बागबाहरा का शिक्षा विभाग शर्मसार बाप निकला चांवल चोर तो बेटा बना हवस का पुजारी....?



बाप द्वारा किए गए कृत्यों पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं..!
रिपोर्टर मयक गुप्ता
महासमुंद / आज के युग शिक्षा इतनी हाईटेक हो गई है। हम सब आज इक्कीसवी सदी के महानायकों में गिने जाते है। शिक्षा का स्तर आज इतना बढ़ गया है कि, बच्चे भी समय के साथ काफी एडवांस होते जा रहे है। शिक्षा एक ऐसी चीज है जो कि, माता-पिता बच्चों को जन्म तो दे देते है। परन्तु दुनिया को समझने व बुझने के लिये सही मार्ग दर्शक और उज्जवल भविष्य के लिये हम अपने बच्चों को शिक्षक के सुपुर्द कर देते है। सरकार भी शिक्षा के स्तर को और भी मजबूत बनाने करोडो रूपये खर्च कर रही है। बात करे आज के युग में शिक्षकों को सरकार उनके मेहताना के रूप में इतने रूपये उनको सेलरी के रूप में दे रही है। जिससे वे अपने परिवार का लालन-पालन सही तरीके से कर सकते है। बावजूद फिर से महासमुंद जिला के विकासखण्ड बागबाहरा स्थित शिक्षा विभाग का मामला सामने आया जो कि, एक शिक्षक द्वारा ऐसी करतूत की उनको आज जेल की हवा खानी पड रही है।
शिक्षा जगत को सर्मसार कर जेल गया सहायक शिक्षक जितेन्द्र डडसेना
कोमाखान थाना से प्राप्त जानकारी अनुसार दिनाक 17 जून 2024 को विकासखण्ड बागबाहरा के प्रायमरी स्कूल कुर्सीपार (देवरी) में पदस्थ सहायक शिक्षक एल बी छिबर्रा कोमाखान निवासी जितेन्द्र डडसेना के विरूध्द उसके साथी महिला सहकर्मी को पद का रूतबा दिखाकर मैं तुमसे जी जान से प्यार करता हू तुमसे ही शादी करूंगा का झांसा देकर करता रहा दैहिक शोषण प्रेम इतना सर आसमान पर चढ़ा था कि, महिला सहकर्मी प्रेग्नेट हो गई। सहायक शिक्षक श्री डडसेना को जैसे ही पता चला कि, महिला सहकर्मी प्रेग्नेट है तो रायपुर के निजी चिकित्सालय में जाकर उनका एबोर्सन करवा दिया।
महिला सहकर्मी के जमापूजी से खरीदें कार व स्कूटी
सहायक शिक्षक जितेन्द्र उडसेना से महिला सहकर्मी अपने दिलो जान से प्यार न्यौछावर करती थी जिसका श्री डडसेना ने हमेशा उसका गलत फायदा उठाया। महिला सहकर्मी की बैंक में डिपोजिट सैलरी से श्री उडसेना ने
अपने लिये नया टाटा कंपनी की टियागों कार और एक स्कूटी खरीदवा लिया। लेकिन महिला सहकर्मी श्री डडसेना के अंधे प्यार में खुद अंधी हो गई थी और अपने आबरू के साथ अपने बैंक खाते को भी खाली करती चली गई।
सच्चाई का पता चलने पर महिला सहकर्मी के उड़े होश
कहते है न किसी से सच्चा प्यार करने से उसकी कीमत चुकानी पड़ती है। इस दुनिया में हर चीज की कीमत चुकानी पड़ती है। चाहे आप किसी से प्रेम करो या न करों। वैसे ही महिला सहकर्मी के आखों से पर्दा तब उठा जब सहायक शिक्षक जितेन्द्र डडसेना की सच्चाई सामने आई। महिला सहकर्मी अपना हक जताने श्री डडसेना के गृहग्राम छिबर्रा पहुंची तो श्री डडसेना शादीसुदा होने के साथ साथ दो बच्चों के पिता भी है। अपना हक मांगने ग्राम छिबर्रा के पंच परमेश्वरों के पास गई और अपनी आप बीती बताते हुये न्याय की गुहार लगाने लगी ,किन्तु सहायक शिक्षक जितेन्द्र डडसेना के पिता देवशरण डडसेना प्रधान पाठक डोंगरगांव विकासखण्ड बागबाहरा की दबंगई रवैये के चलते ग्रामीणों ने महिला सहकर्मी का साथ नही दिया ।
न्याय नही मिला तो, पहुंची कोमाखान थाना मिला, न्याय
सहायक शिक्षक जितेन्द्र डडसेना के अंधे प्यार में पागल महिला सहकर्मी को जब ग्राम छिबर्रा के ग्रामीणो से किसी प्रकार सहायता नही मिली तो पीडिता महिला सहकर्मी दिनांक 17 जून 2024 को कोमाखान थाना पहुंचकर आरोपी जितेन्द्र डडसेना के विरूध्द शिकायत की जिसमे प्रार्थिया की शिकायत पर कोमाखान पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुये भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 2 ढ प्रकरण क्रमांक 78 अपराध पंजीबध्द कर। आरोपी सहायक शिक्षक जितेन्द्र डडसेना को सेंटर जेल भेज दिया गया है।
आरोपी का पिता भी निकला चांवल चोर
बता दे, ये सत्र बाप और बेटे के लिये शनि के प्रकोप से कम नही है। जिसमें एक तरफ बेटा अपने ही महिला सहकर्मी की असमत लूटने के जुर्म में सेंटर जेल पहुंच गया वही दूसरी ओर दिनांक 20 मार्च 2024 को वायरल विडियों में पिता यानि देवशरण डडसेना प्रधान पाठक डोंगरगाव विकासखण्ड बागबाहरा द्वारा स्कूली बच्चों के लिये आये मध्यान भोजन के चांवल की बोरी को लेकर जाते हुये ग्रामीणो ने रगे हाथों पकडने का विडियो वायरल हुआ था। जिस पर आज दिवस तक कार्यवाही लंबित है। ऐसे शिक्षकों के उपर कड़ी से कडी कार्यवाही करनी चाहिये ताकि दोबारा कोई और शिक्षक ऐसी हरकत न करे।

