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सिरपुर के ऐतिहासिक गंधेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट में वित्तीय घोटाले का सनसनीखेज खुलासा: सरकारी योजनाओं का कथित दुरुपयोग, करोड़ों का नुकसान!

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महासमुंद, 25 सितंबर 2025
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सिरपुर इलाके में स्थित प्राचीन गंधेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। इस धार्मिक स्थल की संपत्तियों से जुड़े कागजातों में गंभीर कमियां पाई गई हैं, जिसके चलते सरकारी सब्सिडी और बोनस योजनाओं का गैरकानूनी फायदा उठाने का आरोप लगा है। इससे राज्य के खजाने को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है, और प्रारंभिक जांच में ट्रस्ट की जमीन के रिकॉर्ड में कई विसंगतियां उजागर हुई हैं, जो कानूनी नियमों का खुला उल्लंघन हैं।
लहंगर समिति के प्रमुख पर जमीन हड़पने का गंभीर आरोप
इस घोटाले का केंद्र बिंदु लहंगर समिति के जिम्मेदार तोषण सेन हैं। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, सेन ने मंदिर ट्रस्ट की कीमती खेती की जमीन को कथित तौर पर अपने निजी नाम पर हस्तांतरित करने की कोशिश की। धार्मिक ट्रस्टों की संपत्तियां सिर्फ संस्था के नाम पर ही रजिस्टर हो सकती हैं, लेकिन खड़सा गांव के खसरा नंबर 540/2 में दर्ज 2.20 हेक्टेयर के साथ-साथ कुल 27.79 हेक्टेयर जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव के सबूत मिले हैं। समिति के आंतरिक फाइलें इन अनियमितताओं को साफ तौर पर प्रमाणित करती नजर आ रही हैं।
इसी फर्जी मालिकाना हक के आधार पर सरकारी बोनस स्कीम से लाखों-करोड़ों रुपये का दावा ठोंका गया, जो मंजूर भी हो गया। जानकारों का मानना है कि यह न सिर्फ सरकारी तंत्र की लापरवाही है, बल्कि पवित्र धार्मिक संपत्तियों की सुरक्षा में भी बड़ी चूक का मामला है।

रजिस्ट्रेशन विभाग में साजिश की आशंका: अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

जांच आगे बढ़ने पर पंजीयन विभाग के अफसरों, समिति के निगरानीकर्ताओं और तकनीकी कर्मचारियों की मिलीभगत के संकेत मिले हैं। इतने बड़े पैमाने पर दस्तावेजों में छेड़छाड़ के बावजूद विभाग की तरफ से कोई चेतावनी न जारी होना बेहद शक पैदा कर रहा है। विशेषज्ञों का सवाल है—बिना ऊपरी स्तर के अधिकारियों की जानकारी के यह सब कैसे संभव हुआ? क्या राजनीतिक दबाव या आंतरिक गठजोड़ ने नजरबंदी को ढीला किया? स्थानीय स्रोत बताते हैं कि रजिस्ट्रेशन यूनिट की सुस्ती ने ही इस घपले को पनपने दिया। फिलहाल, जांच टीमें इन सबकी गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही हैं।

ट्रस्ट के चेयरमैन और सर्वेक्षक पर भी इल्जाम: आंतरिक भ्रष्टाचार का चेहरा

विवाद तब और गहरा गया जब ट्रस्ट के सर्वेक्षक और अध्यक्ष दाऊलाल चंद्राकर पर भी यही आरोप लगे। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने भी ट्रस्ट की जमीन को निजी स्वामित्व में दर्ज कराने में हाथ डाला और प्रतिबंधित सरकारी लाभ का लाभ उठाया। धार्मिक ट्रस्टों को सरकारी इंसेंटिव मिलना वैसे ही वर्जित है, लेकिन इसके बावजूद यह कदम उठाया गया, जिससे राज्य को करोड़ों का चूना लगा। यह घटना ट्रस्ट की आंतरिक व्यवस्था पर भारी सवाल खड़े करती है, जहां जिम्मेदार पदाधिकारी ही कथित रूप से नियम तोड़ने के आरोपी बन बैठे हैं।

श्रद्धालुओं में उबाल: सांस्कृतिक विरासत पर हमला

सिरपुर का गंधेश्वर महादेव मंदिर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का जीवंत प्रतीक है, जहां महानदी के किनारे बसा यह प्राचीन शिव मंदिर हर वर्ष लाखों भक्तों को आकर्षित करता है। शिवलिंग के दर्शन और आध्यात्मिक शांति के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं। लेकिन ट्रस्ट की इस कथित साजिश ने भक्तों के बीच गुस्सा भड़का दिया है। स्थानीय निवासी पूछ रहे हैं:

क्या धार्मिक संस्थाओं का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए हो रहा है?

सरकारी कल्याण स्कीमों का दुरुपयोग कैसे अनदेखा रहा?
क्या प्रशासन की चुप्पी किसी बड़े रैकेट की ओर इशारा करती है?
यह महज आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि आस्था की जड़ों पर प्रहार है। सूत्रों का अनुमान है कि गहन जांच से राजनीतिक हस्तियों के नाम भी उभर सकते हैं।

