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जिले में अवैध कार्य करने वालों की, अब खैर नहीं – कलेक्टर विनय कुमार लंगेह

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कलेक्टर के निर्देशन में बड़ी कार्यवाही अवैध रूप से भंडारण कर रखे 1000 धान कट्टे को जप्त कर की कार्यवाही।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / छत्तीसगढ़ जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन पर टीम गठित कर जिले में धान के अवैध रूप से धान भंडारण करने वालों के विरुद्ध अब की जाएगी सख्ती से कार्यवाही।

इसी तारतम्य में पिथौरा अनुविभागीय अधिकारी ओम्कारेश्वर सिंह आज पिथौरा के ग्राम मोहन्दा मे दुकान और घर मे धान के अवैध भंडारण पर सख्ती बरतते हुए लगभग 1000 कट्टा धान जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई । अधिकारियों को सूचना मिली थी कि, टिकेश्वर पिता मेघराज के दुकान और घर मे बिना पर्याप्त दस्तावेज के धान का भंडारण किया गया है। तत्पश्चात राजस्व की टीम ने छापामार कार्यवाही की और दस्तावेज मांगे, परंतु पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे।
इस मामले में प्रशासन द्वारा धान को जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्यवाही कर जब्त किया गया। कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देश दिए हैं कि अवैध परिवहन और भण्डारण पर सख्ती जारी रहेगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाएगी। कार्यवाही दौरान पिथौरा अनुविभागीय अधिकारी ओम्कारेश्वर सिंह, तहसीलदार नितिन, फ़ूड इंस्पेक्टर, मंडी एवं पटवारी उपस्थित रहे ।

आज से जिले के 182 धान उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू ।

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महासमुंद के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह पहुंचे

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जिला सहित आज से राज्य सरकार की मंशानुरूप पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत हो चुकी है। महासमुंद में आज सुबह से ही समितियों के धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी शुरू की गई है।
हम आपको बता दें कि राज्य सरकार 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी समर्थन मूल्य से करेगी।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-24 मे कृषको से समर्थन मूल्य मे धान खरीदी हेतु तैयारी पूरी।

130 समितियों के माध्यम से 182 उपार्जन केन्द्रो में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाएगी।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में शासन द्वरा 12,45,963 मे.टन अनुमानित धान उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।

खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि जिले में 130 समिति के माध्यम से 182 उपार्जन केन्द्रो मे धान खरीदी की जाएगी । उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में शासन द्वारा निर्धारित अनुमानित खरीदी 9,96,248 मे.टन के विरुद्ध 11,28,540 मे.टन की खरीदी की गई थी।
इस वर्ष खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में शासन द्वारा 12,45,963 मे.टन अनुमानित धान उपार्जन का लक्ष्य प्रदान किया गया ।

धान खरीदी हेतु 6 विशेष जांच दल का गठन तहसीलवार किया गया है। जिसमे (तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक, मंडी निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक होंगे ) इसी तरह 16 चेक पोस्ट अंतर्राज्यीय एवं अतिरिक्त पुलिस 5, वन जांच चौकी 2 के माध्यम से भी निगरानी किया जाएगा।

जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती त्रिलोकी राधेश्याम के आतिथ्य में जलकी एवं अचानकपुर में धान खरीदी शुरू।

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / आज सहकारी समिति जलकी एवं धान उपार्जन केन्द्र अचानकपुर में शासन की महत्वाकांक्षी योजना धान खरीदी की शुभांरभ श्रीमती त्रिलोकी राधेश्याम ध्रुव उपाध्यक्ष जनपद पंचायत महासमुंद की मुख्य आतिथ्य एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि किसान भाइयों के साथ मिलकर किया गया।

