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पीएम आवास की लुटेरी सहायक सचिव संतोषी खांडेकर ग्रामीणों से ले रही 1000 रूपये की राशि…?

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शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / हमारे देश में गरीबों के हित के लिए अक्सर भारत सरकार द्वारा नई-नई योजनाओं की शुरुआत की जाती है। जिसे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण कहा जाता है। ऐसी ही एक लाभकारी योजना है. इसके तहत भारत में रहने वाले गरीब और बेघर लोगों को आवास की सुविधा प्रदान करायी जाती है, इस योजना के तहत ग्रामीण लाभार्थियों की सूची जारी की जाती है, और इसमें अंकित सभी लाभार्थियों को अपना खुद का घर बनवाने के लिए सहायता राशि प्रदान की जाती है। लेकिन इन मुफ्त की योजनाओं में भी कुछ लोगों की गिद्द जैसी पैनी नजर गड़ाए हुए रहती है जो कि, गरीब, असहाय रोजी मजदूरी करने वालो को डरा धमका कर रुपए ऐंठने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती है ऐसा ही एक मामले को लेकर ग्रामीण कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणजन कि,सहायक सचिव ले रही है।

ग्रामीणों से पीएम आवास के बदले हजार रुपए, कलेक्टर से शिकायत महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत तरेकेल के आश्रित ग्राम खैरझुडी के ग्रामीणों से गांव की सहायक सचिव संतोषी खांडेकर पीएम आवास के एवज में ग्रामीणों से एक हजार रुपए की मांग कर रही है। ग्रामीणों द्वारा पैसा नहीं दिए जाने पर पीएम आवास योजना से वंचित कर रही है।
हम आपको बता दें कि, सहायक सचिव के इस हरकत का ग्रामीणों विरोध किया तो सहायक सचिव ने ग्रामीणों से अभद्रता करते हुए कहा कि पीएम आवास के लिए एक हजार की राशि में सभी अधिकारियों को हिस्सा देना पड़ता है। चाहे जिसे शिकायत करो एक हजार रूपए नहीं दिए तो पीएम आवास योजना के लिए ना ही फोटो खींचा जायेगा और ना ही जिओ टेक किया जाएगा। आक्रोषित ग्रामीणों ने कलेक्टर विनय कुमार लहंगे से लिखित शिकायत कर सहायक सचिव संतोषी खांडेकर पर कार्रवाई की मांग की है।

आदिवासियों के मुंह से छीना जा रहा निवाला..?

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मामला बसना ब्लॉक के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति गढ़फुलझर अन्तर्गत शासकीय उचित मूल्य साल्हेझरिया का..!!

रिपोर्टर मयंक गुप्ता

महासमुंद / छत्तीसगढ़ गरीबों को मुफ्त और कम दामों में राशन मुहैया कराने के लिए शासन शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित करती है।

लेकिन दुकान संचालक ही अगर गरीबों के राशन पर डाका मार दे तो बेचारे गरीब कहां जाये, ये एक बड़ा सवाल है। मामला बसना ब्लॉक के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति गढ़फुलझर अन्तर्गत शासकीय उचित मूल्य साल्हेझरिया का हैं….!

साल्हेझरिया गांव आदिवासी बाहुल्य गांव होने के साथ छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसा हैं, गांव गरीब होने के कारण ज़ब कमाते हैं तब उन्हें भोजन नसीब होता हैं और ऐसे में सितंबर माह के चावल सहित अन्य खाद्यान्न का वितरण विंध्यावासिनी महिला स्व सहायता समूह साल्हेझरिया द्वारा अभी तक शुरू नही किया गया है। वही थम्ब इंप्रेशन लेने के बाद भी हितग्राहियों को दो-तीन और चार महीने तक का चावल, शक्कर, चना नमक नही दिया है। जिसके कारण गरीब हितग्राहियों को घर में चावल नही होने के कारण भुखे मरने की नौबत आ गयी है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने अंकोरी जिलास्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में की है…. मामले में ग्राम पंचायत साल्हेझरिया के सचिव पुनीतराम पटेल का भी कहना हैं कि सहकारी उचित मूल्य की दुकान में खाद्यान्न का वितरण महीने के आखिरी दिनों में होता है। ग्रामीणों ने जिलास्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में राशन नही मिलने की शिकायत की है जांच चल रही है….. वही खाद्य निरीक्षक दिव्यांशु देवांगन ने कहा कि मामले में जांच रिपोर्ट बनाकर एसडीएम बसना को सौंप दिया गया है। वही विंध्यावासिनी महिला स्व सहायता समूह साल्हेझरिया को निर्देशित किया गया है कि जिन हितग्राहियों को चावल नही मिला तत्काल वितरण करें।

