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महासमुंद में सीएम विष्णु देव साय ने किया 217 करोड़ 17 कार्यक्रमों का भूमि पूजन और लोकार्पण

आज 8 लोगों की ईडी ब्लास्ट में मौत पर मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्याप्त जाहिर किया।

पूर्ण रूप से नक्सल को खत्म करने की बात कही

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / महासमुंद के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल के प्रांगण ने पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 217 करोड़ 17 लाख के 419 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया।
मुख्यमंत्री के आगमन के बाद मुख्य द्वार पर भाजपा के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस और कार्यक्रमों के बीच हुई जमकर झड़प। बैठक व्यवस्था को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने जताई आपत्ति।
आज के लोकार्पण और भूमि पूजन कार्यक्रम में जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने अपने स्वागत भाषण में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कार्यक्रम उपस्थित जनता को विकास कार्यों का ब्यौरा दिया। कार्यक्रम को महासमुंद जिले के बसना विधायक सम्पत अग्रवाल और महासमुंद के विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा और महासमुंद लोकसभा की सांसद रूपकुमारी चौधरी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया है।
हम आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि बस्तर में नक्सलियों द्वारा कायरता पूर्ण हरकतों से हमारे आठ जवान शहीद हो गए हैं। जिनकी मैं नींद करता हूं।
पत्रकारों के सवाल पत्रकारों के लिए कब सुरक्षा कानून लागूं होगा इस बात पर उन्होंने कहां की मुकेश चंद्राकर के हत्यारों पर त्वरिक कार्रवाई की गई है। लेकिन पत्रकार सुरक्षा कानून कब लागू करेंगे इस सवाल पर सीएम ने जवाब नहीं दिया।

आयोजित विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत 77 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत सामग्री वितरण एवं चेक प्रदाय कर लाभान्वित किया गया। इस अवसर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना सम्पत अग्रवाल, पूर्व संसदीय संचिव पूनम चंद्राकर, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, श्रीमती सरला केसरिया, येतराम साहू, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह ,जिला पंचायत सीईओ श्री एस आलोक सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का बारी-बारी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 पी.व्ही.टी.जी परिवार को गृह प्रवेश चाबी का वितरण किया तथा एन.आर.एल.एम. अंतर्गत रिवाल्विंग फंड के तहत 4 हितग्राहियों को चेक वितरण किया। समाज कल्याण विभाग अंतर्गत दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 2 हितग्राहियों को 50 हजार रुपए एंव एक हितग्राही को एक लाख रुपए का चेक प्रदाय किया गया। इसी तरह आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत ग्राम डुडुमचुंवा तहसील सरायपाली को कक्ष क्रमांक 353 रकबा 185.230 हेक्टेयर का सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र तथा ग्राम पलसापाली ग्राम पंचायत छिबर्रा तहसील सरायपाली को कक्ष क्रमांक 369 रकबा 2.00 हेक्टेयर का सामुदायिक वन अधिकार पत्र सौंपा गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुपालन विभाग के स्टॉल में राज्य डेयरी उद्यमिता योजना के तहत 3 हितग्राहियों को अनुदान चेक राशि 70 हजार प्रति इकाई वितरण किया। इसी प्रकार राजस्व विभाग अंतर्गत स्वामित्व योजना के तहत 25 हितग्राहियों को आबादी पट्टा सौंपा गया। श्रम विभाग अंतर्गत असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 4 हितग्राहियो को एक-एक लाख रुपए का सहायता राशि प्रदान किया गया। शिक्षा विभाग अंतर्गत छात्र दुर्घटना बीमा येजना के तहत 2 हितग्राहियों को एक लाख रुपए प्रति इकाई बीमा राशि प्रदाय किया गया। स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरण किया गया। कृषि विभाग अंतर्गत 6 हितग्राहियों को स्वायल हेल्थ कार्ड का वितरण किया गया। इसके अलावा उद्यानिकी विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत एक हितग्राही को 20 हजार रुपए एवं 4 हितग्राहियों को 30 हजार रुपए का चेक वितरण किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत शतप्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन वाले 7 ग्रामों के सरपंचों को हर घर जल प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों लाभान्वित होकर लाभान्वित हितग्राहियां ने हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

बाइट विष्णु देव साय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन

बेबाक पत्रकार मुकेश के हत्यारों को..! , फांसी दे – दो …?…!!