आतिथ्यों के द्वारा किसान भाइयों को साफ सुथरा धान लाने नमी पर ध्यान देने को बोला गया एवं धान खरीदी में कर्मचारियों के द्वारा किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करने की हिदायत दिया गया। सरकार द्वारा किसी प्रकार की धान खरीदी में कोई कमी नही आने देगी । शुभारंभ के सुअवसर पर रमेश कुमार चौधरी सरपंच जलकी ऋषि कुमार चौधरी सरपंच प्रतिनिधि अचानकपुर कुमार पटेल पूर्व अध्यक्ष सहकारी समिति जलकी राधेश्याम ध्रुव उपाध्यक्ष जनपद पंचायत प्रतिनिधि होरीलाल पटेल लोमन सेन उमेश गोल्डी साहू नरसिंह चौधरी रामचरण पटेल मनोहर चौधरी अर्जुन पटेल जयप्रकाश पटेल नारायण ध्रुव नाथुराम ध्रुव दशरथ यादव लीलाधर ध्रुव शेखर पटेल बाबूलाल पटेल मुकेश यादव आपरेटर अजय चन्द्रकार साधराम पटेल धान खरीदी प्रभारी बाबूलाल चौधरी समिति प्रबंधक तोषराम चौधरी के साथ जलकी अचानकपुर बासकुडा फुसेराडीह खडुऊपार के किसान भाइयों हेमाल साथी उपस्थित रहे।

वैवाहिक लग्न शुरू होते ही मामले का हुआ खुलासा , लुटेरी दुल्हन ने दूल्हे से लूटे लाखों रूपये…?

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और भी तथ्यों का होगा पर्दाफाश पुलिस मामले को लेकर गंभीर न जाने कितनों को बनाए होंगे शिकार…?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / महंगाई, गरीबी भुखमरी, और जीवन जीने की महत्वाकांक्षा रखने वाले अपनी निजी जरूरतों की पूर्ति करने सीधे साधे लोगों की खोजबीन कर रेकी करते है और सही समय का इंतजार कर पत्ते फेंकते है। पत्ता निशाने पर लगता तो है पर किसी ने सच ही कहा है। बुरे कर्मों का फल आज नहीं तो कल अर्थात किसी के साथ गलत या ठगी कर अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने वाले लोगों को एक न एक दिन इसका खामियाजा भुगतना ही पड़ता है। इसी तारतम्य में जिले के बसना थाना में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक महिला ने अपने कुछ साथियों के साथ मिल कर एक भोले भाले 35 वर्षीय युवक से लगभग चार लाख रूपये, सोने चांदी के जेवरात ठग लिया। ठगे गए दूल्हे की रिपोर्ट पर बसना पुलिस ने लुटेरी दुल्हन सहित उसके एक साथी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
आज स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा करते हुए एसडीओपी प्रेम साहू ने बताया कि ममता पटेल बलांगीर उड़ीसा निवासी ने अपने चार साथियों राकेश सुनानी, सुदामा पटेल और गोरखनाथ दास के साथ मिलकर हेम चौधरी भंवरपुर बसना निवासी को अपने दोस्तों के साथ मिलकर महिला ने शादी का झांसा देकर फांसा और शादी कर ली। शादी से पहले ही महिला ने हेम चौधरी से तीन लाख रुपए ले ली थी। जालसाज महिला ने भोले भाले युवक से शादी रचा कर युवक के घर पहुंची और मौका देख कर युवक के घर से सोने का मंगल सूत्र, सोने की लॉकेट, चांदी की पायल और 70 हजार कीमत की मोबाइल लेकर फरार हो गई।
ठगी का शिकार हुए दूल्हे हेम चौधरी ने मामले की शिकायत बसना पुलिस में करने के बाद पुलिस ने आज दो आरोपी ममता पटेल और राकेश सुनानी को गिरफ्तार कर लिया है। दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके थ

