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खबर का असर – करणी कृपा पावर प्लांट पर गिरी गाज…?

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3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण , नही तो होगी बड़ी कार्यवाही।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुन्द / विगत दिनों करणी कृपा पावर प्लांट में घटित दर्दनाक घटने ने संपूर्ण जिले को झकझोर कर रख दिया। जिसके चलते मीडिया की टीम सहित जनप्रतिनिधियों ने भी करणी कृपा प्लांट के संचालन पर कई सवाल खड़े कर दिए। बता दे कि ,ग्राम खैरझिटी, महासमुन्द में मजदूरों के साथ हुई दुर्घटना के संबंध में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह ने विलंब से जानकारी देने के संबंध में सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, कक्ष क्रमांक 22. पुराना कलेक्ट्रेट कार्यालय, कलेक्ट्रेट परिसर जिला-बलौदाबाजार-भाटापारा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए


03 दिवस के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर कारण स्पष्ट करने कहा है,अन्यथा क्यों न आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जावे।

ज्ञातव्य है कि, करणीकृपा पावर प्लांट खैरझिटी तहसील व जिला महासमुन्द में 08 सितंबर 2024 को दुर्घटना घटित होने से 03 मजदूर गंभीर रूप से घायल हुये थे, जिसकी सूचना प्रबंधन द्वारा पुलिस / जिला प्रशासन को नहीं दी गई थी।
विलंब से जानकारी देने के संबंध में सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को 03 दिवस के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण करने के आदेश दिए हैँ, कलेक्टर ने कहा कि, क्यों न आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जावे।
22 सितंबर 2024 को सोशल मीडिया एवं अखबारों में उक्ताशय की खबर प्रकाशित होने पर फैक्ट्री में हुई दुर्घटना की सूचना जिला प्रशासन को प्राप्त हुई। पश्चात् इस कार्यालय द्वारा दुर्घटना की जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महासमुन्द, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुन्द एवं श्रम पदाधिकारी महासमुन्द की टीम गठित कर दिनांक 23 सितंबर 2024 को फैक्ट्री में जांच कर प्रतिवेदन समक्ष में प्रस्तुत किया गया। जिसमें ज्ञात हुआ कि 13 सितंबर 2024 को आपके द्वारा महासमुन्द जिले में उपस्थित होकर करणीकृपा पावर प्लांट ग्राम खैरझिटी में दुर्घटना की जांच की गई, जिसकी सूचना जिला प्रशासन को नहीं दी गई। 23 सितंबर 2024 को जिला प्रशासन टीम द्वारा जांच के पश्चात् आपके कार्यालय द्वारा मुख्य कारखाना निरीक्षक सह श्रमायुक्त को दुर्घटना की सूचना देते हुए इस कार्यालय को प्रतिलिपि प्रेषित की गई है। चूंकि उक्त गंभीर दुर्घटना आपके संज्ञान में होने के बावजूद आपके द्वारा इसकी सूचना जिला प्रशासन को नहीं दिया गया। जिससे सोशल मीडिया एवं अखबारों में जिला प्रशासन की छवि धूमिल हुई है।

अवैध धान की खरीदी बिक्री में संलिप्त है। ग्राम पौंड स्थित त्रिमूर्ति किराना संचालक खेमराज साहू..?

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
गरियाबंद / जिले के राजिम छत्तीसगढ़ के ग्राम पौंड में एक किराना व्यापारी द्वारा बिना लाइसेंस के किसानों और कोचियो द्वारा अवैध धान की खरीदी की जा रही है साथ ही सहकारी समितियों में उपयोग की जाने वाली बारदाना का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है।


सुविज्ञ सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरंग से राजिम जाने वाले मार्ग में ग्राम पौंड स्थित त्रिमूर्ति किराना व्यापारी के संचालक खेमराज साहू द्वारा सालो से अवैध धान खरीदी की जाती साथ इनके द्वारा घर के अंदर भी अवैध धान का संग्रहण कर रखा गया है।
श्री साहू से मिडिया के द्वारा पूछे जाने पश्चात कहा जाता है कि, ये कार्य मैं बचपन से करते आ रहा हू। आप लोगो जो करना है कर लीजिए।

इस संदर्भ में राजिम छत्तीसगढ़ अनुविभागीय अधिकारी (एस डी एम) विशाल महाराणा से दूरभाष के माध्यम से वार्तालाप दौरान कहां गया कि,इस तरह से अवैध धान की खरीदी बिक्री करने वालो को नहीं बक्शा जायेगा।

आंबा ने निकाली मशाल रैली..!