सच का आईना दिखाने वाले पत्रकारों को या तो झूठे मामलों में फंसाया जाता है या फिर हत्या जैसी घिनौनी हरकत की जाती है।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / बस्तर के दबंग पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या ने पूरे पत्रकार जगत को झकझोर कर रख दिया है। एक निर्भीक निडर पत्रकार की इस तरह से निर्मम हत्या से पूरे देश के पत्रकारों में आक्रोश है और पूरा पत्रकार जगत में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग फिर से एक बार उठने लगी है। अघोषित रूप से संविधान के इस चौथे स्तंभ की जो दूर दशा आज देखने मिल रही है। इससे सभी पत्रकार आशंकित है कि यह पत्रकारों के साथ होने वाली जानलेवा घटना अब और कितने पत्रकारों के साथ घटित होगी।


बस्तर के दबंग पत्रकार मुकेश चंद्राकर की बस इतनी से गलती है कि उसने करोड़ों अरबों के एक घोटाले बाज के खिलाफ मुखर होकर घोटाले बाज के कारनामों को बड़े ही बेबाकी के साथ आम जनता तक पहुंचने का काम किया। जिसका नतीजा एक पत्रकार को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार और विपक्ष के नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर राजनीतिक रोटी सेकने के लिए फेस बुक, ट्यूटर और इंस्टाग्राम पर बैठ कर सिर्फ आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पत्रकार आज राज्यपाल महोदय के दरवाजे पर पत्रकार सुरक्षा की मांग को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे थे। जहां पत्रकारों को पुलिस वाले दरवाजे पर रोक लिए। पत्रकारों के लाख कोशिश के बाद भी राज्यपाल महोदय से ना तो मिलने दिया गया और ना ही पत्रकारों से ज्ञापन लिया गया।
इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शासन प्रशासन पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कितने संवेदनशील है।
गौरतलब है कि शासन प्रशासन के सहयोग के जनता की गाढ़ी कमाई पर रसोइए से अरबपति बने एक ठेकेदार ने सिर्फ पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या नहीं की है। उसने 140 करोड़ आबादी वाले लोकतांत्रिक देश के संविधान की हत्या की है। जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकारों की निर्मम हत्या कर उन्हें सेप्टिक टैंक में फेंक दिया जाता है फिर किसी झूठे ब्लैक मेलिंग के आरोप में थाने में केश दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया जाता है।
निर्भीक पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के बाद आज फिर से देश के पत्रकारों को एक मंच पर एक सूत्र में पत्रकार सुरक्षा की मांग को लेकर आवाज उठाते देखा जा रहा है। क्या ये आवाज सरकार की कान तक पहुंचेगी? क्या छत्तीसगढ़ राज्य के मुखिया अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए पत्रकारों की सुरक्षा की जवाबदेही तय करेंगे? कि हत्यारों पर कार्रवाई और उनके द्वारा किए गए बेजाकब्जा हटा कर स्वयं अपनी पीठ थपथपाने लगेंगे।

महतारी वंदन योजना का फर्जी रूप से लाभ लेने वाले खुद सामने आये वर्ना होगी बड़ी कार्यवाही – समीर पांडेय

अंतिम चेतावनी 25 जनवरी तक अपात्र होते हुये पात्रता का लाभ लेने वालों सावधान

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / महासमुंद ब्लॉक में महतारी वंदन योजना में फर्जी तरीके से फॉर्म भर कर लाभ ले रहे ग्राम पंचायत सचिव और उनकी शिक्षा कर्मी पत्नी के फर्जीवाडा को बेबाक बयान न्यूज ने फर्जी को उजागर करते हुए जिला कलेक्टर और महिला बाल विकास विभाग के संज्ञान में लाया था। जिस पर जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने तत्काल महिला बाल विकास विभाग को आदेश जारी कर अपात्र लोगों को चिन्हांकित कर नाम काटने का आदेश जारी कर दिया है। वहीं बेबाक बयान न्यूज के समाचार पर हुई कार्रवाई से भयभीत अपात्र हितग्राहियों ने स्वयं से आंगनबाड़ी केंद्र और महिला बाल विकास केंद्र पहुंचकर महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि जमा कराकर योजना से नाम हटाने का आवेदन कर रहें हैं।
गौरतलब है कि, महासमुंद महिला बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी समीर पांडे ने बेबाक बयान न्यूज को जानकारी देते हुए कहा है कि, सरकार की योजना को सरकार के मंशानुरूप मूर्त रूप देने के लिए महिला बाल विकास विभाग ने काम किया था। मानविक स्वभाव है कि, इस दौरान बहुत से चूक हुई होगी। उस भूल को सुधारने के लिए पूरे जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आदेश जारी कर दिया गया है कि 25 जनवरी तक सभी अपात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर अपने अपने सुपर वाइजर और संबंधित अधिकारियों को सूचित कर सभी अपात्र खातों को होल्ड किया जाए और महिला बाल विकास विभाग द्वारा जारी खाते में प्राप्त योजना की राशि जमा कराने की कार्रवाई तत्काल पूरी की जाए।
महिला बाल विकास विभाग महासमुंद के जिला अधिकारी ने यह अपील भी की है कि, जो नियमों की जानकारी के अभाव में या किसी अन्य कारणवश महतारी वंदन योजना का लाभ ले रहे है जो पात्र नहीं है वह भी स्वयं से सामने आए और अपना नाम योजना से कटवा कर राज्यहित में सहभागी बने और एक अच्छा और जागरूक नागरिक होने का दर्ज अदा करें।

