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तीन सूत्रीय मांग को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ जन आक्रोश रैली

प्रशिक्षित डी एड बी एड संघ मांगे पूरी नहीं की तो होगा उग्र आंदोलन

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित डी एड बी एड संघ ने आज राज्य सरकार द्वारा शालाओं व शिक्षकों के युक्ति युक्तिकरण किए जाने से आक्रोशित होकर आज राज्य सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। स्थानीय पटवारी कार्यालय के पास अपनी तीन सूत्रीय मांग युक्ति युक्तिकरण का आदेश निरस्त करने, 57 हजार शिक्षकों की शीघ्र भर्ती करने और स्कूल शिक्षा विभाग के 2008 के सेट अप को यथावत रखने की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर रैली निकाल कलेक्ट्रेट का किया घेराव। रैली के दौरान भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
गौरतलब है कि आज छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित डी एड बी एड संघ के सैकड़ों बेरोजगार युवक युतियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोलते हुए, चुनाव के वक्त किए वादे मोदी की गारंटी को याद दिलाते हुए सरकार से सवाल किया गया कि 57 हजार शिक्षकों की आखिर भर्ती सरकार क्यों नहीं की। मोदी की गारंटी कहां है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बेरोजगारों को सिर्फ ठगने का काम किया है।
भारतीय जनता पार्टी की सरकार राज्य के 3 लाख डी एड बी एड किए हुए लोगों के साथ ना इंसाफी कर रही है। राज्य सरकार शिक्षकों की भर्ती तो नहीं कर रही है उल्टा युक्ति युक्तिकरण के द्वारा शालाओं और शिक्षकों के पद को खत्म कर रही है।
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित डी एड बी एड संघ के मांग पर विचार नहीं किया तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन करेगी और उनकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

ऑपरेशन सिंदूर के सफल अभियान में संपूर्ण जिले में निकली भारत शौर्य तिरंगा यात्रा

राष्ट्र के प्रति प्रेम और एकता का अनुपम उदाहरण, भूतपूर्व सैनिक संगठन के नेतृत्व में देशभक्ति का सशक्त संगम

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता का संदेश देते हुए शुक्रवार को महासमुंद नगर पालिका क्षेत्र में भव्य भारत शौर्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा टाउन हॉल से प्रारंभ होकर गांधी चौक, नेहरू चौक होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई पुनः टाउन हॉल में समाप्त हुई।

इस प्रेरणादायक आयोजन का नेतृत्व भूतपूर्व सैनिक संगठन महासमुंद द्वारा किया गया। यात्रा में हजारों की संख्या में नगरवासियों ने भाग लेकर राष्ट्र के प्रति प्रेम, सम्मान और कर्तव्यबोध का सजीव प्रमाण प्रस्तुत किया।

यह यात्रा “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नागरिक” अभियान के तहत आयोजित की गई, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर में भाग लेने वाले वीर सशस्त्र बलों के समर्थन में जनमानस ने एक स्वर में ‘हम सेना के साथ हैं’ और ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ जैसे नारों से वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।

यात्रा के दौरान विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं व विभिन्न संगठनों ने बैनर, स्लोगन व देशभक्ति गीतों के माध्यम से देशप्रेम का जीवंत संदेश दिया। भारत माता की जय, वंदे मातरम्, जय हिंद जैसे उद्घोषों से नगर की गलियां गूंज उठीं और हर मोड़ पर तिरंगे की छाया में एकजुट होकर चल रही भीड़ ने यह साक्षात कर दिखाया कि राष्ट्र सर्वोपरि है।

इस भव्य आयोजन में अनेक विशिष्ट जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष श्रीमती सरला कोसरिया, रायपुर संभाग प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही, पूर्व विधायक बेमेतरा अवधेश चंदेल, भाजपा जिलाध्यक्ष एतराम साहू, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, बसना विधायक डॉ. सम्पत अग्रवाल, शंकर अग्रवाल,इंद्रजीत सिंह गोल्डी, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक प्रीतम सिंह दीवान, पूर्व विधायक त्रिलोचन पटेल, भाजपा महामंत्री द्वय संजय शर्मा एवं प्रदीप चंद्राकर, पिछड़ावर्ग मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, सहित अनेक सम्माननीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे ।