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महिलाओं में हिमोग्लोबिन की कमी के कारण बच्चा कुपोषित पैदा होता है भाजी के सेवन से समस्या दूर होती है।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 26 पंचशील नगर वार्ड में आज पोषण माह कार्यक्रम के तहत मशाल रैली का आयोजन किया गया। महासमुंद के विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अजय साहू परियोजना अधिकारी शकुंतला चक्रवर्ती शैल नाविक वार्ड पार्षद मनीष शर्मा देवी चंदराठी महेंद्र सिक्का महेंद्र जैन ने मशाल जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महासमुंद विधायक ने रैली के माध्यम से नारे के माध्यम से लोगों से अपील की है कि आंगनबाड़ी में अपने बच्चों का वजन अवश्य कारण और आपका बच्चा सुपोषित है या कुपोषित है इसकी जानकारी अवश्य लेने की अपील की है साथ ही जिला महिला एवं बाल विकास अजय साहू ने विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ व पूरे भारतवर्ष से कुपोषण को दूर भगाना है इसके लिए हमको बच्चों का नियमित वजन आंगनवाड़ी पर करवाना है।

जीरो से 2 वर्ष के बच्चों का शारीरिक मानसिक और बौद्धिक विकास होने का मुख्य समय रहता है इस समय में बच्चों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है क्योंकि बच्चे बहुत ही जल्द संक्रमित हो जाते हैं जिससे उनका स्वास्थ्य बिगड़ता है और बच्चा कभी-कभी खाना-पीना भी छोड़ देता है जिसकी वजह से वह कुपोषण का शिकार हो जाता है ऐसी स्थिति में बच्चों को विशेष डॉक्टरी देखने की भी आवश्यकता पड़ती है अगर बच्चा हमारा अस्वस्थ है कमजोर नजर आ रहा है तो तुरंत आंगनबाड़ी के माध्यम से डॉक्टरी उपचार करवाना चाहिए ताकि बच्चा जल्दी ही सुपोषित हो सके इसके साथ परियोजना अधिकारी श्रीमती शैल नाविक और शकुंतला चक्रवर्ती ने जानकारी दी की 11 ग्राम जब हीमोग्लोबिन महिला के शरीर में हो तभी गर्भधारण करना चाहिए हीमोग्लोबिन की कमी के कारण बच्चा कुपोषित पैदा होता है इसलिए हमेशा हीमोग्लोबिन अच्छा रहे इसका ध्यान महिलाओं को रखना चाहिए एक बार अगर महिलाएं एनीमिया की शिकार हो जाती है तो वापस रिकवर करने में बहुत समय लगता है एनीमिया से दूर भगाने के लिए छत्तीसगढ़ में 36 प्रकार की भाजिया उगाई जाती है जिसका उपयोग चाहिए करना चाहिए। खासकर मूंगा भाजीऔर खट्टा भाजी का उपयोग अधिकतर मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इन दोनों भाजी में आयरन की मात्रा अत्यधिक रहती है और आयरन की पर्याप्त मात्रा रहने से हमारे शरीर मैं पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन रहता है। आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से महिला एवं बाल विकास की पर्यवेक्षक श्रीमती शीला प्रधान कुंती यादव सरिता चक्रधारी रितु सिंह अपर्णा श्रीवास्तव अपसारी कुरेशी राधिका चंद्राकर तमन्ना देवांगन लक्ष्मी दिवाकर वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में सुधा रात्रे अंजू प्रजापति सुलेखा शर्मा रागनी चंद्राकर हाजरा खान राखी शर्मा ललिता नंदे कुसुम नामदेव मंजू ठाकुर सुल्ताना खान अहिल्या मरकाम अंजुला ऊषा बघेल चित्रेखा पटेल दुर्गा ठाकुर धनमती बघेल किरण साहू अंजली तिवारी ममता सोनवानी उपस्थित थी।

पीएम आवास की लुटेरी सहायक सचिव संतोषी खांडेकर ग्रामीणों से ले रही 1000 रूपये की राशि…?