जनाक्रोश: स्वतंत्र जांच की मांग तेज

समाचार फैलते ही सिरपुर और आसपास के गांवों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। भक्त संगठन और ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच समिति बनाने की मांग की है। एक बुजुर्ग निवासी ने कहा, “यह मंदिर हमारी श्रद्धा का केंद्र है। जमीन पर हाथ डालना बर्दाश्त नहीं। अगर दोषियों पर कार्रवाई न हुई तो बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे।” लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जिला कलेक्टर के सख्त आदेशों से जांच तेज हो और पारदर्शिता बनी रहे।
क्या प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा या यह फाइलों की धूल में दब जाएगा? विश्लेषकों का कहना है कि ऐसी लापरवाही से भविष्य में और मामले सामने आ सकते हैं।
आगे की राह: सख्त निगरानी और डिजिटल सुधार जरूरी
यह विवाद छत्तीसगढ़ सरकार के लिए गंभीर चुनौती पेश करता है। ट्रस्टों की जमीन पर बोनस वितरण पर साफ प्रतिबंध होने के बावजूद भुगतान कैसे हुआ, इसकी जड़ें खंगालना जरूरी है।

गंधेश्वर मंदिर ट्रस्ट का यह कांड बताता है कि आस्था और अर्थ के संगम में भ्रष्टाचार का खतरा हमेशा लटका रहता है। अब जरूरत है कड़े कानूनों, डिजिटल रिकॉर्डिंग और नियमित ऑडिट की, ताकि धार्मिक संपत्तियां सुरक्षित रहें। सत्य की जीत अंततः होगी, और राज्य का विकास निर्बाध चलेगा।

छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाला: सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, रिटायर्ड आईएएस समेत 5 गिरफ्तार

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
रायपुर / 24 सितंबर 2025 छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) परीक्षा में अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घोटाले ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि गिरफ्तार व्यक्तियों में एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी और उनका बेटा भी शामिल हैं। यह कार्रवाई सीजीपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों को उजागर करती है, जिसने हजारों उम्मीदवारों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जांच को और तेज करने का निर्देश दिया है।

घटना का विवरण

सीजीपीएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं, विशेष रूप से 2020 और 2021 में आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। इन शिकायतों में यह आरोप लगाया गया था कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपने रिश्तेदारों और करीबियों को गलत तरीके से नौकरी दिलाने के लिए चयन प्रक्रिया में हेरफेर किया। शिकायतों में पेपर लीक, मेरिट लिस्ट में हेराफेरी, और अनुचित साधनों का उपयोग जैसे गंभीर आरोप शामिल थे।
सीबीआई ने इन शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की थी, और कई महीनों की गहन छानबीन के बाद यह कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने रायपुर और अन्य शहरों में कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसके दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, और अन्य सबूत जब्त किए गए। इन सबूतों ने सीजीपीएससी के कुछ अधिकारियों और बाहरी लोगों के बीच सांठगांठ की पुष्टि की।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान
सीबीआई ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया, उनमें शामिल हैं:
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी: एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिनका नाम अभी गोपनीय रखा गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वे सीजीपीएससी के कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल थे।
उनका बेटा: कथित तौर पर इस घोटाले में मध्यस्थ की भूमिका निभाने का आरोप है।
सीजीपीएससी का एक पूर्व कर्मचारी: जो भर्ती प्रक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण पद पर था।
दो अन्य व्यक्ति: इनके बारे में बताया जा रहा है कि ये बिचौलियों के रूप में काम कर रहे थे, जो उम्मीदवारों से पैसे लेकर चयन सुनिश्चित करवाते थे।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

घोटाले का स्वरूप

सीबीआई की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह घोटाला कई स्तरों पर संचालित था:
पेपर लीक: कुछ महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र पहले ही चुनिंदा उम्मीदवारों तक पहुंचा दिए गए थे।
मेरिट लिस्ट में हेरफेर: योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज कर अयोग्य उम्मीदवारों को चयनित किया गया।

रिश्वतखोरी: चयन के बदले उम्मीदवारों से लाखों रुपये की रिश्वत ली गई।

दस्तावेजों में गड़बड़ी: कुछ उम्मीदवारों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया गया।
इस घोटाले का सबसे दुखद पहलू यह है कि इससे उन हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, जो मेहनत और ईमानदारी से सरकारी नौकरी पाने की कोशिश कर रहे थे।

हाईकोर्ट का सख्त रुख

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने सीबीआई को निष्पक्ष और तेजी से जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही, कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। कोर्ट ने सीजीपीएससी से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं

इस घोटाले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस, ने सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है और इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। दूसरी ओर, सरकार ने कहा है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सामाजिक स्तर पर, छात्र संगठनों और युवाओं ने इस घोटाले के खिलाफ रायपुर, बिलासपुर और अन्य शहरों में प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर #CGPSCScam ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
सीबीआई का अगला कदम
सीबीआई ने कहा है कि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है। एजेंसी अब उन उम्मीदवारों की जांच कर रही है, जिन्हें कथित तौर पर गलत तरीके से चयनित किया गया था। साथ ही, सीजीपीएससी के अन्य अधिकारियों और बाहरी लोगों के शामिल होने की संभावना भी तलाशी जा रही है। सीबीआई ने जनता से अपील की है कि अगर किसी के पास इस घोटाले से संबंधित कोई जानकारी हो, तो वह आगे आए।

आगे की राह यह घोटाला छत्तीसगढ़ में

प्रशासनिक और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाने चाहिए:

भर्ती प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाना।

परीक्षा और चयन प्रक्रिया में तीसरे पक्ष की निगरानी।
शिकायत निवारण के लिए एक स्वतंत्र तंत्र की स्थापना।
भ्रष्टाचार के दोषियों के खिलाफ सख्त सजा।

निष्कर्ष

सीजीपीएससी घोटाला न केवल एक प्रशासनिक विफलता है, बल्कि यह उन युवाओं के सपनों पर भी चोट है, जो मेहनत और लगन से सरकारी नौकरी पाने की कोशिश कर रहे हैं। सीबीआई की इस कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि दोषियों को सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।