जादू टोना के संदेह पर धारदार हथियार से महिला की हत्या।

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता

महासमुंद।एक माह पूर्व हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए पटेवा पुलिस ने 22 वर्षीय युवक झाखरमुड़ा निवासी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले का खुलासा करते हुए आज पुलिस कन्ट्रोल रूम में एसडीओपी प्रेम साहू ने बताया कि, महासमुंद जिले के पटेवा थाना क्षेत्र में धारदार हथियार से घर में अकेली महिला राजकुमारी पटेल 45 साल रायमुड़ा निवासी की हत्या 28,29 अक्टूबर की रात्रि 10.30 बजे अज्ञात व्यक्ति द्वारा कर दी गई थी। पटेवा पुलिस ने प्रार्थीया आरती निषाद की रिपोर्ट पर 103(1) भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।
पटेवा पुलिस ने एक माह बाद जीतराम निर्मलकर झाखरमुड़ा निवासी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस को बताया कि, महिला जादूटोना करती थी जिस वजह से आरोपी का बच्चा लगातार बीमार होता था, जिस वजह से उसने महिला की हत्या कर दी।

 

डॉक्टर को ठग साहब ने स्पेशल 26 फिल्म की तर्ज पर, लगाया साढ़े सात लाख का चुना।

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घनी आबादी होने के बाद भी ठग साहब ने अपने कार्य के ईमानदारी से निभाया…?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / सिटी कोतवाली महासमुंद थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए ऐसा लगता है कि, इन पर लगाम कैसा कसा जाये। आए दिन लोग ठगी के शिकार हो रहे है। इसके बा वजूद भी अपराधियों के हौसले दिन प्रतिदिन बुलंद होते जा रहे है। लगातार पुलिस हेल्प लाइन की सर्विस मिलने बाद भी ठगी के शिकार हुए लोग इनका फायदा नहीं उठा पा रहे है। ऐसा कृत्य करने वाले आपराधिक प्रवृत्ति के लोग पूर्ण विश्वास के साथ अपने काम को अंजाम देकर रफूचक्कर हो जाते है। ऐसा ही एक मामला महासमुंद में फिर घटी जहां पर वार्ड क्रमांक 24 कुम्हारपारा निवासी श्रीराम केयर क्लिनिक के संचालक नाड़ी रोग विशेषज्ञ डॉ.शेष नारायण गुप्ता से अज्ञात व्यक्ति ने साढ़े सात लाख रूपये की ठगी कर चम्पत हो गए।

क्या है पूरा मामला

विगत दिनांक 11 नवंबर 2024 को बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म स्पेशल 26 की तर्ज पर एक ठग द्वारा श्रीराम केयर क्लिनिक के संचालक डॉ. शेष नारायण गुप्ता को उनके ही क्लिनिक में घूसकर अपने आप को ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए। क्लिनिक संचालन का नियमावली का पाठ में ऐसे जकड़े की डॉ.श्री गुप्ता की बोलती बंद और वो जैसा बोलते गये डॉक्टर साहब वैसा करते गए और बातों ही बातों में व्यापारियों को देने रहे हुये रकम साढ़े सात लाख रूपये निकाल कर दे दिए। पैसा मिलते ही ठगी के किरदार में लिप्त भाई ठग साहब छू मंतर हो गये।

महासमुंद पुलिस को सूचना मिलते ही आरोपी के पतासाजी करने त्वरित जुट गई। आरोपी द्वारा जिस वाहन में आए और घटना को अंजाम दिए उस गाड़ी को ड्राइवर को खरियार रोड से गिरफ्तार किया गया किंतु संपूर्ण घटना को अंजाम देने वाले ठग साहब अब भी पुलिस के गिरफ्त से बाहर है।

बताया जा रहा है कि, रायपुर रेल्वे स्टेशन से अज्ञात आरोपी ने एक कार सीजी 04 एम पी 4194 स्विफ्ट डिजायर किराया कर महासमुंद के कुम्हार पारा पहुंचा था। डॉक्टर से ठगी कर आरोपी किराए की कार से उड़ीसा के खरियार रोड पहुंचा और वहां से कहीं निकल गया। ड्राइवर को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
महासमुंद सिटी कोतवाली प्रभारी शरद दुबे मीडिया से मुखातिब होते हुए बताए कि,घटना के तुरंत बाद सूचना मिलती तो आरोपी महासमुंद जिला से बाहर नहीं जा पाता और पुलिस के गिरफ्त में होता। फिर महासमुंद पुलिस विभाग आरोपी तलाश में जुट चुकी है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।