बच्चों के कुपोषण को खत्म करने राष्ट्रीय पोषण माह सितंबर में मनाया जाता है।

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गतग आज वार्ड न20 पंडित जवाहर लाल वार्ड शहरी परियोजना में पोषण माह का आयोजन 22सितम्बर 2024को किया गया।पोषण माह में आज वजन त्योहार का आयोजन किया गया । जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पांडे ने कार्यक्रम की शुरुआत बच्चो को तिलक लगाकर व आरती करके की। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अपील की कि बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर के बच्चों का वजन अवश्य कराएं ।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती शैल नाविक ने वार्ड वासियों को जानकारी दी की आंगनबाड़ी केंद्र में पालक गण अपने बच्चों का वजन अवश्य कराएं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से जानकारी ले की बच्चों के वजन स्तर क्या है। क्योंकि बच्चा अगर पीला या लाल रंग को दर्शित करता है तो वह कुपोषित रहता है और बच्चा एक बार अगर कुपोषित हो जाता है तो वापस रिकवर करने में बहुत समय लगता है।कुपोषण को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय पोषण माह सितंबर में मनाया जाता है
जिसके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों मे विविध गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। सुपरवाइजर व कार्यकर्ता ने आगे वार्ड वासियों को जानकारी दी की आंगनवाड़ी पर हर माह वजन लिया जाता है व बच्चों के वजन का स्तर बताया जाता है इसके साथ-साथ में किशोरी बालिकाओं को रेडी टू ईट का वितरण किया जाता है उसके साथ ही एनीमिक महिलाओं का हिमोग्लोबिन टेस्ट भी किया जाता है। आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से सेक्टर सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती कुंती यादव आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अहिल्या मरकाम ललित नंदे सुधा रात्रे कुसुम नामदेव लेखा पटेल सुशीला हरपाल धन्मती बघेल व बड़ी संख्या में बच्चों के माता-पिता उपस्थित थे।गर्भवती शिशुवती महिला किशोरी बालिका सहित करीब 65 महिलाएं उपस्थित थी।
महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी शैल नाविक जी द्वारा महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यदि कुपोषण कम करना है तो सबसे पहले महिलाओं को एनीमिया मुक्त होना आवश्यक है
इस हेतु महिला इतनी जागरूक हो कि हीमोग्लोबिन 11 ग्राम या उससे ज्यादा हो तभी वह गर्भधारण करें. ताकि बच्चा गर्भ में अपना पूर्ण विकास कर सके। पूर्ण गर्भकाल में गर्भवती को पौष्टिक पोषण लेना आवश्यक है
इसके लिए गर्भवती को दिन में बार-बार खाना खाते रहना चाहिए।गर्भकाल के दौरान समय-समय पर डॉक्टर से चेक करवा कर पौष्टिक गोली आयरन और कैल्सियम फोलिक एसिड, डाक्टर के दिए गए निर्देश अनुसार खानी चाहिए। आंगनवाड़ी में मिलने वाला पौष्टिक रेडी टू ईट गर्भवती स्वयं उसका उपयोग करें क्योंकि वह बहुत पौष्टिक होता है।यदि महिला एनीमिक है तो उसका बच्चा भी कमजोर होगा और जब बच्चा कमजोर होगा तो उसका शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाएगा।एनीमिक महिला है तो उसको भी कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक नुकसान हो सकते हैं। जिसका खामी आज उसे स्वयं ही भुगतना पड़ता है।इसके पश्चात सेक्टर पर्यवेक्षक कुंती यादव द्वारा कहा गया की छत्तीसगढ़ में 36 प्रकार की भाजिया होती है यदि यही भाजी रोज खाई जाए तो एनीमिया की 70% समस्या वैसी हल हो जाएगी, साथ ही यदि पौष्टिक व्यंजन आपको लेना है तो इसके लिए महतारी वंदन की राशि सरकार द्वारा प्रतिमाह दिया जाता है, जिसे अपने स्वास्थ्य के लिए उपयोग कर सकती है.।


आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अहिल्या मरकाम सुधा रात्रे के द्वारा पौष्टिक व्यंजन की प्रदर्शनी लगाई गई.जिसमें यह दर्शाया गया कि इसमें सभी प्रकार के पोष्टीक तत्व होते हैं जो कि हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मौसमी फलों का भी उपयोग किया जा सकता है.
इसी तरह शहरी क्षेत्र मे भी महासमुंद के श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र मे पूरक पोषण आहार के संबध मे प्रदर्शनी लगाई गई और महिलाओं को पौष्टीक तत्वों और पौष्टीक आहार की जानकरी दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में बच्चे व किशोरी , मौजूद थी।

