सलंग्नीकरण को लेकर गरियाबंद जिला शिक्षाधिकारी कटघरे में..?



आदेश पश्चात संलग्नीकरण समाप्ति जैसे आदेशो का नही किया जा रहा पालन।
रिपोर्टर मयंक गुप्ता
गरियाबंद / जिला के शिक्षा विभाग वैसे तो कई दिनों से सुर्खियों में है। आपको ज्ञात होगा कुछ दिनों पहले शिक्षा विभाग में खेलगडिया योजना वाला मामला काफी दिनों तक सुर्खियो मे बना रहा और संलग्नीकरण का मामला भी बहुत ही ज्यादा सुर्खियों में रहा जिसको प्रशासन नज़र अंदाज़ करती रही है । शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा विभाग में पदस्थ बुद्ध विलास सिंह का नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति का मामला सामने आता रहा कितनी शिकायतो के बा वजूद । जिला शिक्षाधिकारी प्रशासन जो मोटी चमड़ी का है। क्या करे नियम विरुद्ध काम करने का आदि हो गया है। अभी हाल में ही एक शिकायत हुआ है। जिसमे फिर वही कहानी दोहरा दिया गया है। कृपाल सिंह पैकरा सहायक विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी देवभोग को नियमो का उल्लंघन करते हुए तत्कालीन शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश करते जिसमे संबंधित को कोई पद/पदस्थापना के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय गरियाबंद न्यालयालीन प्रकरण /समग्र शिक्षा(माध्यमिक स्तर )के कार्य को करने संलग्न किया गया है। इस संबध में ज्ञात हो कि, इस आदेश को करने वाले अधिकारी के स्थानांतरण के बाद आज 03 जिला शिक्षा अधिकारी बदल चुके है लेकिन संबंधित श्री पैकरा बिना किसी पद/ पदस्थापना के संलग्नीकरण आदेश आज पर्यन्त तक बदस्तूर जारी है जबकि इस दौरान शासन के कई आदेशो जिसमे संलग्नीकरण को समाप्त करने के लिए जारी हो चुके है। शासन के ऐसे आदेशो का कोई प्रभाव / नियम लागू नही होता है और श्री पैकरा के ऊपर जिला शिक्षा विभाग ऐसी क्या कृपा बना के रखे कि उनको इतना ज्यादा प्रभार दिए हुए है कि, उससे वह प्रभार सम्हाल नही पा रहे है । वजन ज्यादा हो गया है क्या जिला शिक्षा विभाग श्री पैकरा को शिक्षा विभाग का दामाद बना कर रखे है जो उनके ऊपर शासन के कोई भी नियम कानून लागू नही होते है? क्योंकि नियम बनते ही सबके लिए बनते है किसी विशेष के लिए बस नही बनते है जब संलग्नीकरण समाप्त हो गया है तो कृपाल सिंह पैकरा का संलग्नीकरण क्यों समाप्त नही किया गया है..?
वहीं न्यालयीन कार्य के लियॆ हाई स्कूल दर्रीपारा के प्रभारी प्राचार्य व व्याख्याता महेश राम पटेल को शैक्षणिक कार्य से पृथक कर जिला शिक्षा कार्यालय में संलग्न किया गया है । वहीं समग्र शिक्षा के लियॆ बुद्ध विलास सिह देख रहे फिर एम एस पैकरा जो देवभोग बी ई ओ कार्यालय के अधीनस्थ सहायक विकासखंड शिक्षाधिकारी है। इन कथित दों शाखाओं के कार्य देखने के लियॆ संलग्न किया गया है जो हास्यास्पद प्रतीत हो रहा।