महासमुंद पुलिस विभाग की कार्यवाही शून्य शिक्षक दिनेश साहू की रहस्यमयी मौत, हर्बल लाइफ और न्यूट्रिशन क्लब पर गंभीर आरोप

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क्या पुलिस प्रशासन शिक्षक दिनेश साहू के दोषियों में शिरीष अग्रवाल, शिक्षक गिरीश कुमार साहू और पत्नी चंदेश्वरी साहू को कटघरे तक पहुंचा पाएगी या फिर मामले को कफ़न दफन कर फाइल बंद कर दी जाएगी।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / 24 सितंबर 2025 छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक शिक्षक की आत्महत्या ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को सवालों के भंवर में उलझा दिया है। इमलीभाठा निवासी सरकारी स्कूल शिक्षक दिनेश साहू की फांसी से हुई मौत को अब महज एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं माना जा रहा। बल्कि, यह हर्बल लाइफ जैसे बहुराष्ट्रीय न्यूट्रिशन ब्रांड और स्थानीय रमा न्यूट्रिशन क्लब से जुड़े कथित धोखाधड़ी, मानसिक प्रताड़ना और षड्यंत्र की परतों से भरी एक जटिल कहानी बन चुकी है। घटना को हुए करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार और स्थानीय जनता में आक्रोश फैल रहा है। क्या यह मामला प्रभावशाली लोगों के दबाव में दबा दिया जाएगा, या न्याय की किरण दिखेगी? आइए, इस मामले की गहराई में उतरते हैं।

घटना का काला अध्याय: एक सामान्य जीवन का दर्दनाक अंत

दिनेश साहू, उम्र करीब 35 वर्ष, इमलीभाठा के एक सामान्य सरकारी स्कूल में पढ़ाते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, वे मेहनती, परिवार के प्रति समर्पित और समाज में सम्मानित व्यक्ति थे। लेकिन जुलाई 2025 के मध्य में एक रात, उन्होंने अपने घर में फांसी लगा ली। यह खबर जिले में बिजली की चमक की तरह फैली। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या ही बताया गया, लेकिन दिनेश के परिवार ने इसे साजिश का नतीजा करार दिया।
परिवार के मुताबिक, दिनेश की जिंदगी में तनाव का स्रोत उनकी पत्नी चंदेश्वरी साहू, हर्बल लाईफ कोच एवं अपलाइन लीडर शिक्षक गिरीश कुमार साहू ,बिरकोनी की रमा न्यूट्रिशन क्लब संचालिका घोड़ारी निवासी फर्शी फैक्ट्री मालिक शिरीष अग्रवाल थे। ये तीनों कथित रूप से हर्बल लाइफ के न्यूट्रिशन उत्पादों के वितरण और बिक्री से जुड़े हुए थे। दिनेश की बुजुर्ग मां ने 20 जुलाई 2025 को सिटी कोतवाली और पुलिस अधीक्षक को एक विस्तृत लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें नामजद आरोप लगाए गए। शिकायत में दावा किया गया कि इन लोगों ने दिनेश को व्यापारिक झगड़ों, आर्थिक दबाव और व्यक्तिगत अपमान के जरिए इतना तोड़ दिया कि वे अवसाद के गहरे गर्त में डूब गए।

मुख्य बाते मां की आप बीती

मृतक दिनेश साहू की मां ने मीडिया के समक्ष रो-रो कर बयां करती हुई बताई की मेरे पुत्र दिनेश साहू जैसे ही स्कूल की ओर जाते थे उनके दोनों टीम पार्टनर गिरीश साहू और सुरेश अग्रवाल घर पर आ जाते थे और घंटों तक ऊपर रूम में रहकर न जाने क्या बाते करते थे। यहां तक हम दोनों बुजुर्गों को नाश्ता एवं खाना के लिए तरसाते थे। कुछ बोलने पर चंदेश्वरी साहू कहती थी मै तुम्हारी नौकरानी नहीं हूं जो तुम लोगो के इशारे पर नाचूंगी।

खास बात यह है कि दिनेश की मौत वाले दिन—18 जुलाई 2025—ये तीनों आरोपी दिल्ली में एक होटल में साथ स्पॉट किए गए थे। परिवार का कहना है कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित योजना का हिस्सा था। “मेरा बेटा अकेला घर पर था, जबकि ये लोग दिल्ली में मौज-मस्ती कर रहे थे। क्या यह महज इत्तेफाक था?” मां के आंसुओं भरे सवाल ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया।
मां की शिकायत: आरोपों की परतें खोलती एक चिट्ठी
दिनेश की मां की शिकायत न केवल भावुक है, बल्कि इसमें ठोस बिंदु भी हैं। उन्होंने बताया कि दिनेश हर्बल लाइफ के उत्पादों के वितरण में शामिल थे, लेकिन क्लब की अनियमितताओं—जैसे जबरन सदस्यता, ऊंची कीमतों पर बिक्री और कमीशन के नाम पर धोखा—के कारण वे तनाव में थे। रमा साहू, जो क्लब की प्रमुख हैं, और शिरीष अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने दिनेश को व्यापार से बाहर करने की कोशिश की, जिससे पारिवारिक कलह बढ़ा। चंदेश्वरी साहू पर भी वैवाहिक विश्वासघात और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हर्बल लाइफ का यह नेटवर्क महासमुंद में तेजी से फैल रहा था। क्लबों में ‘स्वास्थ्य सेमिनार’ के नाम पर लोग लुभाए जाते थे, लेकिन पीछे छिपी सच्चाई थी मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) का जाल। दिनेश जैसे कई लोग इसमें फंसकर आर्थिक नुकसान झेल चुके थे। एक पूर्व सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “ये क्लब सेहत के नाम पर कमाई का धंधा चला रहे हैं। प्रोडक्ट महंगे हैं, और रिटर्न कम। दिनेश ने विरोध किया, तो उन्हें तोड़ने की साजिश रची गई।”
पुलिस की चुप्पी: दो महीने बाद भी एफआईआर का इंतजार
शिकायत दर्ज होने के बावजूद, सिटी कोतवाली ने अब तक किसी आरोपी के खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज की। न ही कोई आरोपी पूछताछ के लिए बुलाया गया। पुलिस के आधिकारिक बयान में कहा गया कि “मामला जांच के दायरे में है,” लेकिन कोई प्रगति रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी प्रभावशाली हैं—शिरीष अग्रवाल एक स्थापित व्यापारी हैं, जबकि रमा साहू का क्लब जिले में जाना-माना है। क्या दबाव के कारण जांच ठप है?
सवाल उठ रहे हैं:

क्या मृतक की मोबाइल कॉल डिटेल्स, व्हाट्सएप चैट्स और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच हुई?

दिल्ली होटल के सीसीटीवी फुटेज और आरोपीयों की लोकेशन वेरिफिकेशन क्यों नहीं?
क्या हर्बल लाइफ के स्थानीय ऑपरेशंस पर कोई ऑडिट कराया जाएगा?
स्थानीय पत्रकारों के अनुसार, दिनेश की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कर शव सौंप दिया, लेकिन गहन जांच शुरू नहीं की। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “आत्महत्या के मामलों में परिवार की शिकायत पर एक्शन लिया जाता है, लेकिन सबूतों की कमी से देरी हो रही है।” लेकिन परिवार इसे बहाना मानता है।

हर्बल लाइफ और रमा क्लब: स्वास्थ्य या धोखे का कारोबार?

हर्बल लाइफ, एक वैश्विक कंपनी, भारत में न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स के जरिए लाखों लोगों तक पहुंच चुकी है। महासमुंद जैसे छोटे शहरों में इसके क्लब—जैसे बिरकोनी का रमा न्यूट्रिशन क्लब—समाज सेवा का चेहरा अपनाते हैं। लेकिन इस मामले ने इनकी साख पर सवाल खड़े कर दिए। पूर्व सदस्यों के दावों के मुताबिक:
क्लब में जॉइनिंग फीस और प्रोडक्ट खरीद अनिवार्य है, जो कईयों के लिए बोझ बन जाती है।
कमीशन स्ट्रक्चर पिरामिड जैसा है, जहां ऊपरवाले ही फायदा कमाते हैं।
कुछ उत्पादों की कीमत बाजार से दोगुनी बताई जाती है, जिससे उपभोक्ता ठगे महसूस करते हैं।
रमा न्यूट्रिशन क्लब पर विशेष आरोप है कि उन्होंने क्लब को व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल किया। हर्बल लाइफ इंडिया ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन कंपनी की नीतियां स्पष्ट करती हैं कि वे अनैतिक प्रैक्टिसेज के खिलाफ हैं। फिर भी, स्थानीय स्तर पर नियमन की कमी ने समस्या बढ़ाई है। क्या यह क्लब वाकई स्वास्थ्य सुधारते हैं, या आर्थिक जाल बुनते हैं? दिनेश की मौत ने इस बहस को नई जान दी है।

दिनेश के छोटे भाई ने कहा, “भैया एक साधारण शिक्षक थे। इनके व्यापारिक झगड़ों ने उन्हें मार डाला। पुलिस चुप है, आरोपी खुले घूम रहे हैं।” परिवार ने कलेक्टर और एसपी से मिलने की कोशिश की, लेकिन कोई राहत नहीं। मां का दर्द छलका: “मेरा लाल चला गया, लेकिन दोषी सजा क्यों नहीं पा रहे? अगर न्याय न मिला, तो हम रायपुर तक धरना देंगे।”
शहर में चर्चा है कि क्या कानून अमीरों के लिए अलग है? स्थानीय एनजीओ और महिला संगठन मामले को उठा रहे हैं। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि एमएलएम स्कीम्स के खतरे की चेतावनी है। जागरूकता जरूरी है।” जनता की मांग है: तत्काल एफआईआर, आरोपीयों की गिरफ्तारी और स्वतंत्र जांच।
प्रशासन के सामने चुनौती: न्याय या लापरवाही?
महासमुंद एसपी ने कहा, “मामला संवेदनशील है। जल्द कार्रवाई होगी।” लेकिन वादों से आगे बढ़ना होगा। अगर जांच हुई, तो कॉल रिकॉर्ड्स, मेडिकल रिपोर्ट्स (अवसाद के लक्षण) और क्लब के फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स खंगाले जाने चाहिए। केंद्र सरकार की एमएलएम गाइडलाइंस के तहत भी हस्तक्षेप संभव है।
यह मामला केवल दिनेश का नहीं, बल्कि हर उस परिवार का है जो धोखे के जाल में फंस सकता है। अगर दोषी बच गए, तो कानून पर भरोसा डगमगाएगा। महासमुंद प्रशासन अब फैसला ले—क्या यह फाइलों में दफन हो जाएगा, या न्याय की मिसाल बनेगा..? दिनेश की आत्मा शांति पाए, यही सबकी कामना है।

नवरात्रि से पहले उपभोक्ताओं को राहत: 375 वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती, दूध, घी, दवाएं और इलेक्ट्रॉनिक्स हुए सस्ते

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23 सितंबर 2025 को केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 375 वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) दरों में कटौती की घोषणा की। यह निर्णय नवरात्रि के शुभ अवसर से लागू हो गया है, जिससे आम लोगों को दैनिक उपयोग की वस्तुओं और सेवाओं पर आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है। इस कटौती के दायरे में दूध, घी, पनीर, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां, ऑटोमोबाइल, और कई अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं, जो अब सस्ती हो जाएंगी।

