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समय पर नहीं मिली 108 रास्ते में नवजात की हुई मौत

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / नवजात को परिजन इलाज के लिए लेकर भटकते रहे पर समय पर उचित इलाज और 108 नहीं मिल पाने की वजह से एक नवजात की हुई मौत। मौत के बाद तुमगाँव थाना स्थित साईं नमन हॉस्पिटल में देर रात्रि तक कुछ लोगों द्वारा किया गया हंगामा।

हम आपको बता दें कि, तुमगाँव के साईं नमन हॉस्पिटल में 18 अक्टूबर दोपहर 3.20 डॉक्टरों ने ऊषा निषाद 22 साल का ऑपरेशन कर स्वास्थ्य बच्चे को निकाला । जिसे डॉक्टरों ने अपनी देख रेख में रखा था। अचानक नवजात बच्चे को सांस में परेशानी होने लगी और नवजात शरीर नीला पड़ने लगा। साईं नमन हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बच्चे को परिजनों को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। नवजात के परिजनों ने सुविधाओं से लेश 108 को बुलाया लेकिन 108 वाहन समय पर पहुंच पाने के लिए असमर्थता जाहिर की, जिसके बाद हॉस्पिटल प्रबंधन ने अपने एंबुलेंस में तत्काल जिला मेडिकल कालेज अस्पताल नवजात को पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद रायपुर रेफर कर दिया। नवजात शिशु के परिजनों ने फिर से 108 वाहन को मदद के लिए फोन किया, तब फिर से 108 वाहन ने तत्काल वाहन उपलब्ध करा पाने में असमर्थता जाहिर की। जिसके बाद परिजनों ने पुनः साईं नमन हॉस्पिटल के एम्बुलेंस में नवजात बच्चे को रायपुर अस्पताल ले रहे थे तभी रास्ते में ही नवजात की मौत हो गई।

नवजात बच्चे की मौत के बाद कुछ लोगों ने साईं नमन हॉस्पिटल के सामने हंगामा खड़ा कर दिया। जिला हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि कुछ कुछ बच्चों को मां के पेट के भीतर कोई समस्या नहीं होती है लेकिन पेट से बाहर आते हैं शारीरिक विकार से ग्रसित नवजात को समस्या हो जाती है।

बाइट_समय निषाद मृत नवजात का नाना

बाइट_डॉक्टर नीतू जैन साईं नमन हॉस्पिटल तुमगांव

बाइट_डॉक्टर घनश्याम साहू जिला मेडिकल कॉलेज महासमुंद

क्या है पूरा मामला

ऊषा निषाद ग्राम केडियाडीह उम्र 22 साल गर्भवती होने के बाद से अपना इलाज अगर के एक निजी अस्पताल में कर रही थी। जहां डॉक्टरों ने लगभग 9 माह तक ऊषा निषाद का इलाज करते रहे हैं। उसी निजी अस्पताल में सोने ग्राफी पश्चात डॉक्टरों ने डिलेवरी की तारीख भी बताई थी। ऊषा निषाद अपने परिजनों के साथ 18 अक्टूबर को अपने सारे रिपोर्ट लेकर साई नमन हॉस्पिटल तुमगांव पहुंची और ऑपरेशन की बात कही। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद हॉस्पिटल में भर्ती कर लिया और दोपहर 3.20 बजे ऑपरेशन कर एक बालक को डिलवरी कराया गया। डिलेवरी के बाद बच्चा जोर जोर से रोने लगा। इधर निषाद परिवार ने बेटे आने की खुशी में मिठाइयां बांटनी शुरू ही की थी इसी बीच बच्चे ने सांसे कम होने लगी। डॉक्टरों ने तत्काल प्रारंभिक चिकित्सा नाचता को उपलब्ध कराया और परिजनों को कहा कि बच्चे का पल्स धीमा हो रहा हैं तत्काल महासमुंद मेडिकल कॉलेज ले जायें। डॉक्टरों की सलाह पर निषाद परिवार ने 108 बुलाने कॉल लगाया लेकिन 108 की तत्काल उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिली जिसके बाद साईं नमन हॉस्पिटल में अपने अस्पताल के नर्सों के साथ अपने एंबुलेंस में महासमुंद मेडिकल कॉलेज बच्चे को पहुंचाया। नवजात बच्चा लगभग 4 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे चुका था। नवजात बच्चे को गैसफिक की समस्या हो रही थी। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने जो मेडिकल कॉलेज में सुविधा उपलब्ध थी वह बच्चे को दिया लेकिन नवजात बच्चे की हालत और बिगड़ते देख रायपुर रेफर कर दिया।

