छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची का सबसे बड़ा शुद्धिकरण अभियान शुरू

घर-घर सर्वे से लाखों फर्जी और मृत मतदाताओं के नाम हटेंगे, 07 फरवरी 2026 को आएगी पूरी तरह साफ-सुथरी अंतिम सूची
रिपोर्टर मयंक गुप्ता
रायपुर / 27 नवंबर 2025 भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) जोर-शोर से चल रहा है। यह राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे व्यापक और सख्त मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान है, जिसका मकसद एक भी फर्जी, डुप्लीकेट, मृत या स्थानांतरित मतदाता का नाम सूची में न रहे और एक भी पात्र नागरिक का नाम छूटे नहीं, यह सुनिश्चित करना है।
घर-घर दस्तक अभियान 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक
राज्य के हर बूथ पर तैनात बूथ लेवल अधिकारी (BLO) 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक घर-घर जाकर मतदाताओं से विशेष गणना फॉर्म (Enumeration Form) भरवा रहे हैं। इस फॉर्म में पुराने मतदाता सूची के अनुसार नाम, पता, उम्र, फोटो आदि की पूरी जानकारी फिर से ली जा रही है।
BLO फॉर्म की एक कॉपी दस्तावेजों सहित अपने पास रखेंगे और दूसरी कॉपी पर रसीद देकर मतदाता को देंगे।
अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन फॉर्म भरकर दस्तावेज अपलोड करता है, तो भी BLO उसके घर जाकर दस्तावेजों का फिजिकल सत्यापन अनिवार्य रूप से करेगा।
महत्वपूर्ण तारीखें एक नजर में
घर-घर गणना चरण : 04 नवंबर 2025 से 04 दिसंबर 2025
ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन : 09 दिसंबर 2025
दावा-आपत्ति की अवधि : 09 दिसंबर 2025 से 08 जनवरी 2026
नोटिस, सुनवाई एवं सत्यापन : 09 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026
अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन : 07 फरवरी 2026
जो फॉर्म नहीं भरेंगे, उनका नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर!
सबसे बड़ी बात यह है कि 9 दिसंबर 2025 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में सिर्फ वही मौजूदा मतदाता शामिल रहेंगे जिन्होंने BLO को विधिवत भरा हुआ गणना फॉर्म जमा कर दिया हो या जिनका ऑनलाइन फॉर्म BLO ने घर जाकर सत्यापित कर दिया हो। बाकी सभी पुराने मतदाताओं के नाम स्वतः ड्राफ्ट सूची से गायब हो जाएंगे। यानी अगर आपने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है तो आपका नाम 9 दिसंबर की ड्राफ्ट सूची में नहीं होगा।
बाद में भी नाम जुड़वा सकते हैं, लेकिन अतिरिक्त कागजात लगेंगे
अगर कोई व्यक्ति 4 दिसंबर तक फॉर्म नहीं भर पाया तो भी घबराएं नहीं। 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्ति की अवधि में फॉर्म-6 के साथ घोषणा-पत्र जमा करके नाम जुड़वाया जा सकता है। लेकिन इस स्थिति में जन्मतिथि के आधार पर अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे:
जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ → अपना कोई एक जन्मतिथि/जन्मस्थान वाला दस्तावेज
जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच → अपना + माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज
जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद → अपना + माता + पिता तीनों का दस्तावेज (अगर माता-पिता में कोई विदेशी है तो उसका पासपोर्ट-वीजा भी)
फर्जी नामों पर सख्ती, हर संदिग्ध को मिलेगा नोटिस
निर्वाचन आयोग ने साफ कहा है कि अगर किसी मतदाता का पुराना रिकॉर्ड डेटाबेस से मैच नहीं करता तो ERO उसे नोटिस जारी करेगा। जवाब और दस्तावेज नहीं देने पर नाम हटा दिया जाएगा। साथ ही ERO खुद भी संदिग्ध प्रविष्टियों पर स्वतः संज्ञान ले सकते हैं।
पारदर्शिता के लिए खास इंतजाम
हर दिन फॉर्म 9, 10, 11, 11A, 11B में आए दावे-आपत्तियों की सूची ERO कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा होगी।
साप्ताहिक आधार पर राजनीतिक दलों को सूची दी जाएगी।
CEO छत्तीसगढ़ की वेबसाइट पर रोजाना अपडेट होगी।
कोई भी नागरिक वेबसाइट पर सूची देखकर ERO के पास आपत्ति दर्ज करा सकेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और कानून के दायरे में हो। अंतिम सूची प्रकाशन से पहले भारत निर्वाचन आयोग की औपचारिक अनुमति भी ली जाएगी।
अगर आप छत्तीसगढ़ के मतदाता हैं और अभी तक अपना गणना फॉर्म नहीं भरा है तो तुरंत अपने BLO से संपर्क करें। 4 दिसंबर 2025 बीतने के बाद प्रक्रिया जटिल और दस्तावेज ज्यादा लगेंगे। यह आपके वोट का अधिकार भी है और कर्तव्य भी कि मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और सटीक बने।