जीएसटी परिषद की हालिया बैठक में लिए गए इस फैसले के तहत, कई वस्तुओं पर कर की दर को 28% से घटाकर 18% या उससे भी कम किया गया है। उदाहरण के लिए, दूध और दुग्ध उत्पादों जैसे घी और पनीर पर जीएसटी दर को 12% से घटाकर 5% किया गया है। इसी तरह, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी दवाइयों और आवश्यक उपकरणों पर भी कर में कमी की गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक किफायती होंगी। इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे टीवी, फ्रिज, और मोबाइल फोन पर भी जीएसटी दरों में 5-10% की कमी की गई है, जिसका सीधा लाभ मध्यम वर्ग को मिलेगा। ऑटोमोबाइल सेक्टर में कार और दोपहिया वाहनों पर कर की दरें कम होने से वाहन खरीदना भी अब सस्ता होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कटौती को “डबल बोनांजा” करार देते हुए कहा कि यह कदम न केवल उपभोक्ताओं को राहत देगा, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेगा। उन्होंने अपने बयान में कहा, “नवरात्रि के पावन अवसर पर यह निर्णय मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए एक तोहफा है। इससे न केवल उनकी बचत बढ़ेगी, बल्कि बाजार में मांग भी बढ़ेगी, जो रोजगार सृजन में मदद करेगा।”

वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस कटौती का उद्देश्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना और उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कर कम होने से मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को सबसे अधिक लाभ होगा। साथ ही, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में मांग बढ़ने से उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

हालांकि, कुछ आलोचकों ने इस कदम को चुनावी रणनीति का हिस्सा बताया है, लेकिन व्यापार संगठनों और उपभोक्ता समूहों ने इस फैसले का स्वागत किया है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी दरों में कमी से त्योहारी सीजन में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है, खासकर नवरात्रि और दीवाली के दौरान।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जीएसटी दरों में यह कटौती राजस्व पर ज्यादा असर नहीं डालेगी, क्योंकि मांग बढ़ने से कर संग्रह में कमी की भरपाई हो जाएगी। जीएसटी परिषद अगली बैठक में अन्य वस्तुओं और सेवाओं पर भी कर दरों की समीक्षा कर सकती है।

*यह समाचार कॉपीराइट-मुक्त है और सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध है।*

नारायणपुर में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: दो इनामी नक्सली ढेर, भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद

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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के घने जंगलों और दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने 23 सितंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस अभियान में सुरक्षाबलों ने दो कुख्यात नक्सलियों, जो माओवादी संगठन की केंद्रीय समिति के सदस्य थे, को मार गिराया। मारे गए दोनों नक्सलियों पर 40-40 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिससे उनकी नक्सली गतिविधियों में अहम भूमिका का अंदाजा लगाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था, जिसमें छत्तीसगढ़ पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), और अन्य विशेष बलों की संयुक्त टीमों ने हिस्सा लिया।

मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने न केवल नक्सलियों को ढेर किया, बल्कि उनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की। बरामद सामग्री में स्वचालित राइफलें, विस्फोटक उपकरण, और अन्य गोला-बारूद शामिल हैं, जो नक्सलियों द्वारा बड़े हमले की योजना का संकेत दे रहे हैं। इस ऑपरेशन को नक्सलवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम माना जा रहा है, क्योंकि अबूझमाड़ क्षेत्र लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता पर सुरक्षाबलों की सराहना की और इसे नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक “महत्वपूर्ण जीत” बताया। उन्होंने अपने बयान में कहा, “हमारी सरकार नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह ऑपरेशन सुरक्षाबलों की बहादुरी और समर्पण का प्रतीक है।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर छत्तीसगढ़ में शांति और विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम करेंगे।

स्थानीय पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है ताकि अन्य नक्सलियों की मौजूदगी या उनके ठिकानों का पता लगाया जा सके। अबूझमाड़ का इलाका अपने जटिल भूगोल और घने जंगलों के कारण नक्सलियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह रहा है, जिससे सुरक्षाबलों के लिए ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण होता है। फिर भी, इस ऑपरेशन की सफलता ने नक्सलियों के मनोबल को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां एक ओर यह सुरक्षाबलों की दृढ़ता को दर्शाता है, वहीं कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में शांति और विकास पर अधिक ध्यान देने की मांग की है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करें ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और मजबूत की जा सके।

यह समाचार कॉपीराइट-मुक्त है और सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध है।

पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में डेढ़ साल के बच्चे की मौत, गुस्साए लोगों का सवाल- “क्या ये बच्चा भी आतंकवादी था?”

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पाकिस्तानी सेना की हवाई कार्रवाई में नागरिकों के मारे जाने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के दूरदराज के इलाके में हुई एयरस्ट्राइक में कम से कम 30 लोगों की मौत की सूचना है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।

इस घटना ने एक ऐसी दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने ला दी है, जहाँ एक शख्स ने मारे गए डेढ़ साल के एक बच्चे के शव को अपने हाथों में उठाकर पाकिस्तानी अधिकारियों और सेना के खिलाफ गुस्सा जताया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह युवक रोते हुए यह पूछता देखा गया, “क्या यह छोटा बच्चा भी आतंकवादी था? इसने क्या गुनाह किया था?”