*खबर का असर* करणी कृपा पावर प्लांट के खिलाफ पुलिस ने किया अपराध दर्ज।

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करणी कृपा पावर प्लांट के जीसीबी टैंक में 180 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान में उबल रहे पानी में झुलस कर दो लोगों की मौत हो गई थी।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / करणी कृपा पॉवर प्लांट के खिलाफ पुलिस ने किया मामला दर्ज

महासमुंद शहर से 14 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे एनएच 53 में स्थित करणी कृपा पावर प्लांट के जीसीबी टैंक में 180 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान में उबल रहे पानी में झुलस कर दो लोगों की मौत हो गई थी। जिस समाचार को हमारे चैनल ने प्रमुखता से उठाया था, उस पुलिस प्रशासन ने संज्ञान में लेते हुए करणी कृपा पावर प्लांट पर मामला दर्ज कर दिया है।

हम आपको बता दे कि करणी कृपा पावर प्लांट में 8 सितंबर को खिलेश्वर साहू भोरिंग निवासी और भारत वर्मा चंदखुरी निवासी और डिगेश सिन्हा नामक 3 युवक गंभीर रुप से गर्म पानी में झूलस गए थे, जिनका इलाज रायपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। जहां 12 तारीख को भारत वर्मा की मौत हो गई और ठीक उसके दो दिन बाद खिलेश्वर साहू की मौत हो गई है। वही एक व्यक्ति जिन्दगी और मौत के बीच जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा हैं। घटना की सूचना पुलिस को भी नहीं दी गई थी। समाचार के चलने के बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए करणी कृपा पावर प्लांट के खिलाफ मामला दर्ज कर दी।

महासमुंद की मां करणी कृपा पावर प्लांट मांग रही, युवाओं की बलि…?

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दो परिवारों के चिराग बुझे,एक पीड़ित अपने इलाज के लिए भटक रहा तो दूसरा रायपुर के निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच अपनी सांसे गिन रहा है।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जिला के तुमगांव स्थित मां करणी कृपा पावर प्लांट ने बुझा दिया साहू परिवार का इकलौता चिराग ग्रामीणों के लिए यमराज बनकर आया है। मां करणी कृपा पॉवर प्लांट। पावर प्लांट बनकर अभी पूर्ण रूप से तैयार नहीं हुआ है और चढ़ने लगी है युवाओं की बलि एक ही दिन की घटना से सुने हो गए दो मां के कोख और बुझ गया साहू और वर्मा परिवार का चिराग। घटना के बाद जहां दो युवाओं की मौत हो गई है।वहीं एक नव युवक जिन्दगी और मौत के बीच जूझते हुए रायपुर राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती है।

हम आपको बता दें कि, महासमुंद से 12 किलो मीटर दूर नेशनल हाईवे 53 ग्राम खैरझीटी पर स्थित मां करणी कृपा पॉवर प्लांट में 8 सितंबर को एक जीसीबी टैंक जिसमें 24 घंटे 180 डिग्री सेंटीग्रेट की तापमान से पानी खौलते रहता हैं। उसी टैंक पर खिलेश्वर साहू पिता कुमार साहू उम्र 23 साल भोरिंग निवासी, भरत वर्मा पिता राजकुमार वर्मा ग्राम मुनगी चंदखुरी जिला रायपुर निवासी और डोमार सिन्हा कुरूद मंदिर हसौद निवासी करणी कृपा के इस जीसीबी टैंक में 180 डिग्री सेंटीग्रेट में खोलते पानी की टैंक जो जाम हो गई थी उसे खोलने पहुंचे थे। टैंक को खोलते ही टैंक में भरा पानी खिलेश्वर् साहू, भरत वर्मा और डोमार सिन्हा पर गिर गया और तीनों बुरी तरह से इस खोलते पानी में झुलस गए। जिसे रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 12 सितम्बर को इलाज के दौरान भरत वर्मा की मौत हो गई। ठीक इसके दो दिन बाद खिलेश्वर साहू की मौत 14 सितम्बर को हो गई है। वहीं डोमार सिन्हा अस्पताल में जिन्दगी और मौत की जंग लड़ रहा है।

