महासमुंद जिले में धान खरीदी का नया कीर्तिमान कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने पौंसरा और खरोरा केंद्रों का किया सख्त निरीक्षण, राज्य में सबसे आगे..!

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / 14 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खरीफ धान उपार्जन अभियान जोर-शोर से चल रहा है। जिला प्रशासन की सतत निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था के कारण यहां धान खरीदी राज्य में सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है। आज कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने ग्राम पौंसरा और खरोरा स्थित धान उपार्जन केंद्रों का अचानक दौरा किया और खरीदी प्रक्रिया की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्रों पर मौजूद सभी सुविधाओं जैसे तौल प्रणाली, किसान टोकन व्यवस्था, धान प्रबंधन, स्टैकिंग और ऑनलाइन रिकॉर्डिंग सिस्टम का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताई गई।
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वासन दिया कि प्रशासन निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाए रख रहा है। उन्होंने केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि धान की स्टैकिंग, वजन मापन और डिजिटल रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट किया जाए। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत ठीक करने के सख्त आदेश दिए गए।
खास बात यह रही कि कलेक्टर ने अनावश्यक धान भंडारण को रोकने पर जोर दिया। मिलर्स और परिवहन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर धान के तेजी से उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से अनाज को कोई नुकसान न पहुंचे। जिन केंद्रों पर उठाव की गति धीमी है, वहां तत्काल सुधार लाने और दैनिक प्रगति की लगातार निगरानी करने को कहा गया।
जिले की शानदार उपलब्धि
राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप महासमुंद जिले में धान खरीदी पूरी पारदर्शिता और सुव्यवस्थित ढंग से चल रही है। 13 जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार, जिले के कुल 182 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से अब तक 6 लाख 88 हजार 326 मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी पूरी हो चुकी है, जो पूरे छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक है।
इसके अलावा, मिलर्स द्वारा अब तक लगभग 2 लाख 37 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है, जबकि 4 लाख 89 हजार 421 मीट्रिक टन धान का डिलीवरी ऑर्डर (डी.ओ.) जारी हो चुका है। यह आंकड़े जिले की मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था और किसान-हितैषी नीतियों का प्रमाण हैं।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के सक्रिय नेतृत्व में महासमुंद जिला धान उत्पादक किसानों के लिए एक आदर्श बनता जा रहा है। प्रशासन का यह प्रयास न केवल किसानों को उचित मूल्य दिला रहा है, बल्कि राज्य स्तर पर भी खरीदी के मानकों को ऊंचा उठा रहा है। अभियान अंत तक इसी गति से जारी रहेगा, ताकि हर पंजीकृत किसान को निर्बाध लाभ मिल सके।