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शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / हमारे देश में गरीबों के हित के लिए अक्सर भारत सरकार द्वारा नई-नई योजनाओं की शुरुआत की जाती है। जिसे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण कहा जाता है। ऐसी ही एक लाभकारी योजना है. इसके तहत भारत में रहने वाले गरीब और बेघर लोगों को आवास की सुविधा प्रदान करायी जाती है, इस योजना के तहत ग्रामीण लाभार्थियों की सूची जारी की जाती है, और इसमें अंकित सभी लाभार्थियों को अपना खुद का घर बनवाने के लिए सहायता राशि प्रदान की जाती है। लेकिन इन मुफ्त की योजनाओं में भी कुछ लोगों की गिद्द जैसी पैनी नजर गड़ाए हुए रहती है जो कि, गरीब, असहाय रोजी मजदूरी करने वालो को डरा धमका कर रुपए ऐंठने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती है ऐसा ही एक मामले को लेकर ग्रामीण कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणजन कि,सहायक सचिव ले रही है।

ग्रामीणों से पीएम आवास के बदले हजार रुपए, कलेक्टर से शिकायत महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत तरेकेल के आश्रित ग्राम खैरझुडी के ग्रामीणों से गांव की सहायक सचिव संतोषी खांडेकर पीएम आवास के एवज में ग्रामीणों से एक हजार रुपए की मांग कर रही है। ग्रामीणों द्वारा पैसा नहीं दिए जाने पर पीएम आवास योजना से वंचित कर रही है।
हम आपको बता दें कि, सहायक सचिव के इस हरकत का ग्रामीणों विरोध किया तो सहायक सचिव ने ग्रामीणों से अभद्रता करते हुए कहा कि पीएम आवास के लिए एक हजार की राशि में सभी अधिकारियों को हिस्सा देना पड़ता है। चाहे जिसे शिकायत करो एक हजार रूपए नहीं दिए तो पीएम आवास योजना के लिए ना ही फोटो खींचा जायेगा और ना ही जिओ टेक किया जाएगा। आक्रोषित ग्रामीणों ने कलेक्टर विनय कुमार लहंगे से लिखित शिकायत कर सहायक सचिव संतोषी खांडेकर पर कार्रवाई की मांग की है।

आदिवासियों के मुंह से छीना जा रहा निवाला..?

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मामला बसना ब्लॉक के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति गढ़फुलझर अन्तर्गत शासकीय उचित मूल्य साल्हेझरिया का..!!

रिपोर्टर मयंक गुप्ता

महासमुंद / छत्तीसगढ़ गरीबों को मुफ्त और कम दामों में राशन मुहैया कराने के लिए शासन शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित करती है।

लेकिन दुकान संचालक ही अगर गरीबों के राशन पर डाका मार दे तो बेचारे गरीब कहां जाये, ये एक बड़ा सवाल है। मामला बसना ब्लॉक के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति गढ़फुलझर अन्तर्गत शासकीय उचित मूल्य साल्हेझरिया का हैं….!

साल्हेझरिया गांव आदिवासी बाहुल्य गांव होने के साथ छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसा हैं, गांव गरीब होने के कारण ज़ब कमाते हैं तब उन्हें भोजन नसीब होता हैं और ऐसे में सितंबर माह के चावल सहित अन्य खाद्यान्न का वितरण विंध्यावासिनी महिला स्व सहायता समूह साल्हेझरिया द्वारा अभी तक शुरू नही किया गया है। वही थम्ब इंप्रेशन लेने के बाद भी हितग्राहियों को दो-तीन और चार महीने तक का चावल, शक्कर, चना नमक नही दिया है। जिसके कारण गरीब हितग्राहियों को घर में चावल नही होने के कारण भुखे मरने की नौबत आ गयी है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने अंकोरी जिलास्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में की है…. मामले में ग्राम पंचायत साल्हेझरिया के सचिव पुनीतराम पटेल का भी कहना हैं कि सहकारी उचित मूल्य की दुकान में खाद्यान्न का वितरण महीने के आखिरी दिनों में होता है। ग्रामीणों ने जिलास्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में राशन नही मिलने की शिकायत की है जांच चल रही है….. वही खाद्य निरीक्षक दिव्यांशु देवांगन ने कहा कि मामले में जांच रिपोर्ट बनाकर एसडीएम बसना को सौंप दिया गया है। वही विंध्यावासिनी महिला स्व सहायता समूह साल्हेझरिया को निर्देशित किया गया है कि जिन हितग्राहियों को चावल नही मिला तत्काल वितरण करें।

