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पवित्र रिश्तों में चरित्र पर शक का कारण बनता है – मौत का कारण

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विगत दिनों सिंघोडा के शिशुपाल पर्वत के नीचे जंगल में मिली थी अज्ञात महिला की लाश का खुलासा महासमुंद पुलिस ने सुलझा ली है।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / कहते है कि, पति पत्नी का रिश्ता अटूट होता है किंतु इस अटूट प्रेम में दरार पड़ता है तो रिश्तों में कड़वाहट बात बात पर एक दूसरे पर क्रोधित होना। एक दूसरे की इज्जत न करना अपने पति या पत्नी को छोड़ किसी और को महत्व देना किसी बड़े घटना को आमंत्रित देना होता है और यही कारण है कि, इसका अंजाम किसी न किसी को अपनी मौत देकर चुकाना पड़ता है। इसी तारतम्य में विगत दिनों दिनांक 22.03.2025 को पुजारीपाली के अजय बरिहा को खोजनें के लिये शिशुपाल पर्वत में झरनें के नीचे चट्टान तरफ खोजनें गये थे तब देखे कि झरना के नीचे पत्थर चट्टान में एक अज्ञात महिला का शव औंधे मुह गिरा हुआ था, मृतिका अज्ञात महिला की पहचान नही हो पा रही है कि थाना बलौदा मे मर्ग कं 04/25 पंजीबद्ध कर मर्ग जांच कि जा रही थी कि,
दिनांक 25/03/2025 को चतुर्भुज मानिकपुरी पिता शंकरदास मानिकपुरी उम्र 31 साल निवासी बानीपाली थाना सरायपाली के द्वारा अज्ञात मृतिका के शव, कपडे, बांये हाथ की तर्जनी में बने गोदना को देखकर अज्ञात शव की पहचान खिरबाई मानिकपुरी के रूप में किया गया और बताया कि करीबन 04 वर्ष पूर्व खीरबाई का विवाह जलपुर के भोजराज मानिकपुरी से हुआ था विवाह के करीबन 03 साल बाद भोजराज, खीरबाई के साथ मारपीट लड़ाई झगड़ा करता था जिसके डर से खीरबाई अपनें माईके आ गयी थी। दिनांक 06/03/2025 को खिरबाई अपने मोटर सायकल से काम करने के लिए सरायपाली जाने निकली और बोली कि शाम को मैं अपनें पति भोजराज मानिकपुरी के पास जाउंगी उन्ही के साथ रहुंगी जो शाम तक वापस नही आयी। कि प्रार्थी रिपोर्ट पर थाना बलौदा में अपराध धारा 103, 238 बी.एन.एस का प्रकरण पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस की टीम के द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर मृतक के बारे में तकनीकी सहायता से तथा अलग-अलग टीम गठित कर छोटी सी छोटी जानकारी, प्रेम प्रसंग एवं मृतक के निजी जीवन के संबंध में जानकारी एकत्र किया गया तथा परिस्थिति जन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस की टीम के द्वारा संदेही पति ग्राम जलपुर निवासी भोजराज मानिकपुरी से पुलिस टीम द्वारा पूछताछ किया गया । जिसने अपना नाम (01) भोजराज मानिकपुरी पिता पंचराम मानिकपुरी उम्र 26 वर्ष सा. स्कुलपारा, जलपुर थाना सरायपाली, महासमुन्द का निवासी होना बताया। जिससे पुलिस की टीम के द्वारा पत्नि खिरबाई मानिकपुरी के संबंध में पूछताछ करने पर गोलमोल जवाब देने लगा। टीम के द्वारा लगातार पूछताछ करने पर अपना अपराध छुपा नही सका और अपने पत्नि खिरबाई मानिकपुरी का चरित्र शंका पर हत्या करना स्वीकार किया और बताया कि ,दिनांक 07.03.25 को मृतक खिरबाई को सरायपाली से मोटर सायकल में बैठाकर शिशुपाल पर्वत लेकर गया और पहाड से उपर से धक्का दे दिया जिससे मृतक खिरबाई की मृत्यु होना बताया। आरोपी भोजराज मानिकपुरी के कब्जे से 01 मोटर सायकल जप्त कर आरोपी के विरूध्द थाना बलौदा में अपराध धारा 103, 238 बी.एन.एस. के तहत् कार्यवाही कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