घटना का विवरण:

बताया जा रहा है कि यह घटना खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की तिराह घाटी में स्थित एक गाँव में हुई। पाकिस्तानी वायुसेना ने सोमवार को यहाँ सैन्य कार्रवाई की, जिसके बाद से हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस हमले में 11 से अधिक नाबालिग बच्चों सहित कई निर्दोष नागरिक मारे गए हैं।

स्थानीय प्रतिक्रिया और विरोध:

यह इलाका अफरीदी कबीले बहुल्य है और घटना के बाद से यहाँ गुस्सा फैल हुआ है। स्थानीय नेताओं ने तुरंत एक बैठक करके इस घटना की निंदा की है। रिपोर्ट्स में आशंका जताई जा रही है कि स्थानीय लोग पेशावर स्थित सैन्य ठिकानों का विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।

पाकिस्तानी मानवाधिकार आयोग ने उठाए सवाल:

इस घटना पर पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने भी गंभीर चिंता जताई है। आयोग ने एक बयान जारी कर कहा कि उसे इस हवाई हमले में नागरिकों और बच्चों के मारे जाने की खबर से गहरा सदमा पहुंचा है। आयोग ने मांग की है कि सरकार को इस घटना की तुरंत एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच शुरू करनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को कानून के सामने लाना चाहिए। आयोग ने याद दिलाया कि संविधान के तहत राज्य का ये दायित्व है कि वह हर नागरिक के जीवन के अधिकार की रक्षा करे।

पृष्ठभूमि:

पाकिस्तानी सेना पिछले कुछ हफ्तों से दावा कर रही है कि वह देश के विभिन्न इलाकों में सक्रिय आतंकी गुटों के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले कर रही है। हालाँकि, अक्सर स्थानीय स्रोतों और मानवाधिकार संगठनों की ओर से ये आरोप लगते रहे हैं कि इन कार्रवाइयों में आम नागरिकों के जान-माल का नुकसान हो रहा है। इस घटना के बाद एक बार फिर सैन्य कार्रवाइयों में नागरिक सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

तप और साधना की देवी माँ ब्रह्मचारिणी के स्वरूप ने भक्तों में भरा आध्यात्मिक उत्साह

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नवरात्रि उत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को मां दुर्गा के दूसरे और अत्यंत तेजस्वी स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी की आराधना का विधि-विधान संपन्न हुआ। यह दिन तपस्या, संयम और मर्यादा का प्रतीक माना जाता है। देश के कोने-कोने में स्थित मंदिरों के साथ-साथ घर-घर में स्थापित कलशों के सामने भक्तिभाव से की गई पूजा ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और दिव्य ऊर्जा से भर दिया। भक्तों ने मां के दरबार में माथा टेककर अपनी मनोकामनाएं मांगीं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने की प्रार्थना की।

माँ ब्रह्मचारिणी: तपस्या की प्रतिमूर्ति और उनके पूजन का महत्व

माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों में दूसरे दिन पूजी जाने वाली माँ ब्रह्मचारिणी का स्वरूप अत्यंत ही मनोहर और प्रभावशाली है। इनका नाम ‘ब्रह्म’ शब्द से बना है, जिसका अर्थ है तपस्या। अर्थात, ब्रह्मचारिणी यानी तप का आचरण करने वाली। यह स्वरूप ज्ञान, वैराग्य और मर्यादा का द्योतक है। माँ के एक हाथ में कमंडल (जलपात्र) और दूसरे हाथ में जप की माला शोभायमान है। इन्होंने साधारण सफेद वस्त्र धारण कर रखे हैं और यह सादगी और पवित्रता का संदेश देती हैं।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, माँ ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए हज़ारों वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। इसी तपस्या के कारण उन्हें यह नाम मिला। उनकी आराधना करने से भक्तों को जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति, मन की एकाग्रता और आत्म-अनुशासन की प्राप्ति होती है। इस दिन भक्त मां को शक्कर या मिश्री का भोग लगाते हैं। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से माँ प्रसन्न होती हैं और भक्त के जीवन से सारी मिठास (सुख-समृद्धि) कभी दूर नहीं होती। इसके अलावा, इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व है और कई भक्त पीले वस्त्र पहनकर ही पूजा-अर्चना करते हैं।

देश के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की उमड़ती भीड़

नवरात्रि के दूसरे दिन देश के प्रमुख शक्तिपीठों और दुर्गा मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह की आरती के साथ ही मंदिरों में भीड़ जुटने लगी और देर शाम तक यह सिलसिला जारी रहा।

  • वैष्णो देवी, जम्मू-कश्मीर: माँ वैष्णो देवी के मंदिर में इस दिन विशेष पूजा-पाठ का आयोजन किया गया। यहाँ पहुँचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में काफी इजाफा देखा गया। मंदिर प्रबंधन द्वारा भक्तों के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।
  • कालकाजी मंदिर, दिल्ली: दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर को फूलों और रंगीन लाइटों से सजाया गया था। यहाँ सुबह से ही महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की लंबी कतारें नजर आईं। मंदिर परिसर में कीर्तन और भजनों की मधुर धुनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
  • महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई: मुंबई के महालक्ष्मी मंदिर में भी दूसरे दिन की पूजा बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुई। समुद्र के किनारे बने इस मंदिर में भक्तों ने माँ के दर्शन कर अपने आप को धन्य महसूस किया।
  • अयोध्या और वाराणसी: धार्मिक नगरी अयोध्या और वाराणसी के मंदिरों में भी नवरात्रि की विशेष छठा देखने को मिली। यहाँ के घाटों पर विशेष हवन और यज्ञ का आयोजन किया गया।

