सिंघोडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई जंगल में हाथ भट्टी से 60 लीटर अवैध महुआ शराब बनाते रंगे हाथ पकड़ा आरोपी, 12 हजार की कीमत का जखीरा जब्त..!

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद, 11 जनवरी 2026 – छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस का सख्त रुख जारी है। थाना सिंघोडा की पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए अवैध महुआ शराब के उत्पादन और बिक्री के धंधे पर करारा प्रहार किया है। सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम गुठानीपाली के जंगल में छापेमारी कर 30 वर्षीय एक व्यक्ति को रंगे हाथ पकड़ा, जिसके पास से कुल 60 लीटर हाथ भट्टी (देशी) महुआ शराब जब्त की गई। इस शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब 12,000 रुपये बताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक महासमुंद एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सरायपाली के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई 10 जनवरी 2026 को अंजाम दी गई। एक विश्वसनीय मुखबीर से सूचना मिली थी कि गुठानीपाली गांव के निकट जंगल में एक व्यक्ति गुप्त रूप से हाथ भट्टी में महुआ शराब तैयार कर अवैध लाभ कमाने के लिए बेचने की तैयारी कर रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां पहुंचकर देखा कि बताए गए हुलिए का एक व्यक्ति वाकई महुआ शराब बना रहा था। टीम ने त्वरित घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ पर उसने अपना नाम रंजीत दास, पिता ब्रह्मा दास, उम्र 30 वर्ष, निवासी गुठानीपाली, थाना सिंघोडा, जिला महासमुंद बताया।
आरोपी के कब्जे से तीन सफेद रंग की प्लास्टिक जरीकन (जरकीन) बरामद हुईं, जिनमें कुल 60 लीटर ताजा तैयार हाथ भट्टी महुआ शराब भरी हुई थी। मौके पर ही मौजूद गवाहों के सामने यह शराब जब्त की गई और उसे सीलबंद कर पुलिस कस्टडी में ले लिया गया।
आरोपी रंजीत दास को घटनास्थल पर ही गवाहों के सामने 10 जनवरी 2026 को शाम 5:10 बजे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में उसके कृत्य में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध सिद्ध पाया गया। यह धारा अवैध रूप से शराब बनाने, रखने, बेचने या परिवहन करने पर सख्त सजा का प्रावधान करती है, जिसमें न्यूनतम 6 महीने से लेकर 2 वर्ष तक की कैद और जुर्माना शामिल हो सकता है।
आरोपी को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिले में लगातार चल रहे ऐसे अभियानों से अवैध शराब के धंधेबाजों में खलबली मची हुई है।
महुआ शराब का संदर्भ
छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में महुआ शराब पारंपरिक रूप से प्रचलित है, लेकिन बिना लाइसेंस के इसका उत्पादन और बिक्री पूरी तरह अवैध है। पुलिस का दावा है कि ऐसे धंधे से न केवल राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि समाज में नशे की लत और अपराध भी बढ़ते हैं।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को अवैध शराब बनाने-बेचने की जानकारी हो तो तुरंत सूचित करें। गुमनाम सूचना पर भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में पुलिस की यह सतर्कता जारी रहेगी।



