राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पिछले चार चुनाव का ट्रेंड देखें, तो दीपावली के 22 से 30 दिन बाद मतदान हुए हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार में त्योहार का ज्यादा असर नहीं पड़ा, लेकिन इस बार दीपावली महीने के बीच में (12 नंवबर) को है। ऐसे में चुनाव प्रचार चरम पर होगा…
साल के अंत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसी पूरी संभावना है कि निर्वाचन आयोग 4 से 15 अक्तूबर के बीच चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। राज्यों में दीपावली के आसपास वोटिंग हो सकती है। पिछले चार चुनाव के ट्रेंड बताते हैं कि हिंदी पट्टी के राज्यों में दिवाली के बाद ही विधानसभा चुनाव हुए हैं। लेकिन इस बार चुनाव आयोग की ताबड़तोड़ तैयारी और पार्टियों के जल्द जारी होती सूची के रुख से लगता है कि इस बार दीपावली से पहले भी चुनाव हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कब है वोटिंग की संभावना।
तैयारी पूरी हो तो दिवाली से पहले चुनाव ऐसे हैं संभव
आचार संहिता लागू होने के बाद चुनाव कराने की प्रक्रिया में न्यूनतम 48 दिन का समय लगता है। किसी भी चुनाव की पूरी प्रक्रिया कराने के लिए आयोग को छह महीने का वक्त लगता है। इस बार मई-जून में ही ये प्रक्रिया शुरू हो गई थी। मतलब ये है कि वोटर लिस्ट, मतदान केंद्र, पुलिस फोर्स, प्रशासनिक अफसरों की तैनाती को पुख्ता किया जाता है। इसके बाद ही आयोग चुनाव की तारीखों का एलान करता है। यदि सितंबर के अंत में तैयारियां पूरी हो जाती हैं, तो आयोग 4 से 10 अक्तूबर के बीच चुनाव कार्यक्रम जारी कर सकता है। ऐसे में दीपावली के पहले यानी 7 से 9 नवंबर के बीच मतदान हो सकता है। इस बार दीपावली 12 नवंबर को है। चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के प्रकाशन की अंतिम तारीख 4 अक्तूबर तय कर दी है। इसके बाद कभी भी चुनाव की तारीखों का एलान हो सकता है।
साल |
आचार संहिता लागू |
वोटिंग |
दीपावली |
2018 |
6 अक्तूबर |
28 नवंबर |
7 नवंबर |
2013 |
4 अक्तूबर |
25 नवंबर |
3 अक्तूबर |
2008 |
14 अक्तूबर |
27 नवंबर |
28 अक्तूबर |
2003 |
12 अक्तूबर |
27 नवंबर |
25 अक्तूबर |
दिवाली से पहले चुनाव के दो कारण यह भी
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पिछले चार चुनाव का ट्रेंड देखें, तो दीपावली के 22 से 30 दिन बाद मतदान हुए हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार में त्योहार का ज्यादा असर नहीं पड़ा, लेकिन इस बार दीपावली महीने के बीच में (12 नंवबर) को है। ऐसे में चुनाव प्रचार चरम पर होगा। बड़े नेताओं की सभाओं और रैलियों में भीड़ कम हो सकती है। यही नहीं इस दौरान क्रिकेट वर्ल्ड कप के मैच भी होने हैं। ये मैच दोपहर 2 बजे शुरू होंगे, जबकि रैलियों का समय भी यही होता है। यदि दीपावली से पहले मतदान होगा तो राजनीतिक दलों को फायदा होगा।
ऐसा पहली बार होगा जब चुनाव, त्योहार और क्रिकेट वर्ल्ड कप एक साथ होंगे। ये राजनीतिक दल और उम्मीदवारों के लिए तनाव की बात हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि त्योहार और वर्ल्ड कप का सभा-रैलियों में असर दिखाई दे सकता है। क्रिकेट वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा मैच भारत और पाकिस्तान के बीच है, जो 15 अक्तूबर को अहमदाबाद में खेला जाएगा। इसी दिन नवरात्रि की शुरुआत होगी। यह पर्व नौ दिन यानी 23 अक्तूबर तक चलेगा। 24 अक्तूबर को विजय दशमी (दशहरा) मनाया जाएगा। यह वही समय है, जब राजनीतिक दलों की रैलियां और सभाएं चरम पर होंगी।