बच्चों के कुपोषण को खत्म करने राष्ट्रीय पोषण माह सितंबर में मनाया जाता है।

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गतग आज वार्ड न20 पंडित जवाहर लाल वार्ड शहरी परियोजना में पोषण माह का आयोजन 22सितम्बर 2024को किया गया।पोषण माह में आज वजन त्योहार का आयोजन किया गया । जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पांडे ने कार्यक्रम की शुरुआत बच्चो को तिलक लगाकर व आरती करके की। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अपील की कि बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर के बच्चों का वजन अवश्य कराएं ।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी श्रीमती शैल नाविक ने वार्ड वासियों को जानकारी दी की आंगनबाड़ी केंद्र में पालक गण अपने बच्चों का वजन अवश्य कराएं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से जानकारी ले की बच्चों के वजन स्तर क्या है। क्योंकि बच्चा अगर पीला या लाल रंग को दर्शित करता है तो वह कुपोषित रहता है और बच्चा एक बार अगर कुपोषित हो जाता है तो वापस रिकवर करने में बहुत समय लगता है।कुपोषण को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय पोषण माह सितंबर में मनाया जाता है
जिसके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों मे विविध गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। सुपरवाइजर व कार्यकर्ता ने आगे वार्ड वासियों को जानकारी दी की आंगनवाड़ी पर हर माह वजन लिया जाता है व बच्चों के वजन का स्तर बताया जाता है इसके साथ-साथ में किशोरी बालिकाओं को रेडी टू ईट का वितरण किया जाता है उसके साथ ही एनीमिक महिलाओं का हिमोग्लोबिन टेस्ट भी किया जाता है। आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से सेक्टर सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती कुंती यादव आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अहिल्या मरकाम ललित नंदे सुधा रात्रे कुसुम नामदेव लेखा पटेल सुशीला हरपाल धन्मती बघेल व बड़ी संख्या में बच्चों के माता-पिता उपस्थित थे।गर्भवती शिशुवती महिला किशोरी बालिका सहित करीब 65 महिलाएं उपस्थित थी।
महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी शैल नाविक जी द्वारा महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यदि कुपोषण कम करना है तो सबसे पहले महिलाओं को एनीमिया मुक्त होना आवश्यक है
इस हेतु महिला इतनी जागरूक हो कि हीमोग्लोबिन 11 ग्राम या उससे ज्यादा हो तभी वह गर्भधारण करें. ताकि बच्चा गर्भ में अपना पूर्ण विकास कर सके। पूर्ण गर्भकाल में गर्भवती को पौष्टिक पोषण लेना आवश्यक है
इसके लिए गर्भवती को दिन में बार-बार खाना खाते रहना चाहिए।गर्भकाल के दौरान समय-समय पर डॉक्टर से चेक करवा कर पौष्टिक गोली आयरन और कैल्सियम फोलिक एसिड, डाक्टर के दिए गए निर्देश अनुसार खानी चाहिए। आंगनवाड़ी में मिलने वाला पौष्टिक रेडी टू ईट गर्भवती स्वयं उसका उपयोग करें क्योंकि वह बहुत पौष्टिक होता है।यदि महिला एनीमिक है तो उसका बच्चा भी कमजोर होगा और जब बच्चा कमजोर होगा तो उसका शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाएगा।एनीमिक महिला है तो उसको भी कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक नुकसान हो सकते हैं। जिसका खामी आज उसे स्वयं ही भुगतना पड़ता है।इसके पश्चात सेक्टर पर्यवेक्षक कुंती यादव द्वारा कहा गया की छत्तीसगढ़ में 36 प्रकार की भाजिया होती है यदि यही भाजी रोज खाई जाए तो एनीमिया की 70% समस्या वैसी हल हो जाएगी, साथ ही यदि पौष्टिक व्यंजन आपको लेना है तो इसके लिए महतारी वंदन की राशि सरकार द्वारा प्रतिमाह दिया जाता है, जिसे अपने स्वास्थ्य के लिए उपयोग कर सकती है.।


आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अहिल्या मरकाम सुधा रात्रे के द्वारा पौष्टिक व्यंजन की प्रदर्शनी लगाई गई.जिसमें यह दर्शाया गया कि इसमें सभी प्रकार के पोष्टीक तत्व होते हैं जो कि हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मौसमी फलों का भी उपयोग किया जा सकता है.
इसी तरह शहरी क्षेत्र मे भी महासमुंद के श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र मे पूरक पोषण आहार के संबध मे प्रदर्शनी लगाई गई और महिलाओं को पौष्टीक तत्वों और पौष्टीक आहार की जानकरी दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में बच्चे व किशोरी , मौजूद थी।

*खबर का असर* करणी कृपा पावर प्लांट के खिलाफ पुलिस ने किया अपराध दर्ज।

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करणी कृपा पावर प्लांट के जीसीबी टैंक में 180 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान में उबल रहे पानी में झुलस कर दो लोगों की मौत हो गई थी।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / करणी कृपा पॉवर प्लांट के खिलाफ पुलिस ने किया मामला दर्ज

महासमुंद शहर से 14 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे एनएच 53 में स्थित करणी कृपा पावर प्लांट के जीसीबी टैंक में 180 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान में उबल रहे पानी में झुलस कर दो लोगों की मौत हो गई थी। जिस समाचार को हमारे चैनल ने प्रमुखता से उठाया था, उस पुलिस प्रशासन ने संज्ञान में लेते हुए करणी कृपा पावर प्लांट पर मामला दर्ज कर दिया है।

हम आपको बता दे कि करणी कृपा पावर प्लांट में 8 सितंबर को खिलेश्वर साहू भोरिंग निवासी और भारत वर्मा चंदखुरी निवासी और डिगेश सिन्हा नामक 3 युवक गंभीर रुप से गर्म पानी में झूलस गए थे, जिनका इलाज रायपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। जहां 12 तारीख को भारत वर्मा की मौत हो गई और ठीक उसके दो दिन बाद खिलेश्वर साहू की मौत हो गई है। वही एक व्यक्ति जिन्दगी और मौत के बीच जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा हैं। घटना की सूचना पुलिस को भी नहीं दी गई थी। समाचार के चलने के बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए करणी कृपा पावर प्लांट के खिलाफ मामला दर्ज कर दी।

महासमुंद की मां करणी कृपा पावर प्लांट मांग रही, युवाओं की बलि…?

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दो परिवारों के चिराग बुझे,एक पीड़ित अपने इलाज के लिए भटक रहा तो दूसरा रायपुर के निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच अपनी सांसे गिन रहा है।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जिला के तुमगांव स्थित मां करणी कृपा पावर प्लांट ने बुझा दिया साहू परिवार का इकलौता चिराग ग्रामीणों के लिए यमराज बनकर आया है। मां करणी कृपा पॉवर प्लांट। पावर प्लांट बनकर अभी पूर्ण रूप से तैयार नहीं हुआ है और चढ़ने लगी है युवाओं की बलि एक ही दिन की घटना से सुने हो गए दो मां के कोख और बुझ गया साहू और वर्मा परिवार का चिराग। घटना के बाद जहां दो युवाओं की मौत हो गई है।वहीं एक नव युवक जिन्दगी और मौत के बीच जूझते हुए रायपुर राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती है।

हम आपको बता दें कि, महासमुंद से 12 किलो मीटर दूर नेशनल हाईवे 53 ग्राम खैरझीटी पर स्थित मां करणी कृपा पॉवर प्लांट में 8 सितंबर को एक जीसीबी टैंक जिसमें 24 घंटे 180 डिग्री सेंटीग्रेट की तापमान से पानी खौलते रहता हैं। उसी टैंक पर खिलेश्वर साहू पिता कुमार साहू उम्र 23 साल भोरिंग निवासी, भरत वर्मा पिता राजकुमार वर्मा ग्राम मुनगी चंदखुरी जिला रायपुर निवासी और डोमार सिन्हा कुरूद मंदिर हसौद निवासी करणी कृपा के इस जीसीबी टैंक में 180 डिग्री सेंटीग्रेट में खोलते पानी की टैंक जो जाम हो गई थी उसे खोलने पहुंचे थे। टैंक को खोलते ही टैंक में भरा पानी खिलेश्वर् साहू, भरत वर्मा और डोमार सिन्हा पर गिर गया और तीनों बुरी तरह से इस खोलते पानी में झुलस गए। जिसे रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 12 सितम्बर को इलाज के दौरान भरत वर्मा की मौत हो गई। ठीक इसके दो दिन बाद खिलेश्वर साहू की मौत 14 सितम्बर को हो गई है। वहीं डोमार सिन्हा अस्पताल में जिन्दगी और मौत की जंग लड़ रहा है।

