महासमुंद कृषि विभाग में ट्रांसफर और अटैचमेंट का बड़ा खेल: जितेंद्र पटेल और भूषण साहू के स्थानांतरण पर मचा घमासान; पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर ने उप संचालक F.R. कश्यप पर FIR दर्ज करने की उठाई मांग
प्रधान संपादक मयंक गुप्ता/
दिनांक 14 अक्टूबर 2026 (बुधवार)
स्थान: महासमुंद, छत्तीसगढ़
महासमुंद जिले का कृषि विभाग इन दिनों वित्तीय अनियमितताओं, खरीदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और अधिकारियों-कर्मचारियों के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) तथा स्थानांतरण आदेशों की आड़ में चल रही मनमानी को लेकर विवादों के चरम पर है। विभाग के भीतर चल रहा यह प्रशासनिक खेल अब जनहित, सरकारी योजनाओं और किसानों के अधिकारों से जुड़कर जिले का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है।
इस पूरे प्रकरण में पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने बेहद कड़े तेवर अपनाते हुए महासमुंद कृषि विभाग में पदस्थ उप संचालक फागुराम कश्यप (F.R. कश्यप) के विरुद्ध तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज किए जाने की मांग उठाई है। पूर्व विधायक द्वारा उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
1. ट्रांसफर और रिलीविंग का दोहरा खेल: जितेंद्र पटेल और भूषण साहू का मामला मुख्य केंद्र
विभाग के भीतर शासकीय आदेशों की किस तरह धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, इसका सबसे बड़ा प्रमाण दो कर्मचारियों— जितेंद्र कुमार पटेल और भूषण कुमार साहू के स्थानांतरण व संलग्नीकरण से जुड़ा विवाद है:
1. जितेंद्र कुमार पटेल का पिथौरा स्थानांतरण एवं भारमुक्ति का मामला
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जितेंद्र कुमार पटेल की मूल पदस्थापना विकासखंड पिथौरा है। वे लंबे समय से महासमुंद जिला कार्यालय में संलग्नीकरण (अटैचमेंट) पर जमे हुए हैं। उप संचालक कार्यालय द्वारा 13 अक्टूबर 2025 को ही उन्हें पिथौरा के लिए भारमुक्त (रिलीव) करने का आदेश जारी किया जा चुका था। इसके बावजूद, एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी उन्हें मूल पदस्थापना स्थल पिथौरा नहीं भेजा गया।
विरोध व चेतावनी: छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ और मैदानी कर्मचारियों ने जितेंद्र पटेल को तत्काल उनकी मूल पदस्थापना पिथौरा भेजने की मांग की है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें तत्काल रिलीव नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
2. भूषण कुमार साहू का बलौदाबाजार-भाटापारा स्थानांतरण व मेडिकल लीव का विवाद
दूसरी ओर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भूषण कुमार साहू (विकासखंड महासमुंद) का स्थानांतरण छत्तीसगढ़ शासन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रशासनिक आदेश (क्रमांक ई.एस.टी.बी.-102/432/2025-ओ/ओ जॉइंट डीआईआर, क्र.सं. 35) के तहत
उप संचालक कृषि बलौदाबाजार-भाटापारा के अधीन किया गया है।
संचालनालय कृषि (रायपुर) के पत्र (दिनांक 29/01/2026) में रिक्तता का हवाला देते हुए भारमुक्त न करने का बिंदु स्वीकृत होने के बाद भी, उप संचालक फागुराम कश्यप द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि उप संचालक कश्यप ने भूषण साहू को नियमानुसार रिलीव करने के बजाय
मेडिकल लीव (चिकित्सा अवकाश)
पर रहने का निर्देश दिया और यहाँ तक आश्वासन दे दिया— “घबराने की जरूरत नहीं है, कुछ समय पश्चात मैं तुमको मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन से आदेश दिलवा दूंगा।”
बड़ा सवाल: उप संचालक श्री कश्यप आखिर अपने पसंदीदा कर्मचारियों को रिलीव करने या मूल पदस्थापना में भेजने से क्यों कतरा रहे हैं? विभागीय गलियारों में चर्चा है कि यदि इन अधिकारियों को रिलीव कर दिया गया तो ‘कमीशनखोरी’ और अवैध आय के चक्र पर पूर्ण विराम लग जाएगा। उप संचालक का यह रवैया उन्हें जिले में ‘कलेक्टर’ से भी ऊपर स्थापित करने जैसा दिखाई दे रहा है।
2. कृषि उपकरणों की खरीदी व जैविक खेती मिशन में भ्रष्टाचार के आरोप
नियमों की अनदेखी
कृषि विभाग में बीज, कृषि यंत्रों और अन्य सामग्रियों की खरीदी में भारी वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं। निर्धारित निविदा प्रक्रियाओं और बाजार दरों को ताक पर रखकर महँगे दामों पर सामग्री खरीदी गई।
जैविक खेती मिशन (2021-2024): जैविक खेती मिशन के तहत स्वीकृत घटकों के स्थान पर किसानों को बैटरी चालित स्प्रेयर खरीदने के लिए मजबूर किया गया, जिसमें भारी कमीशनखोरी की शिकायतें हैं।
3. फर्जी प्रशिक्षण बिल और LRP मानदेय से अवैध वसूली
फर्जी बिलिंग
विभिन्न योजनाओं के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नाम पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जितेंद्र पटेल, प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गंगाप्रसाद शरणागत एवं ‘आत्मा’ योजना के ऑपरेटर की सांठगांठ से फर्जी बिल बनाकर शासकीय राशि के गबन का आरोप है।
LRP मानदेय में अवैध कटौती: परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत लोकल रिसोर्स पर्सन (LRP) को मिलने वाले 50 हजार रुपये के मानदेय से ऑनलाइन, नकद और चेक के माध्यम से अवैध वसूली की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है।
4. किसानों का कथित अपमान एवं किसान संघ का आक्रोश
भारतीय किसान संघ (महासमुंद) ने उप संचालक F.R. कश्यप पर किसानों से दुर्व्यवहार और अमर्यादित आचरण का आरोप लगाया है। कौशल्या तिवारी, शोभ कुमार साहू, रूपेश कुमार, भेख लाल साहू, नेम लाल चंद्राकर, अश्वनी साहू, सोहन, चगन साहू, हेमंत साहू और कुंदन सहित कई किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
जिला प्रशासन (कलेक्टर विनय कुमार लंगेह) से प्रमुख अपेक्षाएं
1 उप संचालक पर FIR
पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर की मांग पर संज्ञान लेते हुए F.R. कश्यप के विरुद्ध दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाए।
2 स्थानांतरण आदेशों का तत्काल पालन
जितेंद्र कुमार पटेल को उनकी मूल पदस्थापना पिथौरा तथा भूषण कुमार साहू को बलौदाबाजार-भाटापारा भेजने संबंधी आदेशों व प्रशासनिक स्थिति को पारदर्शी बनाया जाए।
3 वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच
2021 से 2024 तक की खरीदी, फर्जी प्रशिक्षण बिलों और LRP मानदेय वसूली का पारदर्शी लेखा-परीक्षण (Audit) कराया जाए।
