शासन की उपेक्षापूर्ण लचर नीतियों के चलते प्रदेश की सबसे बड़ी पालिका विकास कार्यो से अभावग्रस्त – नीरज

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रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा शासन के महासमुंद पालिका के प्रति भेदभाव व उपेक्षा पूर्ण रवैयों के चलते शासन को पालिका द्वारा प्रस्तावित अनेक विकास कार्यो को आज पर्यंत तक मंजूरी नही मिली l इन विकास कार्यो के अभाव में शहर के नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है उक्त बातें प्रेस विज्ञप्ति में पूर्व जिला कांग्रेस प्रवक्ता नीरज परोहा ने कही l
पूर्व प्रवक्ता ने कहा कि महासमुंद पालिकाध्यक्ष श्रीमती राशि त्रिभुवन महिलांग ने अपने अल्प दो साल के कार्यकाल के वर्तमान वर्ष के बजट में शहर के विकास को तीव्र गति देने के लिए व नागरिकों को सुविधाओ के उद्देश्य से नहर लिंक रोड ,सर्वसुविधायुक्त पार्किग स्थल ,व पशुपालकों के लिए गोकूल नगर का प्रावधान वार्षिक बजट में सर्वसम्मति से पारित कर राशि प्रावधान के लिए राज्य शासन को भेजा था आज वर्तमान स्थिति तक शासन के उपेक्षापूर्ण रवैयों व कांग्रेस शासित पालिकाध्यक्ष के प्रति भेदभावपूर्ण रवैयों के चलते उक्त कार्यो को मंजूरी नही मिली जो शासन के विकास मूल मंत्र की नीतियों को केवल नारो तक ही रहने की स्थिति प्रदर्शित करता है l उक्त विकास कार्यो के अभाव में नगर के ह्रदय स्थलों में डेयरी उद्योग का संचालन से पशुओं का शहर के मार्गो में जमवाड़ा ,डेयरी उद्योग के अपशिष्ट
पदार्थो से बीमारियों के बढ़ावे की संभावना पार्किग स्थल के अभाव में यातायात जाम व लिंक रोड के अभाव में नगर के कई वार्डो में आवागमन की असुविधा नागरिक जनों को हो रही है l
पूर्व प्रवक्ता ने आगे कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी महासमुंद नगर पालिका शासन की लचर उपेक्षापूर्ण नीतियों के चलते विकास कार्यो के सूखापन का शिकार है तो प्रदेश की अन्य पालिकाओं में विकास कार्यो के क्रियान्वयन की स्थिति का आंकलन किया जा सकता है l
स्थानीय स्तर से लेकर मीडिया में जमकर पालिका के कार्यो की कड़ी आलोचना करने वाले पूर्व व वर्तमान जनप्रतिनिधि गण भी इन विकास कार्यो की मंजूरी के प्रयास से विमुख होकर कुभकर्णी निद्रा में लीन है l इन कार्यो को अगर शासन बिना राग द्वेष के मंजूरी देती है तो नागरिको को सुविधाओं का लाभ मिलेगा व शासन का विकास मूल मंत्र के नारों के धरातल पर क्रियान्वयन दिखेगा l

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