सिरपुर महोत्सव 2026: बाबा हंसराज रघुवंशी की शिव भक्ति में डूबी ऐतिहासिक नगरी, मुख्यमंत्री ने दी 200 करोड़ की सौगात

महासमुंद / सिरपुर | 02 फरवरी 2026 छत्तीसगढ़ की प्राचीन और पावन नगरी सिरपुर में ‘सिरपुर महोत्सव 2026’ का आगाज़ किसी दिव्य उत्सव की तरह हुआ है। महानदी के तट पर स्थित इस ऐतिहासिक धरोहर में तीन दिवसीय महोत्सव का भव्य शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिरपुर के सर्वांगीण विकास के लिए 200 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। 1 से 3 फरवरी तक चलने वाला यह महोत्सव इस बार भक्ति, लोक कला और शास्त्रीय संगीत के अद्भुत संगम के कारण पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
भक्ति संध्या: जब बाबा हंसराज की आवाज़ से शिवमय हुआ सिरपुर
महोत्सव के पहले दिन की शाम पूरी तरह महादेव के नाम रही। प्रसिद्ध भक्ति गायक बाबा हंसराज रघुवंशी ने जैसे ही मंच संभाला, हजारों की संख्या में मौजूद जनसैलाब ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। बाबा हंसराज ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में जब “मेरा भोला है भंडारी”, “शिव समा रहे मुझमें” और “लागी लगन शंकरा” जैसे भजनों की प्रस्तुति दी, तो दर्शक अपनी सुध-बुध खोकर झूमने लगे।
अयोध्या के राम मंदिर की गूंज भी यहाँ सुनाई दी, जब उन्होंने “अयोध्या आए मेरे प्यारे, राम सिया राम जी” गाकर माहौल को भावुक और भक्तिपूर्ण बना दिया। उनकी टीम के संगीत और सुरों ने सिरपुर की प्राचीन भूमि पर एक ऐसी आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
लोक कला और संस्कृति का अनूठा प्रदर्शन
पहले दिन केवल भक्ति ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू भी बिखरी। सुनील तिवारी लोक कला मंच की ‘रंग-झांझर’ प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं, फुलझरिया कर्मा पार्टी के पारंपरिक कर्मा नृत्य ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति का सजीव चित्रण किया।
विशेष आकर्षण इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के कलाकारों का रहा। उन्होंने कत्थक, ओडिसी, ध्रुपद गायन, सितार वादन और ‘तथागत’ नाटक के माध्यम से सिरपुर के बौद्ध इतिहास और कलात्मक गहराई को मंच पर उतारा। सूफी और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों ने महोत्सव की गरिमा में चार चाँद लगा दिए।
आज की बड़ी तैयारी: ‘इंडियन आइडल’ के सितारे बिखेरेंगे जलवा
महोत्सव का दूसरा दिन यानी आज (2 फरवरी) और भी ज्यादा धमाकेदार होने वाला है। आज शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक सुरों की महफिल सजेगी, जिसमें इंडियन आइडल के मशहूर सितारे अपनी आवाज़ का जादू बिखेरेंगे:
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नतिन कुमार (सीजन 10): अपनी ऊर्जावान और सूफी गायकी के लिए मशहूर।
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नचिकेत लेले (सीजन 12): जो अपनी शास्त्रीय और बॉलीवुड गायकी से पहचान बना चुके हैं।
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वैशाली रायकवार: सुप्रसिद्ध गायिका जो आधुनिक और लोक गीतों का तड़का लगाएंगी।
आज शाम 4 बजे से ही शास्त्रीय गायन, कबीर संगीत संध्या और भरतनाट्यम जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाएगी। साथ ही, भिलाई की पुष्पा साहू द्वारा ‘नवा किस्मत लोक कला मंच’ की प्रस्तुति भी मुख्य आकर्षण होगी।
विश्व धरोहर की ओर बढ़ते कदम
जिला प्रशासन महासमुंद और सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SADA) द्वारा आयोजित यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि सिरपुर को यूनेस्को (UNESCO) विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल कराने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। यहाँ बौद्ध विहारों, शिव मंदिरों और विष्णु प्रतीकों का अद्भुत संगम है, जो दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
महानदी के तट पर आस्था का यह मेला छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। श्रद्धालु ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण के साथ-साथ इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भरपूर आनंद ले रहे हैं।