इस ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा में भारत स्काउट गाइड संघ, सर्व हिन्दू समाज, सर्व समाज महासभा, पतंजलि योग समिति, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ, विधि प्रकोष्ठ (अधिवक्ता संघ), चेंबर ऑफ कॉमर्स, तथा अन्य सामाजिक, शैक्षणिक और व्यापारी संगठनों की भी अनुकरणीय सहभागिता रही, जिन्होंने अपने पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ पूरे उत्साह, अनुशासन और जोश के साथ भागीदारी की।

यात्रा के समापन अवसर पर टाउन हॉल परिसर में राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया, जहां सभी प्रतिभागियों ने एक साथ खड़े होकर तिरंगे को नमन किया और देश की रक्षा में समर्पित सैनिकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।

यह तिरंगा यात्रा न केवल एक आयोजन थी, बल्कि यह महासमुंद की जनता की ओर से भारत माता के चरणों में समर्पित एक संकल्प था — एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति का, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देता रहेगा।

सड़क हादसे में दो बछड़े एवं एक बैल की दर्दनाक मौत गौ सेवकों ने किया अंतिम संस्कार

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / गौ रक्षा करने वाले विभिन्न संगठन जिले में सक्रिय है। जहां पर इनके द्वारा लगातार गौ रक्षा को लेकर कई प्रकार की गतिविधियां करते नहर आते है। साथ ही शासन प्रशासन को भी समय समय पर गौवंश पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ ज्ञापन भी सौंपा जाता है।
रात्रिकालीन भी आवारा मवेशी सड़कों पर आ जाते है। जिसके चलते आए दिन सड़क दुर्घटनाएं घटित हो रही है। जिसमें या तो तेज पूरक वाहन चालक चोटिल होता है या फिर मवेशी स्वयं अपनी प्राणों की आहुति देकर ये संदेश देते है कि, हममें भी जीवन है हमारे ऊपर भी इतना जुल्म क्यों..?

इसी तारतम्य में विगत दिनों गुरुवार को जिले के कचहरी चौक में मवेशी बैठे हुए थे। जिसे तेज रफ्तार एवं लापरवाही पूर्वक अज्ञात वाहन ने अपने चपेट में लिया। जिसने दो बछड़े और एक बैल की दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना इतना खतरनाक था कि, दोनों बछड़े और बैल के मांस के लोथड़े अलग अलग भिन्न हो गए थे।
बता दे कि, अल सुबह हादसे पश्चात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यकर्ता राजेश डडसेना, छन्नू साहू,गुलाब सेन, हिरेंद्र सोनी,चिंटू सोनी, जिगर कुमार एवं साहिल कुमार सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने मिलकर मृत बछड़े एवं बैल को फ्लेसी बोर्ड से ढक दिये।
संघ के कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद धनेंद्र चंद्राकर की मौजूदगी में तुरंत नगर पालिका से जेसीबी मंगवाकर हादसे में मृत मवेशी को उठाकर संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा उचित स्थान में ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान के सुमन सेंद्रे जिला गौ सेवा प्रमुख,विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल एवं हिन्दू युवा वाहिनी छत्तीसगढ़ विशेष रूप से उपस्थित रहे।

हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण प्लेट के लिए शिविर 15 मई को कलेक्टर परिसर में आयोजित

तपश्चात आगामी 20 एवं 21 मई को जनपद पंचायत बागबाहरा में आयोजित की जाएगी

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुन्द / केंद्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 और केंद्रीय मोटरयान नियम 1989 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में 01 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत प्रत्येक वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया है। इसी क्रम में जिला परिवहन अधिकारी महासमुन्द द्वारा लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से 09 मई और 10 मई 2025 को जिला न्यायालय परिसर महासमुन्द में शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 156 ऑनलाईन आवेदन प्राप्त हुए।
13 मई से 15 मई 2025 तक कलेक्टर परिसर महासमुन्द में शिविर का आयोजन जारी रहेगा, जहां सुबह 10ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक इच्छुक वाहन मालिक ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। 13 और 14 मई को 223 आवेदकों ने अपने वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट हेतु आवेदन किया।
अगले शिविर का आयोजन जनपद पंचायत कार्यालय बागबाहरा में 20 मई 2025 और 21 मई 2025 को किया जाएगा। वाहन मालिकों को नियत समय पर पहुंचकर अपने वाहन की हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के लिए आवेदन करने की अपील की गई है।

