महासमुंद में ₹200 का डिजिटल ट्रांसफर बना ‘खूनी विवाद’: गुलाब स्टोर्स के संचालक पर ग्राहक को पीटने और जान से मारने की धमकी का आरोप
रिपोर्टर मयंक गुप्ता/दिन बुधवार/26 अगस्त 2026
महासमुंद/ जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पीटीयाझर (लाल दाढ़ी पारा) में एक हैरान कर देने वाली हिंसक घटना सामने आई है। महज ₹200 के ऑनलाइन ट्रांसफर को लेकर हुए विवाद में ‘गुलाब स्टोर्स’ के संचालक पर एक ग्राहक के साथ खुलेआम बदसलूकी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के संगीन आरोप लगे हैं। घटना के बाद से पीड़ित परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर है।
कैश की जरूरत में पहुंचे थे दुकान, फिर शुरू हुआ ‘तांडव’

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुभाष नगर (वार्ड क्रमांक 22) के निवासी 40 वर्षीय बसंत निर्मलकर उर्फ बासु को आपातकालीन स्थिति में ₹200 नगद की सख्त आवश्यकता थी। वे तत्काल नगदी प्राप्त करने के लिए लाल दाढ़ी पारा स्थित ‘गुलाब स्टोर्स’ पहुंचे। बासु ने अपने मोबाइल फोन से ‘GULAB KIRANA STORE’ के आधिकारिक खाते में UPI के जरिए ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर दिए।
डिजिटल ट्रांजैक्शन (ID: T2608260758538647213625, UTR: 214630611390) सफलतापूर्वक पूरा होने की पुष्टि होते ही पीड़ित ने जब नगद राशि मांगी, तो आरोप है कि दुकान संचालक गुलाब साहू अचानक आपा खो बैठा।
गंभीर आरोप: अकारण गाली-गलौज और जानलेवा धमकी
पीड़ित बसंत निर्मलकर ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि पैसे ट्रांसफर होते ही दुकान संचालक का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। बिना किसी बहस या उकसावे के आरोपी गुलाब साहू ने सरेआम भद्दी-भद्दी गालियां देनी शुरू कर दीं। जब ग्राहक ने इस दुर्व्यवहार का विरोध किया, तो आरोपी और उग्र हो गया तथा पीड़ित पर शारीरिक हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने जान से मारने की खुली धमकी देते हुए कहा, “यहाँ से तुरंत भाग जा, नहीं तो जान से खत्म कर दूंगा!”
माहौल अत्यधिक तनावपूर्ण और डरावना होने के कारण पीड़ित अपनी जान बचाकर किसी तरह वहां से भाग निकला।
एसपी से न्याय की गुहार, FIR दर्ज करने की मांग
घटना से भयभीत पीड़ित basant बासु निर्मलकर ने न्याय की उम्मीद में जिला पुलिस अधीक्षक (SP) महासमुंद को लिखित शिकायत सौंपी है। आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित प्रमाण संलग्न किए गए हैं:
डिजिटल साक्ष्य: PhonePe की सफल ट्रांजैक्शन रसीद।
व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट: घटना के बाद मोबाइल पर आए कथित धमकी भरे मैसेज।
प्रत्यक्षदर्शी: मौके पर मौजूद स्थानीय नागरिकों को गवाह बनाया गया है।
पीड़ित ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने, आरोपी दुकानदार को गिरफ्तार करने और अपने परिवार को तुरंत सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
शहर में आक्रोश, पुलिस की चुप्पी पर सवाल
शहर के व्यस्त इलाके में ₹200 जैसी मामूली बात पर दुकानदार के इस आक्रामक और हिंसक रवैये से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब दुकानों पर डिजिटल पेमेंट करना या मदद मांगना भी जान का जोखिम बन चुका है? फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान आना बाकी है, जबकि पीड़ित परिवार न्याय के इंतजार में पुलिस की त्वरित कार्रवाई की राह देख रहा है।
