रसूख का घमंड.! महासमुंद के “लंदन मैरिज पैलेस” ने हड़प ली सरकारी जमीन और सार्वजनिक रास्ता अब लगा दिया निजी ट्रांसफार्मर
नगर के अयोध्या नगर-नयापारा क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने खोला मोर्चा; खसरा नंबर 786/1 और 785/1 के रास्ते पर निर्माण और निजी ट्रांसफार्मर लगाने का आरोप, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन व न्यायालय जाने की चेतावनी
प्रधान संपादक मयंक गुप्ता/28 सितम्बर 2026/दिन सोमवार
महासमुंद। पूरब का पश्चिम में … उजाला हो गया.. महासमुंद में लंदन पैलेस का बोलबाला हो गया जी हा जिला महासमुंद के तुमगांव रोड स्थित शहर के वार्ड क्रमांक 04, अयोध्या नगर/नयापारा क्षेत्र में संचालित ‘लंदन मैरिज पैलेस’ को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने मैरिज पैलेस से जुड़े निर्माण को लेकर सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण, सार्वजनिक रास्ते के अवरोध, भवन निर्माण संबंधी अनुमति, अग्नि सुरक्षा तथा ध्वनि प्रदूषण सहित कई गंभीर शिकायतें प्रशासन के समक्ष रखी हैं।
मामले को लेकर वार्डवासियों, पार्षद और स्थानीय नागरिकों ने शासन-प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच अथवा SIT गठित करने, संबंधित भूमि के दस्तावेजों की जांच कराने, कथित अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने और सार्वजनिक रास्ते को बहाल कराने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और न्यायालय की शरण लेने पर मजबूर होंगे।
पहले अतिक्रमण हटने के बाद फिर कब्जे का आरोप
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि क्षेत्र की बेशकीमती शासकीय भूमि पर पूर्व में प्रशासनिक कार्रवाई के माध्यम से अतिक्रमण हटाया गया था। इसके बावजूद उसी भूमि पर दोबारा निर्माण अथवा कब्जे की स्थिति निर्मित होने का आरोप लगाया जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि संबंधित भूमि का वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड क्या है, जमीन किसके नाम दर्ज है, उसका भू-उपयोग क्या निर्धारित है और निर्माण के लिए किन विभागों से अनुमति प्राप्त की गई है।
नागरिकों ने विशेष रूप से पुराने एवं वर्तमान राजस्व अभिलेख, पट्टा/स्वामित्व दस्तावेज, सीमांकन रिपोर्ट, नक्शा और खसरा रिकॉर्ड की जांच की मांग की है।
आम रास्ते को लेकर सबसे बड़ा विवाद
वार्ड पार्षद राहुल आंवडे के अनुसार, खसरा नंबर 786/1 और 785/1 से संबंधित जिस रास्ते का उपयोग स्थानीय लोग करते रहे हैं, वहां निर्माण कर रास्ते को बाधित किए जाने की शिकायत सामने आई है।
वार्ड पार्षद का दावा है कि, संबंधित मार्ग पर नगर पालिका द्वारा सड़क और नाली का निर्माण भी कराया जा चुका है। ऐसे में यदि सार्वजनिक उपयोग में रहे रास्ते पर निजी निर्माण अथवा अवरोध किया गया है तो उसके दस्तावेजों और स्थल की वास्तविक स्थिति की प्रशासनिक जांच आवश्यक है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि रास्ते के बीच निजी ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। नागरिकों का कहना है कि यदि ट्रांसफार्मर वास्तव में सार्वजनिक आवागमन वाले मार्ग पर स्थापित है तो इसकी अनुमति, स्थान और सुरक्षा मानकों की भी जांच होनी चाहिए।
भवन अनुमति और फायर सेफ्टी को लेकर भी सवाल
स्थानीय शिकायतकर्ताओं ने मैरिज पैलेस के निर्माण और संचालन को लेकर नगर पालिका की भवन निर्माण अनुमति, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की स्वीकृति तथा फायर सेफ्टी NOC से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बड़े आयोजन स्थल के संचालन के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमतियां मौजूद हैं या नहीं, इसकी विभागीय स्तर पर जांच की जानी चाहिए। यदि सभी आवश्यक अनुमति उपलब्ध हैं तो प्रशासन उनके दस्तावेज स्पष्ट करे और यदि किसी अनुमति का अभाव है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
डीजे और ध्वनि प्रदूषण का भी आरोप
क्षेत्रवासियों ने मैरिज पैलेस में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजने की शिकायत भी प्रशासन के समक्ष रखी है। उनका कहना है कि लगातार तेज ध्वनि के कारण आसपास रहने वाले परिवारों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और अन्य नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि आयोजन स्थल पर ध्वनि प्रदूषण से संबंधित निर्धारित नियमों और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर मौके पर ध्वनि स्तर की जांच कराई जाए।
