बेस एथेनॉल प्लांट का लोकार्पण किया। लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री व कवर्धा विधायक श्री मोहम्मद अकबर विशेष रूप से उपस्थित थे। राज्य शासन द्वारा कबीरधाम जिले में प्रदेश का गन्ना बेस सबसे बड़ा और पहला एथनॉल प्लांट की स्थापना की गई है। एथनॉल प्लांट की स्थापना भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना की खाली भूखंड की 35 एकड़ भूमि में निर्माण किया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की कृषि पर आधारित इथेनॉल उद्योग ड्रीम प्रोजेक्ट है। जिला पंचायत कवर्धा के सभाकक्ष में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में जिले से पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्री होरी साहू, क्रेडा के सदस्य श्री कन्हैया अग्रवाल, राज्य योग आयोग के सदस्य श्री गणेश नाथ योगी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष श्री ऋषि शर्मा, जिला पंचायत सदस्य श्री तुकाराम चंद्रवंशी, श्री रामकुमार भट्ट, श्री विरेन्द्र जांगड़े, पार्षद श्री अशोक सिंह कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, डीएफओ श्री चूड़ामणि सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप कुमार अग्रवाल सहित जिले के जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि गढ़वो नवा छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया गया था, उसे पूरा करने के हर संभव प्रयास सरकार द्वारा किए गए है। इसके लिए प्रदेश में जहां एक ओर अधोसंरचनाओं के विकास के लिए अनेक निर्माण एवं विकास मूलक कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर पूरा किया गया है, वही दूसरी ओर शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने के साथ-साथ रोजगार मूलक कार्यों को बढ़ावा दिया गया है। साथ ही किसान, मजदूर, वनवासी, युवाओं, महिलाओं एवं दूरस्थ अंचलों में रहने वाले लोगों के लिए आमदनी बढ़ाने के कार्य किए गए है, उन्हें रोजगार से जोड़ा गया है। बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें उनकी रूचि अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

केबिनेट मंत्री व कवर्धा विधायक श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी ने पूरे प्रदेश सहित कबीरधाम जिले के समुचित विकास और जन भावनाओं के अनुरूप विकास की परिकल्पनाओं को सकार करने में पूरा ख्याल रखते है। उन्होंने कहा है कि जिले के समुचित विकास, सिंचाई योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना निर्माण, पुल-पुलिया, सड़क, भवन निर्माण सहित सभी समाजों के समग्र विकास का भी सरकार ने ख्याल रखा है। क्षेत्र विकास के लिए हमने जब भी मांग की उन सभी मांगों को मुख्यमंत्री जी ने पूरी तत्परता से स्वीकृति प्रदान की। भेंट-मुलाकात के दौरान समाज प्रमुखों से चर्चा-परिचर्चा की। यह सभी समाजों के लिए यादगार पल भी रहा। गन्ना बेस पर आधारित ऐथेनॉल उद्योग की स्थापना से कबीरधाम के विकास को और आकार मिला है। आने वाले दिनों में उच्च तकनिकी शिक्षा मेडिकल कॉलेज की स्थापना की परिकल्पना हमारी सरकार ने की है। इस दिशा में हम आगे भी बढ़ रहे है।

 पी.पी.पी. मॉडल से ईथेनॉल प्लांट की स्थापना का पूरे देश में यह पहला

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के कृषि पर आधारित इथेनाल प्लांट प्राथमिकता वाली योजनाओं में है। पीपीपी मॉडल से स्थापित देश के पहले इथेनॉल प्लांट की स्थापना के संबंध में अनुबंध भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने तथा छत्तीसगढ़ डिस्टीलरी लिमिटेड की सहायक इकाई एन.के.जे. बॉयोफ्यूल लिमिटेड के मध्य किया गया है। इथेनॉल संयंत्र की स्थापना से क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे तथा क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि का आधार मजबूत होगा। किसानों को गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में सरकार के गठन के साथ ही किसानों से संबंधित मुद्दे सर्वोपरि रहे हैं, सर्वप्रथम कृषि ऋणों की माफी की गई तथा गन्ना किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए शक्कर कारखानों की आर्थिक कठिनाई के स्थाई निदान के लिए पीपीपी मॉडल से इथेनॉल प्लांट की स्थापना की गई है। पी.पी.पी. मॉडल से ईथेनॉल प्लांट की स्थापना का पूरे देश में यह पहला उदाहरण है।