बागबाहरा में ईश्वर के दूतों ने रचा नया कीर्तिमान

एक ही दिन में 7 परिवारों में गूंजी किलकारियाँ

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुन्द / कहते है भगवान का दूसरा रूप डॉक्टर होता है और यह सत्य ही है। जब हम अपने परिवार के किसी सदस्य को किसी भी निजी या सरकारी अस्पताल लेकर जाते है तो तो हम निश्चिंत हो जाते है अब हमको सकारात्मक परिणाम मिलेगा।

जब कोई महिला गर्भावस्था में होती है तो डिलीवरी के समय जो उस महिला को दर्द सहना होता है उसको साइंटिफिक भाषा में डेसिबल कहते है और उस वक्त प्रसव पीड़ा के दौरान एक महिला में दो जिंदगियां होती है जिसे 10 डेसिबल से लेकर 13 डेसिबल दर्द सहना पड़ता है। तब उस वक्त एक ऊपर वाले की दुआ और दूसरी ओर उनके दूत यानी चिकित्सक के हाथ में सब कुछ होता है। और अंततः किसी भी कार्य को कोई शिद्दत से करता है तो उनका परिणाम सकारात्मक ही आता है।

बता दे कि,बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीमित संसाधनों, स्टाफ की कमी और चुनौतियों से जूझते हुए भी जब जज्बा बुलंद हो, तो कोई भी असंभव कार्य संभव बन जाता है। ऐसा ही कर दिखाया है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा ने, जहाँ डॉक्टर, नर्स और मितानिनों की समर्पित टीम ने एक दिन में 7 सफल प्रसव कर नया इतिहास रच दिया।

जहाँ एक ओर सुविधाओं की कमी अक्सर इलाज में बाधा बनती है, वहीं दूसरी ओर यहाँ की मेडिकल टीम ने कड़ी मेहनत, निष्ठा और मानव सेवा की भावना से ऐसे असाध्य कार्य को अंजाम दिया जिसे सुनकर शहरवासी गर्व से भर उठे।

महज एक दिन में 2 नार्मल और 5 हाई-रिस्क सिजेरियन डिलीवरी कर 4 बेटियाँ और 4 बेटे सुरक्षित रूप से जन्मे। इनमें एक महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया, और एक अन्य विशेष मामला रहा रूपमती पटेल का, जो 12 वर्षों बाद गर्भवती हुईं और अत्यधिक रक्तचाप जैसी जटिल परिस्थिति में डॉक्टर साहू ने जोखिम उठाकर उनकी सिजेरियन डिलीवरी करवाई। माँ और बच्चा दोनों पूर्णतः स्वस्थ हैं।

इस अद्भुत उपलब्धि के पीछे मुख्य भूमिका निभाई स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रवेन्द्र देव साहू की टीम ने, जिनके मार्गदर्शन में हाल ही में एक महिला के अंडाशय से 2.5 किलो का ट्यूमर निकालने का भी सफल ऑपरेशन किया गया था।

इस सफलता में मितानिन दीदियों – मुस्कान निषाद, जानकी साहू, खेमा बाई, जामंतिन बुंदेली, श्रद्धा चन्द्राकर, भारती जगत, संतोषी विश्वकर्मा, और खीरा सोनवानी – की सजगता व सक्रियता को भी नकारा नहीं जा सकता, जिन्होंने प्रसव पूर्व देखरेख से लेकर अस्पताल पहुंचाने तक की जिम्मेदारी बखूबी निभाई।