जंगली सुवर के 4 शिकारी अब खाकी वर्दीधारी के शिकंजे में

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चारों आरोपियों को रिमांड में लेकर महासमुंद जेल दाखिल किया गया।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / आज यदि कुछ हद तक वनों की सुरक्षा से वन वृक्ष बचे हुए है तो उसका मुख्य श्रेय वन्य प्राणियों को जाता है क्यों ये ही वन में रहकर वनों की रक्षा करते है।
बता दे कि , अभी ग्रीष्म कालीन का सीजन है और ऐसे में वन्यप्राणी अपनी प्राणों की प्यास बुझाने इधर उधर भटक रहे हैं किंतु कुछ लोग वन्यप्राणीयों की हत्या कर उनका मांस भक्षण में लगे हुए है। इसी तारतम्य में सरायपाली वन परिक्षेत्र बहेरापाली के ग्राम पोटापारा में नारद पिता पंचराम बरिहा जाति बिझवांर उम्र 53 वर्ष के घर में अवैध शिकार कर वन्यप्राणी मांस रखने की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को मिली जिस पर मामले की सूचना जिला वन मंडल अधिकारी को जानकारी दी गई। जिला वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत के निर्देशन पर उप मंडलाधिकारी अनिल भास्करन ने प्रत्यूष टांडेय वन परिक्षेत्राधिकारी और कर्मचारियों ने सरायपाली वन परिक्षेत्र के बहेरापाली के ग्राम पोटापारा में दबिश देकर आरोपियो के घर की तलाशी के दौरान वन्यप्राणी जंगली सुअर की 8 नग हड्डी तथा खुन से सना हुआ प्लास्टिक बोरा एवं थैला जप्त किया गया है। आरोपी नारद बरिहा ने पूछताछ पर बताया कि, उसके साथ हेमसागर साव पिता भुवनेश्वर, तिरिथ राम कोंध पिता जोगीलाल, प्रदीप कुमार सिदार पिता नंद कन्हैया सिदार वन्य जीव के शिकार में शामिल थे। जिन्हें गिरफ्तार उनके विरूद्ध वन्यप्राणी सरक्षण वन अधिनियम 1972 की धारा 2 (16)A, 39(3), 39(3)स, 43 (A)1 एवं धारा 09 तथा धारा 51 के तहत् कार्यवाही की जा रही है। उक्त अभियुक्तो को समक्ष न्यायालय प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट सरायपाली के आदेश से रिमांड में रखने हेतु जिला जेल महासमुन्द भेजा दिया गया है।

वेडनर मेमोरियल स्कूल में RTE के तहत अध्ययनरत 49 बच्चों का भविष्य खतरे में…?