महासमुंद ब्लॉक के ग्राम खैरझीटी में बने इस करणी कृपा पॉवर प्लांट का लगभग 60 गांव से भी अधिक के ग्रामीणों ने इस प्लांट के खुलने का पुरजोर विरोध किया था और लगभग दो साल तक आंदोलन भी किया था। बावजूद इसके यह प्लांट को शासन प्रशासन ने मिलकर खोल दिया। जिसका खामियाजा यहां की जनता को अपने संतानों की आहुति देकर चुकानी पड़ रही है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि 8 सितंबर को हुए इस भीषण दुर्घटना जिसमें तीन लोग बुरी तरह से झुलस गए थे जिनमें से दो की मौत हो चुकी है और एक व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। इस घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को करणी कृपा पॉवर प्लांट के प्रबंधन ने सूचित भी नहीं किया था। आप इस बात से ही अंदाजा लगा सकते हैं कि काल का रूप धारण कर चुके पॉवर प्लांट में और कितनों की बलि चढ़ने वाली है।

प्लांट में लेबर का काम करने वालों के लिए सेफ्टी के नाम पर कुछ भी नहीं है। जान जोखिम में डाल कर मजदूरी करने वालों की कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। बावजूद इसके यह प्लांट चल रहा है। 8 सितंबर को हुई घटना में मरने वाले व्यक्तियों के परिजनों को भारी मशक्कत के बाद 25_25 लाख का मुआवजा दिया गया है। जबकि परिजनों ने 80 लाख का मुआवजा मांगा था।

निकट भविष्य में कोरोना काल से बड़ी महामारी का रूप लेगा तुमगांव स्थित मां करणी कृपा पावर प्लांट विरोध आज नही तो कभी नही।

पंचायत सचिव चैतराम साहू का हुआ सपना साकार, फर्जी तरीके से बनवाया पीएम आवास..?

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पिथौरा जनपद वर्तमान सीईओ द्वारा मामले में गोलमोल जवाब तलब क्यों..?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुन्द / सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी अनुसार जिला महासमुंद विकास खण्ड पिथौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कंटगतराई में चैतराम साहू पंचायत सचिव के पद पर पदस्थ था जो कि वर्तमान में निलंबित है। सचिव चैतराम साहू पिथौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बडेटेमरी का मूल निवासी है। सचिव चैतराम साहू ने अपने गृह ग्राम बडेटेमरी में वर्ष 2020-21 में एक शासकीय कर्मचारी होते हुए जो कि पीएम आवास योजना के नियमानुसार पूर्णतः अपात्र है यह जानते हुए भी अधिकारियों के साथ आपसी सांठ – गांठ कर अपने स्वंय के नाम से पीएम आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति कराकर राशि आहरण किया गया है।

मामले की खुलासा होने के बाद सचिव चैतराम साहू को दिनांक 01 दिसंबर 2023 को जिला सीईओ महासमुंद के द्वारा निलंबित कर कार्यवाही के नाम पर केवल खाना पूर्ति किया गया है । जबकि उक्त अपात्र हितग्राही सचिव चैतराम साहू के नाम से आवास स्वीकृति के संबंध में ग्राम पंचायत बडेटेमरी के सचिव जिसका पंजीयन प्रपत्र में हस्ताक्षर है एवं जियो टेग करने वाला कर्मचारी , जनपद पंचायत पिथौरा में अधिकरियों के द्वारा पंंजीयन प्रपत्र को स्वीकृति भी नहीं कि गई और नोट सीट भी नहीं चलाया गया है और अपात्र हितग्राही सचिव चैतराम साहू को 65 हजार रूपये भुगतान कर दिया जाना अधिकारी कर्मचारियों का संलिप्तता स्पष्ट परिलक्षित होता है । उसके बाद भी सीईओ जिला पंचायत महासमुंद के द्वारा जानबुझकर दोषियों को बचाने के आशय से इतने बडे फर्जीवाडा मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है ।

*पिथौरा जनपद से दस्तावेज गायब, हेड ऑफिस रायपुर में वही दस्तावेज उपलब्ध*

इस संबंध में कार्यालय जनपद पंचायत पिथौरा से रूपानंद सोई को दिनांक 04/12/2023 को सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार पंचायत सचिव चैतराम साहू के द्वारा उक्त आवास के संबंध में कार्यालय जनपद पंचायत पिथौरा में जमा किया गया पंजीयन प्रपत्र उपलब्ध नहीं होना और नोट सीट भी नहीं चलाया जाना बताया गया , उक्त पंजीयन प्रपत्र को तीन अधिकारी डी.एल बरिहा, तेजेन्द्र साहू एवं ऋषिकांंत साहू के द्वारा दो दिन तक खोज बिन किया गया लेकिन जनपद कार्यालय में उक्त पंजियन प्रपत्र नहीं मिला । उक्त विभाग के अधिकारी दस्तावेज न मिलने का ढोंग रचकर मामले को रफा दफा करने में लगे हैं । जबकी उक्त आवास की पंजीयन प्रपत्र कार्यालय संचालक , पीएम आवास योजना – ग्रामीण , छत्तीसगढ , नवा रायपुर में उपलब्घ है।

