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Judiciary : पत्रकारों से सूत्र पूछने का पुलिस और कोर्ट को कोई अधिकार नहीं : सुप्रीम कोर्ट।

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
नई दिल्ली / सूत्रों के हवाले से खबर लिखने वाले पत्रकारों के लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ की बेंच ने पुलिस को भारतीय संविधान के आर्टिकल 19 और 22 की याद दिलाई है।

चीफ जस्टिस ने कहा कि, ‘पत्रकारों के मौलिक अधिकारों की स्वतंत्रता के खिलाफ पुलिस किसी भी पत्रकार से उनकी खबरों के लिए सूत्र नहीं पूछ सकती है। यहां तक की कोर्ट भी उन्हें ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।

चीफ जस्टिस ने कहा कि, ‘आजकल ये देखने को मिल रहा है कि बिना किसी ठोस सबूत और बिना जांच के पत्रकारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर लिए जाते हैं। श्रेष्ठ बनने के चक्कर में पुलिस पत्रकारों की स्वतंत्रता का हनन कर रही है।

आपको बता दें कि सूत्रों के हवाले से चलने वाली खबरों के कई मामले कोर्ट में जा चुके हैं। कोर्ट ने पत्रकारों से खबरों के सूत्र बताने का आदेश भी दे चुके हैं लेकिन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के इस फैसले के बाद मीडिया जगत में उत्साह है।

जानकारी के लिए बता दें कि हमारे देश में किसी विशेष कानून के जरिए पत्रकारों को अधिकार हासिल नहीं हैं। पत्रकारों के लिए अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार बाकी नागरिकों की तरह संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (a) के अंतर्गत ही मिले हुए हैं।

पत्रकारों को अपने सूत्र को गोपनीय रखने का अधिकार प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया एक्ट 1978 के तहत मिला हुआ है। इसमें 15 (2) सेक्शन में साफ तौर पर लिखा हुआ है कि किसी भी पत्रकार को खबरों के सूत्र की जानकारी के लिए कोई बाध्य नहीं कर सकता लेकिन प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम कानून कोर्ट में लागू नहीं होते हैं। इसके आधार पर कोर्ट में किसी तरह की छूट की मांग नहीं की जा सकती है।

दलालों के भरोसे चल रहा…! रायपुर रोड स्थित महानदी हॉस्पिटल…?

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शासकीय चिकित्सक़ महासमुंद में पदस्थ डॉ. गजेंद्र देवांगन एमडी मेडिसिन व हृदय रोग विशेषज्ञ एक ही समय में दोनों जगह अपनी सेवा दे रहे हैं…?