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अधिकारी कर्मचारी पल्ला झाड़ने में लगे हुए है।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / छत्तीसगढ़ 49 बच्चों का भविष्य खतरे में महासमुंद जिले के सबसे पुराने अंग्रेजी माध्यम हायर सेकेंडरी स्कूल में राइट टू एजुकेशन (शिक्षा के अधिकार) के तहत पढ़ने वाले 49 बच्चों का भविष्य खतरे में नजर आ रहा है। स्कूल प्रबंधन ने छात्र छात्राओं के पालकों को खुले तौर पर कह दिया है कि, शासन की योजनाओं का अब वह लाभ नहीं दे सकेंगे। पढ़ाई करानी है तो स्कूल की फीस जमा करनी पड़ेगी। स्कूल प्रबंधन के फरमान से भयभीत पालक अब जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर के दफ्तर के चक्कर लगा रहे है, पर पालकों को कहीं से कोई संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं मिल पाया है। जिस वजह से पालक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
हम बात कर रहे हैं महासमुंद शहर के ख्याति नाम स्कूल वेडनर मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी हाई स्कूल की जहां 49 छात्र छात्राएं शिक्षा के अधिकार के तहत पढ़ाई कर रहे हैं। इन 49 छात्रों के पालकों को स्कूल के प्राचार्य ने कह दिया है कि शिक्षा के अधिकार के तहत अब पढ़ाई यहां नहीं कर सकते, पढ़ाई करनी है तो स्कूल की वार्षिक और मासिक फीस चुकानी पड़ेगी। गरीब परिवार के बच्चों के पालकों के पास अब यह प्रश्न उठ खड़ा हुआ है कि, बच्चों की इतनी महंगी फीस वह कैसे चुका पाएंगे और अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई कैसे करा पाएंगे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का यह नतीजा है कि, किसी को कुछ पता ही नहीं के क्या करना है। शिक्षा विभाग को जब पालकों ने शिकायत की जिस पर अधिकारियों ने अधिक जानकारी के लिए उच्च अधिकारियों को मार्ग दर्शन के लिए पत्र लिख कर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली है। शिक्षा विभाग के पास कितने बच्चे शिक्षा के अधिकार के तहत पढ़ाई कर रहे है इसका भी पूरा डेटा नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी के पास बच्चों के भविष्य पर बात करने का समय नहीं है। फोन लगाने पर जिला शिक्षा अधिकारी फोन नहीं उठाते है। कभी फोन भी उठा ले तो मीटिंग और दफ्तर के काम में फंसे होने का बहाना करते नजर आते हैं।
वहीं उच्च शिक्षा विभाग ने अब तक जिला शिक्षा विभाग को पत्र का जवाब ही नहीं दिया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के इस व्यवहार से साफ पता चलता है कि उन्हें बच्चों के भविष्य की कितनी चिंता है।

वेडनर मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य देवानंद बाग से मामले में कहा है कि 38 लाख 83हजार 130 रुपए से की राशि उनकी संस्था को अपराप्त है। आरटीई का पीछे 2021 से आज तक की राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। जिसकी जानकारी लिखित में शिक्षा विभाग को दिया गया है। पर शिक्षा जो आदतन अपनी कुंभकर्णी निद्रा में मस्त है। वेडनर मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल इन परिस्थितियों में बच्चों को हम 8 वीं कक्षा के आगे की शिक्षा मुफ्त में दे पाने में असमर्थ है। स्कूल प्रबंधन ने जिला शिक्षा अधिकारी को बार बार पत्र लिख कर अवगत कराया गया है लेकिन कोई ठोस कदम जिला शिक्षा विभाग ने अधिकारियों द्वारा नहीं उठाया गया है।

गायत्री मंत्र उच्चारण के साथ 160 जोड़े वर वधु बने एक दूजे के लिये।

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मुख्य अतिथियों का नहीं हुआ आगमन किसी कारण वश नहीं पहुंचे।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जिले के बागबाहरा रोड स्थित संजय कानन में आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का लाभ लेते हुए 160 नव वर वधु ने वैदिक रीति रिवाज के साथ सात जन्मों के लिए एक दूसरे का साथ देने की शपथ लेकर विवाह बंधन में बंध गए। महिला बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस मुख्यमंत्री कन्या विवाह में आज सुबह से विवाह की सारी तैयारी कर ली है थी। सुबह लगभग 11 बजे बाजे गाजे के साथ दूल्हों की बारात निकाली गई। गाजेबाजे के साथ नाचते गाते बाराती विवाह स्थल पर पहुंचे, गायत्री परिवार से पहुंचे पंडितों ने मंत्रों उच्चारण के साथ हिंदू रीतिरिवाज के साथ सभी 160 जोड़ों को परिणय सूत्र में जोड़ा गया। नव वर वधु को आशीर्वाद प्रदान करने जहां वर वधु के परिजन शादी उपस्थित हुए वहीं शहर जन प्रतिनिधियों ने भी वर वधुओं को उपहार के साथ सुखमय और खुशहाल जीवन जीने का आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित महिला बाल विकास विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। महिला बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी समीर पाण्डेय ने बताया कि शादी के जोड़ो पर परिणय सूत्र में बंधने वाले जोड़े में वधु को छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की तरफ से उपहार के रूप में 35 हजार उनके खाते में सीधा भेजा जा रहा है। साथ ही शादी ने उपस्थित वर वधुओं के परिजनों के लिए रुकने और खाने पीने की व्यवस्था भी महिला बाल विकास विभाग ने शासन की मंशानुरूप कर रखी है।
मुख्य रूप से आज के कार्यक्रम में नव दाम्पत्य जीवन में प्रवेश कर रहे वर वधु को शुभकामनाएं देते हुए आशीर्वाद देने महासमुंद जिला पंचायत के उपाध्यक्ष भीखम ठाकुर, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष निखिलकांत साहू, जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर चंद्राकर, जनपद पंचायत की उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर, निधि चंद्राकर सहित शहर के पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि आज के मुख्यमंत्री कन्या विवाह में संजय कानन में उपस्थित रहे।