जानकारी अनुसार बस्तर जिले में योजना के नाम पर की गई गड़बड़ी के बाद अब प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग सख्त हो गया है। जगदलपुर जिले में महतारी वंदन योजना के कई खातों को होल्ड कर दिया गया है। जगदलपुर में खातों की जांच में विभाग को एक हजार खातों में गड़बड़ी मिली है। जिसके बाद इन खातों को होल्ड कर दिया गया है। इसके साथ ही मृतकों के खातों को बंद करने को भी कहा गया है।
जगदलपुर में जिन 1 हजार 31 एकाउंट को होल्ड किया गया है, उनकी जांच पूरी होने के बाद ही खातों में पैसे भेजे जाएंगे। जानकारी के अनुसार अभी तक जिलों में करीब 30 फीसदी खातों की जांच की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना शुरू होने से अब तक 1031 ऐसे हितग्राही हैं जिनका भुगतान रोका गया है। अधिकारियों के अनुसार, हितग्राहियों के आधार कार्ड, पासबुक के साथ ही अन्य दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली है। कुछ हितग्राहियों के ई-केवाईसी नहीं होने की जानकारी भी सामने आई है।

पत्रकार मुकेश के हत्यारों को नहीं बक्शा जाएगा – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
रायपुर / बीजापुर के पत्रकार मुकेश चन्द्राकर की निर्मम हत्या पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त करते हुए अपराधियों पर तत्काल कार्यवाई करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है।
बीजापुर के युवा और समर्पित पत्रकार मुकेश चंद्राकर जी की हत्या का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। मुकेश जी का जाना पत्रकारिता जगत और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इस घटना के अपराधी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा देने के निर्देश हमने दिए हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें।

बीजापुर में करोड़ों का भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले पत्रकार की बे – रहमी से हत्या

ठेकेदार द्वारा मुकेश की हत्या कर सैप्टिक टैंक के ऊपर प्लास्टर चढ़ा दिया

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
रायपुर / बीजापुर से बड़ी खबर आ रही है। जिला में कार्यरत एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल एनडीटीवी के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या हो गई है। हत्या कर शव सेप्टिक टैंक में छुपा कर उसके उपर प्लास्टर कर दिया गया था ताकि किसी को पता न चले। मुकेश 1 जनवरी से लापता थे। नक्सल इलाके में एक पत्रकार के इस तरह लापता होना सरकार और पत्रकार जगत के लिए चिंता का विषय था।

गुमशुदगी की रिपोर्ट पर हुई कार्यवाई

मुकेश चंद्राकर के बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने भाई की गुमशुदगी के लिए कुछ ठेकेदारों पर शक जाहिर करते हुए रिपोर्ट लिखाई थी। युकेश चंद्राकर का कहना है कि कुछ दिनों पहले मुकेश चंद्राकर ने गंगालूर से मीरतूर तक 120 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही 45 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में घोटाले की खबर अपने चैनल पर चलाई थी। युकेश चंद्राकर ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट लिखे जाने के बाद पुलिस ने अगल अलग टीम गठित कर कार्यवाई की जिस दौरान मुकेश का शव बरामद हुआ है।

ठेकेदार के खिलाफ खबर बनाना हत्या की वजह

कुछ दिनों पहले ही मुकेश चंद्राकर ने गंगालूर से मीरतूर तक 120 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही 45 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में घोटाले की खबर अपने चैनल पर चलाई थी। इसके बाद शासन ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए थे। इस घटना के बाद से ठेकेदार मुकेश के दुश्मन बन गया था।

ईंधन से पैसे की प्राप्ति, पिथौरा में हो रहे है बड़े झाड़ के जंगलों की समाप्ति

जंगल की जमीन को कलेक्टर के बिना अनुमति की हुई खरीदी बिक्री!