 

 

 

मैं ही राजा – मैं ही मंत्री,के तर्ज पर जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू की तानाशाही बरकरार।

 

गोलछा इलेक्ट्रॉनिक्स से क्रय की गई सामग्रियों का भुगतान किसके मत्थे चढ़ेगा..?

39 लाख की हेरा फेरी पश्चात जांच प्रतिवेदन देने में टालमटोल क्यों..?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / महासमुंद जनपद पंचायत हमेशा सुर्खियों और विवादों से घिरा हुआ रहता है। बता दे यहां जो भी जनपद अध्यक्ष चुना जाता है। वो अपने आप को किसी देश के राजा से कम नहीं समझता है। इसीलिए शासन द्वारा प्राप्त विभिन्न योजनाओं की राशियों का खुलेआम कमीशन खोरी या आपसी बंदरबाट करने सब टूट पड़ते है। बता दे कि, कांग्रेस पार्टी से चुने जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू जबसे अध्यक्ष बने है तबसे अपनी मनमानी करने में इन्होंने पीएचडी किए हुए है ऐसा प्रतीत होता है। प्रदेश में व्याप्त वैश्विक महामारी कोरोना काल के दौरान भी पंचायत में आवंटित करने हेतु सैनिटाइजर मास्क हेतु प्राप्त 39 लाख रुपए की गड़बड़ी कर साधुवाद का चोला धारण किए हुए। जिसकी शिकायत एक शिकायतकर्ता के द्वारा की गई है किन्तु आज पर्यंत दिवस तक जांच प्रतिवेदन की कापी देने में टालमटोल भी किया जा रहा है। जनपद अध्यक्ष श्री साहू पता नहीं कितने लोगों का बकाया नहीं दिए है और भागे-भागे फिर रहे है। जनपद पंचायत के अध्यक्ष और सदस्यों के बीच की लड़ाई के चलते जिला प्रशासन को घोर बेइज्जती का सामना करना पड़ रहा है। जनपद पंचायत से मामला निकलकर अब प्रभारी मंत्री के दरबार तक पहुंच चुका है।
जनपद पंचायत अध्यक्ष के कक्ष के लिए 50 हजार रुपए में खरीदी गई समान का भुगतान तीन साल बाद भी नहीं होने की शिकायत गोलछा इलेक्ट्रिकल्स के संचालक धरम गोलछा ने प्रभारी मंत्री महासमुंद दयाल दास बघेल से की है।
मेसर्स गोलछा इलेक्ट्रिकल्स के संचालक ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि आज से तीन साल पहले 2021 में मुख्य कार्यपाल अधिकारी व लेखापाल राजेश शर्मा से मेसर्स गोलछा इलेक्ट्रिकल्स पहुंच कर समान की खरीदी की थी। बावजूद आज तक भुगतान नहीं हो पाया है।
गौरतलब है कि गोलछा इलेक्ट्रिकल्स के संचालक धरम गोलछा ने यह भी शिकायत में लिखा है कि, जनपद पंचायत के अध्यक्ष यतेंद्र साहू ने विष्णु धरमुड़े व अरविन्द राजपूत के हाथों पिकअप वाहन में तीन साल पुराना समान वापस गोलछा इलेक्ट्रिकल्स एक अक्टूबर को वापस भेज दिया था जिसे गोलछा इलेक्ट्रिकल्स के संचालक धरम गोलछा ने लेने से इंकार कर दिया था। जनपद पंचायत अध्यक्ष यतेंद्र साहू द्वारा जो समान वापस भेज दिया गया था वह समान अब तक जनपद पंचायत वापस नहीं पहुंचा है।
गोलछा इलेक्ट्रिकल्स धरम गोलछा ने जनपद पंचायत सीईओ से जवाब मांगते हुए शिकायत लिखा है कि, सीईओ के बिना अनुमति के समान जनपद पंचायत से कैसे बाहर निकला है।
सूत्रों के हवाले से जनपद पंचायत से यह बात निकल कर आई है कि 19 सितम्बर 2021 को सामान खरीदी के बाद से जनपद पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों के बैठक में तीन बार खरीदी किए गए समान के भुगतान का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन कुछ जनपद सदस्यों के आपत्ति के चलते भुगतान नहीं हो सका। जिस वजह से गोलछा इलेक्ट्रिकल्स के संचालक धरम गोलछा के राशि वसूलने में चप्पल घिस गए है लेकिन भुगतान नहीं हो सका है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि तीन साल बाद नाटकीय तरीके से जनपद पंचायत अध्यक्ष यतेंद्र साहू द्वारा समान दुकानदार को वापस भेज दिया गया, लेकिन दुकानदार ने पुराना समान वापस लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद से समान आज तक जनपद पंचायत वापस नहीं पहुंचा है और ना ही समान के गायब होने की शिकायत थाने में कराई गई है।