यह सारा कार्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुदेशिया और ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. बढ़ई के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

यदि शासन से और सुविधाएँ प्राप्त हों, तो यह केंद्र पूरे जिले में मातृ-शिशु स्वास्थ्य का आदर्श बन सकता है।

बागबाहरा में दुखद घटना एक ही परिवार के चार लोगों ने मौत को लगाया गले

ऐसा क्या कारण है कि, इस परिवार के पास मौत के अलावा दूसरा कोई और विकल्प नहीं बचा।

बागबाहरा को लगा ग्रहण, यमराज की काली छाया मंडराने लगी हो रही है लगातार मौतें।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जिले से 35 किमी दूर पूर्वी तट पर बसे बागबाहरा में लगातार हो रही है मौत क्या कारण है कि, बागबाहरा में माता रानी चंडी का वास होने के बा वजूद इस तरह लगातार बागबाहरा वासियों पर मौत की काली छाया मंडराने लगी है। पूर्व ही एक नवयुवक की टेप में चिपके लाश मिली थी जिसमें नाबालिग सहित 3 लोगों ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया वही अब एक ही परिवार के चार लोगों ने अपनी इहलीला समाप्त कर ली है। कही न कही बागबाहरा वासियों को संभालने वाली इष्ट देवता या देवी शायद रूष्ट हों चुकी है। महासमुंद जिले के बागबाहरा में एक ही परिवार के 4 लोगों का शव मिलने से मचा हड़कंप ।

बता दे कि,बागबाहरा के शासकीय हाउसिंग बोर्ड कालोनी के H-2 बिल्डिंग के मकान नं. 05 में रहने वाले बसंत पटेल (42) का शव फंदे पर लटका था, वहीं उनकी पत्नी और दो बच्चे की बॉडी नीचे जमीन पर पड़ी थी।
घटना की सूचना मिलते ही महासमुंद पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह समेत पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है। जानकारी के मुताबिक, मृतक बसंत पटेल बागबाहरा के आदिम जाति कल्याण विभाग कार्यालय में प्यून (भृत्य) के पद पर कार्ररत था।

मृतकों में पत्नी भारती पटेल (38), बेटी सेजल पटेल (11) और बेटे कियांश पटेल (4) शामिल है। बताया जा रहा है कि, घर का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस को मौके से आत्महत्या से जुड़ा कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

मामले की जांच में जुटी महासमुंद पुलिस

एस.पी.आशुतोष सिंह और एडिशनल एस.पी. प्रतिभा पांडेय सहित सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आत्महत्या के एंगल से जांच कर रही है। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। समाचार लिखे जाने तक पटेल परिवार के मौत का कारण अज्ञात है।

मां बाप की आंखों का तारा, नई नवेली दुल्हन के जीने का सहारा – कर दिया जालिमों ने पूरे परिवार को बे-सहारा

महासमुन्द पुलिस के द्वारा कोमाखान क्षेत्र के ग्राम कसेकेरा टोंगोपानी में मिले शव के अंधे कत्ल के मामले का खुलासा

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / कहते है जन्म के साथ मृत्यु निश्चित है मगर समय अनिश्चित है। किंतु आज के समय में किसी की जान लेना मुर्गा,बकरा हलाल कर पार्टी देने के जैसा हो गया है। लोग इतने नीचे स्तर में गिर चुके है। चंद रुपयों की लालच में किसी के हंसते खेलते परिवार को मातम में बदल देते है। इसी तारतम्य में एक नवयुवक जिसकी शादी के एक महीने भी नहीं गुजरे हो जिस मां बाप के इक लौते चिराग का बुझ जाना। बड़े शर्मसार जैसा कृत्य है। बता दे कि,बीते दिनांक 09 मई को जिले में एक ओर तीन जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ जिला पंचायत में सुशासन तिहार की समीक्षा बैठक लेने छत्तीसगढ़ के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आगमन हुआ था तो एक ओर कोमाखान थाना अंतर्गत ग्राम कसेकेरा टोंगोपानी के पास एक सुनसान कोमाखान पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम कसेकेरा टोंगोपानी के पास सुनसान जगह में मुंह में टेप चिपका हुआ नवयुवक की लाश मिलने से हड़कंप मच गया।