पार्किंग की व्यवस्था पर भी उठे सवाल
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, मैरिज पैलेस में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण विवाह एवं अन्य आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में वाहन आसपास की गलियों और मुख्य मार्ग पर खड़े हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ आपातकालीन वाहनों के आवागमन में भी परेशानी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए आयोजन स्थल की स्वीकृत पार्किंग क्षमता, वाहन प्रबंधन और अग्निशमन/आपातकालीन पहुंच मार्ग की भी जांच की जानी चाहिए।
‘राजनीतिक रसूख’ के आरोपों की भी जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले में राजनीतिक प्रभाव का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है।
नागरिकों का कहना है कि जांच ऐसी एजेंसी अथवा अधिकारियों से कराई जानी चाहिए जिन पर स्थानीय स्तर के किसी प्रभाव का दबाव न हो। इसी वजह से उन्होंने राज्य स्तर पर SIT अथवा उच्च स्तरीय जांच की मांग रखी है।
जनदर्शन में पहुंचा मामला
बताया गया कि वार्डवासियों और जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में कलेक्टर जनदर्शन सहित संबंधित विभागों के समक्ष शिकायत और ज्ञापन प्रस्तुत किया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नगर पालिका परिषद और जिला प्रशासन को पूर्व में भी आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
अब नागरिक यह जानना चाहते हैं कि संबंधित भूमि का वास्तविक स्वामित्व क्या है, निर्माण को कौन-कौन सी स्वीकृतियां प्राप्त हैं और आम रास्ते से संबंधित राजस्व एवं नगर पालिका रिकॉर्ड में क्या स्थिति दर्ज है।
नागरिकों ने रखीं चार प्रमुख मांगें
शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन के सामने मुख्य रूप से चार मांगें रखी हैं—
पहली— संबंधित भूमि, खसरा नंबर, स्वामित्व/पट्टा रिकॉर्ड, सीमांकन और निर्माण अनुमति की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
दूसरी— यदि निर्माण शासकीय भूमि अथवा सार्वजनिक रास्ते पर नियमविरुद्ध पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए रास्ता बहाल कराया जाए।
तीसरी— मैरिज पैलेस की भवन अनुमति, भूमि उपयोग, पार्किंग व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और अन्य आवश्यक अनुमतियों की विभागीय जांच कराई जाए।
चौथी— यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा शिकायतों के बावजूद नियमों के उल्लंघन की अनदेखी की गई है तो उसकी भूमिका की भी जांच की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
वार्ड पार्षद राहुल आंवडे के साथ ज्ञापन सौंपने पहुंचे स्थानीय नागरिकों ने कहा है कि यदि शासन-प्रशासन ने शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं की तो क्षेत्रवासी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
नागरिकों ने उग्र आंदोलन, चक्काजाम और न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रास्ते, सरकारी भूमि और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामले में प्रशासन को मौके की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
ज्ञापन/विरोध में अजय, खेदूराम, भुनेश्वर मदनकार, वीरेंद्र साहू, कु. प्रीति, राजेन्द्र साहू, इमरान, यशवंत जोशी, कुसुम पाल, शिवनारायण साहू, निर्मला, कमला देवांगन, प्रभा शर्मा, माधुरी अवसर और गुलाब बाई साहू सहित अन्य नागरिकों की मौजूदगी बताई गई है।
अब जांच में सामने आएगा असली सच
‘लंदन मैरिज पैलेस’ को लेकर उठे विवाद में फिलहाल कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन इन आरोपों की अंतिम पुष्टि राजस्व रिकॉर्ड, स्थल निरीक्षण, सीमांकन, भवन अनुमति, फायर सेफ्टी दस्तावेज और संबंधित विभागों की जांच से ही हो सकेगी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन शिकायत पर क्या कदम उठाता है और जांच के बाद सरकारी भूमि, आम रास्ते, निर्माण अनुमति और मैरिज पैलेस संचालन से जुड़े वास्तविक तथ्य क्या सामने आते हैं।