जनपद पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों के बीच की लड़ाई के चलते दुकानदार को 50 हजार रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं जनपद पंचायत को अब शर्मिंदा होना पड़ रहा है।
मामले में जब जनपद पंचायत के अधिकारियों से बातचीत कर मामले की सच्चाई जानने की कोशिश की गई तो अधिकारी मामले से पल्ला झाड़ते हुए मामले से अनभिज्ञता जाहिर कर मामले से बचने का प्रयास कर रहे हैं।

ब्रेकिंग न्यूज़ – सूदखोर महिला के दहशत में युवक ने की आत्महत्या..?

 

हेमंत साहू की मौत कैसे हुई,आत्महत्या या हत्या…?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद। आज सुबह शहर के वार्ड नंबर 6 के नर्सरी में एक युवक की फांसी पर लटकी हुई लाश सिटी कोतवाली पुलिस ने बरामद किया है। युवक की पहचान हेमंत साहू पिता प्रेम शंकर साहू 32 वर्ष के रूप में हुई है। मृतक के जेब में सुसाइड नोट पुलिस ने बरामद किया है।
बताया जा रहा है कि, मृतक युवक हेमंत साहू सूदखोरों से बहुत परेशान था, उसे डराया धमकाया जा रहा था। बीती रात्रि कुछ सूदखोरों के गुर्गे हेमंत साहू के घर पहुंचे थे और घंटों तक उसे फोन में डराया धमकाया गया था। इसके बाद से युवक के घर से लापता बताए जा रहा है, जिसकी आज सुबह वार्ड नंबर 6 के नीलगिरी पेड़ में फांसी पर लटकी हुई लाश पाई गई है। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि, फांसी पर लटके युवक की आंखें बंद है और जुबान भी बाहर नहीं निकली है।