बाइट_प्रतिभा पाण्डेय अतरिक्त पुलिस अधीक्षक महासमुंद

फसल चक्र परिवर्तन को लेकर किसान हो रहे जागरूक – देवेंद्र चंद्राकर

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* रबी सीजन में चना, गेहूं फसल लेने का निर्णय ले रहे किसान
* भावी पीढ़ी के लिए भू-जल की महत्व को समझ रहे किसान

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला सहसंयोजक देवेंद्र चंद्राकर ने कहा कि, रबी सीजन में धान फसल के बदले दलहन, तिलहन फसलें लेने की अपील सरकार द्वारा की जा रही है। प्रदेश में जल संरक्षण की दिशा में फसल चक्र परिवर्तन एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। फसल चक्र परिवर्तन से मिट्टी की उर्वरा शक्ति में वृद्धि सहित भू-जल स्तर में सुधार होगा। साथ ही अंधाधूंध भू-जल के दोहन से ग्रीष्म ऋतु में जल संकट की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलेगी।
श्री चंद्राकर ने कहा कि, जल संरक्षण की दिशा में राजनीति से उपर उठकर सभी को सार्थक पहल करने की आवश्यकता है। सरकार द्वारा की जा रही अपील हर वर्ग के हित में है। इस मुद्दे पर किसानों को बरगलाने के बजाए उन्हें फसल चक्र परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। लेकिन, विपक्ष के नेता इस मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा बनाकर बेतुकी बयानबाजी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि, सरकार सदैव किसान हित में निर्णय लिए हैं। शासन के मंशानुरूप किसान भी जागरूक हो रहे हैं। प्रदेश के धमतरी जिले के ग्राम रांवा, ग्राम पंचायत परसतराई, नगर पंचायत आमदी सहित बालोद जिले के गुरुर ब्लाॅक अंतर्गत ग्राम पेंडरवानी के किसानों ने इस बार रबी सीजन में धान के बजाए चना व गेहूं की फसल लेने का निर्णय लिया है। किसान स्वयं इस बात से वाकिफ हैं, कि रबी सीजन में धान फसल की सिंचाई के लिए पानी के लिए किस हद तक परेशानी उठानी पड़ती है। रबी सीजन में धान फसल लेने वाले किसान अपने खेतों में 24 घंटे सिंचाई बोर पंप चलाते हैं। अधिकांश गांवों के किसान रबी में धान फसल लेते आ रहे हैं, इसका विपरीत असर भू-जल स्तर पर सीधा पड़ता है। समय से पहले भू-जल स्तर गिरने से सिंचाई बोर पंप हाफने लगता है और गांवों में पेयजल संकट शुरू हो जाती है। ग्राम परसतराई के किसानों के इस निर्णय की प्रशंसा स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की है। ग्राम परसतराई रबी सीजन में जल संरक्षण के लिए धान फसल का बहिष्कार किया और दलहन-तिलहन लेकर जल बचाव का सीख प्रदेशभर के किसानों को दिया है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि सरकार द्वारा रबी सीजन में धान फसल नहीं लेने के लिए किसानों से केवल अपील की जा रही है। उन पर कोई दबाव नहीं डाला जा रहा। प्रदेश के किसानों को सरकार पर भरोसा है। इसलिए प्रदेश के विभिन्न जिलों के किसानों न रबी सीजन में धान फसल नहीं लेने का निर्णय पंचायतों में बैठक कर लिया है। छत्तीसगढ़ के किसानों की प्रशंसा दिल्ली में हो रही है।

जिले के समिति प्रबंधक त्यागपत्र के साथ पहुंचे कलेक्ट्रेड मांग पूरी नहीं की तो,धान खरीदी नहीं होगी।