मुर्दे को बनाके ढाल, मौत के सौदागर हो रहे मालामाल…?

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मुक्तांजलि एंबुलेंस वाहनों में करोड़ों का घोटाला, मृत शवों पर काली कमाई का गोरख धंधा फलफूल रहा है।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
रायपुर / आज के दौर में हर किसी को शॉर्टकट तरीके से पैसे कमाने का भूत सवार है और लोग कमा भी रहे है। ये कहावत तो आपने सुनी ही होगी – मुजरिम ना कहना मुझे लोगों, मुजरिम तो सारा जमाना है, पकड़ा गया वह चोर है और जो बच गया वो सयाना है। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली किसी से छिपी नहीं, लेकिन अब जो खुलासा हुआ है, वह न केवल शर्मनाक, बल्कि अमानवीय भी है। गरीबों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही मुफ्त शव एंबुलेंस सेवा ‘मुक्तांजलि’ (1099) को भ्रष्टाचारियों ने अपनी काली कमाई का अड्डा बना लिया है। फर्जी बिलिंग, मनगढ़ंत नाम, झूठे पते, और ग़लत किलोमीटर रीडिंग के जरिए हर साल सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए की बंदरबांट की जा रही है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस घोटाले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और निजी एजेंसियां मिलकर सिंडीकेट की तरह काम कर रही हैं। फर्जीवाड़े के तहत ऐसे मृतकों के नाम पर बिल बना दिए जाते हैं, जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं। कहीं मृत्यु से पहले ही शव घर पहुंचा दिया गया, तो कहीं ऐसे लोगों के नाम पर एंबुलेंस सेवा का बिल निकला, जिनके परिवार में किसी की मौत ही नहीं हुई।

*पड़ताल में चौंकाने वाले खुलासे :* शिकायतों के बाद जब इस योजना से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की गई, तो घोटाले की परतें खुलने लगीं। कई मामलों में मृतकों और उनके परिजनों के नाम पूरी तरह फर्जी निकले।

* *केस 1: मृतक का अस्तित्व ही नहीं :* सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है कि प्रिया पाढ़ो (1 दिन का बच्चा) पिता सुनील पाढ़ो की मृत्यु हुई और शव उनके परिजनों को सौंपा गया। जब दस्तावेज में दर्ज मोबाइल नंबर पर कॉल किया गया, तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने बताया कि उसका नाम महेंद्र सिंह है और उसके परिवार में कोई मौत नहीं हुई।

* *केस 2: मौत से पहले ही शव पहुंचाने का घोटाला :* स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेजों में दर्ज है कि कौशल्या बाई का शव 4 अप्रैल 2024 को एम्स से राजनांदगांव भेजा गया। लेकिन जब पड़ताल की गई, तो पता चला कि महिला की मृत्यु 11 अप्रैल को हुई थी, और शव भिलाई ले जाया गया था।

* *केस 3: फर्जी परिजन, झूठी जानकारी :* अंबिकापुर जिला अस्पताल से सविता गोंड के दो दिन के बच्चे का शव वाड्रफ नगर ले जाने का दावा किया गया। जब दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया, तो फोन उठाने वाले व्यक्ति विजेंद्र ने स्पष्ट रूप से कहा, “मेरे यहां किसी की मृत्यु नहीं हुई!”

* *केस 4: कब्र से पहले यात्रा :* सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक मृतका समा बाई (84) का शव 4 अप्रैल 2024 को एम्स रायपुर से उसूर, बीजापुर भेजा गया। जब दस्तावेज में दर्ज परिजन से संपर्क किया गया, तो सामने आया कि उस नाम का व्यक्ति ही फर्जी था!