विस्तृत जानकारी बता दे कि, ग्राम कसेकेरा टोंगोपानी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ था। जिसके मुंह चेहरे एवं हाथों को प्लास्टिक के सेलो टेप से लपेटा गया था। सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए पुलिस द्वारा घटनास्थल का मुआयना कर भौतिक साक्ष्यों का संकलन किया गया। शव की स्थिति और वारदात का तरीका देखने पर प्रतीत हुआ कि, किसी वाहन के माध्यम से घटनास्थल तक शव को लाया गया है। शव की शिनाख्त हेतु जिले एवं पड़ोसी राज्य उड़ीसा के पुलिस थानों में संपर्क किया गया, दिनांक 10/05/25 को थाना नुआपाडा उड़ीसा से जानकारी प्राप्त हुआ कि दिनांक 08/05/25 की रात्रि से शिव शक्ति नगर नुआपाड़ा ओडिसा निवासी मानस रंजन त्रिपाठी पिता मनबोध त्रिपाठी उम्र 35 वर्ष लापता है।
सूचना पर उनके परिजनों को बुलाया गया जिनके द्वारा शव की शिनाख्त मानस रंजन त्रिपाठी के रूप में की गई। मृतक फार्मेसी की पढ़ाई किया था एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जा- जा कर लोगों का इलाज किया करता था। लगभग पंद्रह दिवस पूर्व ही मृतक का विवाह महासमुन्द जिले के पिथौरा नगर में हुआ था। दिनांक 08/05/25 को प्रति दिन की तरह शाम को अपने मोटर सायकल से अपना दवा वाला बैग लेकर ग्राम मौहाभाटा, साल्हेभाटा गया था। जिसका मोबाइल रात आठ बजे से बंद हो गया था। शव का पीएम कराया गया जिसमें डॉक्टर के द्वारा मृत्यु का कारण दम घुटना एवं हत्या प्रकृति का होना लेख किया गया। मर्ग के आधार पर से थाना कोमाखान में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा टीम का गठन कर विशेष दिशा निर्देश दिए गए। विवेचना के दौरान हत्या के सभी संभावित बिंदुओं की जांच करते हुए पुलिस द्वारा संदिग्धों की पतासाजी प्रारंभ की गई एवं इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस भी जुटाया जाने लगा, ग्राम वासियों से पूछताछ में मालूम हुआ कि, घटना दिनांक को शाम 07:30 बजे तक मृतक को गांव में देखा गया था। जिसके बाद कहां गया ये मालूम नहीं था। विवेचना के दौरान संदेही परसू डडसेना निवासी मौहाभाटा को पकड़ा गया जो पुलिस को बरगलाने का प्रयास करता रहा परन्तु कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपने अन्य दोस्तों सरोज कुमार, गणपत डडसेना एवं एक नाबालिक के साथ मिलकर फिरौती लेने के उद्देश्य से मृतक को नुआपड़ा के सुख सागर रेस्टोरेंट के पास से अपहरण कर गणपत के टवेरा वाहन क्रमांक OD 26 A 2700 से ले जाना एवं हत्या कर देना बताया गया। आरोपी की निशानदेही पर अन्य आरोपियों को भी अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किया गया जो जुर्म करना स्वीकार किए।

आरोपियों के मेमोरेंडम आधार मृतक का मोटर सायकल क्रमांक OD 26 A 2064 मृतक के दवाई वाले बैग को बरामद किया गया।

शातिर तरीके से दिया गया था घटना को अंजाम / आरोपी परसू एवं गणपत से मृतक की जान पहचान थी, घटना दिनांक को परसू दवा लेने के बहाने मृतक मानस को सुनसान स्थान पर बुलाया था जहां पहुंचने पर टेप से हाथ एवं मुंह को बांध कर टनवत चौक से होते जंगल रास्ते कोमाखान की तरफ आ गए। मृतक से उसके बैंक बैलेंस के संबंध में जानकारी मांगा गया एवं मोबाइल से चेक करने पर खाता में केवल नौ हजार होने से आरोपियों के मंसूबे सफल नहीं हुए एवं चारों ने मिलकर मृतक का गला एवं मुंह दबाकर हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को खेत में फेंक कर भाग गए थे।
पर्याप्त साक्ष्य सबूत पाए जाने पर आज दिनांक 12/05/25 को आरोपी