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जिले के पिथौरा ब्लॉक में सरकारी जमीन की खरीद फरोख्त का काम जिला प्रशासन के लाख कोशिश के बाद भी बदस्तूर जारी है और इस खरीद फरोख्त में जिला प्रशासन के ही सरकारी मुलाजिम शामिल है। सरकारी जमीन जिसमें बड़े झाड़ के जंगल भी शामिल है। पटवारियों सहित कुछ राजस्व की मिली भगत से यह कारनामे महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक में चल रहे हैं।


ऐसा ही एक और मामला प्रकाश में आया हैं। सरकार द्वारा दी गई जमीन को बिना कलेक्टर के आदेश बेच दिया गया है। इस खरीदी बिक्री में एक सरकारी मुलाजिम का हांथ बताया जा रहा है। इस भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी के चर्चे कभी अखबारों के हेड लाइन बने थे।


गौरतलब है कि पिथौरा ब्लॉक के ग्राम टेका पटवारी हल्का नम्बर 9 राजस्व निरीक्षक मण्डल तहसील पिथौरा के भूमि खसरा नम्बर 421/3 रक्बा 0.195 हेक्टर भूमि को बिना कलेक्टर की अनुमति के बेच दिया गया है। जानकारी अनुसार भूमि का नया खसरा नम्बर 421/3 (421/1 पुराना) रक्बा 0.1950 हेक्टर दुर्गाबाई पति छबिलाल जाति अघरिया निवासी ग्राम के नाम से भूमिस्वामी हक पर दर्ज कर दिया गया हैं।


जबकि उक्त भूमि पूर्व में सन् 1980-81 के खसरा पांचसाला पुराने खसरा नम्बर 139/1 रक्बा 7.127 हेक्टर भूमि बड़े झाड़ के जंगल मद पर दर्ज हैं। सन् 1954-55 के अधिकार अभिलेख में बड़े झाड़ के जंगल तथा संशोधन पंजी सन् 1963-64 में पुराना खसरा नम्बर 149/3 रक्बा 3.20 एकड़ भूमि टिकेमनी – बैसाखु रावत सा देह भूमिस्वामी के नाम पर बड़े झाड़ के जंगल के तुक्डा से संशोधन पंजी कमांक 33, दिनांक 11/10/1962 में दर्ज है व खसरा नम्बर 149/3, 149/11 तहसीलदार सा. महासमुन्द मा. क. 181/अ-19 सन 1959-60 आदेश दिनांक 26/07/1963 के अनुसार बड़े झाड़ के जंगल भूमि दर्ज कर दिया गया हैं।

उक्त भूमि शासकीय बड़े झाड़ के जंगल से शासकीय भूमि पट्टा में मिला हैं। भूमि स्वामी द्वारा खसरा नम्बर 421/3 रक्बा 0.195 हेक्टर भूमि को कूट रचना करते हुऐ अनावेदिका दुर्गाबाई पति छबि लाल जाति अघरिया को बेच दिया गया है। अनावेदिका द्वारा भूमि क्रय कर शासन से बिना अनुमति के शासन से प्राप्त भूमि को क्रय किया गया हैं। उक्त भूमि को क्रय के पूर्व कलेक्टर से अनुमति नहीं लिया गया। चूंकि भूमि शासन से प्राप्त भूमि है, बिना अनुमति के क्रय किया जाना शासकीय पट्टे के नियम का उल्लंघन हैं।
ग्राम टेका पटवारी हल्का नम्बर 9 राजस्व निरीक्षक मण्डल पिथौरा तहसील पिथौरा में स्थित भूमि खसरा नम्बर 421/3 रक्बा 0.1950 हेक्टर (20,982 वर्गफीट) भूमि टिकेमनी – बैसाखु रावत सा० देह की भूमि है उक्त भूमि को स्वामी दुर्गाबाई पति छबिलाल जाति अघरिया ने कूट रचना करते हुऐ अपने नाम करा कर रजिस्ट्री करा ली है। बताया जा रहा है कि इस जमीन में पेट्रोल टंकी निर्माण करने की प्रक्रिया चालू है। शासकीय पट्टे की भूमि में पेट्रोल टंकी निर्माण नही किया जा सकता है ना ही इसकी एन.ओ.सी.नहीं दिया जाना चाहिए। वह भूमि हाथी विचरण क्षेत्र में आती है जिसमे हाथियों आ आना जाना बना रहते है!

