एरीअर्स राशि भुगतान में भ्रष्टाचार पर कार्यवाही लिए दोषी तत्कालीन बीईओ को पुनःमैनपुर का बीईओ प्रभार देने की तैयारी।



संवाददाता – रवि शंकर बघेल
मैनपुर / ज़िला गरियाबंद शिक्षा विभाग में पुनरीक्षित वेतनमान व निम्न से उच्च पद वेतनमान का एरीअर्स राशि में बंदरबाट का शिकायत मामला थमने का नाम नहीं ले रहा हैl ऐसे ही जिले के मैनपुर विकासखंड का मामला संज्ञान में आया है। जिसमें शासन प्रशासन द्वारा स्पष्ट आदेश का सीधा अवहेलना करते पुनरीक्षित वेतनमान व निम्न से उच्चपद वेतनमान का एरीअर्स राशि का बंदरबाट करते लंबित वेतन /नियमितीकरण/अन्य एरीअर्स के लिए लाखों रुपये की राशि का भुगतान कर दिया गया हैl यह वित्तीय अनियमितता से संबंधित भ्रष्टाचार का मामला सूचना के अधिकार से जानकारी द्वारा प्राप्त होने पर आरटीआई से जानकारी प्राप्तकर्ता कन्हैया माँझी के शिकायत जिसमें शासन प्रशासन के विभाग प्रमुखों सचिव मंत्री तक किए जाने के दौरान पता चला l शिकायत में मैनपुर विकासखंड के तत्कालीन बीईओ व पूरे अमला जिसमें लेखापाल,बाबू व कंप्यूटर आपरेटर सहित सभी का इस वित्तीय अनियमितता व राशि बंदरबाँट में भागीदारी की शिकायत की गई हैl जिस पर कार्यवाही हेतु राज्य स्तर पर टीम गठन कर कार्यवाही करने तैयारी की गई है । शिकायतकर्ता ने अपने शिकायत में सीधे ज़िले के अधिकारियों पर ऐसे मामले में भ्रष्टाचार से लिप्त अधिकारियों का समर्थन करते कार्यवाही नहीं करने व फ़ाइलो को दबाने की भी बात कही गई व ज़िला के प्रमुख अधिकारियो को कार्यवाही नहीं करने का निवेदन किया गया हैl
इसी कड़ी में सूत्रों से यह जानकारी मिला है। ज़िला के शिक्षा विभाग द्वारा इसी तत्कालीन भ्रष्टाचार के शिकायत हुआ अधिकारी को पुनः इसी विकासखंड मैनपुर का बीईओ का प्रभार दिये जाने संचालक शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा गया हैl मतलब साफ़ है कि यदि वित्तीय अनियमितत्ता का शिकायत जाँच में अपने पर दस्तावेज़ी साक्ष्य के आधार पर लगे आरोप का जवाब तत्कालीन अधिकारी ख़ुद कैसे देगा व कितना इस मामले न्याय हो पाएगाll कुलमिलाकर शिकायतकर्ता का यह शिकायत की ज़िला अमला भी इस प्रकार भ्रष्टाचार का पोषक व संरक्षक है ये तो साबित होता है कि मामले को किसी सही अंजाम तक पहुँचने से रोकने बाक़ायदा पृष्ठभूमि ज़िला स्तर के अधिकारियों ने तैयार कर रखा है कि करो भ्रष्टाचार हम है बचानेl
अब देखना होगा कि राज्य स्तर के आला अधिकारी संचालक कार्यालय व संयुक्त संचालक इस मसले में क्या कार्यवाही करता है वह भी ऐसे अधिकारी को आश्रय देते भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने बीईओ बनाकर आशीर्वाद व संरक्षण देता हैl

