संसद में गतिरोध: एक तरफ पीएम मोदी की ललकार, दूसरी तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष का कड़ा प्रहार

नई दिल्ली | 05 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र 2026 का चौथा दिन भारतीय राजनीति के दो ध्रुवों के बीच तीखी वैचारिक जंग का गवाह बना। एक ओर जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए विपक्ष की आलोचना की, वहीं दूसरी ओर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ज्वलंत मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी की। सदन में स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शब्दों के बाण चलने लगे, जिसके परिणामस्वरूप भारी हंगामे के बीच लोकसभा को शुक्रवार तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
सदन में इस टकराव की मुख्य वजह लद्दाख सीमा विवाद और पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब से जुड़े दावे बने। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इन मुद्दों को उठाते हुए सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस का आरोप है कि जब उनके नेता महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर बोल रहे थे, तब सत्ता पक्ष ने योजनाबद्ध तरीके से शोर-शराबा कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की। इसके जवाब में भाजपा ने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने और सेना के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
राज्यसभा में पीएम मोदी का पक्ष
प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कांग्रेस को ‘विजनलेस’ करार दिया। उन्होंने अपने भाषण में कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे:
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विकास बनाम विनाश: पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक केवल ‘गरीबी हटाओ’ के नारे दिए, जबकि उनकी सरकार ने जमीन पर काम करके दिखाया है।
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विपक्ष की हताशा: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता द्वारा बार-बार नकारे जाने के कारण विपक्ष अब हताशा में उनकी ‘कब्र खोदने’ की बात कर रहा है।
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वैश्विक साख: पीएम मोदी ने दावा किया कि भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और हालिया व्यापार समझौतों से दुनिया में देश का मान बढ़ा है।
कांग्रेस और विपक्ष का नजरिया (The Opposition View)
विपक्ष की ओर से मोर्चा संभालते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने सरकार पर ‘तानाशाही’ रवैया अपनाने का आरोप लगाया। विपक्ष के मुख्य तर्क इस प्रकार रहे:
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अभिव्यक्ति की आजादी: राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष के नेता को अपनी बात रखने का पूरा हक है, लेकिन संसद में उनका माइक बंद कर दिया जाता है या शोर मचाकर बाधा डाली जाती है।
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सुरक्षा पर सवाल: विपक्ष ने लद्दाख सीमा पर चीन की घुसपैठ और जनरल नरवणे की किताब के हवाले से सरकार की ‘चुप्पी’ पर जवाब मांगा।
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एकतरफा कार्यवाही: लोकसभा में 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन को कांग्रेस ने ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पूछा कि महिला सांसदों द्वारा विरोध जताना अपराध कैसे हो गया।
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सदन की कार्यवाही और निलंबन
हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई। विपक्षी महिला सांसदों ने जब प्रधानमंत्री की सीट के करीब जाकर नारेबाजी की, तो सदन में अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिले। इसी दौरान ध्वनि मत से धन्यवाद प्रस्ताव को पारित कर दिया गया, जिसे विपक्ष ने असंवैधानिक बताया क्योंकि इसमें विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं दिया गया था। भारी शोर-शराबे के बीच 8 विपक्षी सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित किए जाने के बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
आगे क्या हो सकता है?
शुक्रवार को सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होगी, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की खाई और गहरी होती दिख रही है। जहाँ सरकार बजट पर चर्चा को आगे बढ़ाना चाहती है, वहीं विपक्ष का कहना है कि जब तक लद्दाख और सांसदों के निलंबन पर चर्चा नहीं होती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे। संसद की इस रस्साकशी का सीधा असर आगामी बजट चर्चाओं पर पड़ना तय है।