1. परसू डडसेना पिता बसंत राम आयु 20 वर्ष निवासी ग्राम मौहाभाटा थाना नुआपाड़ा

2. गणपत डड़सेना पिता सुरेश डडसेना आयु 27 वर्ष निवासी मौहाभाटा

3. सरोज डडसेना पिता बीर सिंह डडसेना आयु 24 वर्ष निवासी गरतोर थाना नुआपाड़ा उड़ीसा
साथ ही
4. विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया गया।
घटना में प्रयुक्त टवेरा वाहन, आरोपियों के मोबाइल को जप्त किया गया है।
आरोपी गणपत आदतन अपराधी है। चोरी की कई घटनाओं में शामिल होने से छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा में कई अपराध दर्ज हैं।

सभी आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 61/2025
धारा 103(1), 238(a), 140(1), 308(4), 3(5) BNS के तहत कायम कर जेल भेज दिया गया है।

ब्रेकिंग न्यूज़ मुंह में टेप चिपका हुआ नवयुवक की लाश मिलने से फैली सनसनी

इस बेदर्दी से नवयुवक की लाश मिलने से मामले के उजागर होने तक बहुत सारे लोगों के तोते उड़ने वाले है।

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / छत्तीसगढ जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र के ग्राम टोंगोपानी में एक युवक की लाश पाई गई है।

बड़ी विडंबना है कि, इस तरह से आज के युवा पीढ़ी की लाश इस तरह से पाया जाना बड़े शर्म की बात है कि, इतनी बेदर्दी दे कोई कैसे मार सकता है। कही न कही इसके पीछे क्या है राज इस राज के खुलने तक कई लोगों के तोते उड़ने वाले है।
लाश के चेहरे पर टेप लपेट दिया गया है। लाश देखकर ही या अंदाजा लगाया जा रहा है कि, युवक की हत्या कर लाश को ग्राम टोंगोपानी के क्षेत्र में प्लांट किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही कोमाखान पुलिस की टीम घटनास्थल पहुंच गई है।
समाचार लिखे जाने तक मृत युवक की अभी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस दल के साथ फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई है।

आगामी 25 मई को पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ की तीसरी स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह आयोजित

देशभर से वरिष्ठ पत्रकार होंगे शामिल, युवा पत्रकारों को मिलेगा विशेष मंच

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
रायपुर / पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ द्वारा संगठन का तीसरा वार्षिक स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह दिनांक 25 मई 2025 को रायपुर में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से वरिष्ठ पत्रकार, मीडिया विश्लेषक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल समारोह नहीं, एक सामाजिक संकल्प है

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुनील कुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन केवल एक प्रतीकात्मक समारोह नहीं है, बल्कि यह पत्रकारिता के मूल्यों की पुनः पुष्टि, पत्रकार सुरक्षा के प्रति जागरूकता और पत्रकारों की एकजुटता को बल देने वाला सामाजिक संकल्प है। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से बड़ी संख्या में पत्रकार साथी, उनके परिवारजन और मीडिया से जुड़े कई प्रतिष्ठित लोग भाग लेंगे।

संगठनात्मक दौरे और समर्पित प्रयास

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि महासंघ द्वारा विगत वर्षों में राज्य के विभिन्न जिलों में सघन दौरे कर पत्रकारों से प्रत्यक्ष संवाद, संगठन में जोड़ने तथा उनके अधिकारों और सुरक्षा की दिशा में ठोस पहल की गई है। पत्रकारों को एकजुट करने के इस अभियान ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत आधार प्रदान किया है।