रिपोर्टर मयंक गुप्ता

महासमुंद / वैसे तो महासमुंद जिला हमेशा सुर्खियों में जाना जाने वाला शहर हैं. आप किसी भी क्षेत्र देख लो चाहे वह राजनितिक, सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक, सवैधानिक, या अपराधिक हमारा महासमुंद जिला किसी भी क्षेत्र में पिछड़ा नहीं हैं. समझने के लिए शब्द नहीं केवल मनशा की जरूरत है.
आपको बता दे पिछली सरकार कांग्रेस की रही. कांग्रेस सरकार हर वह क्षेत्र जहां पर करोड़ों नहीं अरबो रुपए की सौगात दिए हैं. इसमें सबसे बड़ी योजना नरवा,गरुवा, घुरुवा अव बारी हैं.साथ ही लोगों की उच्च व मुफ्त शिक्षा हेतु स्वामी आत्मानंद स्कूल अभियान भी शामिल हैं. लोगों के स्वास्थ्यगत को ध्यान में रखते हुए मुफ्त चिकित्सकीय व्यवस्था हेतु जगह-जगह चिकित्सकीय मोबाइल यूनिट गांव- गांव, शहर – शहर में जन जागरूकता अभियान चलाया गया.
जिला वासियों को अच्छी स्वास्थ्य हेतु विगत वर्ष 2022 में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय श्री पुरुषोत्तम लाल कौशिक की स्मृति में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई. जहां पर एक पूर्ण विकसित तृतीयक सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल है. यह छत्तीसगढ़ के एकमात्र जिला महासमुंद में स्थित है.
कॉलेज बैचलर ऑफ़ मेडिसिन एंड सर्जरी की डिग्री प्रदान करता है. कॉलेज से जुड़ा अस्पताल महासमुंद जिले में सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है.
अगर यदि यह सही है तो आज इस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लोगों की मौत क्यों हो रही है….? इस मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं हैं तो मरीजों को बाहर क्यों रेफर किया जा रहा है और यदि रेफर किया जा रहा है तो केवल अपने चहेते प्राइवेट अस्पतालों में ही क्यों…?
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पीड़ित मरीज व्यक्ति के परिवार चाहे वह निर्धन हो या सामान्य जो भी वर्ग से विलोम करते हो. अपने परिवार के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए. मेडिकल कॉलेज में भर्ती तो करते हैं किंतु यहां पर मरीजों का इलाज नहीं बल्कि उसे मैरिज पर यह लोग शोध करते हैं ऐसा प्रतीत होता है…? गहन चिकित्सकीय ज्ञान प्राप्त करने हेतु जीवित रहे या फिर मर जाए. इनका कोई फर्क नहीं पड़ता है. बल्कि मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में निपुणता सर्वज्ञ ज्ञान अर्जित करने मरीजो के साथ खिलवाड़ जैसे खेल खेला जा रहा है.
यहां तक यहां ज्ञान प्राप्त करने वाले प्रशिक्षुओ यह नहीं मालूम होता है कि, किस मरीज को किस प्रकार की प्रारंभिक चिकित्सकीय उपचार देनी है.
अंततः बिना उपचार के यहां पर मरीज को अपनी इहलीला समाप्त करनी पड़ती है. ज्ञात हो कि, विगत दिनांक 22 जनवरी 2024 को जिला महासमुंद निवासी स्वर्गीय प्रभात गुप्ता को चिकित्सकीय उपचार हेतु भर्ती किया गया था. किंतु मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थ कर्मचारियों की लापरवाही के चलते प्रभात गुप्ता की मौत हो गई.
इनकी मौत के जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि सर्व सुविधा युक्त मेडिकल कॉलेज अस्पताल है. यहां पर मरीज इलाज के अभाव में अपना दम तोड़ रहे हैं. फिर भी इस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कर्मचारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही आज तक नहीं की गई.
ऐसा ही एक वाक्यांश फिर से दोहराया गया जहां पर इलाज के अभाव में मरीज को रेफर कर दिया जाता है और रेफर करने वाला डॉक्टर निजी अस्पताल में जाकर फिर से उसे मरीज का ट्रीटमेंट करता है और उसे मरीज के परिवारों से हजारों रुपए लूटने के बाद भी मरीज को नहीं बचा पाते हैं.
क्योंकि, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थ जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मी इस तथ्य से अवगत रहते हैं कि, इस मरीज की मौत समीप आ चुकी है और यह स्वास्थ्यकर्मी पीड़ित मरीज के परिवारों को बहला फुसलाकर अपनी निजी अस्पताल में ले जाने की बात कह कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से रेफर कर दिया जाता है.
इसी कारणों से आहत होकर एक शिकायतकर्ता ने आज दिनांक 23 जनवरी को महासमुंद अनुभाग्य अधिकारी को पत्र प्रेषित करते हुए शिकायत किया है कि,
जिला महासमुंद में रायपुर रोड स्थित महानदी अस्पताल संचालित हो रही है. जिला महासमुंद के स्वर्गीय श्री पुरुषोत्तम लाल कौशिक चिकित्सालय महासमुंद पदस्थ डॉ. गजेंद्र देवांगन एमडी मेडिसिन व हृदय रोग विशेषज्ञ हैं. जो कि छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसलिंग के गाइडलाइन के अनुसार किसी भी एम डी या एमबीबीएस डॉक्टर शासकीय चिकित्सालय में सेवा के दौरान 2 वर्षों तक बॉन्डिंग पीरियड में किसी अन्य जगह है.
किंतु डॉक्टर श्री देवांगन के द्वारा नर्सिंग होम एक्ट के सारे नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अपनी सेवा रायपुर रोड स्थित महानदी हॉस्पिटल मेंदे रहे हैं. जबकि शासकीय नियमों एवं गाइडलाइन के अनुसार यह उचित नहीं है. किन्तु डॉक्टर श्री देवांगन के द्वारा खुलेआम विज्ञापन के माध्यम से अपने नाम का प्रचार प्रसार करते हुए महानदी हॉस्पिटल में अपनी सेवा दे रहे हैं. जबकि डॉक्टर गजेंद्र देवांगन एमडी मेडिसिन व हृदय रोग विशेषज्ञ. स्वर्गीय श्री पुरुषोत्तम लाल कौशिक जिला चिकित्सालय महासमुंद में नियमित कर्मचारी के रूप में पदस्थ हैं.
इनका खुलासा हेतु विगत दिनों दिनांक 16 जनवरी 2024 को वार्ड क्रमांक 8 पिथौरा निवासी स्वर्गीय श्री गजेंद्र निर्मलकर द्वारा जहरीली कीटनाशक दवा सेवन करने की वजह से प्रारंभिक चिकित्सा हेतु पिथौरा की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया. किंतु प्रारंभिक उपचार के दौरान उनको जिला महासमुंद के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर कर दिया गया.
महासमुंद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीज गजेंद्र निर्मलकर को भर्ती किया गया था. भर्ती पश्चात दिनांक 17 जनवरी 2024 को मरीज गजेंद्र निर्मलकर को सीधा रायपुर रिफर ना करते हुए रायपुर रोड स्थित महानदी हॉस्पिटल में लाया गया. अंततः श्री गजेंद्र निर्मलकर की मौत रात्रि कालीन 2:00 बजे के आसपास हो गई.
शिकायतकर्ता का कहना है कि, 17 जनवरी 2024 को स्वर्गीय श्री पुरुषोत्तम लाल कौशिक जिला चिकित्सालय महासोनी पदस्थ डॉ गजेंद्र देवांगन अपनी सेवा दे रहे थे. जबकि उसी रात महानदी हॉस्पिटल में भी अपनी सेवा दे रहे थे. अपनी कर्तव्य को निर्वहन एवं शासन प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.
शिकायतकर्ता ने आगे यह भी बताया कि, इस तरह से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती मरीजों को महानदी हॉस्पिटल तक पहुंचाने का कार्य सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं.
ऐसे कर्मचारी डॉ गजेंद्र देवांगन एमडी मेडिसिन व हृदय रोग विशेषज्ञ जो की नर्सिंग होम एक्ट व शासन द्वारा बनाए गए सारे नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आरक्षण अधिनियम के तहत अनुशासनात्मक एवं दण्डनात्मक कार्यवाही करने की शिकायत शिकायतकर्ता ने की है.