*सचिव चैतराम साहू के द्वारा प्रस्तुत जवाब एवं क्या है उसकी सच्चाई -*

उक्त मामले में दिनांक 02 नवंबर 2023 को सचिव चैतराम साहू के द्वारा जनपद सीईओ पिथौरा के समक्ष लिखित में जवाब प्रस्तुत कर लेख किया गया है कि त्रुटि वश उनके नाम से आवास स्वीकृति हो गया है , जिसकी दो किस्त की राशि 65 हजार रूपये उसके बैंक खाता में प्राप्त हुआ है । न ही उसके द्वारा राशि आहरण किया गया है, और न ही आवास का निर्माण किया गया है ।

जबकि सच्चाई यह है कि, सचिव चैतराम साहू किसी अन्य व्यक्ति के निर्माणाधीन आवास में खडे होकर जियो टेग कराया है । उक्त आवास से संबंधित प्रस्तुत पंजीयन प्रपत्र में सचिव चैतराम साहू की पत्नि कल्याणी साहू का बैंक खाता की जानकारी दी गई है। लेकिन जनपद पंचायत पिथौरा के अधिकारियों के द्वारा सचिव चैतराम साहू के बैंक खाता में 65 हजार रूपये भुगतान किया गया है ।

शासकीय भूमि पर भू – माफियाओं का कब्जा…?

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कब्जा हटाने ग्रामीणों ने किया कलेक्टर का घेराव कार्यवाही नही की तो होगा उग्र आंदोलन ।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / छत्तीसगढ़ राज्य का ऐसा जिला महासमुंद हमेशा सुर्खियों में जाने जाना वाला शहर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां पर आए दिन किसी न किसी तथ्य को लेकर जिला कलेक्टर का घेराव ग्रामीणों द्वारा किया जाता है और ज्ञापन सौंपने कार्यवाही हेतु अवगत कराया जाता है।


इसी तारतम्य में गांव की सैडकों एकड़ जमीन पर बाहुबलियों का कब्जा, हटाने ग्रामीणों ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव महासमुंद जिला कलेक्टर कार्यालय से महज पांच किलो मीटर दूर ग्राम पंचायत लभरा खूर्द के कुछ बाहुबलियों ने ग्राम सरपंच, सचिव पटवारी के साथ सांठ गांठ कर ग्राम की सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। बाहुबलियों ने गांव की रंग मंच पर भी कब्जा कर लिया है जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने आज सुबह 11 बजे महासमुंद कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा है कि कलेक्टर महासमुंद अगर गांव से बेजा कब्जा नहीं हटाती है तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

मछली जल की रानी है,ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार करना मेरी कहानी है…?

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छुरा जनपद में पदस्थ महिला पंचायत सचिव श्रीमती होमिन सेन के खिलाफ जुटे सरपंच संघ।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
गरियाबंद / मामला जनपद पंचायत छुरा के पंचायत सचिव से आखिर कार थक हार कर बुर्जर्गो ने मुहावरा बताते हुए कहा कि, कर्मण्येवाधिका रस्तु मा फलेषु कदाचन अर्थात जैसा कर्म करोगे वैसा फल पाओगे । चाहे अच्छा कर्म हो या बुरा कीमत तो हर हाल में चुकाना ही पड़ेगा।
कम समय में ज्यादा आमदनी कमाने की लालच ने आखिरकार उसको गर्त में ला ही लिया। मामला छत्तीसगढ़ के जिला गरियाबंद अन्तर्गत जनपद पंचायत छुरा विकासखंड आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र से कुछ पंचायतों में पंचायत सचिव के रूप में पदस्थ श्रीमती होमिन सेन के विरुद्ध लगातार शिकायत मिलती रही है। पंचायत सचिव श्रीमती होमिन सेन जिस भी ग्राम पंचायत में अपना पदभार सम्हाली। वहां पर ग्रहण ही लग जाता है। ऐसा इसलिए कह रहें कि, पंचायत सचिव श्रीमती होमिन सेन हमेशा विवादितों से घिरी हुई रहती हैं। छुरा जनपद क्षेत्र में 74 पंचायत हैं जिसमें से लगभग 8 से 10 पंचायतों में सचिव होमीन सेन ने चार चांद ग्रहण लगा चुकी है। यह क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। सभी सरपंच आदिवासी समाज के है कुछ पंचायतों में महिला मुखिया है और कुछ जगहों में पुरुष सरपंच है। सर्व ग्राम पंचायत सेम्हरा, टेंगनाबासा, कोसमी (नवापारा), चुरकीदादार, मुड़ागांव, लोहझर अन्य ग्राम को अपने चंगुल के शिकार बना चुकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंचायत सचिव के रूप में पदस्थ श्रीमती हाेमिन सेन जिस पंचायत में अपनी कदम रखती है उस पंचायत में लड़ाई झगड़ा जैसे विवाद उत्पन्न करना इसका पेशा बन चुकी है। पुरुष सरपंच तो दूर की बात महिला सरपंच के अलावा अपने विभागीय अधिकारी कर्मचारियों के साथ अच्छे से बरताव नहीं करती हैं।