इथेनॉल उद्योग से जिले के हजारों गन्ना उत्पादक किसानों को मिलेगा लाभ

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के एमडी श्री भूपेन्द्र ठाकुर ने बताया कि इथेनाल प्लांट हाईब्रीड टेक्नालाजी से है, जिसमें गन्ना पेराई सीजन के दौरान सीधे गन्ने के जूस से तथा आफ सीजन के दौरान मोलासीस से इथेनाल बनाया जाएगा। गन्ने के रस को इथेनाल में डायवर्ड करने के कारण अधिक जूस की जरूरत पडे़गी उसकी पूर्ति के लिए किसानों से अधिक से अधिक गन्ना क्रय किया जाएगा। इथेनाल प्लांट के निर्माण से किसानों को गन्ने के मूल्य का भुगतान समय पर सुनिश्चित हो सकेगा। आर्थिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र की आर्थिक एवं तकनीकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पी.पी.पी. मॉडल का चयन किया गया। राज्य शासन के निर्णय के पालन में प्रथम चरण में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने में पी.पी.पी. मॉडल से इथेनॉल प्लांट की स्थापना की गई है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा में न्यूनतम 80 के.एल.पी.डी. क्षमता के ईथेनॉल प्लांट की स्थापना के लिए देश का पीपीपी मॉडल से पहला उदाहरण होने के कारण निवेशक चयन के लिए प्रक्रिया के सूक्ष्म पहलूओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर निविदा सफलतापूर्वक पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से पूर्ण की गई।

BCCI में हुई SBI की एंट्री, अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड को मिलेंगे 47 करोड़ रुपये

0

SBI: बीसीसीआई ने डोमेस्टिक और इंटरनेशनल मैचों के लिए एसबीआई लाइफ को अपना ऑफिशियल पार्टनर बनाया है. भारतीय टीम के 1 मैच के लिए एसबीआई 85 लाख रूपए बीसीसीआई को देगा.

SBI Q1 Results: Profit More Than Doubles On Higher Other Income

BCCI Official Partner: बीसीसीआई का ऑफिशियल पार्टनर अगले 3 सालों के लिए एसबीआई लाइफ होगा. बीसीसीआई ने डोमेस्टिक और इंटरनेशनल मैचों के लिए एसबीआई लाइफ को अपना ऑफिशियल पार्टनर बनाया है. भारतीय टीम के 1 मैच के लिए एसबीआई 85 लाख रूपए बीसीसीआई को देगा. वहीं, बीसीसीआई का टाइटल पार्टनर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक है. आईडीएफसी फर्स्ट बैंक बीसीसीआई को प्रति मैच 4.2 करोड़ रूपए भुगतान करता है.

बीसीसीआई सेक्रेटरी जय शाह और रोजर बिन्नी ने क्या कहा?

बीसीसीआई सेक्रेटरी जय शाह ने कहा कि हमें यह एलान करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि हमने एसबीआई लाइफ को अपना ऑफिशियल पार्टनर बनाया है. एसबीआई लाइफ इंटरनेशनल मैचों के अलावा डोमेस्टिक मैचों में हमारा ऑफिशियल पार्टनर होगा. इसके अलावा बीसीसीआी के प्रेसीडेंट रोजर बिन्नी ने अपनी बात रखी. रोजर बिन्नी ने कहा कि एसबीआई का ऑफिशियल पॉर्टनर बनना शानदार अनुभव है. हमें इस बात का एलान करते हुए अच्छा लग रहा है.

बीसीसीआई को प्रति मैच 85 लाख रुपये मिलेंगे

दरअसल एसबीआई लाइफ भारत की सबसे बड़ी इंश्‍योरेंस कंपनी में से एक है. एसबीआई लाइफ ने प्रति मैच 85 लाख रुपये देने के करार पर समझौता किया है. हालांकि, शुरुआती बेस प्राइस 75 लाख रुपये प्रति मैच था. लेकिन बीसीसीआई को प्रति मैच 85 लाख रुपये मिलेंगे. बीसीसीआई और एसबीआई डील की शुरूआत भारत-ऑस्ट्रेलिया पहले वनडे मैच से हो चुकी है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 3 वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला मोहली में खेला गया. इस मैच में केएल राहुल की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराया. एसबीआई लाइफ के साथ तीन साल के इस करार में 56 मैच कवर होंगे. इसके अलावा आईसीसी टूर्नामेंट में एसबीआई लाइफ बीसीसीआई का आफिशियल पार्टनर होगा.