*आंकड़े जो सिस्टम की पोल खोल रहे :*

* हर साल 18-20 करोड़ रुपए का बजट
* पिछले 5 वर्षों में 100 करोड़ से अधिक खर्च
* 70% भुगतान बिना किसी जांच के किया जाता है
* हर साल 38 से 40 हजार शवों को पहुंचाने का दावा
* हर दिन 500 कॉल्स मुक्तांजलि सेवा के लिए दर्ज

*सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार, अधिकारी जवाब देने से बचते रहे :* जब स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन से इस घोटाले पर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा, “मामले में मैं कुछ नहीं कह सकता, आप आला अधिकारियों से बात करें।” यह बयान साफ इशारा करता है कि भ्रष्टाचार का यह जाल सिर्फ निचले स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।

*स्वास्थ्य मंत्री का वादा—लेकिन क्या होगा कुछ? :* स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने इस मामले पर बयान दिया, “जांच कराएंगे, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। किसी को नहीं छोड़ा जाएगा।”

*गंभीर सवाल जो सरकार से पूछे जाने चाहिए :*

* क्या सरकार इस लूट में शामिल अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी?
* क्या गरीबों के शवों पर चल रही यह लूट रोकी जाएगी?
* क्या यह सिर्फ एक योजना तक सीमित घोटाला है, या पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था भ्रष्टाचार की जड़ों में जकड़ी हुई है?

*यह केवल घोटाला नहीं, इंसानियत पर हमला है :* जो लोग इस दुनिया से चले गए, उनके नाम पर भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है—क्या इससे बड़ी बेशर्मी और कोई हो सकती है? गरीबों के लिए चलाई गई इस योजना का फायदा उठाने की बजाय, भ्रष्ट अधिकारी और एजेंसियां इस पर लूट मचा रही हैं। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इन गुनहगारों पर शिकंजा कसती है, या फिर सिस्टम इन्हें बचाने में जुट जाता है!

अपनी उत्कृष्ट सेवा के लिये, महासमुंद के सोहम हॉस्पिटल को उप मुख्यमंत्री ने दिया सम्मान

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लोगों को अच्छी सुविधाओं के साथ मरीज के परिवार को मिलती है राहत।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बना चुके सोहम क्रिटिकल केयर एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल को डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान अस्पताल द्वारा गंभीर मरीजों की उत्कृष्ट देखभाल, क्रिटिकल केयर सेवाओं में अद्वितीय योगदान, और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने हेतु किए गए कार्यों के लिए दिया गया।

यह सम्मान समारोह प्रदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सा विशेषज्ञों, वरिष्ठ अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कई नामी चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया। समारोह में डिप्टी मुख्यमंत्री ने सोहम हॉस्पिटल की सेवाओं की सराहना करते हुए इसे एक मिसाल बताया और कहा कि, “सोहम हॉस्पिटल ने चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानदंड स्थापित किए हैं। यह अस्पताल न केवल उन्नत चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर रहा है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का भी कार्य कर रहा है।”

सोहम हॉस्पिटल की उपलब्धियां और योगदान

सोहम हॉस्पिटल ने अपने क्रिटिकल केयर यूनिट (ICU) में अब तक सैकड़ों गंभीर मरीजों की जान बचाई है। आधुनिक मशीनों और तकनीकों से सुसज्जित इस अस्पताल ने मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। यह सम्मान विशेष रूप से अस्पताल द्वारा गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए दी जाने वाली छूट और फ्री मेडिकल कैंप्स के सफल आयोजन के लिए दिया गया।

सोहम हॉस्पिटल द्वारा समय-समय पर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है, जिसमें हजारों मरीजों का उपचार किया गया है। इन शिविरों में न केवल मुफ्त परामर्श और जांच की सुविधा दी जाती है, बल्कि जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इस पहल से दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोग, जो महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकते, उन्हें भी उत्तम चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं।

अस्पताल के कुशल चिकित्सकों और समर्पित मेडिकल स्टाफ ने आईसीयू केयर, इमरजेंसी सेवाओं, सर्जरी, मातृत्व सुविधाओं और बाल चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। यहां हर प्रकार के गंभीर बीमारियों के मरीजों का इलाज उच्च स्तरीय उपकरणों से किया जाता है, जिससे मरीजों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