मृतक हेमंत साहू का घर


सूत्रों का कहना है कि, शहर के एक महिला सूदखोर द्वारा युवक के घर गुंडे भेज कर रात को डराया धमकाया गया था। शहर में इस बात की भी चर्चा जोरों से है कि, सूदखोर महिला द्वारा शहर में सट्टे का भी कारोबार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि, महासमुंद शहर में सुदखोरी का कारोबार धड़ल्ले से जारी है, जिसके चलते पिछले दिनों कुछ लोगों ने आत्महत्या कर ली थी।
प्राप्त जानकारी अनुसार हेमंत कुमार साहू 32 वर्ष बेलसोंडा के शिवालिक पावर प्लांट में मजदूरी का काम किया करता था। मृतक शादीशुदा बताया जा रहा है और मृतक का एक 5 साल का पुत्र दिव्यांश साहू और एक पुत्री 3 साल उम्र बताई जा रही है। वार्ड के निवासियों ने यह जानकारी दी है कि, हेमंत साहू के घर में कल शाम 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक महिला सूदखोर के गुर्गे द्वारा उत्पाद किया गया था। इस बीच हेमंत साहू घर नहीं पहुंचा था, जिसे फोन लगाकर सूदखोर महिला द्वारा लगातार फोन से डराया धमकाया जा रहा था। पैसे नहीं दे सकते तो घर को बेच कर मेरा पैसा वापस करो अन्यथा बाद में जो कुछ होगा मेरी जवाबदारी नहीं ऐसा कहने लगे। हेमंत साहू की संदेहास्पद अवस्था में फांसी पर लटकी लाश की जांच सिटी कोतवाली पुलिस कर रही है।
समाचार लिखे जाने तक पुलिस मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुये जांच में जुट चुकी है।

पत्नि को भला बुरा बोलना, पति को करना पड़ा मौत का सामना।

 

आरोपियों द्वारा न्यायालय में अग्रिम जमानत हेतु लगाई गई गुहार हुई खारिज पिथौरा पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / कहते है पति पत्नी का रिश्ता बहुत ही खास होता है। उनके बीच किसी भी बातों का पर्दा नहीं होता है। लेकिन क्या मालूम था कि, एक ही घर पर आए दो बहनों में एक के पति के सामने अपनी पत्नी और उनकी बहन के बारे में भला बुरा बोलना महंगा पड़ जायेगा। लड़की के घर वाले इतने आतुर हो गए कि, दामाद की मौत भी हो जाए कुछ फर्क नहीं पड़ना है। मीडिया से मुखातिब होते हुए पीड़ित दीपक डडसेना ने बताया कि, अपने बड़े भाई के सामने अपनी पत्नियों के बारे में सिर्फ इतना कहा कि, ये दोनो बहने जब से इस घर पर आई है तब से ये अपनी मनमानी कर रहे है। इस बात को लेकर बड़े भाई ने अपने ससुराल में ऐसी कहानी गढ़ी की मामला एक दूसरे की जान पर आ गई।
बता दे कि, महासमुंद के पिथौरा थाना में दर्ज मामला 115(2),296,3,5, 351(2) के मामले में फरार चल रहे आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका हुई खारिज।
गौरतलब है कि, दीपक डडसेना के साथ विनोद सिन्हा, चंद्रपाल सिन्हा, धनक सिन्हा ने लहरौद हनुमान मंदिर के पास बीते दिनांक 9 सितंबर 2024 को मारपीट कर गंभीर रूप घायल कर दिया गया था। जिसकी रिपोर्ट पिथौरा थाने में दर्ज कराई गई थी। पिथौरा पुलिस ने दीपक डडसेना की रिपोर्ट पर विनोद सिन्हा, चंद्रपाल सिन्हा, धनक सिन्हा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2),296,3,5, 351(2) के तहत मामला दर्ज किया था। जिसके बाद से तीनों आरोपी फरार चल रहे हैं।
जानकारी अनुसार विनोद सिन्हा, चंद्रपाल सिन्हा, धनक सिन्हा ने माननीय सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका की गुहार लगाई गई थी जिसे माननीय न्यायालय द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुऐ खारिज कर दिया हैं। बहरहाल उक्त मामले में पिथौरा पुलिस को आरोपियों की तलाश हैं।