गलत काम करने वालों के विरुद्ध होगी उचित कार्यवाही.

बसंत माहेश्वरी (अधीक्षक सम्बद्ध चिकित्सालय महासमुंद )

विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर धावकों को किया रवाना..!

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / स्वामी विवेकानन्द जी की जयंती के अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण तथा प्रवाह नवयुवक मंडल महासमुंद के संयुक्त तत्वाधान में 12 जनवरी को सिटी मैराथन दौड़ का आयोजन सुबह 7ः30 बजे से विशाल मेगा मार्ट परिसर बीटीआई रोड से मचेवा हेलीपेड मैदान तक किया गया।

मुख्य अतिथि विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर धावकों को रवाना किया जिसमें पार्षद मनीष शर्मा, तिलक साव उपस्थित रहे। मैराथन में धावकों ने बढ़ चढ़कर उत्साह के साथ शामिल हुए।
जिसमें जिला बलौदा बाजार से दौलत राम दीवान व भोज राम साहू, जिला रायपुर से मनीष निषाद, राजनांदगांव से मोहित निषाद, जिला बालोद के धावक के साथ महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत गणेशपुर बसना, अछोला, खमतराई सिरपुर, कुकराड़ीह, केसलडीह, राजा सवैया खुर्द, गुडरूडीह, गढ़सिवनी, पीढ़ी, टोंगो पानीकला बागबाहरा, सोरम, सिंघी, बोकरामुडा कला, बकमा, हाड़ाबंद, मचेवा, बेमचा, भुरका, लफीनकला, बरोंडाबाज़ार, भोरिंग व नगरीय निकायों से कुल 165 धावक शामिल हुए।
पुरस्कार वितरण समारोह में अतिथि खेल अधिकारी श्री मनोज धृतलहरे, सुरेश शुक्ला समाज सेवक, सितोश झूल्फे, खगेश तारक, नारायण तिवारी, राजेश डड़सेना, साधुराम ध्रुव, द्रोण पटेल ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। जिसमें प्रथम पुरस्कार 5100 रूपये आशुतोष कुमार बिंद भिलाई जिला दुर्ग ने प्राप्त किया। द्वितीय पुरस्कार 3100 रूपये द्वारिकाधीश वर्मा जिला राजनांदगांव ने प्राप्त किया। तृतीय पुरस्कार 1100 रूपये जिला बलौदा बाजार से भोजराम साहू ने प्राप्त किया।

बजरंग कॉम्पलेक्स सागरपाली में वन परिक्षेत्र सरायपाली की दबिश, मिली बड़ी कामयाबी..!

