महासमुंद के तुमगांव रोड MDR घटिया और गुणवत्ता विहिन सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की नैय्या गोते खा रही है – मानिक साहू

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भ्रष्टाचारियों के खिलाफ किसान नेता मानिक साहू ने फूंका बिगुल , अब अव नई सहिबों चुन चुन सब हिसाब ल करबो 

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / जिले में किसानों की जीवनरेखा पर सवाल
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में महासमुंद शहर से तुमगांव तक बन रही मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (MDR) किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह सड़क उनकी कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने का मुख्य माध्यम है, लेकिन अब इसके निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं।

ठेकेदार JD Construction पर लगे भारी आरोप

ठेकेदार कंपनी JD Construction को सौंपे गए इस प्रोजेक्ट में इंडियन रोड्स कांग्रेस (IRC: 37-2018), MoRTH स्पेसिफिकेशंस और छत्तीसगढ़ PWD के सभी निर्धारित मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। सड़क की बुनियादी परतों (सबग्रेड और GSB) में निर्धारित मोटाई 200-300 mm की जगह काफी कम काम किया जा रहा है। प्रति किलोमीटर 1400-2100 क्यूबिक मीटर गिट्टी-मुरूम की जगह घटिया सामग्री और कटौती का सहारा लिया जा रहा है।

सड़क की उम्र महज 1-2 साल..?

ऐसे घटिया निर्माण से यह सड़क अधिकतम 1-2 साल ही टिक पाएगी, जबकि सामान्य MDR सड़कें 10-12 साल तक मजबूत रहनी चाहिए। इससे किसानों की रोजमर्रा की परेशानियां बढ़ेंगी और जिले की कनेक्टिविटी पर गहरा असर पड़ेगा।

जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल

सड़क के बीच में लगाए जा रहे सीमेंट पाइप कल्वर्ट्स टूटे-फूटे और निम्न गुणवत्ता के हैं। बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या बढ़ेगी, जिससे सड़क जल्दी क्षतिग्रस्त हो जाएगी।

अनिवार्य जांचों की पूरी तरह अनदेखी

कॉम्पैक्शन टेस्ट, फील्ड डेंसिटी टेस्ट, CBR टेस्ट और मार्शल स्टेबिलिटी टेस्ट जैसी जरूरी जांचें बिल्कुल नहीं कराई जा रही हैं। यह स्पष्ट रूप से तकनीकी खामी नहीं, बल्कि ठेकेदार और कुछ PWD अधिकारियों की मिलीभगत से जनता के करोड़ों रुपये की लूट है।

  किसान कांग्रेस अध्यक्ष मानिक साहू की तीखी शिकायत

जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष मानिक साहू ने साहू समाज के शपथ ग्रहण समारोह में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण (PWD) मंत्री अरुण साव को लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने तत्काल जांच, निर्माण कार्य रोकने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मांगें और चेतावनी

निर्माण कार्य तुरंत रोका जाए।
NIT, IIT या स्वतंत्र केंद्रीय संस्थान से कोर कटिंग और लैब टेस्टिंग कराई जाए।
ठेकेदार JD Construction पर भारी पेनल्टी, ब्लैकलिस्टिंग और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज हो।
दोषी PWD अधिकारियों पर विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई हो।
BoQ, टेस्ट रिपोर्ट्स, भुगतान विवरण और प्रोग्रेस रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएं।
जांच किसानों और शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति में हो।
मानिक साहू ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च न्यायालय, मीडिया और किसानों के साथ उग्र आंदोलन का सहारा लिया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री से त्वरित हस्तक्षेप की अपेक्षा

यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे, अन्यथा जनता का पैसा बार-बार बर्बाद होता रहेगा और सड़कें कुछ महीनों में उखड़ती रहेंगी। क्या इस बार सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी? यह सवाल अब हर किसी के मन में है।

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