4 से 15 अक्टूबर के बीच चुनाव आचार संहिता की घोषणा संभव

0

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पिछले चार चुनाव का ट्रेंड देखें, तो दीपावली के 22 से 30 दिन बाद मतदान हुए हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार में त्योहार का ज्यादा असर नहीं पड़ा, लेकिन इस बार दीपावली महीने के बीच में (12 नंवबर) को है। ऐसे में चुनाव प्रचार चरम पर होगा…

साल के अंत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसी पूरी संभावना है कि निर्वाचन आयोग 4 से 15 अक्तूबर के बीच चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। राज्यों में दीपावली के आसपास वोटिंग हो सकती है। पिछले चार चुनाव के ट्रेंड बताते हैं कि हिंदी पट्टी के राज्यों में दिवाली के बाद ही विधानसभा चुनाव हुए हैं। लेकिन इस बार चुनाव आयोग की ताबड़तोड़ तैयारी और पार्टियों के जल्द जारी होती सूची के रुख से लगता है कि इस बार दीपावली से पहले भी चुनाव हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कब है वोटिंग की संभावना।

तैयारी पूरी हो तो दिवाली से पहले चुनाव ऐसे हैं संभव

आचार संहिता लागू होने के बाद चुनाव कराने की प्रक्रिया में न्यूनतम 48 दिन का समय लगता है। किसी भी चुनाव की पूरी प्रक्रिया कराने के लिए आयोग को छह महीने का वक्त लगता है। इस बार मई-जून में ही ये प्रक्रिया शुरू हो गई थी। मतलब ये है कि वोटर लिस्ट, मतदान केंद्र, पुलिस फोर्स, प्रशासनिक अफसरों की तैनाती को पुख्ता किया जाता है। इसके बाद ही आयोग चुनाव की तारीखों का एलान करता है। यदि सितंबर के अंत में तैयारियां पूरी हो जाती हैं, तो आयोग 4 से 10 अक्तूबर के बीच चुनाव कार्यक्रम जारी कर सकता है। ऐसे में दीपावली के पहले यानी 7 से 9 नवंबर के बीच मतदान हो सकता है। इस बार दीपावली 12 नवंबर को है। चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के प्रकाशन की अंतिम तारीख 4 अक्तूबर तय कर दी है। इसके बाद कभी भी चुनाव की तारीखों का एलान हो सकता है।

साल आचार संहिता लागू  वोटिंग  दीपावली
2018  6 अक्तूबर 28 नवंबर 7 नवंबर
2013 4 अक्तूबर 25 नवंबर 3 अक्तूबर
2008  14 अक्तूबर 27 नवंबर 28 अक्तूबर
2003  12 अक्तूबर 27 नवंबर 25 अक्तूबर

दिवाली से पहले चुनाव के दो कारण यह भी

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पिछले चार चुनाव का ट्रेंड देखें, तो दीपावली के 22 से 30 दिन बाद मतदान हुए हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार में त्योहार का ज्यादा असर नहीं पड़ा, लेकिन इस बार दीपावली महीने के बीच में (12 नंवबर) को है। ऐसे में चुनाव प्रचार चरम पर होगा। बड़े नेताओं की सभाओं और रैलियों में भीड़ कम हो सकती है। यही नहीं इस दौरान क्रिकेट वर्ल्ड कप के मैच भी होने हैं। ये मैच दोपहर 2 बजे शुरू होंगे, जबकि रैलियों का समय भी यही होता है। यदि दीपावली से पहले मतदान होगा तो राजनीतिक दलों को फायदा होगा।

ऐसा पहली बार होगा जब चुनाव, त्योहार और क्रिकेट वर्ल्ड कप एक साथ होंगे। ये राजनीतिक दल और उम्मीदवारों के लिए तनाव की बात हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि त्योहार और वर्ल्ड कप का सभा-रैलियों में असर दिखाई दे सकता है। क्रिकेट वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा मैच भारत और पाकिस्तान के बीच है, जो 15 अक्तूबर को अहमदाबाद में खेला जाएगा। इसी दिन नवरात्रि की शुरुआत होगी। यह पर्व नौ दिन यानी 23 अक्तूबर तक चलेगा। 24 अक्तूबर को विजय दशमी (दशहरा) मनाया जाएगा। यह वही समय है, जब राजनीतिक दलों की रैलियां और सभाएं चरम पर होंगी।

Asian Games 2023, September 27: एशियन गेम्स में भारत की शानदार शुरुआत, रोइंग और शूटिंग में जीता मेडल