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प्रबंधक खरीदी नहीं करेंगे तो धान पैदा करने वाले किसानों का होगा बुराहाल..?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद। छत्तीसगढ़ सरकार को धान खरीदी मामले पर पहले से ही विपक्षी पार्टी कांग्रेस के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सरकार की धान खरीदी नीति 2024_2025 का विरोध करते हुए समिति के सदस्य आज जिला कलेक्टर के कार्यालय पहुंच कर त्यागपत्र की पेशकश की है।
वो कहावत है ना कि सिर मुड़ाते ही वोले पड़े को चरितार्थ होते देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार पहले से ही धान खरीदी को 14 नवम्बर से प्रारंभ करने की वजह से विपक्ष पार्टी के निशाने पर, वही अब धान समिति केंद्रों के प्रभारियों ने राज्य सरकार की धान खरीदी नीति 2024_25 को समिति के अनुकूल नहीं होने की बात कहते हुए आज जिले के सभी प्रबंधक इस्तीफा देने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। कलेक्टर पहुंचे समिति के प्रबंधकों ने 3 बिंदुओं पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। समिति के सदस्यों का कहना है कि धान खरीदी में पिछली सरकारों द्वारा 72 घंटे के भीतर धान के उठाव नियम को वर्तमान राज्य सरकार ने समाप्त कर दिया है। समिति का कहना है कि 72 घंटे के भीतर धान का उठाव नहीं होने की वजह से धान की सुखत अधिक होने से समितियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता ही। समिति में पाई जाने वाली धान की कमी का हर्जाना समितियों को ही चुकाना होता है ऐसी स्थिति में समिति प्रबंधक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। लाखों-करोड़ों रूपए का आर्थिक खजाना भरना पड़ेगा जो किसी भी समिति के लिए संभव नहीं हो सकेगा। लिहाजा समिति प्रबंधकों ने फैसला लिया है कि वह समिति का काम करेंगे लेकिन प्रबंधन का काम नहीं करेंगे। जिले के 182 उपार्जन केंद्र के 133 समिति के प्रबंधक जिला कलेक्टर पहुंचकर अपने त्यागपत्र की पेशकश जिला कलेक्टर से की हैं।

समितियों की ये है मांग…

1)कंडिका 17/4 खरीफ़ विपणन वर्ष 2023-24 में खरीदी केन्द्रो की बफ़र (लिमिट स्टाक) की सीमा से अधिक होने पर 72 घंटे के भीतर शीघ्र धान का उठाव कराया जायेगा।

2.- कंडिका 16/8 खरीदी केन्द्रों में भण्डारित समस्त धान को मार्क़फ़ेड के द्वारा दिनांक 28 फ़रवरी तक अनिवार्य रूप से उठाय कराया जायेगा ।

3.- कंडिका नं. 15 ऐसे समिति को इन्सेटिव प्रदान किया जायेगा जिसमें :-1.-समिति के सार्टेज निरंक होने पर 2.5 प्रतिशत समिति को एवं 2.5 प्रतिशत धान खरीदी में कार्यरत कर्मचारियों को दिया जायेगा परिवहन स्तर पर होने वाले कमी की वसुली / भरपाई मार्कफ़ेड द्वारा परिवहनकर्ता से किया जायेगा। वर्तमान धान खरीदी नीति 2024- 25 से हटा दिया गया है। महोदय उपरोक्त सभी बिन्दुओं को वर्तमान धान खरीदी नीति 2024-25 में जोड़ा जावे, साथ ही उसमें समितियों को 28 फ़रवरी के पश्चात भण्डारित सम्पूर्ण धान का उठाय नही होने पर उसमें सूखत सार्टेज मान्य रखने करने का भी प्रावधान रखे जावे । कलेक्टर को इस्तीफा देने पहुंचने वालों में जिलाध्यक्ष तुलाराम ध्रुव समिति बढाईपाली, कार्यकारी जिलाध्यक्ष पंकज साव समिति बिछिया,
जिलाउपाध्यक्ष कौशल साहू (समिति खट्टी) , मनोज डडसेना (समिति सपोस),जिलासचिव घनश्याम चौधरी समिति भुकेल,संरक्षक विजय कोसरे (झलप),ऋषि पटेल (सोनासिल्ली),
ईश्वर पटेल (कौहाकुडा),जयप्रकाश साहू (चरौदा),कृष्ण लाल साहू (लहंगर),लोकेश साहू (रसोडा),
सहसचिव मुकेश साहू (रायतुम),
संगठन मंत्री संतोष साहू (घोंच),
भेखलाल यादव (देवरी), प्रचार मंत्री
जय राम प्रधान (परसवानी),संतोष पटेल (पुटका), मिडिया प्रभारी
भानुप्रताप साहू (झलप)
सदस्यगण मनोहर बरिहा,
रामकृष्ण मने,प्रदीप कुमार साहू,
रमेश सिन्हा,रतन साहू,भुनेश्वर पटेल,
कमलेश भोई,उमेश भोई,सुरेश भोई, मोद राम निषाद, देर्वाचन राणा