पिथौरा निवासी दीपक डड़सेना पर विगत दिनो हुऐ प्राणघातक हमला करने के बाद मुख्य आरोपी विनोद सिन्हा एवं चंद्रपाल डड़सेना, धनक सिन्हा तीनो सरकड़ा निवासी की अग्रिम जमानत याचिका आज सेशन कोर्ट के विद्वान न्यायाधीश के द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया गया है।
उक्त हमले में दीपक डडसेना के सर पर 12 टांके लगे थे एवं पसली की 6 हड्डियां टूट चुकी थी। जिसमे दीपक की जान मुश्किल से बच पाई थी। विनोद सिन्हा पिथौरा कलार समाज के महामंडलेश्वर पुनीत सिन्हा के अनुज एवं छत्तीसगढ़ कलार समाज के महिला मंच अध्यक्ष प्रमिला सिन्हा के देवर है एवं अन्य आरोपी पुनीत सिन्हा के भांजे है। फरार चल रहे आरोपियो में विनोद सिन्हा पूर्व में भी अनेक मामलों में संलिप्त रह चुके है।

आरोपी विनोद सिन्हा के और भी प्रकरण थाने में है दर्ज।

छत्तीसगढ़ के जिला महासमुंद विकासखण्ड पिथौरा में सबसे बड़े बहुचर्चित घोटाला करोड़ो का सरकड़ा सोसायटी में घटा जिसमे मृत व्यक्ति के नाम से परिवार के सदस्यो द्वारा फर्जी तरीके से कर्ज लिया गया था। एक अन्य बहुचर्चित मामला फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र द्वारा अपने भतीजा भतीजी को शिक्षाकर्मी की नौकरी का लाभ दिलाने का रहा। उक्त सभी मामले को लेकर कोर्ट में विचाराधीन है। माननीय न्यायालय प्रथम श्रेणी पिथौरा मे उक्त प्रकरण की भी पेशी थी जिसमे आरोपी के भाई बहन शिक्षाकर्मी पिथौरा न्यायालय मे अनुपस्थित रहे । दीपक के साथ हुए जानलेवा हमले मे फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई है। अन्यथा की स्थितियों में परिवार द्वारा न्याय पाने आंदोलन करने बाध्य रहेंगे। समाचार लिखे जाने तक आरोपी पुलिस के गिरफ्त से बाहर है..?

 

राष्ट्रपिता गाँधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा सफाई अभियान

कलेक्ट्रेट परिसर मे चला स्वच्छता अभियान

*कलेक्टर, सी ई ओ सहित जिला अधिकारियों ने की सफाई*

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / स्वच्छ भारत मिशन के 10वें वर्षगांठ के अवसर पर जिले में 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक “स्वच्छता ही सेवा 2024” अभियान का आयोजन किया गया।इस अभियान की शुरूआत 17 सितंबर को स्थानीय संजय कानन उद्यान में वृहद सफाई अभियान चलाकर किया गया। आज राष्ट्रपिता गाँधी जयंती के अवसर पर और स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतिम दिन कलेक्टर विनय लंगेह, जिला पंचायत सीईओ एस आलोक, अपर कलेक्टर रवि साहू सहित जिला अधिकारी और कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर मे साफ सफाई अभियान चलाकर स्वछता का सन्देश दिया। इसके पूर्व महात्मा गाँधी जी के मूर्ति पर माल्यार्पण कर पूजा अर्जना की गई।

ज्ञात है कि,17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चले इस अभियान का उद्देश्य समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छता को बढ़ावा देना है।
आज सुबह 10 बजे कलेक्टर विनय लंगेह के नेतृव मे स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा अभियान अंतर्गत कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने झाड़ू लेकर परिसर की सफाई की और खरपतवार को भी सफाई की गई । जिले के सभी शासकीय कार्यालयों मे भी सफाई अभियान चलाया गया। जिला पंचायत मे सीइओ एस आलोक के नेतृत्व मे सफाई अभियान चलाया गया। क़ृषि विभाग सहित जनपद, पंचायत, नगरीय निकायों मे भी साफ सफाई की गई।
इस अवसर पर उन्होंने सभी जिलेवासियों से आग्रह किया कि, आइए, इस स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाएं। इस अभियान का उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक स्वस्थ और विकसित समाज की ओर बढ़ने का मार्ग भी प्रशस्त करता है। इसी तरह जिला अधिकारियों ने भी लेकर साफ-सफाई की।
सफाई अभियान में , जिला पंचायत सीईओ एस.आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, डिप्टी कलेक्टर मनोज खांडे, आशीष कर्मा,सीएमओ विजय पांडेय एवं जिले के आला अधिकारी भी सफाई अभियान में सहभागिता निभाई। इस दौरान स्कूली एवं महाविद्यालयीन एनएसएस. एनसीसी. एवं स्काउट के छात्र-छात्राओं सहित सभी वर्गों के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हुए सामूहिक श्रमदान कर इस अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की।

