अध्यात्म, सद्भाव और मानसिक शांति का संदेश माउंट आबू से महासमुंद पहुंचे राजयोगी बीके रामनाथ भाई, हुआ भव्य स्वागत

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अध्यात्म, सद्भाव और मानसिक शांति का संदेश माउंट आबू से महासमुंद पहुंचे राजयोगी बीके रामनाथ भाई, हुआ भव्य स्वागत

प्रधान संपादक मयंक गुप्ता/27 सितम्बर 2026/दिन रविवार
​महासमुंद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू (राजस्थान) के धार्मिक प्रभाग के अध्यक्ष राजयोगी ब्रह्मा कुमार रामनाथ भाई जी का एकदिवसीय प्रवास महासमुंद में संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्थानीय सेवाकेंद्र ‘उपकार भवन’ में एक गरिमामय एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और प्रबुद्ध जनों ने भाग लिया।

​आत्मीय स्नेह और सर्वधर्म सद्भाव से हुआ अभिनंदन

उपकार भवन पहुंचने पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने आध्यात्मिक परंपरा के अनुसार बीके रामनाथ भाई जी को ‘आत्मा स्मृति’ का तिलक लगाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर भावभीना स्वागत किया। कार्यक्रम में कौमी एकता और सामाजिक समरसता की अनूठी झलक देखने को मिली।

​भाई जी के स्वागत के लिए विशेष रूप से गौसिया मस्जिद के सदर मोहम्मद शकील खान, गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य सोनू चावला एवं मनजीत गुरुदत्ता जी उपस्थित रहे। उन्होंने बीके रामनाथ भाई जी को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया और सर्वधर्म सद्भाव का सशक्त संदेश दिया।

​तनावमुक्त जीवन के लिए 5 मौलिक प्रश्नों के उत्तर खोजना जरूरी

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राजयोगी रामनाथ भाई जी ने वर्तमान जीवनशैली पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बढ़ती व्यस्तता और मानसिक तनाव के कारण मन तथा बुद्धि को ईश्वर में एकाग्र करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया है।

​उन्होंने बताया कि राजयोग मेडिटेशन की शिक्षा हमें परमात्मा से जुड़ने, उनसे सर्व संबंध स्थापित करने और जीवन में स्थायी सुख-शांति प्राप्त करने का सहज मार्ग दिखाती है। इसके लिए उन्होंने हर मनुष्य को 5 गूढ़ प्रश्नों के उत्तर तलाशने की प्रेरणा दी:

  1. मैं कौन हूँ..?
  2. मेरा वास्तविक स्वरूप क्या है..?
  3. मेरे मूल गुण क्या हैं..?
  4. मेरे श्रेष्ठ कर्म क्या होने चाहिए..?
  5. मैं कहाँ से आया हूँ..?

​भाई जी ने कहा कि सृष्टि का सबसे बुद्धिमान प्राणी होने के नाते मनुष्य को इन पाँच रहस्यों को समझना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा संचालित ‘सात दिवसीय राजयोग शिविर’ के माध्यम से समाज का हर वर्ग इन रहस्यों को समझकर अपने जीवन को श्रेष्ठ और तनावमुक्त बना सकता है।

​साधकों को कराया गहन मेडिटेशन का अभ्यास

कार्यक्रम के अंतिम चरण में बीके रामनाथ भाई जी ने सेवाकेंद्र में नियमित आने वाले नियमित विद्यार्थियों (साधकों) को योग-अभ्यास कराया। उनके मार्गदर्शन में सभी उपस्थित लोगों ने राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से गहरी मानसिक शांति और ईश्वर-अनुभूति का अनुभव किया।

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