स्किल के नाम पर ‘खोल दी’ दुकानें: 41 स्किल इंडिया केंद्रों पर FIR, CAG की रिपोर्ट के बाद सरकार का बड़ा एक्शन

नई दिल्ली | 05 फरवरी 2026 देश के युवाओं को हुनरमंद बनाने के दावे के साथ शुरू किए गए ‘स्किल इंडिया मिशन’ में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और कागजी प्रशिक्षण के सबूत मिलने के बाद, केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए 41 स्किल इंडिया प्रशिक्षण केंद्रों (Training Centres) के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं।
क्या है पूरा मामला? (The Big Reveal)
CAG की रिपोर्ट के अनुसार, कई केंद्रों ने केवल कागजों पर छात्रों का रजिस्ट्रेशन दिखाया और सरकार से मिलने वाली ‘ट्रेनिंग ग्रांट’ को अपनी जेब में डाल लिया। जांच में पाया गया कि कई केंद्रों का अस्तित्व ही नहीं था, फिर भी वे सरकारी पोर्टल पर सक्रिय थे।
प्रमुख बिंदु:
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भूतिया छात्र (Ghost Students): हजारों ऐसे छात्रों के नाम पर फंड निकाला गया जिन्होंने कभी किसी कक्षा में पैर तक नहीं रखा।
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फर्जी बायोमेट्रिक: हाजिरी लगाने के लिए आधार और बायोमेट्रिक डेटा के साथ छेड़छाड़ की गई।
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नो-शो ट्रेनिंग: कई जगहों पर लैब और मशीनों के नाम पर खाली कमरे मिले।
ग्राउंड रिपोर्ट: उम्मीदों के साथ खिलवाड़
“हमने सोचा था कि यहाँ से वेल्डिंग सीखकर नौकरी मिल जाएगी, लेकिन 3 महीने बीत गए और हमें एक बार भी मशीन छूने नहीं दी गई। सर कहते थे बस साइन कर दो, पैसा आ जाएगा।” — सुमित (बदला हुआ नाम), एक प्रभावित छात्र जिसने इस घोटाले की कड़वी सच्चाई बयां की।
यह घोटाला सिर्फ पैसों की हेराफेरी नहीं है, बल्कि उन लाखों युवाओं के सपनों के साथ धोखा है जो रोजगार की तलाश में इन केंद्रों का रुख करते हैं। सरकार ने अब 11 बड़ी संस्थाओं (Entities) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिन्हें जल्द ही ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
सरकार का पक्ष
कौशल विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। हम हर एक पैसे का हिसाब लेंगे और दोषियों को जेल भेजा जाएगा। डिजिटल ऑडिट को अब और सख्त किया जा रहा है।”