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सरायपाली वन परीक्षेत्राधिकारी प्रत्युश तान्डे के नेतृत्व में सागरपाली के बजरंग कॉम्पलेक्स में ताबड़तोड़ कार्यवाही.

रिपोटर मयंक गुप्ता
महासमुंद / सरायपाली जिला महासमुंद वन मण्डल में पदस्थ वनमंडलाधिकारी पंकज राजपुत के निर्देशन में सरायपाली में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रत्युष ताण्डेय के नेतृत्व में सरायपाली वन परिक्षेत्र के कर्मचारियों की टीम गठित कर सुविज्ञ सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज दिनांक 11.01.2024 को ग्राम सागरपाली के प्रवीण अग्रवाल पिता बजरंग अग्रवाल एवं सलाउदीन पिता अलाउद्दीन ग्राम सागरपाली के बजरंग हार्डवेयर बजरंग कॉम्पलेक्स गोदाम के अंदर तफ्तीश करने पर बहुतायत मात्रा में खैर प्रजाति की लकड़ी 430 नग = 9.126 घ.मी. एवं एक नग महिन्द्रा पिकअप वाहन कमांक सी.जी.-11-ए.बी. -0991, खैर लठ्ठा मय जप्त की गई.


जिसका पी.ओ.आर. नं. 14381/03 एवं 14381/04 दिनांक 11.01.2024 जारी की गई है। जप्त वनोपज की कीमत 1.35 लाख है. दोनों आरोपियों से पूछताछ कर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 72 (1) (ग) या म.प्र. वनोपज (व्यापार विनिमयंन) अधिनियम 1969 की धारा 15 (1) के अंतर्गत कार्यवाही की जा गई है। प्रकरण की विवेचना जारी है। उपरोक्त कार्यवाही में सरायपाली परिक्षेत्र के स.प.अ. सिंघोडा संतोष कुमार पैकरा, स.प.अ. सरायपाली, योगेश्वर निषाद, स.प.अ. बलौदा रविलाल निर्मलकर,स.प.अ.पालीडीह योगेश्वर कर एवं सरायपाली वन परिक्षेत्र के समस्त वनरक्षक और सुरक्षा श्रमिकों का विशेष योगदान रहा ।

खैर लकड़ी की विशेषता

देशभर में खैर का जंगल तेजी से सिमट रहा है और वन विभाग ने इसे दुर्लभ वृक्ष की श्रेणी में रखा है। राष्ट्रीय वन नीति 1988 में पेड़ों की प्रजातियों को संतुलित रूप से इस्तेमाल में लाने की बात कही गई है जिससे वे खत्म न हों।अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने वर्ष 2004 में विश्व में तकरीबन 552 पेड़ों की प्रजातियों को खतरे में माना गया जिसमें 45 प्रतिशत पेड़ भारत से थे। इन्हीं में खैर का नाम भी शामिल है। इस पेड़ का इस्तेमाल औषधि बनाने से लेकर पान और पान मसाला में इस्तेमाल होने वाले कत्था, चमड़ा उद्योग में इसे चमकाने के लिए किया जाता है। प्रोटीन की अधिकता के कारण ऊंट और बकरी के चारे के लिए इसकी पत्तियों की काफी मांग है। चारकोल बनाने में भी इस लकड़ी का उपयोग होता है। आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल डायरिया, पाइल्स जैसे रोग ठीक करने में होता है। मांग अधिक होने की वजह से खैर के पेड़ों को अवैध रूप से जंगल से काटा जाता है.

कांग्रेस + बीजेपी = संचालित अवैध फर्जी हॉस्पिटल….?

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मामला कुरुद ब्लॉक के गिरोद में संचालित हो रही है अवैध मेडिकल क्लिनिक….!