सरायपाली में धान एवं महुवा के अवैध भंडारण पर राजस्व विभाग की दबिश।

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अवैध रूप से 188 क्विंटल धान और 6 क्विंटल महुआ जप्त।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता महासमुंद / जिले के सरायपाली अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुश्री कु.नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में ग्राम तिहरीपाली के एक व्यापारिक प्रतिष्ठान पर प्राप्त शिकायत के आधार पर आकस्मिक निरीक्षण किया गया। कार्यवाही दौरान नायब तहसीलदार हरिप्रसाद भोई, मंडी सचिव खिरभान सिंह ध्रुव, मंडी निरीक्षक सुशील कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी जयंत सिंह चौहान और मंडी कर्मचारी जैनेन्द्र कुमार पटेल शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर 470 पैकेट धान का अवैध भंडारण पाया गया, जिनका कुल वजन लगभग 188 क्विंटल था। इसके अतिरिक्त, 6.00 क्विंटल महुआ अवैध भंडारण के रूप में बरामद किया गया। मंडी अधिनियम के तहत भंडारण अवैध होने के कारण त्वरित जप्त कर कार्यवाही किया गया।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की अवधि को देखते हुए, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली के निर्देशन में आगे की कार्यवाही की जानी है। इस निरीक्षण अभियान का उद्देश्य किसानों के हक की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मंडी अधिनियम का सख्ती से पालन कराना है, ताकि समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न हो।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान उपार्जन हेतु कलेक्टर श्री लंगेह ने किया खेतो मे उतर कर किया खसरा सत्यापन

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु राज्य सरकार द्वारा किसान पंजीयन और समितिवार अनुमानित धान उपार्जन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस वर्ष एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत धान उत्पादक किसानों से फसल गिरदावरी के आधार पर भूईयां सॉफ्टवेयर में प्रविष्ट धान के रकबे के आधार पर धान की खरीदी की जाएगी। भूईयां सॉफ्टवेयर में दर्ज फसल धान की प्रविष्टियों में 5 प्रतिशत का रैंडम सत्यापन भी किया गया है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज मौके पर पहुंचकर खसरा सत्यापन कर रहे अधिकारियों के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व निरीक्षक मंडल पटेवा, पटवारी हल्का नंबर 20 के अंतर्गत ग्राम बावनकेरा में खसरा नंबर 1410 पर कृषक नीलीमा, पति द्रोण चंद्राकर के खेत में लगे धान की फसल का निरीक्षण किया। इसी प्रकार, ग्राम खम्हारमुड़ा में खसरा नंबर 222/1 पर कृषक रामलाल, पिता नाथूराम यादव के खेत में लगे धान का भी निरीक्षण किया। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी उमेश कुमार साहू एवं राजस्व, खाद्य और क़ृषि विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर श्री लंगेह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शासन के निर्देशानुसार निर्धारित समय सीमा में सत्यापन कार्य को पूर्ण करें। जिले में तहसील स्तर के अधिकारियों द्वारा अब तक कुल 47,403 खसरों का सत्यापन कार्य संपन्न किया जा चुका है। जिला स्तर पर 72 अधिकारियों को द्वितीय चरण के खसरा सत्यापन कार्य के लिए नियुक्त किया गया है, जिनके द्वारा खसरा सत्यापन का कार्य किया जा रहा है।