आपको ज्ञात होगा कि शासन प्रशासन के द्वारा ग्राम पंचायत की विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की है जिसमें नाना प्रकार के कार्य किए जाते हैं जिस पर सचिव होमीन सेन द्वारा बंदरबाट करने में लगी रहती हैं, स्थानीय सरपंच और पंच को लालच देने की खूब प्रयास करती है जिसमें से कुछ पंच चंगुल में फंस जाते है और इसका आरोप लगते है सीधे साधे आदिवासी सरपंच के ऊपर जिसका ताजा उदाहरण है – चुरकीदादर, मुड़ागांव, सेम्हारा, टेंगनाबासा, कोसमी एवं लोहझर के साथ अन्य ग्राम भी शामिल है जो शिकायत की जांच के दौरान कहीं निलंबित तो कहीं तबादला तो कहीं आपसी व्यवस्था में हुई है ज्यादातर पंचायतों में करीब लगभग 5 से 6 माह ही अपनी सेवा दे पाती है।

मीडिया की टीम द्वारा भ्रष्ट पंचायत सचिव श्रीमती होमीन सेन से पीड़ित सरपंच से लेकर सरपंच संघ अध्यक्ष से मुलाकात कर पुरी जानकारी एकत्रित की गई।

*किसने क्या कहा*

*ग्राम पंचायत चुरकीदादार के सरपंच चरण सिंह का कहना है कि*- होमिन सेन हमारे पंचायत में क्या आई शासन की योजनाओं मद की राशि की दुरुपयोग की और मुझे आरोपी ठहराने में लगी रही जिसकी शिकायत जनपद में की, दूध का दूध पानी का पानी हुआ। अंत में अपनी क्षेत्रीय विधायक रोहित साहु से मिलकर अपनी दुखड़ा अवगत कराई जिस पर विधायक ने ढेरहा राम कुर्रे लोहझर पंचायत सचिव और होमीन सेन की आपसी व्यवस्था कराते हुए एक दुसरे को स्थान दी।

*सरपंच प्यारे लाल दीवान ग्राम पंचायत मुड़ागांव का कहना है*- कि होमिन सेन हमारे मुड़ागांव के पंचायत में लगभग 5 से 6 माह रही है उनके विचारधारा सबसे अलग किस्म के हैं हमेशा हर कार्य को लेकर कमीशन की मांग करती रही है जिससे हमारे पंचायत के मुझसे लेकर पंच तक सहमत नहीं रहें कुछ पंचों भाइयों को बहला फुसला कर अपने भ्रष्टाचार में शामिल करने की कोशिश की जिसमें असफल रही। उनके द्वारा किए गए कार्य के लापरवाही में शिकायत जिला पंचायत में हुई जिसमें जांच कर दंडानात्मक कार्यवाही हुई।

*ग्राम पंचायत कोसमी के सरपंच उलशी दीवान का कहना है*- कि होमिन सेन सबसे पहले महिला होने के हम महिलाओं के साथ अच्छे से बरताव नहीं रखती हैं हम उनके जैसे षड्यंत्र कारी नहीं हैं जिससे उनके चंगुल में शिकार हो सकें हम जैसे सीधे साधे लोगो का फायदा उठाना खूब आता है।

*ग्राम लोहझर पंचायत सरपंच मंजु ध्रुव का कहना है*

होमिन सेन के द्वारा फर्जी काम करना आम बात है। क्योंकि उनके साथ जुड़कर कार्य करने से पता चली है भ्रष्ट सचिव होमिन सेन द्वारा हर काम के पीछे कमीशन की मांग की है उसके बात को नहीं मानी हूं तो मेरे खिलाप षडयंत्र रचना शुरु कर दी है। मुझे विश्वास है मै कोई गलत नहीं की हूं तो मुझे किसी का डर नहीं है।