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
धमतरी / आज के समय में शायद ही कोई ऐसा गाँव हो जहां एक या दो डॉक्टर न रहते हों, लेकिन इन डॉक्टरों में कितने असली डॉक्टर होंगे, शायद यह उनसे इलाज कराने वालों को नहीं मालूम होगा। यदि इनकी शिक्षा की बात की जाए तो इनमें से बहुत तो हाईस्कूल या इंटर ही पास होंगे किंतु कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने प्रारंभिक शिक्षा भी अर्जित नहीं की है। इसके बावजूद ग्रामीण अपना समय बचाने हेतु इसे अपना इलाज करवा रहे हैं।
धमतरी जिले में नर्सिंग होम एक्ट और उच्च न्यायालय के सारे नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है जिसमें जिला स्वास्थ्य और नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी सहित सारी टीम की संरक्षण और मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता । जिसके चलते अवैध क्लिनिक पैथोलॉजी लैब सहित हॉस्पिटलों का संचालन नियमों को ताक में रखकर जिले में लगातार संचालित हो रही है और अवैध कारनामा करने वाले लोगों का गोरख धंधा खूब फल फूल रहा है। एक तरफ शासन और उच्च विभाग द्वारा अवैध स्वास्थ्य संबंधी गतिविधि पर प्रतिबंध लगाने तरह-तरह की उपाय कर लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं उसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी इसका पालन नहीं कर पा रहे हैं। जिससे साफ जाहिर है कि, स्वास्थ्य विभाग की सह पर अवैध कारोबार का गोरखधंधा अपनी चरम सीमा पार कर चुका है। नतीजन स्वास्थ्य के अवैध कारोबारी लोगों के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ करने पर उतारू हो गए हैं।

इसी तारतम्य में विकासखंड कुरुद के क्षेत्र क्रमांक 09 की जनपद सदस्या श्रीमती नंदनी रेखराम साहू ग्राम गिरोद में नर्सिंग होम एक्ट की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध अस्पताल चला रहे हैं.
विगत दिनों मिडिया की टीम की पड़ताल उपरांत पाया गया कि ग्राम गिरोद में रेखराम साहू के द्वारा 5 बिस्तर अस्पताल चलाया जा रहा है. अपने आप को जनता के सेवक समझने वाले रेखराम साहू मुश्किल से इनकी शिक्षा की बात की जाए तो महज 10वी या 12वीं हो सकती है. रेखराम साहू उनकी पत्नी जनपद सदस्या कांग्रेस पार्टी द्वारा लोगों को इलाज किया जा रहा है उनसे पूछने पर कहा गया कि, यह क्लीनिक मैं लोगों की सेवा भावना से चला रहा हूं.

एक तरफ शासन प्रशासन द्वारा लोगों को नि:शुल्क उपचार के लिए लाखों करोड़ों रुपए की राशि खर्च कर रही है। वहीं दूसरी ओर जिले में झोलाछाप डॉक्टर हो एवं प्राइवेट हॉस्पिटल जो इलाज के नाम से लोगों को लूट रहे हैं।
शासन ने लोगों को मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड मुहैया तो करवा दिया है। इसके बावजूद निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के अलावा अतिरिक्त चार्ज ठोककर लोगों की पीड़ा बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
बता दे कि, रेखराम साहू की पत्नी श्रीमती नंदनी साहू कुरुद ब्लॉक के क्षेत्र क्रमांक 09 में कांग्रेस पार्टी से जनपद सदस्या के रूप में चुनी गई है एवं इनके पति रेखराम साहू अपने आप को भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता समझते है. इनका कहना है कि,मेरी पत्नी कांग्रेस पार्टी की जनपद सदस्या है और मै बीजेपी का तो हमारा कोई क्या बिगाड़ लेगा.

अवैध काम करने वालों के खिलाफ होगी कार्यवाही मैं त्वरित संज्ञान कार्यवाही करवाता हू.

शैलेंद्र कुमार मंडल
(मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला धमतरी छत्तीसगढ़.)

किशनपुर योगमाया हत्याकांड में संलिप्त पांचो आरोपियों को न्यायालय ने सुनाई उम्रकैद की सजा.

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रिपोटर मयंक गुप्ता
महासमुंद /पिथौरा: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बहुचर्चित योगमाया हत्याकांड के सभी पांचों आरोपियों को महासमुन्द सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई गई. ज्ञात हो कि किशनपुर हत्याकांड की बर्बर तस्वीरों को देख कर आज भी क्षेत्रवासी सहम उठते है. उक्त वारदात से एक भरा पूरा परिवार समाप्त हो गया था.