*स्वच्छता ही सेवा हेतु दिलाई गई शपथ*

इस अवसर पर कलेक्टर ने सभी को स्वच्छता के प्रति सजग रहने, समय देने तथा श्रमदान कर स्वच्छता के संकल्प को चरितार्थ करने स्वच्छता ही सेवा हेतु शपथ दिलाई। कलेक्टर ने कहा कि साफ-सफाई एक अच्छी आदत है, स्वच्छ पर्यावरण और आदर्श जीवन शैली के लिये हर एक को यह आदत बनानी चाहिये। “स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मानसिकता का विकास होता है” इसी के मद्देनजर देश में स्वच्छता की महती आवश्यकता को देखते हुए हमारे प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान शुरू किया। हम सब के स्वस्थ जीवन के लिये इस अभियान में हमें कंधे से कन्धा मिलाकर भाग लेना चाहिए। हमें खुद को, घर, अपने आसपास, समाज, समुदाय, शहर, उद्यान और पर्यावरण आदि को रोज स्वच्छ रखने की जरूरत है।

बड़ा हादसा जनपद पंचायत महासमुंद में नजर हटी, दुर्घटना घटी..!

कुछ तुम कहो,कुछ हम कहें हास्यप्रद से कम नहीं जनपद पंचायत महासमुंद का कारनामा।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / छत्तीसगढ़ जिले के जनपद पंचायत महासमुंद के इतिहास में पहली बार घोर बेज्जती बीजेपी शासन काल में कांग्रेस पार्टी से नियुक्त जनपद पंचायत अध्यक्ष यतेंद्र साहू सत्ता पलट होने के बाद अपनी आबरू बचाने बीजेपी का दामन थामने वाले जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू द्वारा जनपद में खरीदी की गई कुर्सी टेबल का बिल नही चुका पाने के कारण दुकान संचालक द्वारा पैसे की मांग करने पर मैं थोड़ी खरीदी किया हूं। वो तो जनपद पंचायत द्वारा खरीदी की गई है।
आज 01 अक्टूबर 24 को जनपद पंचायत की मांगी हालत देखने को मिला। अल सुबह जनपद पंचायत से जनपद अध्यक्ष चेंबर में रखी कुर्सी हुई गायब।

कौन ले गया कहां लेकर गया कुर्सी किसी को कुछ खबर नहीं।

बताया जा रहा है कि , जनपद पंचायत के अध्यक्ष के रूम में हुई कुर्सी टेबलों की खरीदी ढाई साल पहले हुई थी जिसका अब तक बिल अदा नहीं किया गया है।

 

दुकानदार रोज तगादे पर पहुंच रहे थे।जनपद बिल को लेकर अध्यक्ष की हुई थी बहस।

जनपद पंचायत के अध्यक्ष का कहना है कि, कुर्सी दुकानदार को भेज दी है, और दुकानदार ने कहा कुर्सी मैं नहीं मंगाई।

सीईओ जनपद पंचायत ने कहा मुझे नहीं है इसकी जानकारी। कलेक्टर टीएल की बैठक में हूं।

महासमुंद जनपद पंचायत के अध्यक्ष यतेंद्र साहू ने कुछ दिनों पहले भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की है।

बढ़ते अपराध पर बागबाहरा पुलिस बे – लगाम

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युवा कांग्रेस के सदस्य करेंगे आंदोलन