सोहम हॉस्पिटल का उद्देश्य और भविष्य की योजनाएं

सोहम हॉस्पिटल का उद्देश्य केवल व्यावसायिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत जरूरतमंद मरीजों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाना है। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य सभी वर्गों के लोगों को किफायती और गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।

भविष्य में सोहम हॉस्पिटल अपनी सेवाओं का और अधिक विस्तार करने जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने घोषणा की कि वे और अधिक अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को जोड़ेंगे और गरीब मरीजों के लिए विशेष योजनाएं शुरू करेंगे। इस दिशा में अस्पताल एक विशेष हेल्थ कार्ड लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिससे गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को अत्यधिक छूट पर इलाज की सुविधा मिलेगी।

सोहम हॉस्पिटल की ओर से धन्यवाद ज्ञापन

सोहम हॉस्पिटल के संचालक और प्रबंधन टीम ने इस सम्मान के लिए राज्य सरकार, डिप्टी सीएम अरुण साहू और समाज के सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए एक बड़ी प्रेरणा है और वे भविष्य में और अधिक मेहनत के साथ समाज के प्रति अपनी सेवाएं जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश रहेगी कि हम अपने अस्पताल की सेवाओं को और बेहतर बनाएं, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों को जोड़ें और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए नए-नए प्रयास करें।”

निष्कर्ष

सोहम हॉस्पिटल को मिला यह सम्मान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह अस्पताल ना केवल मरीजों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा दे रहा है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी निभा रहा है।

डिप्टी सीएम अरुण साहू द्वारा दिए गए इस सम्मान ने सोहम हॉस्पिटल के प्रयासों को एक नई पहचान दी है और यह दर्शाता है कि जब कोई संस्था समर्पित भाव से कार्य करती है, तो समाज और सरकार दोनों उसका समर्थन करते हैं।

आशा है कि भविष्य में भी सोहम हॉस्पिटल इसी तरह बेहतरीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता रहेगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

महासमुंद में सुपर 40 बागबाहरा के 9 बच्चों का नवोदय में चयन

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शिक्षकों की भूमिका सराहनीय सफलता का क्रम अनवरत जारी

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जिले के बागबाहरा विकासखंड के सेवाभावी शिक्षकों के द्वारा वर्ष 2019 से लगातार विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है। ये शिक्षक प्रत्येक रविवार और अवकाश के दिनों में कक्षाएं लेकर बच्चों को विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं जैसे नवोदय विद्यालय, एकलव्य, उत्कर्ष और प्रयास जैसे प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं,जिसके परिणाम स्वरुप हर वर्ष छात्रों का चयन इन प्रवेश परीक्षाओं के जरिए विभिन्न विद्यालयों में होता है।प्रतिवर्ष की भांति जब नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2025 का परिणाम आया, तो सुपर 40 बागबाहरा के 9 छात्रों का नवोदय विद्यालय में चयन हुआ है, जिसमें कु.त्रिशा पटेल, कु.नाम्या पटेल,कु.टिंकल साहू,कु.योगिता चक्रधारी, मोक्ष चौधरी,केशर रैदास,दिवाकर साहू , प्रतीक सेन,युवराज बरिहा का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय सरायपाली के लिए हुआ है। ये छात्र 25 से 30 किलोमीटर की दूरी से चलकर अपने पालकों के साथ बागबाहरा आते थे। ये उनके उत्साह और समर्पण को दर्शाता है। शिक्षकों के उचित मार्गदर्शनऔर बच्चों की मेहनत के साथ- साथ उनके पालकों के समर्पण के संयुक्त प्रयास से यह सफलता प्राप्त हुई है।
बच्चों की इस शानदार सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी मोहन राव सावंत,सहायक संचालक द्व्य सतीश नायर, नंदकुमार सिन्हा, डीपीसी रेखराज शर्मा,एपीसी संपा बोस,विकासखंड शिक्षा अधिकारी के के वर्मा,सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी रामता मन्नाडे ,विकासखंड स्त्रोत समन्वयक भूपेश्वरी साहू ,सुपर 40 बागबाहरा के संयोजक हीरासिंग नायक प्राचार्य सेजेस कोमाखान,सचिव केदारनाथ साहू,कोषाध्यक्ष अनिल चक्रधारी, शिक्षक धीरज तिवारी,कुलदीप साहू,जगदेव साहू,रश्मि शर्मा,धनेश्वर साहू,लोकनाथ रैदास,महादेव देवांगन,छोटू निषाद,सुभाष चंद्राकर,योगेंद चंद्राकर,अश्विनी दीवान,परस राम ठाकुर,दौलत दीवान,राजेंद्र साहू ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी रामता मन्नाडे ने सुपर 40 बागबाहरा के सभी शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी वह भी बुनियादी स्तर पर निश्चित रूप से हमारे विकास खण्ड के लिए बहुत लाभदायक साबित हो रही है।उन्होंने भविष्य में भी सुपर 40 के शिक्षकों से इस कार्य को निरन्तर जारी रखने की अपेक्षा की है।