*सरपंच संघ के अध्यक्ष लेखराज ध्रुव का कहना है*-

होमीन सेन की शिकायत हमेशा आते रहा हैं। हमारे आदिवासी भाईयों/बहनों सरपंचों के साथ मानसिक प्रताड़ना हुई भी है भ्रष्टचारी सचिव की कार्य प्रणाली को देखकर एक भी सरपंच उनके साथ कार्य करना पसंद नहीं करते है। चुरकीदादार पंचायत के कार्यकाल के दौरान ग्राम सरपंच अपने पंचों जनपद सदस्यो को लेकर क्षेत्रीय विधायक रोहित साहु के समक्ष प्रस्तुत होकर सचिव की कार्यप्रणाली और बरती जा रही अनियमिताओं पर प्रकाश डालते हुए। सचिव होमिन सेन लोहझर पंचायत गई है आज आखिरकार इनका तबादला अन्य ब्लॉक में हो ही गया। जिसमें भी अपना चार्ज नहीं दे रही है। भ्रष्टचारी सचिव होमिन सेन जैसे कर्मी के लिए कोई भी पंचायत में स्थान नहीं है। अपने कार्यकाल के दौरान शासन प्रशासन की योजना मद पर अपने द्वारा कराएं गए कार्यों में अब तक प्रशासन ने क्या कार्यवाही की हैं और किए गए भ्रष्टाचार की कार्य में क्या भरपाई की हैं। सरपंच संघ छुरा के द्वारा इनकी शिकायत जिलाधीश से शिकायत कर पुनः जांच करवाई जायेगी । भ्रष्ट सचिवों की खैर नहीं।

शिकायतों में जांच पश्चात पायी गई अनियमितताओं का निराकरण किया जायेगा अभी इनका स्थानांतरण विकासखंड फिंगेश्वर में किया गया है।

रूप सिंह ध्रुव (मुख्य कार्यपालन अधिकारी) जनपद पंचायत छुरा जिला गरियाबंद

छत्तीसगढ में आदिवासी मुख्यमंत्री पश्चात भी आदिवासियों पर अत्याचार क्यों..?

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आदिवासियों द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम महासमुंद कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद पूरे प्रदेश में हो रहे आदिवासियों के विरुद्ध अत्याचार, हत्याओं, शोषण के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही करने, इन पर रोक लगाने तथा प्रदेश के लिए जनजातीय नीति बनाने हेतु आज महासमुंद के पटवारी कार्यालय के सामने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने किया एक दिवसीय आंदोलन और आंदोलन पश्चात मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज प्रदेश में हो रहे आदिवासी महिलाओं से बलात्कार, हत्याएं तथा शोषण के खिलाफ ध्यान आकृष्ट करने चार सूत्रीय मांगों को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने एक दिवसीय आंदोलन किया।

दिनांक 10.08.2024 को बीजापुर जिला क्षेत्रान्तर्गत एक आदिवासी महिला की अज्ञात लोगों द्वारा जघन्य हत्या कर उसका शव फेंक दिया गया था। अभी तक अपराधी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
दिनांक 01.09.2024 को जिला दंतेवाड़ा के ग्राम पोन्दुम बाजार पारा से 6 माह के आदिवासी बच्चे के अपहरणकर्ताओं को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। समाज के समक्ष यह भी जानकारी आई है कि विवेचना अधिकारी द्वारा मृतक परिवार के जिला अंबिकापुर के सीतापुर में एक आदिवासी युवक संदीप लकड़ा की निर्मम हत्था कर जमीन में गाड़ दिया गया एवं उसके ऊपर पानी की टंकी बना दिया गया था। हत्यारा अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

औद्योगिकीकरण के चलते प्रदेश में वनों की कटाई तेजी से हो रही है जिससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। आदिवासियों की जमीनों का अधिग्रहण हो रहा है एवं उनके पुनर्वास की व्यवस्था भी सही नहीं हैं। प्रदेश में कानून एवं शांति व्यवस्था संतोषप्रद नहीं है। भूमि अधिग्रहण से आदिवासियों की कृषि भूमि लुप्त होती जा रही है जिससे उनका जीवन यापन मुश्किल हो रहा है।

आदिवासियों के हित में आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक, व्यवसायिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए इस राज्य में जनजातीय नीति भी नहीं बनाई गई है।

पत्रकारिता पर प्रहार और पत्रकारों पर अत्याचार अब बर्दास्त नहीं की जाएगी

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राजधानी में छत्तीसगढ़ में कार्यरत सभी पत्रकार संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों की संयुक्त बैठक में पत्रकारों के हित में लिए गये महत्वपूर्ण निर्णय