पिथौरा नगर के समीप ग्राम किशनपुर में एक एएनएम दम्पत्ति एवम उनके दो बच्चों की लोमहर्षक हत्याकांड के पांच आरोपियों को आज महासमुन्द के सेशन कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई. सभी आरोपियों ने एएनएम योगमाया के साथ उसके पति और दो बच्चों की नृशंस हत्या कर दी थी. मामले की फॉरेंसिक जांच के बाद कोर्ट में रिपोर्ट पेश की गई थी, जिस पर आज फैसला सुनाया गया.
मिली जानकारी के अनुसार अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महासमुंद माननीय लीलाधर सारथी के न्यायालय ने आज सभी आरोपी धर्मेंद्र बरिहा, सुरेश खुटे,, गौरी शंकर कैशर्त, फुल सिंग यादव, अखन्डल प्रधान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

घटना के समय स्थानीय पुलिस की जांच से असंतुष्ठ होकर परिजनों ने मामले की सही जांच नहीं होने का आरोप लगाते हुए महिला आयोग में शिकायत करने के साथ फॉरेंसिक टीम के अलावा सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. लगातार परिजन मामले की सूक्ष्म जांच कराने की मांग करते रहे, तब कहीं जाकर सीबीआई जांच की गई. फॉरेंसिक जांच के बाद कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर दी गई थी. मामले में आज फैसला सुनाया गया.

घटना छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद इलाके के पिथौरा थाना क्षेत्र के गांव किशनपुर में 30 और 31 मई 2018 की दरम्यानी रात किसनपुर में पदस्थ एएनएम योगमाया साहू उसके पति चैतन्य साहू और दो बच्चों सात वर्षीय तन्मय साहू और नौ वर्षीय कुणाल साहू की बड़ी बेरहमी से धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी.

मृतका योगमाया गांव में ही बने उप स्वास्थ केंद्र में काम करती थी और अपने परिवार के साथ उसी स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बने अपने घर में रहती थी. घटना के अगले दिन चारों के शव घर से बरामद किए गए थे. मामले में परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो परिजनों ने इसके विरोध में जमकर हंगामा करते हुए धरना भी दिया था.

इसके बाद काफी दबाव में आकर पुलिस ने एक आरोपी धर्मेंद्र को इस मामले में गिरफ्तार किया था. इस मामले में परिजनों के दबाव के बाद पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र का नार्को टेस्ट भी कराया था. इस टेस्ट में उसने अपने साथ पांच और आरोपियों हुए फूल सिंह यादव, गौरी शंकर केवट, सुरेश खूंटे और अखंडल प्रधान का नाम भी लिया था. उसके बयान के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस केस में कुल 5 लोगों को आरोपी बना कर गिरफ्तार किया था.

सही न्याय नही मिला—बाबूलाल
मृतिका योगमाया के ससुर बाबूलाल साहू सेशन कोर्ट के उक्त फैसले से निराश है. श्री साहू ने कहा कि जिन परिस्थियों में उनके पुत्र एवम बहु सहित दो मासूमो की हत्या कर पूरा परिवार समाप्त करने वाले निर्दयी आरोपियों को कानूनी रूप से भी फांसी की सजा होनी चाहिए हम भी आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे है. सेशन कोर्ट के फैसले से असन्तुष्ट होने के कारण वे न्याय के लिए हाई कोर्ट की शरण मे जाएंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे.

गोकुल प्रसाद को मिला गुफा विज्ञान में शोध कार्य के लिए डॉक्टरेट की उपाधि

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रिपोटर मयंक गुप्ता
गरियाबंद / आईएसबीएम विश्वविद्यालय छुरा गरियाबंद द्वारा गोकुल प्रसाद को प्राणीशास्त्र विषय के अंतर्गत गुफा विज्ञान में “*इंपैक्ट ऑफ एक्सटर्नल इकोसिस्टम इन द इंटर्नल इकोसिस्टम ऑफ फुलझर केव गरियाबंद छत्तीसगढ़ इंडिया : ए कंपैरिजन ऑफ बायोटिक एंड एबायोटिक कंपोनेंट* विषय पर डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान किया गया है। शोधार्थी ने बताया कि यह विषय बहुत ही रोचक है तथा बहुत कम लोग गुफा विज्ञान जैसे विषय में पीएचडी करते है। गुफा अध्यन के दौरान गुफा में पाए जाने वाले जीव जंतु, गुफा की पारिस्थितिकी का अध्ययन एवं उनका संरक्षण करना है। वर्तमान समय में लोगो का प्रकृति के प्रति झुकाव होते जा रहा है। इसे देखते हुए गरियाबंद जिले का फुलझर अच्छा पर्यटन का स्थल बन सकता है। इस शोधकार्य को पूर्ण करने में उनके शोध निर्देशक डॉ. जयंत बिस्वास जो की गुफा वैज्ञानिक है उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ज्ञात हो कि गोकुल प्रसाद वर्तमान में आईएसबीएम विश्वविद्यालय नवापारा (कोसमी) छुरा, गरियाबंद छत्तीसगढ़ में सहायक प्राध्यापक प्राणीशास्त्र के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें पीएचडी उपाधि मिलने पर उनके परिवारजनों, मित्रों तथा आईएसबीएम विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष, कुलपति, कुलसचिव, अकादमिक अधिष्ठाता, अनुसन्धान एवं विकास प्रकोष्ठ अधिष्ठाता, छात्र कल्याण अधिष्ठाता, विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शुभकामनाएँ दी है।