होली का कहर – एक परिवार के 6 लोगों की दर्दनाक मौत

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आज दोपहर तेज रफ्तार ट्रक ने कार सवार को मारी टक्कर, कार में एक ही परिवार के 6 लोगों मौत हो गई।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / कहते है न कोई भी पर्व आता है तो किसी परिवार के लिए खुशियां लेकर आता तो किसी परिवार में मातम सा छा जाता है। इसका साक्ष्य आज हमारे सामने आया है जहां पर जिले के भीमखोज थाना क्षेत्र के ग्राम मरार कसीबाहरा के पास नेशनल हाईवे 353 पर एक कार और ट्रक की भिड़ंत होने से पांच लोगों की दर्दनाक मौत मौके पर हो गई है। घटना स्थल जहां पर कार में सवार लोगों को बागबाहरा के शांति नगर निवासी ताहर सिंह ठाकुर का परिवार होना बताया जा रहा है। राहगीरों में प्रत्यक्ष दर्शियों का कहना है कि, ताहर सिंह ठाकुर अपने परिवार के साथ कर में सवार थे। मरार कसीबाहरा ग्राम के पास ट्रक जो झारखंड पासिंग की है ने कार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कार गड्ढे में लुढ़कते हुए जा गिरा है। कार में 6 लोग सवार थे जिनमें से पांच की मौत मौके वारदात पर ही हो गई है। घायल को गंभीर अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटना स्थल पर पुलिस पहुंच गई है और राहगीरों की मदद से कार में मृत फंसे लोगों को निकालने का प्रयास की जा रहा है।
बहरहाल अभी अधिकृत रूप से इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि, समाचार लिखे जाने तक घटना किस तरह से घटित हुई है और किसकी लापरवाही से हुई है ये अभी अनभिज्ञ है।

जिला पुलिस प्रशासन की अपील – होली में उत्पात करोगे तो, खाओगे पुलिस के डंडे

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इस बार होली में उपद्रवियों पर पुलिस की पैनी नजर , जरा सी गलती पर आप जा सकते जेल फैसला आपका

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी शरद दुबे ने आज स्थानीय कंट्रोल रूम में शांति समिति की बैठक आहुत की गई। बैठक में महासमुंद एसडीओपी अजय त्रिपाठी और नायब तहसील मोहित अमिला उपस्थित थे। बैठक में नगर पालिका क्षेत्र के पार्षद भी उपस्थित रहे। एसडीओपी अजय त्रिपाठी ने सभी पार्षदों से अपील की है कि सभी अपने वार्ड में 13 मार्च को होली दहन का कार्यक्रम रात 10 बजे तक संपन्न करा ले, साथ ही डीजे, नगाड़ा और स्पीकर से गाने तीव्र आवाज में ना बजाए। चूंकि वर्तमान में हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल के बच्चों की बोर्ड की परीक्षा चल रही है। रात्रि 10 बजे के बाद ढोल नगाड़ा और अन्य तरीके के ध्वनि यंत्रों का प्रयोग प्रतिबंधित है। 10 बजे के बाद ध्वनि यंत्रों का उपयोग करने पर कानूनी कार्रवाई करने और जप्ती की कार्रवाई की जाएगी।


