खल्लारी पहाड़ पर मौत का झूला! जर्जर रोपवे टूटा, महिला की मौत – प्रशासन की लापरवाही ने ली जान..?
रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद। जिले से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खल्लारी में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब माता खल्लारी पहाड़ पर श्रद्धालुओं को ले जा रहा रोपवे अचानक हादसे का शिकार हो गया। श्रद्धा और आस्था के इस सफर ने कुछ ही पलों में भयावह रूप ले लिया।
बताया जा रहा है कि माता दर्शन के लिए 6 श्रद्धालु रोपवे में सवार होकर पहाड़ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक रोपवे का तार टूट गया, जिससे केबिन अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़ा। हादसा इतना भीषण था कि उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद तत्काल घायलों को बागबाहरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। अन्य घायलों की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
बड़ा सवाल – आखिर जिम्मेदार कौन..?
स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों का कहना है कि खल्लारी मंदिर में लगा रोपवे काफी पुराना और जर्जर स्थिति में था। कई बार इसकी मरम्मत और जांच की मांग उठी, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने इसे नजरअंदाज किया। नतीजा आज सबके सामने है—एक श्रद्धालु की जान चली गई और कई जिंदगी मौत से जूझ रही हैं।
आस्था के नाम पर लापरवाही का खेल!
चैत्र नवरात्र जैसे बड़े पर्व में जहां हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, वहां इस तरह की लापरवाही सीधे-सीधे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है। क्या बिना फिटनेस और सुरक्षा जांच के रोपवे का संचालन किया जा रहा था? अगर हां, तो यह किसी आपराधिक लापरवाही से कम नहीं।
मांग उठी – हो सख्त कार्रवाई
घटना के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, रोपवे की जांच और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग जोर पकड़ रही है।
निष्कर्ष
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का जीता-जागता उदाहरण है। सवाल यही है—क्या अब भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर हर बार की तरह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?