घर-घर में संपन्न हुई माँ ब्रह्मचारिणी की विधि-विधान से पूजा

नवरात्रि सिर्फ मंदिरों तक ही सीमित नहीं है। देश के लाखों घरों में कलश स्थापना के बाद दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की विधिवत पूजा की गई। व्रत रखने वाले भक्तों ने सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा की तैयारी की। लाल कपड़े पर कलश के पास माँ ब्रह्मचारिणी की फोटो या प्रतिमा स्थापित की गई। उन्हें फूल, अक्षत, रोली अर्पित करके धूप-दीप जलाया गया। माँ को मिश्री का भोग लगाने के बाद आरती की गई और माँ दुर्गा की चालीसा या सप्तशती के पाठ किए गए। कई परिवारों में नौ दिनों तक कन्या पूजन की भी परंपरा है, जिसकी शुरुआत कई स्थानों पर आज से ही हो गई।

गरबा और डांडिया के रंग में रंगे महानगर

नवरात्रि का पर्व साधना और भक्ति के साथ-साथ उल्लास और उमंग का भी पर्व है। इसकी झलक देश के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया रास के कार्यक्रमों में साफ देखी गई। गुजरात और महाराष्ट्र तो इसके गढ़ माने जाते हैं, लेकिन अब दिल्ली, बैंगलोर, हैदराबाद, कोलकाता जैसे महानगरों में भी यह कार्यक्रम बड़े पैमाने पर आयोजित किए जाते हैं।

दूसरे दिन भी इन कार्यक्रमों की धूम देखने को मिली। लोगों ने रंग-बिरंगी चनिया-चोली और केडियु पहनकर रातभर थककर नाचते हुए माँ का गुणगान किया। आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरह के गानों पर लोगों ने डांस किया। इन कार्यक्रमों ने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का भी अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया।

भक्तों और आयोजकों से रूबरू:

दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर से पूजा करके निकली 65 वर्षीया श्रीमती उषा मल्होत्रा ने कहा, “बचपन से ही नवरात्रि के इन नौ दिनों को बहुत श्रद्धा से मनाती आ रही हूँ। आज माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा करके मन को अद्भुत शांति मिली। माँ से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन में सुख-शांति बनाए रखें।”

वहीं, एक गरबा आयोजक, राहुल शाह ने बताया, “इस साल का उत्साह देखने लायक है। पिछले कुछ वर्षों के बाद लोग फिर से पूरे जोश के साथ इकट्ठा हो रहे हैं। यह सिर्फ नाचना-गाना नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति को जीवित रखने का एक तरीका है।”

आगे क्या है: शुक्रवार को मनाई जाएगी माँ चंद्रघंटा की पूजा

नवरात्रि का तीसरा दिन माँ दुर्गा के तीसरे और शक्तिशाली स्वरूप माँ चंद्रघंटा को समर्पित है। इनके माथे पर अर्धचंद्र की आकृति विद्यमान है, इसीलिए उन्हें यह नाम मिला। माँ चंद्रघंटा शांति और सौम्यता की प्रतीक हैं, लेकिन युद्ध के समय इनका स्वरूप भयानक हो जाता है। ऐसी मान्यता है कि इनकी पूजा करने से मनुष्य के सभी प्रकार के कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। तीसरे दिन माँ को दूध से बने व्यजंन (जैसे खीर) का भोग लगाया जाता है।

Asia Cup 2025 Super-4 Points Table: पाकिस्तान पर जीत के बाद भारत टॉप पर, फाइनल में जगह लगभग पक्की

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एशिया कप 2025: भारत ने पाकिस्तान को शिकस्त देकर सुपर-4 में टॉप किया, फाइनल की राह आसान

दुबई, 22 सितंबर 2025: एशिया कप 2025 का सुपर-4 राउंड रोमांचक मोड़ पर पहुँच गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए महासमर में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 6 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने सुपर-4 चरण की पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है और फाइनल में पहुँचने की अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है।

भारत बनाम पाकिस्तान मैच का विस्तृत स्कोरकार्ड

पाकिस्तान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 171 रन का स्कोर बनाया। इस मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने जबरदस्त बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और सिर्फ 18.5 ओवर में ही 4 विकेट खोकर 172 रन बना लिए, मैच अपने नाम कर लिया।

मैच के हीरो: अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल

भारत की इस शानदार जीत में ओपनर बैट्समैन अभिषेक शर्मा ने सबसे अहम भूमिका निभाई। उन्होंने सिर्फ 39 गेंदों पर जमकर 74 रन की धमाकेदार पारी खेली। उनके साथ ही शुभमन गिल ने 28 गेंदों पर 47 रनों की तेज पारी खेलकर टीम को जीत के लिए मजबूत नींव दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 105 रनों की शानदार साझेदारी की। मैच के अंत में तिलक वर्मा ने 19 गेंदों पर नाबाद 30 रन बनाकर भारत को आसान जीत दिलाई।

एशिया कप 2025 सुपर-4 पॉइंट्स टेबल (22 सितंबर तक)

  

स्थान टीम मैच जीत हार अंक नेट रन रेट
1 भारत 1 1 0 2 +0.689
2 बांग्लादेश 1 1 0 2 +0.121
3 श्रीलंका 1 0 1 0 -0.121
4 पाकिस्तान 1 0 1 0 -0.689

टीमों की स्थिति का विश्लेषण:

  • भारत: पॉइंट्स टेबल में पहले नंबर पर है। अगला मैच बांग्लादेश के खिलाफ है। एक और जीत उन्हें फाइनल में पहुँचा सकती है।

  • बांग्लादेश: एक जीत के साथ दूसरे स्थान पर मजबूत स्थिति में है।

  • श्रीलंका: पहले मैच में हार के कारण तीसरे नंबर पर है। उनके लिए अगला मैच पाकिस्तान के खिलाफ must-win है।

  • पाकिस्तान: भारत से हार के बाद चौथे स्थान पर खिसक गया है। फाइनल में पहुँचने के लिए उसे अब हर मैच जीतना जरूरी है।