होलिका दहन के दूसरे दिन 14 मार्च को मोटर साइकिल में तीन सवारी करने वालों पर वाहन जप्त करने की कार्रवाई सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा की जाएगी। इसके अलावा रंग गुलाल का उपयोग उन पर नहीं किया आयेगा जो रंग गुलाल नहीं खेलना चाहते हैं। साथ ही पूरे शहर के होली पर्व पर रंग गुलाल बेचने वालों को चेतावनी दी है कि मुख्वटा की खरीदी बिक्री नहीं की जाए। मुख्वटा बेचते पाए जाने पर दुकानदार के सामनों की जप्ती की जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
गौरतलब है कि बैठक में उपस्थित वार्ड पार्षदों ने शहर के वार्ड नंबर 6,7,8,11,21,22,23,24,29, में पुलिस की विशेष गस्त करने का सिटी कोतवाली पुलिस से आग्रह किया है। सिटी कोतवाली प्रभारी शरद दुबे ने शांति समिति की बैठक में उपस्थित सदस्यों से कहा कि शहर के जिस भी वार्ड में हुड़दंगियों द्वारा हुड़दंग करने वालों की शिकायत तत्काल सिटी कोतवाली पुलिस, पुलिस कंट्रोल रूम 112 को सूचित करने की अपील की है।
वार्ड पार्षदों के सुझाव पर सिटी कोतवाली पुलिस ने होलिका दहन के दिन शहर के चिन्हांकित इलाकों में पुलिस बल की तैनाती और पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी द्वारा सतत पेट्रोलिंग की सहमति दी है। शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों में पुलिस पार्टी की विशेष नजर होगी। शराब, भांग और अन्य तरह के नशा कर हुड़दंग करने वालों पर तत्काल कार्रवाई करने की बात पुलिस द्वारा कही गई है।
शांति समिति की बैठक में नगर के पत्रकारों के अलावा शहर के पार्षद भी उपस्थित रहे हैं।
सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के एसडीओपी अजय त्रिपाठी ने आम जनता से अपील की है कि होली के त्यौहार को सभी आपसी भाई चारे के साथ मनाए, प्राकृतिक रंग गुलाल का उपयोग करें। किसी के ऊपर पेंट या कोई भी ज्वलनशील केमिकल युक्त रंग गुलाल का उपयोग ना करने की अपील की है साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिस के जवानों पर रंग गुलाल ना लगाने व ड्यूटी पर तैनात पुलिस के जवानी की मदद कर शहर में भाई चारे के त्यौहार को शांति पूर्व तरीके से मनाने की अपील की है।

35 वर्षीय युवक सूरज चंद्राकर की ह्रदयघात से मौत

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गांधी चौक स्थित पंकज ज्वेलर्स के सह संचालक थे सूरज चंद्राकर

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद। नगर पालिका अन्तर्गत वार्ड क्रमांक 17 कुर्मी पारा निवासी सूरज चंद्राकर उम्र 35 की आज शाम 4:00 से 5:00 बजे बीच हृदयघात से मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि, आज शाम सूरज चंद्राकर अपने संस्थान पंकज ज्वेलर्स में बैठे हुए थे। तथा दोपहर खाना खाने के बाद अपने दुकान के ऊपर आराम करने ऊपर गया। तत्पश्चात इनके बड़े भाई नीरज चंद्राकर शॉप के देखरेख कर रहे थे। शाम 6 बजे के आसपास नीरज लघुशंका आने से ऊपर गया तो देखा कि छोटा भाई सूरज बाथरूम के बाहर गिरा हुआ हुआ। उसने परिवार को अवगत कराते हुए बरौंडा चौक स्थित जैन नर्सिंग होम ले गए। जहां चिकित्सों ने बताया कि इनकी मृत्यु दो घंटे पूर्व हो चुकी है।
बता दे कि, गांधी चौक स्थित पंकज ज्वेलर्स के सह संचालक सूरज चंद्राकर दो भाई थे। जिनमें नीरज चंद्राकर बड़े एवं छोटे भाई सूरज चंद्राकर जिनकी ह्रदयगति थमने से आज हमारे बीच नहीं रहे।