RMA लख्मेंद्र सिन्हा ने गढ़सिवनी को छोड़ तुमगांव CHC पर जमाया कब्ज़ा
रिपोर्टर मयंक गुप्ता ने
महासमुंद / 25 नवंबर 2025
जिस पद का नाम ही है “ग्रामीण चिकित्सक सहायक – जिसका एकमात्र काम है गाँव-गाँव में सरकारी स्वास्थ्य योजनाएँ पहुँचाना, लोगों को जागरूक करना, टीकाकरण चलाना, गर्भवती महिलाओं की देखभाल करना, स्वच्छता अभियान चलाना और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM – अब NHM) को धरातल पर उतारना –
उसी पद पर बैठा RMA लख्मेंद्र सिन्हा पिछले दो साल से कुछ और ही कर रहा है।
अपना पूरा कार्यक्षेत्र गढ़सिवनी को अनाथ छोड़कर तुमगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अवैध कब्ज़ा जमाए बैठा है और मरीजों को कृष्णा पैथोलॉजी लैब (तुमगांव) व महासमुंद के प्राइवेट मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटलों में ठूँसकर मोटा कमीशन कमा रहा है!
असली ड्यूटी क्या है RMA की..?
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार ग्रामीण चिकित्सक सहायक (RMA) का मुख्य कार्य
गाँवों में घर-घर जाकर NHM की योजनाओं की जानकारी देना
आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर टीकाकरण, प्रसव पूर्व जाँच, कुपोषण सर्वे करना
ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति की बैठकें कराना
गाँव में स्वच्छ पेयजल, शौचालय उपयोग जैसे अभियान चलाना
किसी भी मरीज को प्राइवेट अस्पताल रेफर करना सख्त मना है, जब तक सरकारी सुविधा पूरी तरह खत्म न हो
लेकिन लख्मेंद्र सिन्हा कर क्या रहे हैं..?
गढ़सिवनी क्षेत्र में एक दिन भी नहीं जाते
आशा कार्यकर्ताओं से कोई मीटिंग नहीं, कोई फील्ड विजिट नहीं
टीकाकरण कवरेज, मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, कुपोषण सर्वे – सब ठप
NHM के तहत मिलने वाली सारी फ्री जाँचें (ब्लड, यूरिन, अल्ट्रासाउंड) तुमगांव CHC में उपलब्ध होते हुए भी मरीजों को बाहर भेज रहे
कमीशन के लिए कृष्णा पैथोलॉजी लैब (तुमगांव) और महासमुंद के बड़े प्राइवेट हॉस्पिटलों में “पक्की सेटिंग”
गढ़सिवनी के ग्रामीणों का दर्द
गढ़सिवनी पंचायत के एक विश्वसनीय सज्जन व्यक्ति ने खुलकर कहा
“हमारे यहाँ RMA का नाम तक कोई नहीं जानता। दो साल से कोई आशा मीटिंग नहीं हुई, कोई टीकाकरण कैंप नहीं लगा। बच्चे कुपोषित हो रहे हैं, गर्भवती महिलाओं की जाँच नहीं हो रही। लख्मेंद्र साहब तो तुमगांव में बैठकर धंधा कर रहे हैं। ये ग्रामीण चिकित्सक सहायक नहीं, रेफरल दलाल हैं!”
एक आशा कार्यकर्ता (नाम गोपनीय) ने रोते हुए बताया:
“हम लोग फोन करते हैं तो कहते हैं – मैं तुमगांव में व्यस्त हूँ। NHM का सारा काम बंद पड़ा है। ऊपर से डाँटते हैं कि ज्यादा सवाल मत करो।”
सरकारी योजनाएँ हुईं लापता
जननी सुरक्षा योजना – कोई प्रचार नहीं
प्रसव पूर्व जाँच के लिए फ्री अल्ट्रासाउंड – मरीज प्राइवेट में 800-1200 रुपये खर्च कर रहे
कुपोषण उपचार केंद्र – कोई सर्वे नहीं, कोई रेफरल नहीं
स्वच्छ भारत मिशन – ग्राम स्वास्थ्य समिति की बैठक दो साल से नहीं हुई।
अब विभाग जागा, कड़ी कार्रवाई तय

जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आई नागेश्वर राव ने बताया कि, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव में जबरदस्ती बिना किसी आदेश के बैठे हुए है। RMA लख्मेंद्र सिन्हा को स्थानीय विधायक का संरक्षण मिलने से कोई इनका कुछ बिगाड़ नहीं पा रहा है हम भी मजबूर है।
“ग्रामीण चिकित्सक सहायक का काम गाँव में जाकर योजना लागू करना है, न कि CHC में बैठकर मरीज रेफर करना। लख्मेंद्र सिन्हा ने अपने मूल दायित्व का घोर उल्लंघन किया है। उनके खिलाफ तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा । तीन दिन में निलंबन और गढ़सिवनी क्षेत्र में नई तैनाती होगी। साथ ही प्राइवेट लैब व हॉस्पिटल में कमीशन की जाँच अलग से होगी।”
ग्रामीणों ने दी आखिरी चेतावनी
गढ़सिवनी, तुमगांव और आसपास के 15 गाँवों के लोग एकजुट हो चुके हैं। उन्होंने घोषणा की:
“अगर 5 दिसंबर तक लख्मेंद्र सिन्हा को निलंबित कर गढ़सिवनी नहीं भेजा गया और NHM के सारे काम फिर से शुरू नहीं हुए, तो हम हजारों की संख्या में महासमुंद कलेक्टर कार्यालय और तुमगांव CHC को घेरेंगे।”
एक युवा ग्रामीण ने गुस्से में कहा
“जिस अफसर को गाँव में हमारी सेवा करनी थी, वही हमारी जेब काट रहा है। ये बर्दाश्त नहीं होगा।”
यह मामला अब सिर्फ एक RMA की करतूत नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण स्वास्थ्य तंत्र की नाकामी का प्रतीक बन चुका है।
सवाल यह है – कितने और लख्मेंद्र सिन्हा अभी भी गाँवों को लावारिस छोड़कर कमीशन का धंधा कर रहे हैं..?




