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किसान हुआ परेशान , पटवारी ने किया हलाकान 12 हजार में बेचा ईमान

पटवारी जब तक रिश्वत खोरी नहीं करेगा तो स्टेटस कैसे मेंटेन करेगा

रिपोर्टर मयंक गुप्ता
महासमुंद / कहावत सच है – सौ में से निन्यानबे बेईमान फिर भी मेरा देश महान । आज पूरा आवाम सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ है । जहां पर आये दिन किसी ना किसी मामले में कोई न कोई किसी को किसी मामले का निपटारा करने अपनी रोटी सेकने में भीड़ा हुआ है।

मामला बसना क्षेत्र का

बता दे कि,पटवारी विनय पटेल ने किसान से 12 हजार की रिश्वत मांग अपना ईमान बेच दिया । पीड़ित किसान बेईमान पटवारी के खिलाफ क्षेत्रीय विधायक के दरबार पहुंच दिया लिखित शिकायत।
किसान ने कहा मेरी समस्या का समाधान कर अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्वत की मांग करने वाले पटवारी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाने की मांग।
गौरतलब है कि, ग्राम गोरिया के किसान अश्वनी प्रधान पटवारी हल्का नंबर 46 ब्लॉक पिथौरा निवासी से क्षेत्र के विधायक संपत अग्रवाल से शिकायत करते हुए लिखित में बताया है कि, विनय कुमार पटेल नामक पटवारी गिरदावरी रिपोर्ट दुरुस्त करने की एवज में किसान से 12 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। किसान 25 एकड़ भूमि का स्वामी है। गिरदावरी रिपोर्ट नहीं बनने की वजह से किसान समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच पाया है। अपनी फसल को नहीं बेच पाने से किसान अश्वनी प्रधान मानसिक रूप से परेशान है। किसान जब पटवारी के पास जाता है तब किसान को पटवारी विनय कुमार पटेल 12 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। किसान ने जब रिश्वत देने से मना किया तब पटवारी ने किसान से बदसुलूकी करते हुए कहा कि, जाओ मैं तुम्हारा काम नहीं करूंगा जब कोई दूसरा पटवारी आएगा तब उससे मुफ्त में अपना काम करवा लेना। किसान ने पटवारी की कार्यशैली से तंग आकर न्याय की मांग करते हुए बसना विधायक सम्पत अग्रवाल को लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
मालूम हो कि, क्षेत्र के पटवारियों द्वारा भोले-भाले किसानों को अपने अधिकार क्षेत्र का दुरुपयोग करते हुए गिरदावरी रिपोर्ट से लेकर आय जाति प्रमाण पत्र तक बनाने के लिए इसी तरह से पैसे की मांग की जाने की शिकायतें लगातार मिलती रहती है। पटवारियों के इस क्रिया क्लाप पर अंकुश ना लगने की वजह से लगातार जिले के कुछ भ्रष्टाचार में लिप्त पटवारियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। शिकायत के बावजूद ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई ना होना समझ से परे हैं।अभी एक दिन पूर्व ही एक निलंबित कोटवार को बहाल करने के नाम पर 50 हजार की रिश्वत मांगी गई थी। जिसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से भ्रष्टाचार करने वाले कानूनगो शाखा के अधिकारी को गिरफ्तार लिया गया है।

महासमुंद कलेक्टर महोदय को ऐसे मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर किसानों से रिश्वत की मांग करने वालों पर तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

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