0

Asian Games Hangzhou Day 4: चीन के हांगझोउ में खेले जा रहे 19वें एशियन गेम्स में आज (27 सितंबर) चौथा दिन है. इस दिन भारतीय खिलाड़ी टेनिस, घुड़सवारी, तलवारबाजी, बॉक्सिंग, तैराकी, शूटिंग जैसे कई खेलों अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं|

Asian Games: India eye Hangzhou high

Asian Games Day 4, 27 September 2023 : एश‍ियन गेम्स में आज द‍िन है. भारत ने शुरुआती तीन दिन में 14 मेडल जीते. वहीं चौथे द‍िन यानी की आज सिफ्त समरा, आशी चौकसे और मानिनी कौशिक (50 मीटर राइफल 3पी टीम स्पर्धा) ने सिल्वर मेडल ज‍िताया. वहीं दूसरा मेडल गोल्ड के रूप में आया. मनु भाकर, ईशा सिंह, रिदम सांगवान ने 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता |

तीसरे दिन घुड़सवारी टीम इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. वहीं नेहा ठाकुर ने सेलिंग में देश को सिल्वर मेडल दिलाया. तीसरा मेडल ब्रॉन्ज के रूप में सेलिंग में ही आया. यह इबाद अली ने दिलाया |

भारत ने पहला पदक 24 सितंबर को जीता था और उसके बाद से जीत का सिलसिला जारी है। 2018 एशियाई खेलों में भारतीय दल ने 570 सदस्यीय मजबूत दल से 80 पदक अर्जित करके एशियाड में अपना सबसे ज्यादा पदक का रिकॉर्ड बनाया था। अब इस संस्करण में, भारतीय टीम को अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ को पार करने की उम्मीद है, जिसमें 100 से ज्यादा पदकों का लक्ष्य रखा गया है। भारत के लिए हांगझोऊ में महिला शूटिंग टीम ने 24 सितंबर को पदक का खाता खोला था।

छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर से धान खरीदी:व्यापारियों को 540 रु वर्गफीट में जमीन, पत्रकारों को मकान खरीदने पर 15% की छूट

0

छत्तीसगढ़ में एक नवंबर से धान की खरीदी होगी। प्रति एकड़ 20 ​क्विंटल धान खरीदा जाएगा। नवा रायपुर के कमर्शियल हब में व्यापारियों को 540 रु वर्गफीट में जमीन दी जाएगी। कौशल्या माता विहार में मकान खरीदने पर पत्रकारों को 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। चुनाव से पहले हुई भूपेश कैबिनेट की बैठक में ये फैसले लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बैठक के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बेमेतरा और कोरिया जिले के 122 चिटफंड निवेशकों को 38 लाख 40 हजार 784 रुपए की राशि लौटाई ।

पॉइंट्स में देखिए फैसले की प्रमुख बातें
  • कौशल्या माता विहार में मकान खरीदने पर पत्रकारों को मिलेगी 15 प्रतिशत की छूट।
  • राजगामी संपदा को आबंटित भूमि में रियायत देने का निर्णय।
  • मार्कफेड को धान उपार्जन के लिए शासकीय प्रत्याभूति की वैधता एक वर्ष बढ़ी।
  • नेफेड के माध्यम से फोर्टीफाइड राइस कर्नेल की आपूर्ति किए जाने की सहमति।
  • ग्राम डूण्डा, सेजबहार और बोरियाकला, तहसील और जिला रायपुर में रियल स्टेट प्रोजेक्ट न्यू स्वागत विहार के स्वीकृत अभिन्यास एवं प्रभावितों को मिलेंगे प्लॉट। पूर्व में स्वीकृत 8 ले-आउट को निरस्त किए गए।
  • न्यू स्वागत विहार कॉलोनी का होगा नियमितीकरण।
  • कौशल्या माता विहार नगर विकास योजना में बिल्डर की कुछ जमीनों को योजना से अलग कर प्रभावितों को दिया जाएगा लाभ।
  • नवा रायपुर अटल नगर में प्रस्तावित थोक व्यावसायिक बाजार या कमर्शियल हब परियोजना में व्यापरियों को 945 रुपए की जगह पर 540 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से जमीनें दी जाएंगी।
  • रायपुर एफएसएल के अंतर्गत वैज्ञानिक अधिकारी से वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर प्रमोशन के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 5 वर्ष में 4 माह कम किए गए।
  • जनसंपर्क विभाग में अपर संचालक के 3 नए पद वेतन मैट्रिक्स लेवल-15 (वेतनमान 118500-214100) बनेंगे।
  • राजगामी संपदा की जमीन वाईडनर मेमोरियल स्कूल को दी जाएगी।
  • रत्नेश्वर कुर्मि क्षत्रिय सेवा संस्थान रतनपुर, छत्तीसगढ़ हल्बा आदिवासी समाज भिलाई-दुर्ग को शासकीय भूमि आबंटन में रियायत मिलेगी।
  • गोंड समाज जिला-सरगुजा, रजवार समाज सूरजपुर, दिल्लीवार कुर्मी क्षत्रिय समाज राजनांदगांव, तहसील साहू संघ छुरिया, हरदिया साहू समाज रायपुर, साहू समाज दुर्ग को शासकीय भूमि आबंटन में रियायत मिलेगी।
  • मनेन्द्रगढ़ नगरीय क्षेत्र में वर्ष 1959 के पहले के कब्जाधारियों को भूमि स्वामी का हक मिलेगा।
  • ग्राम पंचायत घुमका राजनांदगांव, ग्राम पंचायत पोरथा सक्ती को नगर पंचायत बनाने के लिए निर्धारित मापदंड में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
  • छत्तीसगढ़ राज्य हिन्दी ग्रंथ अकादमी में सुदीप ठाकुर को संचालक (संविदा) बनाया गया।
  • रामेश्वर गहिरा गुरू प्राच्य संस्कृत महाविद्यालय कोट, जिला -बलरामपुर-रामानुजगंज को 100 प्रतिशत अनुदान प्रदान मिलेगा।