पत्रकारिता संकल्प महासभा के लिए 2 अक्तूबर को होंगे सभी संगठन एक मंच पर…

रायपुर । राज्य में लगातार पत्रकारों पर हो रहे उत्पीड़न मामले तथा पत्रकारिता पर हो रहे प्रहारों से निराकरण को लेकर राज्य के कई बड़े पत्रकार संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों ने शनिवार 14 सितंबर को राजधानी रायपुर में संयुक्त बैठक संपन्न हुई । जिसमे तकरीबन 20 पत्रकार संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष तथा बहुतायत में वरिष्ठ पत्रकार इस बैठक में मुख्य रूप से शामिल हुए। उपस्थित समस्त पत्रकार संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष तथा वरिष्ठ पत्रकारों ने पत्रकारिता पर हो रहे प्रहारों तथा पत्रकारों पर आए दिन हो रहे झूठे मुकदमों एवं उन पर हो रहे जानलेवा हमले को लेकर शासन प्रशासन ,राजनीतिज्ञों, माफियाओं पर प्रहार करते हुए गहरा रोष प्रकट किया। सभी संघों के प्रमुखों ने सामूहिक मंच पर अपने अपने विचार रखे और समाधान पर गंभीरता से चर्चा की। और सभी ने एकमतेन सामूहिक रूप से पत्रकारों के हित में आर-पार की लडाई लड़ने पर सहमति जगाई। जिसके परिणाम स्वरूप समस्त संगठन के उपस्थित पदाधिकारियों की एक “संचालक समिति” का गठन किया गया। जो पत्रकारों के हित के लिए सदैव तत्पर रहेगी और उनकी हर लड़ाई मे संयुक्त रूप से मोर्चा सम्हालेगी।
बैठक में संयुक्त समिति के गठन के पश्चात पत्रकारों को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, जिसमे पत्रकार सुरक्षा कानून विधेयक पारित कराने से लेकर, पत्रकार कल्याण कोष, स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, अधिमान्यता में सरलीकरण के अलावा, छोटे मझोले अखबारों को चलाने मे सहायक शासन द्वारा मिलने वाले विज्ञापन के बंद किये जाने, हित संवर्धन व सुरक्षा एवं विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। उपस्थित संगठनों के पदाधिकारियों ने क्रमानुसार अपने विचारों को साझा किया। यह समिति पूरी ताकत से एक होकर पत्रकारों के हित व न्याय की लड़ाई साथ लड़ेंगी। सभी पत्रकारों ने एकजुटता का परिचय देते हुए आगामी 02 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम के लिए अपना समर्थन दिया।
इस कड़ी में आगामी 2 अक्टूबर को सभी पत्रकार संघ एकजुटता दिखाते हुए संयुक्त रूप से एक मंच उपस्थित रहकर पत्रकारों की आवाज बुलंद करेंगे।
2 अक्टूबर 2024 को “पत्रकारिता संकल्प” सभा का आव्हान किया जाएगा, जिसमे राज्य भर से विभिन्न स्थानों से संगठनों से जुड़े पत्रकारगण इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिरकत करेंगे। आयोजित इस बैठक में मुख्य रूप से बैठक के संयोजक सुधीर तंबोली आजाद, पत्रकार सुरक्षा कानून संयुक्त मोर्चा के संयोजक कमल शुक्ला,
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन से प्रदेश अध्यक्ष ब्यास पाठक एवं शिवशंकर सोनपिपरे, इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष पी सी रथ, छत्तीसगढ़ सक्रिय पत्रकार संघ से प्रदेश अध्यक्ष राज गोस्वामी, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मनोज सिंह बघेल, सचिव मनीष कुमार शर्मा, राहुल गोस्वामी, छ.ग. जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन से प्रदेश अध्यक्ष अमित गौतम एवं उपाध्यक्ष महेश आचार्य, पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार यादव , प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मनोज पाण्डे, उपाध्यक्ष राजेन्द्र गुप्ता, स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन छत्तीसगढ़ से प्रदेश महासचिव विरेंद्र कुमार शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष घनश्याम गुप्ता, पत्रकार कल्याण महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष सेवक दास दीवान ,महासचिव प्रवीण करे, कार्यसमिति सदस्य दिनेश नामदेव, छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ से प्रदेश महासचिव अब्दुल शमीम, अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति से मो. नजीर, प्रेस क्लब आफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स से प्रदेशाध्यक्ष छत्तीसगढ़ अजित शर्मा, पवन सिंह ठाकुर, दिनेश कुमार, रमेश कुमार , सहित वरिष्ठ पत्रकार अजीत कुमार सिंह सहित बहुतायत में पत्रकार साथी उपस्थित थे।