युवा पत्रकारों को मिलेगा संवाद का विशेष मंच

इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से आंचलिक और निर्भीक पत्रकारिता करने वाले युवा पत्रकारों को मंच देने पर केंद्रित रहेगा। ऐसे युवा पत्रकारों को उनकी टीम के साथ आमंत्रित किया गया है ताकि वे वरिष्ठ पत्रकारों से अनुभव साझा कर सकें और पत्रकारिता की दिशा में सशक्त भूमिका निभा सकें। यह पहल संगठन की नवीन पीढ़ी को नेतृत्व में शामिल करने की सोच को भी दर्शाती है।

महत्वपूर्ण सत्र और विषय होंगे आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान, युवा संवाद सत्र, पत्रकार सुरक्षा, डिजिटल मीडिया की भूमिका जैसे समसामयिक और आवश्यक विषयों पर परिचर्चा एवं कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा। आयोजन स्थल एवं विस्तृत कार्यक्रम समय-सारणी महासंघ द्वारा शीघ्र ही जारी की जाएगी।

सभी पदाधिकारियों और समितियों का विशेष योगदान

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में महासंघ के प्रमुख निर्णायक मंडल, प्रदेश कार्यकारिणी, समस्त जिलाध्यक्षों, जिला पदाधिकारीगण, प्रकोष्ठों एवं समितियों के सदस्यों का अत्यंत सराहनीय सहयोग है। सभी ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि यह आयोजन संगठन की एकता और कार्यक्षमता का जीवंत उदाहरण बने। प्रदेश अध्यक्ष श्री सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में सभी की एकजुटता और अथक प्रयासों से यह समारोह अत्यधिक गरिमा और गौरव के साथ सम्पन्न होगा।

बागबाहरा में कटर से कट गई युवक की गर्दन, पुलिस जुटी जांच में

दुर्घटना या कुछ और जांच के बाद होगा मामले का खुलासा

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद। महासमुंद जिले के बागबाहरा वार्ड क्रमांक 4 में तेज आंधी से गिरे हुए नीम की डंगाल को काटते वक्त एक युवक की हैंड कटर मशीन से खुद की गर्दन कटकर दर्दनाक मौत हो गई। बिना किसी सुरक्षा के काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरी की बेमौत मौत हो गई है। घटना के बाद से हालांकि अभी तक पुलिस और प्रशासन ने इस मौत के लिए जिम्मेवारी तय नहीं की है। बागबाहरा पुलिस इस मामले का पंचनामा कर विवेचना कर रही है।
गौरतलब है कि शनिवार के आंधी तूफान और बारिश से बागबाहरा नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 04 निवासी बसंत यादव की बाड़ी में नीम पेड़ की एक बड़ी डंगाल टूटकर गिर गई थी..जिसकी छटनी करने के लिए आज सुबह ललित यादव पिता राधेश्याम यादव 30 वर्ष हैंड कटर मशीन लेकर बसंत यादव के घर पहुंचा। सुबह करीब 8:30 बजे वह हैंड कटर मशीन से नीम डंगाल की छटनी कर रहा था। इसी दरम्यान बसंत यादव की पत्नी सावित्री यादव को हैंड कटर मशीन की आवाज में कुछ बदलाव सुनाई दिया। जिसे सुनकर वह बाहर आई तो देखा कि, ललित यादव की आधी गर्दन हैंड कटर मशीन से कट चुकी थी और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो चुकी थी।
तत्पश्चात सावित्री यादव ने इसकी सूचना ललित के घर वालों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही तत्काल बागबाहरा पुलिस भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल करने में जुट गई। संबंधित घटनाक्रम में बागबाहरा थाना प्रभारी अजय सिन्हा द्वारा दूरभाष के माध्यम ने कथित घटना में बताया कि,प्रथम दृष्टया युवक की मौत का कारण तेज आंधी तूफान से गिरे नीम की टहनियों को हैंड कटर मशीन से छटनी करते वक्त घटित हुई है। जिससे युवक की आधी गर्दन जट चुकी थी और मौके पर उनकी मौत हो चुकी थी। समाचार लिखे जाने तक मामले की जांच की जा रही है और पंचनामा कर मृत युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।