महासमुंद ब्लॉक के ग्राम खैरझीटी में बने इस करणी कृपा पॉवर प्लांट का लगभग 60 गांव से भी अधिक के ग्रामीणों ने इस प्लांट के खुलने का पुरजोर विरोध किया था और लगभग दो साल तक आंदोलन भी किया था। बावजूद इसके यह प्लांट को शासन प्रशासन ने मिलकर खोल दिया। जिसका खामियाजा यहां की जनता को अपने संतानों की आहुति देकर चुकानी पड़ रही है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि 8 सितंबर को हुए इस भीषण दुर्घटना जिसमें तीन लोग बुरी तरह से झुलस गए थे जिनमें से दो की मौत हो चुकी है और एक व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। इस घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को करणी कृपा पॉवर प्लांट के प्रबंधन ने सूचित भी नहीं किया था। आप इस बात से ही अंदाजा लगा सकते हैं कि काल का रूप धारण कर चुके पॉवर प्लांट में और कितनों की बलि चढ़ने वाली है।

प्लांट में लेबर का काम करने वालों के लिए सेफ्टी के नाम पर कुछ भी नहीं है। जान जोखिम में डाल कर मजदूरी करने वालों की कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। बावजूद इसके यह प्लांट चल रहा है। 8 सितंबर को हुई घटना में मरने वाले व्यक्तियों के परिजनों को भारी मशक्कत के बाद 25_25 लाख का मुआवजा दिया गया है। जबकि परिजनों ने 80 लाख का मुआवजा मांगा था।

निकट भविष्य में कोरोना काल से बड़ी महामारी का रूप लेगा तुमगांव स्थित मां करणी कृपा पावर प्लांट विरोध आज नही तो कभी नही।

पंचायत सचिव चैतराम साहू का हुआ सपना साकार, फर्जी तरीके से बनवाया पीएम आवास..?

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पिथौरा जनपद वर्तमान सीईओ द्वारा मामले में गोलमोल जवाब तलब क्यों..?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुन्द / सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी अनुसार जिला महासमुंद विकास खण्ड पिथौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कंटगतराई में चैतराम साहू पंचायत सचिव के पद पर पदस्थ था जो कि वर्तमान में निलंबित है। सचिव चैतराम साहू पिथौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बडेटेमरी का मूल निवासी है। सचिव चैतराम साहू ने अपने गृह ग्राम बडेटेमरी में वर्ष 2020-21 में एक शासकीय कर्मचारी होते हुए जो कि पीएम आवास योजना के नियमानुसार पूर्णतः अपात्र है यह जानते हुए भी अधिकारियों के साथ आपसी सांठ – गांठ कर अपने स्वंय के नाम से पीएम आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति कराकर राशि आहरण किया गया है।

मामले की खुलासा होने के बाद सचिव चैतराम साहू को दिनांक 01 दिसंबर 2023 को जिला सीईओ महासमुंद के द्वारा निलंबित कर कार्यवाही के नाम पर केवल खाना पूर्ति किया गया है । जबकि उक्त अपात्र हितग्राही सचिव चैतराम साहू के नाम से आवास स्वीकृति के संबंध में ग्राम पंचायत बडेटेमरी के सचिव जिसका पंजीयन प्रपत्र में हस्ताक्षर है एवं जियो टेग करने वाला कर्मचारी , जनपद पंचायत पिथौरा में अधिकरियों के द्वारा पंंजीयन प्रपत्र को स्वीकृति भी नहीं कि गई और नोट सीट भी नहीं चलाया गया है और अपात्र हितग्राही सचिव चैतराम साहू को 65 हजार रूपये भुगतान कर दिया जाना अधिकारी कर्मचारियों का संलिप्तता स्पष्ट परिलक्षित होता है । उसके बाद भी सीईओ जिला पंचायत महासमुंद के द्वारा जानबुझकर दोषियों को बचाने के आशय से इतने बडे फर्जीवाडा मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है ।