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / विकास खण्ड बागबाहरा के खल्लारी विधानसभा क्षेत्र में बढ़ते अपराध चोरी, डकैती, गुंडागर्दी, नशाखोरी , अवैध शराब बिक्री एवम चाकूबाजी को रोकने में विफल है । बागबाहरा पुलिस के इस सुस्त रवैये और बेलगाम होते अपराध के खिलाफ युवा कांग्रेस खल्लारी विधानसभा के अध्यक्ष ताम्रध्वज (छोटू) बघेल के नेतृत्व में बागबाहरा थाना प्रभारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया । विधानसभा अध्यक्ष ताम्रध्वज बघेल ने कहा पुलिस प्रशासन की नाकामी लगातार नजर आ रही है
2 दिन पूर्व बिहाझर ग्राम में दिनदहाड़े 8 साल के मासूम की अपहरण हो जाता है और पुलिस कोई सुराख तक ढूंढ पा रहा है नगर में आए दिन गुंडागर्दी और चाकू बाजी आम बात हो गई है। पुलिस की नाकामी का उदाहरण देख लो की पहले घरों और दुकानों में चोरिया होती थी जिसके चलते लोग परेशान थे मगर अब इन चोरों से भगवान भी त्रस्त है आए दिन चोरी की घटना से चंडी मंदिर, खल्लारी माता मंदिर और आज मेनरोड स्थित गुरुद्वारे में भी लाखो रुपए की चोरी हो गई है । युवा कांग्रेस के सदस्यों ने बागबाहरा पुलिस को बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने और ठोस कार्यवाही करने के लिए 4 तारीक तक कहा है । इन अपराधियों पर कोई ठोस कार्यवाही नही करने पर युवा कांग्रेस के साथियों सहित बागबाहरा थाना घेराव किया जाएगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
थाना में ज्ञापन सौंपने के लिए ताम्रध्वज बघेल के साथ मुख्य रूप से सरपंच संघ के अध्यक्ष एडिशन ठाकुर, शाहजान पाशा (विधायक प्रतिनिधि आबकारी) , मानता यादव(पार्षद), लोकेश उईके (जिला उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस) ,मिथुन आमिर,खोमेश साहू, दुर्गेश यादव, राहुल यादव, लोकेश दीवान, निमेष क्लाइव, कृष्णा यादव सहित युवक कांग्रेस के सदस्य उपस्थित रहे ।

रायपुर के समस्त नमस्ते चौक का नाम परिवर्तन कर, जय श्री राम चौक रखा जाएं – रवि फरोधिया

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भाजयुमो ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रवि ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव को सौंपे ज्ञापन ।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जिला अंतर्गत बागबाहरा के ग्रामीण भारतीय जनता युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष रवि फरोधिया ने आज दिनांक 30 सितंबर 24 को छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव को ज्ञापन सौंपते हुऐ अवगत कराया कि, राजा दशरथ ने तब भानुमंत की सुपुत्री कौशल्या से विवाह किये थे । इसलिए छत्तीसगढ़ को भगवान राम का असली ननिहाल कहा जाता है। माता कौशल्या का एकमात्र मंदिर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के चंदखुरी में स्थित है, जहां भगवान राम चंद्र जी माता कौशल्या की गोद में बैठे हुऐ है। इसके अलावा माता कौशल्या का कहीं कोई दूसरा मंदिर नहीं है।
श्री फरोधियां ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि, आज संपूर्ण छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में होते जा रहे है। नशीली पदार्थों की सेवन से लेकर सप्लाई तक नाबालिक युवा साथियों को कम समय में ज्यादा आमदनी का लालच दिखाकर इसमें झोंक रहे है। जिसके चलते लगातार बढ़ रही घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए। सर्व प्रथम छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर नगर निगम के तहत समस्त नमस्ते चौक का नाम परिवर्तन कर जय श्री राम चौक नामकरण के साथ समस्त बोर्डो में राम चंद्र जी की तस्वीर लगाने की कृपा होगी।
जिससे की लोगों के मन में रामचंद्र के सतमार्गो में कदम रखने प्रेरित करेगा । साथ ही सुदूर प्रदेश से आए हुए आगंतुक भी श्रीराम का गुणगान करने पीछे नहीं हटेंगे। ऐसा करने मात्र से ही हमारे छत्तीसगढ़ को एक अलग पहचान मिलेगी।

