महासमुंद जिला दंडाधिकारी विनय कुमार लंगेह का चला प्रशासनिक डंडा घोंच सहकारी समिति में पुराना धान खपाने, घटिया गुणवत्ता और तौलाई में हेरफेर..!

प्रबंधक निलंबित, एफआईआर के आदेश – जिले के सभी प्रभारी और नोडल अधिकारी लगे जांच-निगरानी में
रिपोर्टर
महासमुंद / 15 जनवरी 2026 – महासमुंद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। आज उन्होंने विकासखंड पिथौरा के अंतर्गत प्राथमिक कृषि एवं साख सहकारी समिति घोंच का अचानक (औचक) निरीक्षण किया, जहां धान उपार्जन में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान सामने आई मुख्य गड़बड़ियां
पुराने रबी सीजन का धान इस साल की खरीदी में जानबूझकर शामिल करने की कोशिश की गई, जो शासन के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
निम्न गुणवत्ता वाला (घटिया और अमानक स्तर का) धान खरीदे जाने के ठोस प्रमाण मिले, जिससे किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा था।
तौलाई (वजन कांटा) में बड़े स्तर पर हेरफेर और गड़बड़ी पाई गई, जो भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।
इन गंभीर अनियमितताओं पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए समिति के प्रबंधक को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए। साथ ही पूरे प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि, धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या किसानों के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर चाहे कोई भी पदाधिकारी हो, उसके खिलाफ कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिले में सतत निगरानी और जांच का अभियान तेज इस घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर के निर्देश पर सभी धान उपार्जन केंद्रों के प्रभारी, नोडल अधिकारी, सहकारी निरीक्षक और संबंधित विभागीय अधिकारी लगातार समिति और केंद्रों का दौरा कर रहे हैं। वे स्टेकिंग, बारदाना गुणवत्ता, तौलाई प्रक्रिया, नमी मापन, गुणवत्ता जांच और किसानों की टोकन व्यवस्था की सघन जांच कर रहे हैं। हाल के दिनों में भी कई केंद्रों पर अव्यवस्था पाए जाने पर प्राधिकृत अधिकारियों को पद से हटाया गया है और अवैध धान जब्ती का सिलसिला जारी है।
मौके पर मौजूद प्रमुख अधिकारी
एसडीएम पिथौरा बजरंग वर्मा
खाद्य अधिकारी अजय यादव
जिला विपणन अधिकारी आशुतोष कोसरिया
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को फिर से निर्देश दिए कि, जिले के हर उपार्जन केंद्र पर निरंतर और सतर्क निगरानी रखी जाए। शासन के सभी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो और खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चले।
यह कार्रवाई महासमुंद जिले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की जीरो टॉलरेंस नीति का एक और मजबूत उदाहरण है। प्रशासन का यह कदम न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में सहायक साबित हो रहा है, बल्कि हजारों किसानों में विश्वास भी बढ़ा रहा है कि, उनकी मेहनत की उपज को उचित मूल्य और पारदर्शी तरीके से खरीदा जाएगा। भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में जिला प्रशासन का अभियान तेजी से चल रहा है।