जिले भर में सरकारी जमीन की खरीद फरोख्त फर्जी तरीके से जारी है। इस तरह के फर्जी कामों को जिले के कुछ पटवारी, राजस्व के अधिकारी और जमीन दलालों द्वारा मिली भगत कर अंजाम दिया जा रहा है।

गांजा शराब और सड़क दुर्घटना रोकने में जिला पुलिस को 2024 में मिली सफलता।

सावधान मादक पदार्थों का व्यापार करने पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / आज स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय ने वर्ष 2024 में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में होने वाली अपराध की रोकथाम पर जिला पुलिस को मिली सफलता के आंकड़े मीडिया के साथ साझा किया।
अतरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय ने बताया कि

* वर्ष 2024 जिला में कुल दर्ज अपराध का 88.82 प्रतिशत निकाल में सफलता मिली एवं पेडिंग 11.18 प्रतिशत रहा है।

* यातायात दुर्घटना में वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 में सड़क दुर्घटना में 13.72 प्रतिशत की कमी, मृतको की संख्या में 27.93 प्रतिशत की कमी एवं घायलो की संख्या में 32.88 प्रतिशत की कमी आयी है।

* लूट के प्रकरणों में आरोपीयों को गिरफ्तार कर जेल भेजने में शत्प्रतिशत सफलता मिली।

* असमाजिक तत्वो के विरूद्ध 84 नये गुण्डा, निगरानी, बदमाश फाइल खोली गई।

* अवैध मादक पदार्थ गांजा के 120 प्रकरणों में 5732.617 कि0ग्रा0 गाँजा कीमती 19 करोड़ 14 लाख 94 हजार 485 रूपये जप्त किया गया।

* जिले में पहली बार अफीम पोस्त (डोडा) में बड़ी कार्यवाही कर 1904 कि0ग्रा0 कीमती 19 लाख 04 हजार रूपये की कार्यवाही की गई।

* राज्यगठन के बाद पहली बार जप्त गांजा के 564 प्रकरणों में 32372.074 कि.ग्रा. गांजा का नष्टीकरण की कार्यवाही किया गया।

* जुआ के प्रकरण में छोटे संगठित अपराध दर्ज कर प्रभावी कार्यवाही किया गया।

* जिले में गिरप्तार एवं सजायाब आरोपियों का शत् प्रतिशत फिंगर प्रिंट तैयार नेफिस सिस्टम में ऑनलाईन अपलोड कर एन्ट्री किया गया।

* सायबर ठगी मामलो में वर्ष 2024 में 26 लाख 85 हजार 711 रूपये राशि होल्ड कराकर प्रार्थियों को रिफण्ड कराया गया।

* सायबर पखवाड़ा जनजागरूकता अभियान के तहत् थाना एवं सायबर सेल के माध्यम से कुल 1 लाख 50 हजार से अधिक लोगो को जागरूक किया गया।

* वर्ष 2024 में 403 गौवंशियों को जीवन क्षति से बचाया गया है

* महासमुंद पुलिस द्वारा विशेषअभियान चलाकर 15 दिवस में 203 गुम इंसानो को परिजनो से मिलाया।
*
* बाइट_प्रतिभा पाण्डेय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

 

गुमशुदा अंकित निर्मलकर का पता बताने वाले सज्जन को मिलेगा 11000 रूपये का ईनाम

 

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / सिटी कोतवाली अंतर्गत स्थानीय सुभाष नगर वार्ड क्रमांक 22 जिला महासमुंद से विगत दिनांक 27 दिसंबर दिन शुक्रवार को संध्या 4 से 5 बजे के बीच घर से बिना किसी को बताए कही निकल गया है। जिसकी गुमशुदगी सिटी कोतवाली थाने में दी जा चुकी है। परिवार जनों में कही भी नहीं गया है।
परिवार के लोग चिंतित है। पीड़ित परिवारों ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि,जिस किसी सज्जन को अंकित निर्मलकर पिता डिगेश निर्मलकर का पता बताने वाले को परिवार की ओर से 11000 रूपये की राशि दी जाएगी।

महतारी वंदन योजना, किसी के लिये वरदान तो,किसी के लिये बना अभिशाप पति पत्नी दोनों पर गिरी गाज

*महतारी वंदन योजना का अनुचित लाभ ले रही शिक्षिका पर दर्ज हुआ एफ आई आर*

*कलेक्टर के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने दर्ज कराई एफ आई आर*