फ़िज़ियोथेरेपिस्ट कैसे बने ? आइये जानते है

0

फ़िज़ियोथेरेपिस्ट कैसे बने ? आएये जाने :- आजकल युवाओं के लिए कई सारे करियर ऑप्शन मौजूद हैं. चाहे कैंडिडेट्स किसी भी स्ट्रीम से हों, सभी के लिए हर फील्ड में बहुत से ऐसे ऑप्शन हैं जिसमे वो अपना करियर बना सकते हैं. इसी तरह अगर साइंस स्ट्रीम की बात करें तो, आजकल फिजियोथेरेपिस्ट का कोर्स काफी लोकप्रिय हो रहा है.

Physiotherapist doctor handling patient

गौरतलब है कि फिजियोथेरपी कराने वाले व्यक्ति को फिजियोथेरेपिस्ट कहा जाता है. एक फिजियोथेरपिस्ट यानी शारीरिक चिकित्सक का काम मरीज़ों को शारीरिक एक्सरसाइज करवाना है. इसमें मशीनों के ज़रिये से एक्सरसाइज करवाना और बोलचाल के ज़रिये उनका मानसिक प्रेशर कम करना होता है. उम्मीदवार हॉस्पिटल या फिर स्पोर्ट्स विभाग में भी काम कर सकते हैं.

फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड जानिए

फिजियोथैरेपिस्ट कैसे बने इसे जानने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को पढ़ें-

  • स्टेप 1: विज्ञान विषय से 12वीं की पढ़ाई पूरी करें – जो विद्यार्थी फिजियोथैरेपिस्ट बनने की चाह रखता है, उसे यह बात जान लेना चाहिए कि फिजियोथैरेपी कोर्स भी मेडिकल के ही क्षेत्र में आता है और एक फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टर ही होता है। अतः उन्हें विज्ञान विषय की अच्छी समझ होनी चाहिए खासकर जीव विज्ञानं की।
  • स्टेप 2: फिजियोथैरेपी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करें – फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अपना करियर देखने वाले आवेदक को 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद फिजियोथैरेपी कोर्स के अंतर्गत ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करना चाहिए।
  • स्टेप 3: कोर्स कंप्लीट होने पर इंटर्नशिप करें – फिजियोथैरेपी का कोर्स 4 साल का होता है जब कोर्स पूरा हो जाए तो विद्यार्थी को चाहिए कि वह किसी क्लीनिक में हॉस्पिटल में इंटर्नशिप करें। इंटर्नशिप के माध्यम से वह अपने स्किल्स को और इंप्रूव कर सकता है।
  • स्टेप 4: मास्टर डिग्री करने के बारे में सोचना – अच्छे जॉब करियर और अच्छी सैलरी प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी अगर चाहे तो इस कोर्स में आगे मास्टर्स की डिग्री प्राप्त कर सकता है। मास्टर्स की डिग्री वाले व्यक्ति की सैलरी ग्रेजुएट व्यक्ति से औसतन ज्यादा होती है।