*पिथौरा जनपद से दस्तावेज गायब, हेड ऑफिस रायपुर में वही दस्तावेज उपलब्ध*

इस संबंध में कार्यालय जनपद पंचायत पिथौरा से रूपानंद सोई को दिनांक 04/12/2023 को सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार पंचायत सचिव चैतराम साहू के द्वारा उक्त आवास के संबंध में कार्यालय जनपद पंचायत पिथौरा में जमा किया गया पंजीयन प्रपत्र उपलब्ध नहीं होना और नोट सीट भी नहीं चलाया जाना बताया गया , उक्त पंजीयन प्रपत्र को तीन अधिकारी डी.एल बरिहा, तेजेन्द्र साहू एवं ऋषिकांंत साहू के द्वारा दो दिन तक खोज बिन किया गया लेकिन जनपद कार्यालय में उक्त पंजियन प्रपत्र नहीं मिला । उक्त विभाग के अधिकारी दस्तावेज न मिलने का ढोंग रचकर मामले को रफा दफा करने में लगे हैं । जबकी उक्त आवास की पंजीयन प्रपत्र कार्यालय संचालक , पीएम आवास योजना – ग्रामीण , छत्तीसगढ , नवा रायपुर में उपलब्घ है।

*सचिव चैतराम साहू के द्वारा प्रस्तुत जवाब एवं क्या है उसकी सच्चाई -*

उक्त मामले में दिनांक 02 नवंबर 2023 को सचिव चैतराम साहू के द्वारा जनपद सीईओ पिथौरा के समक्ष लिखित में जवाब प्रस्तुत कर लेख किया गया है कि त्रुटि वश उनके नाम से आवास स्वीकृति हो गया है , जिसकी दो किस्त की राशि 65 हजार रूपये उसके बैंक खाता में प्राप्त हुआ है । न ही उसके द्वारा राशि आहरण किया गया है, और न ही आवास का निर्माण किया गया है ।

जबकि सच्चाई यह है कि, सचिव चैतराम साहू किसी अन्य व्यक्ति के निर्माणाधीन आवास में खडे होकर जियो टेग कराया है । उक्त आवास से संबंधित प्रस्तुत पंजीयन प्रपत्र में सचिव चैतराम साहू की पत्नि कल्याणी साहू का बैंक खाता की जानकारी दी गई है। लेकिन जनपद पंचायत पिथौरा के अधिकारियों के द्वारा सचिव चैतराम साहू के बैंक खाता में 65 हजार रूपये भुगतान किया गया है ।

शासकीय भूमि पर भू – माफियाओं का कब्जा…?

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कब्जा हटाने ग्रामीणों ने किया कलेक्टर का घेराव कार्यवाही नही की तो होगा उग्र आंदोलन ।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / छत्तीसगढ़ राज्य का ऐसा जिला महासमुंद हमेशा सुर्खियों में जाने जाना वाला शहर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां पर आए दिन किसी न किसी तथ्य को लेकर जिला कलेक्टर का घेराव ग्रामीणों द्वारा किया जाता है और ज्ञापन सौंपने कार्यवाही हेतु अवगत कराया जाता है।


इसी तारतम्य में गांव की सैडकों एकड़ जमीन पर बाहुबलियों का कब्जा, हटाने ग्रामीणों ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव महासमुंद जिला कलेक्टर कार्यालय से महज पांच किलो मीटर दूर ग्राम पंचायत लभरा खूर्द के कुछ बाहुबलियों ने ग्राम सरपंच, सचिव पटवारी के साथ सांठ गांठ कर ग्राम की सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। बाहुबलियों ने गांव की रंग मंच पर भी कब्जा कर लिया है जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने आज सुबह 11 बजे महासमुंद कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा है कि कलेक्टर महासमुंद अगर गांव से बेजा कब्जा नहीं हटाती है तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।