गोकुल प्रसाद को मिला गुफा विज्ञान में शोध कार्य के लिए डॉक्टरेट की उपाधि

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रिपोटर मयंक गुप्ता

गरियाबंद / आईएसबीएम विश्वविद्यालय छुरा गरियाबंद द्वारा गोकुल प्रसाद को प्राणीशास्त्र विषय के अंतर्गत गुफा विज्ञान में “*इंपैक्ट ऑफ एक्सटर्नल इकोसिस्टम इन द इंटर्नल इकोसिस्टम ऑफ फुलझर केव गरियाबंद छत्तीसगढ़ इंडिया : ए कंपैरिजन ऑफ बायोटिक एंड एबायोटिक कंपोनेंट* विषय पर डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान किया गया है। शोधार्थी ने बताया कि यह विषय बहुत ही रोचक है तथा बहुत कम लोग गुफा विज्ञान जैसे विषय में पीएचडी करते है। गुफा अध्यन के दौरान गुफा में पाए जाने वाले जीव जंतु, गुफा की पारिस्थितिकी का अध्ययन एवं उनका संरक्षण करना है। वर्तमान समय में लोगो का प्रकृति के प्रति झुकाव होते जा रहा है। इसे देखते हुए गरियाबंद जिले का फुलझर अच्छा पर्यटन का स्थल बन सकता है। इस शोधकार्य को पूर्ण करने में उनके शोध निर्देशक डॉ. जयंत बिस्वास जो की गुफा वैज्ञानिक है उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ज्ञात हो कि गोकुल प्रसाद वर्तमान में आईएसबीएम विश्वविद्यालय नवापारा (कोसमी) छुरा, गरियाबंद छत्तीसगढ़ में सहायक प्राध्यापक प्राणीशास्त्र के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें पीएचडी उपाधि मिलने पर उनके परिवारजनों, मित्रों तथा आईएसबीएम विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष, कुलपति, कुलसचिव, अकादमिक अधिष्ठाता, अनुसन्धान एवं विकास प्रकोष्ठ अधिष्ठाता, छात्र कल्याण अधिष्ठाता, विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शुभकामनाएँ दी है।

बसना के गढ़फुलझर वासियो ने नवनिर्वाचित विधायक सम्पत अग्रवाल का ऐसे किया स्वागत… 👇👇👇

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गांव गांव घर घर गली गली निकली कलश एवं दीप प्रज्वलित विधायक डॉ संपत अग्रवाल के स्वागत में पुष्प गुच्छ देकर किया स्वागत.

रिपोटर मयंक गुप्ता
महासमुंद / बसना विधानसभा क्षेत्र नवनिर्वाचित विधायक डॉ संपत अग्रवाल विगत दिनों नगर आगमन पश्चात भव्य स्वागत के सिलसिलाओं के दौरान बसना से लगभग 9 किलोमीटर दूर गढ़फुलझर रामचंडी मंदिर प्रांगण में कोलता समाज की पहली बैठक मैं नवनिर्वाचित विधायक शामिल हुए.


विधायक श्री अग्रवाल ने मंदिर प्रांगण में बैठे गढ़ फुलझर के माता, बहनों, बुजुर्गों को प्रणाम आशीर्वाद प्राप्त किये.
तत्पश्चात मंदिर प्रांगण में समस्त ग्रामीणों के लिए स्वल्पा आहार की व्यवस्था की गई थी.
बाद पूरा काफिला ग्राम फुलझर में विधायक श्री अग्रवाल के आगमन पर प्रत्येक घरों के बाहर ज्योति कलश प्रज्वलित कर पुष्पगुच्छ हाथ में लिए सभी ग्रामीणों ने विधायक श्री अग्रवाल का स्वागत आत्मीयता रुपी कोई कसर नहीं छोडी गई. ग्राम के बुजुर्गों की चेहरों की चमक में तेज नजर आ रही थी.
तत्पश्चात गढ़फुलझर स्थित गुरुद्वारा श्री नानकसर साहिब के दरबार में विधायक सम्पत अग्रवाल द्वारा सर पर कपड़ा बांध दर्शन करने व आशीर्वाद लेने मत्था टेका गया.