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुन्द / वो कहावत तो सबने सुनी होगी – जब समय खराब चलता है तो ऊंट पर बैठा व्यक्ति को कुत्ता काट लेता है। ऐसा ही प्राथमिक शाला ग्राम केशवा की शिक्षिका श्रीमती नीलम गोस्वामी पति रमाकांत गोस्वामी द्वारा अपने सचिव पति के साथ मिलकर गलत तरीके से महतारी वंदन योजना का फॉर्म भर कर सरकारी नौकरी में होने के बावजूद सरकारी योजना का लाभ ले रही थी। जिसका पर्दाफाश महासमुंद टाइम्स न्यूज ने किया था। समाचार के प्रकाशित होने के बाद महिला बाल विकास विभाग ने मामले में संज्ञान लेते हुए फर्जी तरीके से महतारी वंदन योजना का लाभ लेने वाली शिक्षिका के विरुद्ध सिटी कोतवाली पुलिस में एफ आई आर दर्ज करवा दिया गया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने महिला बाल विकास विभाग की रिपोर्ट पर नीलम गोस्वामी शिक्षिका के विरुद्ध भारतीय न्याय सहित की धारा 318(4) धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है।

गौरतलब है कि कलेक्टर  विनय लंगेह के निर्देश पर महतारी वंदन योजना का अनुचित लाभ ले रही शिक्षिका श्रीमती नीलम गोस्वामी पर एफ आई आर दर्ज किया गया है । महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने कल रात उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत घोड़ारी के सचिव  रमाकांत गोस्वामी द्वारा अपनी पत्नी श्रीमती नीलम गोस्वामी जो की शिक्षक है के नाम पर महतारी वंदन योजना का फार्म गलत जानकारी देकर भरा गया एवं अनैतिक तरीके से उनकी पत्नि जो कि ग्राम केशवा में पदस्थ है के खाते में राशि प्राप्त किया गया है। किसी भी शासकीय सेवक को गलत जानकारी देकर अनुचित लाभ प्राप्त करना शासकीय नियमों के विपरीत है। कलेक्टर श्री लंगेह ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि शासन की यह महत्वपूर्ण योजना है, पात्र हितग्राहियो के अलावा जो भी इसका अनुचित तरीके से लाभ लेने का प्रयास करेंगे उन पर सख्त का रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो पात्र हितग्राही है उसे ही लाभ मिलना सुनिश्चित हो, जो भी अनुचित तरीके से लाभ ले रहे है उन पर सख्त कारवाई की जाएगी। ज्ञात है कि कल जिला पंचायत सी ई ओ द्वारा ग्राम पंचायत के सचिव  रमाकांत गोस्वामी के उक्त कृत्य के कारण निलंबित किया गया है।

आखिरकार बेबाक बयान न्यूज ने गलत तरीके से धोखाधड़ी करने वालों को किया बे नकाब

खबर का असर घोड़ारी पंचायत सचिव रमाकांत गोस्वामी सस्पेंड, शिक्षिका पत्नी के विरुद्ध भी होंगे मामले दर्ज

सरकारी नौकरी में होने के बावजूद महतारी वंदन योजना का फर्जी तरीके से ले रहे थे लाभ,

महतारी वंदन योजना मे गलत तरीके से फार्म भरा गया

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुन्द / जिला पंचायत सी.ई.ओ. एस आलोक ने रमाकांत गोस्वामी ग्राम पंचायत सचिव ग्राम पंचायत घोडारी जनपद पंचायत महासमुंद को निलंबित कर दिया है। सचिव श्री गोस्वामी द्वारा अपनी पत्नी श्रीमती नीलम गोस्वामी जो कि, शिक्षक है के नाम पर महतारी वंदन योजना के फार्म गलत जानकारी देकर भरा गया एवं अनैतिक तरीके से उनके पत्नि जो कि ग्राम केशवा में पदस्थ है के खाते में राशि प्राप्त किया गया है। किसी भी शासकीय सेवक को गलत जानकारी देकर अनुचित लाभ प्राप्त करना शासकीय नियमों के विपरीत है। रमाकांत गोस्वामी के द्वारा इस आशय की सूचना किसी को नहीं दी गई थी यह उनकी संलिप्तता को परिलक्षित करता है। अतः रमाकांत गोस्वामी के उक्त कृत्य के कारण उनके तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में श्री गोस्वामी का मुख्यालय कार्यालय जिला पंचायत महासमुंद रहेगी। श्री गोस्वामी को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते पात्रता होगी।यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।