आगे का कार्यक्रम (फिक्स्चर) – Super 4 Schedule

  • 23 सितंबर: पाकिस्तान बनाम श्रीलंका (अबू धाबी, रात 8 बजे)

  • 24 सितंबर: भारत बनाम बांग्लादेश (दुबई, रात 8 बजे) – यह मैच फाइनल की राह तय करेगा।

भारत के लिए अगला मुकाबला बांग्लादेश के खिलाफ है। अगर टीम इंडिया इस मैच में भी जीत हासिल करती है, तो उसका एशिया कप 2025 के फाइनल में पहुँचना लगभग पक्का माना जा रहा है।

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Jolly LLB 3 Box Office Collection Day 3: तीसरे दिन ‘जॉली एलएलबी 3’ का धमाका, अक्षय कुमार और अरशद वारसी की जोड़ी ने बनाया रिकॉर्ड

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मुंबई, 21 सितंबर 2025:
बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार और अरशद वारसी की फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ ने सिनेमाघरों में धूम मचा दी है। रिलीज़ के सिर्फ तीन दिन के अंदर ही फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इस फिल्म ने पहले वीकेंड पर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन कर डाला है।

ओपनिंग से लेकर तीसरे दिन तक का बिजनेस

  • पहला दिन (ओपनिंग डे): 12.5 करोड़ रुपये

  • दूसरा दिन: 20 करोड़ रुपये

  • तीसरा दिन (अब तक): करीब 21 करोड़ रुपये (सुबह 10:40 बजे तक के आंकड़े)

तीन दिनों का कुल कलेक्शन अब 53.50 करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है। हालांकि, तीसरे दिन का अंतिम डेटा अभी आना बाकी है।

रिकॉर्डतोड़ कमाई के कारण

  1. शोज़ में इज़ाफा: शनिवार से करीब 1000 नए शोज़ जोड़ दिए गए, जिससे कलेक्शन में उछाल आया।

  2. पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ: दर्शकों और क्रिटिक्स से मिल रहे अच्छे रिव्यूज़ का सीधा असर टिकट सेल्स पर पड़ा।

  3. फैमिली एंटरटेनमेंट फैक्टर: फिल्म की कहानी और कॉमिक अंदाज़ ने बड़े पैमाने पर दर्शकों को आकर्षित किया।

फ्रेंचाइजी की तुलना

  • जॉली एलएलबी (2013): 32.43 करोड़ (लाइफटाइम कलेक्शन)

  • जॉली एलएलबी 2 (2017): 117 करोड़ (लाइफटाइम कलेक्शन)

  • जॉली एलएलबी 3 (2025): सिर्फ 3 दिनों में 53.50 करोड़ (पहले पार्ट की पूरी कमाई को पार कर लिया)

नए रिकॉर्ड्स

  • 2025 की उन फिल्मों की टॉप 10 लिस्ट में जगह बनाई, जिनका फर्स्ट वीकेंड कलेक्शन सबसे ज्यादा रहा।

  • ‘केसरी चैप्टर 2’, ‘बागी 4’ और ‘जाट’ जैसी फिल्मों को पीछे छोड़कर लिस्ट में 8वीं पोज़िशन हासिल की।

  • अरशद वारसी की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्मों में से 6 फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़े।

आगे का अंदाज़ा

फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इसी तरह दर्शकों का प्यार मिलता रहा तो आने वाले हफ़्तों में ‘जॉली एलएलबी 3’ बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ क्लब में एंट्री कर सकती है।

IND vs PAK Asia Cup 2025 Super 4: भारत ने पाकिस्तान को दूसरी बार दी मात, अभिषेक शर्मा की ताबड़तोड़ पारी से आसान जीत

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दुबई, 22 सितंबर 2025:
भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2025 के सुपर-4 मुकाबले में एक बार फिर टीम इंडिया ने बाजी मार ली। लीग स्टेज में करारी हार झेल चुकी पाकिस्तानी टीम इस बार बदला लेने के इरादे से उतरी थी, लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ों ने शानदार खेल दिखाकर मैच 7 गेंद शेष रहते ही जीत लिया।

पाकिस्तान की पारी

पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पाकिस्तान ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 171 रन बनाए। उनकी ओर से कप्तानों और मध्यक्रम ने कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों ने रनगति पर अंकुश बनाए रखा।

भारत की शानदार शुरुआत

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने तेज़ आगाज़ किया। सलामी बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने ताबड़तोड़ अंदाज़ में रन बनाए और महज़ 39 गेंदों में 74 रनों की पारी खेल डाली। वहीं शुभमन गिल ने 28 गेंदों पर 47 रन जोड़कर भारत को मज़बूत स्थिति में ला दिया।

मध्यक्रम का योगदान

शुरुआती साझेदारी के बाद तिलक वर्मा ने भी शानदार बल्लेबाज़ी की और 19 गेंदों पर नाबाद 30 रन बनाए। हार्दिक पांड्या 7 गेंदों पर 7 रन बनाकर अंत तक उनके साथ खड़े रहे।

नतीजा

भारत ने 18.5 ओवर में 172 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया। यह जीत खास इसलिए भी रही क्योंकि सिर्फ 8 दिनों के भीतर भारत ने पाकिस्तान को दूसरी बार हराया।

मुख्य आकर्षण

  • पाकिस्तान: 20 ओवर में 171/5

  • भारत: 18.5 ओवर में 172/4

  • भारत की जीत: 6 विकेट से

  • स्टार खिलाड़ी: अभिषेक शर्मा (74 रन, 39 गेंद)

इस तरह टीम इंडिया ने सुपर-4 में भी पाकिस्तान पर दबदबा कायम रखते हुए फाइनल की ओर मज़बूत कदम बढ़ा दिए हैं।