पिथौरा में जमीन के नीचे मिली सड़ी गली लाश।

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खिलेश्वर साहू की हत्या पर उठेंगे कई सवाल..?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / छत्तीसगढ़ पिथौरा थानांतर्गत एक सप्ताह पूर्व खिलेश्वर साहू के गुम होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई थी। जिसकी लाश आज ग्रामीणों की सूचना पर पिथौरा पुलिस ने खेत से खोद कर निकाला है। हत्या कर अज्ञात आरोपियों ने लाश को दफन कर दिया था।
हम आपको बता दें कि, 25 सितंबर को खिलेश्वर साहू 34 साल अमलीडीह निवासी की परिजनों ने थाने में गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को ग्रामीण ने सूचना दी की उसके खेत के पास की जमीन से बहुत बदबू आ रही है। ग्रामीण की सूचना पर पुलिस ने घटना स्थल पहुंचकर जमीन को खुदवाया। जिसकी शिनाख्त खिलेश्वर साहू के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर मामले को विवेचना लिया है। हम आपको बता दें कि, आज सुबह से ही पिथौरा पुलिस, साइबर सेल की टीम और फोरेंसिक टीम घटना स्थल पहुंच कर सभी पहलुओं पर सबूत जुटा रही है।

बाइट_प्रतिभा पाण्डेय अतरिक्त पुलिस अधीक्षक महासमुंद

सफलता की कहानी – प्रधानमंत्री जन-मन योजना से गंगा कमार के परिवार को आवास के साथ मिला समग्र विकास का लाभ।

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जनपद पंचायत महासमुंद जिले की ग्राम पंचायत बकमा ग्राम कोना की रहने वाली श्रीमती गंगा कमार और उनके परिवार के लिए प्रधानमंत्री जन-मन योजना किसी वरदान से कम नहीं साबित हुई है। श्रीमती गंगा ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से गरीबी और कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहा था। उनके पति खेती मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे और कच्चे मकान में रहने के कारण उनका जीवन और भी मुश्किल हो गया था। प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत उन्हें एक पक्का घर मिला जिससे उनके सपने पूरे हुए। उन्होंने बताया कि जब उनका नाम प्रधानमंत्री जन-मन योजना की आवास चयन सूची में आ गया है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस योजना के तहत उन्हें तीन किस्तों में धनराशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी गई और काम के आधार पर उन्हें कुशल मजदूरी का भुगतान भी किया गया। इससे उन्होंने अपने पक्के घर का निर्माण पूरा किया और अब वे उसी घर में अपने परिवार के साथ खुशी खुशी रहने लगी हैं।
साथ ही गंगा को सरकार की अन्य योजनाओं का भी लाभ मिला है, जैसे कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, महतारी वंदन योजना के तहत 1000 रूपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता भी मिल रही है, जिससे उनके घर की अन्य ज़रूरतें पूरी हो रही हैं। बिजली कनेक्शन, पक्का शौचालय, नल कनेक्शन, किसान सम्मान निधि और सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि भी मिल रहा है।
आयुष्मान कार्ड से अब उनका परिवार स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आसानी से उठा सकता है। बैंक खाते और आधार कार्ड के माध्यम से उन्हें सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि गांव में जीवन की बुनियादी सुविधाओं के लिए नल जल योजना और बिजली की सुविधा भी मिल रही है, जिससे उनके दैनिक जीवन की कठिनाइयां कम हुई हैं। सरकार की किसान सम्मान निधि योजना का लाभ भी उन्हें मिलता है। इन सभी योजनाओं ने उनके जीवन में व्यापक बदलाव आया है और उनके परिवार के लिए एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया है। गंगा कमार ने प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत मिले इस लाभ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करती हैं।