ग्रामीणों के समक्ष विधायक श्री अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि, यदि आधी रात तो मैं आपके साथ खड़ा हूं. मै आपका सेवक हूं सेवा ही मेरी पहली प्राथमिकता होंगी.
विधायक श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि, यह मौका मुझे आप लोगों ने आशीर्वाद स्वरुप प्रदान किया है इसका मै जीवन भर आप लोगो का आभारी रहूँगा साथ ही जो मैंने घोषणा किया है और सरकार कि घोषणा दोनों को जल्द से जल्द पूर्ण करूँगा यह मेरा संकल्प है.

विधायक सम्पत के प्रथम नगर आगमन पर बसना वासियों ने मनाया जश्न.

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इश्क में जीत के आने के लिए काफी हूं और मैं निहत्था ही सही मगर जमाने के लिए काफी हूं मेरे बसना क्षेत्र के वासियों आपकी कोई भी समस्या हो उनके समाधान हेतु मैं अकेला निपटने के लिए काफी हूं – डॉ सम्पत अग्रवाल

रिपोटर मयंक गुप्ता
महासमुंद / बसना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 40 से ऐतिहासिक जीत हासिल करने एवं प्रथम नगर आगमन पर भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक डॉ.संपत अग्रवाल का भव्य स्वागत जीत एवं जलसे में उमड़ा जन सैलाब.


प्रारंभिक स्वागत समारोह का आयोजन बसना विधानसभा क्षेत्र के पिथौरा नगर भ्रमण से शुरू होकर देर रात तक बसना नगर में जगह-जगह पर फूल माला लड्डू मिठाईयां से तौलकर सभी ने दीपावली जैसे त्योहार से भी बड़ा उत्सव मनाया गया इस उत्सव में हजारों नहीं लाखों लोगों ने इस उत्सव में शामिल होकर धूमधाम से नाचते रहे.

स्वागत समारोह में बाजे गाजे पटाखे पारंपरिक वाद्य यंत्रों अत्याधुनिक वाद्ययंत्र आभार रैली मुख्य आकर्षण का केंद्र बना.
स्वागत रैली के दौरान पूर्व प्रदेश मंत्री शंकर अग्रवाल, गुलाब अग्रवाल, नरेश सिंघल मंडल अध्यक्ष, मनजीत सिंह सलूजा, प्रकाश सिन्हा, सुमित अग्रवाल, विक्की सलूजा सहित सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने उपस्थिति दर्ज कराई.
बता दे सत्र 2023 विधानसभा चुनाव के भाजपा प्रत्याशी एवं नवनिर्वाचित विधायक डॉ संपत अग्रवाल को 108871 मत मिले एवं उनके विपक्ष कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र बहादुर सिंह को 72078 मत प्राप्त हुए. जीत का अंतर 36793

पिछला इतिहास

भाजपा ने महासमुंद जिले की बसना विधानसभा से संपत अग्रवाल को अपना प्रत्याशी बनाया हैं। संपत अग्रवाल लंबे समय से भाजपा की राजनीति में सक्रिय थे। पिछले चुनाव में उन्होंने भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ा था।

संपत अग्रवाल बसना व सरायपाली क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय है। वे नीलांचल सेवा समिति के संस्थापक है। उनके सेवा समिति ने क्षेत्र में कई काम किए है। नीलांचल सेवा समिति क्षेत्र में कई सामाजिक कामों में सक्रिय है। संपत अग्रवाल नगर पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके साथ ही जनपद में भी उनका खासा प्रभाव है।

संपत अग्रवाल भाजपा से 2018 में टिकट मांग रहे थे। पर उनको भाजपा ने टिकट नहीं दिया। तब उन्होंने भाजपा से बगावत कर निर्दलीय ही चुनाव लडे थे । इस चुनाव में वो 50 हजार मत प्राप्त कर दूसरे नंबर पर रहे । जबकि 2018 के चुनाव मे कांग्रेस जीत मिली थी । निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण उन्हें भाजपा ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिये थे । पर अब उन्हें फिर से भाजपा में शामिल कर टिकट दिया ।
और श्री अग्रवाल ने यह साबित कर दिया कि करत – करत ते अभ्यास के जड़मति होत सुजान औ रसरी आवत – जावत हे सील पर पडत निशान.